वाराणसी : उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में होने वाले ‘काशी तमिल संगमम’ के चौथे संस्करण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित हो रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को तमिलनाडु और काशी की सांस्कृतिक एकता के संदेश के साथ ‘रन फॉर केटीएस 4.0’ का आयोजन किया गया। इस दाैड़ में युवाओं का उत्साह देखने लायक था। बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में आज सुबह एकत्र विद्यार्थियों में एक नया उत्साह देखने को मिला। सुबह 7:30 बजे मालवीय भवन से बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने ‘रन फॉर केटीएस 4.0’ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। यहां से शुरू होकर रविदास गेट तक हुई तमिलनाडु और काशी की सांस्कृतिक एकता का संदेश देने वाली इस दौड़ में युवाओं का जाेश व उत्साह देखने लायक था। तमिलनाडु और काशी की सांस्कृतिक एकता को सशक्त करने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को जोड़ना और उन्हें राष्ट्र की विविध विरासत के प्रति जागरूक करना था।
शुभारंभ से पहले कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि युवाओं की इतनी संख्या देखकर हमें भी उत्साह आ गया है। इस विश्वविद्यालय में हर राज्य के लोग रहते हैं। हमारा विश्वविद्यालय काशी तमिल संगमम-4 को मना रहा है। इससे हमारे प्राचीन सभ्यता, आध्यात्मिक, संगीत का भी एक संगम हो रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक व फिजिकल एजुकेशन, कला संकाय, बीएचयू के प्रो. भुवन चंद्र कपरी ने बताया कि इस दौड़ का मकसद केवल खेल को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि काशी और तमिलनाडु की ऐतिहासिक साझेदारी को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है और राष्ट्रीय एकता का संदेश मजबूत होता है। सह-संयोजक व असिस्टेंट डायरेक्टर, फिजिकल एजुकेशन एवं स्पोर्ट्स (रैकेट गेम्स) डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि इस बार मैराथन में बीएचयू के छात्रों के साथ-साथ आस-पास के कॉलेजों और समुदाय से भी बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।
इस पूरे कार्यक्रम की निगरानी करने वाले समन्वय नोडल ऑफिसर प्रो. अंचल श्रीवास्तव ने बताया कि काशी–तमिल संगमम बीएचयू का एक प्रमुख सांस्कृतिक सेतु है, जो दक्षिण और उत्तर भारत के प्राचीन संबंधों को वर्तमान में जीवंत करता है। रन फॉर केटीएस 4.0 इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसमें युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लेकर इसे सफल बनाया। दौड़ शुरू होने से पहले सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम के उद्देश्यों, सुरक्षा दिशा-निर्देशों और मार्ग के बारे में जानकारी दी गई।
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