भोपाल : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में जारी प्रवास शृंखला के तहत सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज मध्य प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर भोपाल आ रहे हैं। वे यहां मध्य भारत प्रांत के विभाग केंद्र पर युवा, प्रमुख जन और महिलाओं से संवाद करेंगे। सरसंघचालक डॉ. भागवत दो दिन भोपाल में समाज के विभिन्न वर्गों से सीधे संवाद करेंगे। इसका उद्देश्य संघ की 100 वर्षों की यात्रा, वर्तमान सामाजिक परिस्थितियां और देश-समाज निर्माण में नागरिकों की भूमिका पर विमर्श करना है। इस दौरान कुल चार प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवा, सामाजिक-धार्मिक नेतृत्व और मातृशक्ति को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। सभी कार्यक्रम चयनित सहभागियों के साथ संवादात्मक स्वरूप में होंगे।
विभाग प्रमुख सोमकांत उमालकर ने बताया कि सरसंघचालक आज प्रांत स्तर के युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सुबह साढ़े नौ बजे से आयोजित किया जाएगा। इस युवा संवाद में प्रदेश के 16 जिलों से चुने गए ऐसे नौजवान शामिल होंगे, जिन्होंने शिक्षा, सेवा, नवाचार, सामाजिक कार्य और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। इस संवाद में सरसंघचालक युवाओं से राष्ट्रनिर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी और मूल्यों की भूमिका पर विचार साझा करेंगे।
उन्होंने बताया कि शाम साढ़े पांच बजे से रविन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया है। इस गोष्ठी में भोपाल विभाग के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय प्रमुख लोगों को आमंत्रित किया गया है। इन गोष्ठियों में संघ प्रमुख वर्तमान परिस्थितियों के साथ संघ की सौ वर्ष की यात्रा पर बातचीत करेंगे। गोष्ठी में संघ की शताब्दी यात्रा, सामाजिक समरसता और वर्तमान समय की चुनौतियों पर संवाद होगा।
विभाग प्रमुख सोमकांत ने बताया कि सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के प्रवास के दूसरे दिन 03 जनवरी को सुबह साढ़े नौ बजे से कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में ‘सामाजिक सद्भाव बैठक’ आयोजित की गई है। इसमें प्रांत के सभी जिलों से विभिन्न समाज के प्रमुख लोग शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य सामाजिक एकता, समरसता और पारस्परिक सहयोग को मजबूत करना है। सरसंघचालक इस मंच से समाज को जोड़ने वाले विचारों और साझा जिम्मेदारियों पर मार्गदर्शन देंगे। इसी दिन शाम 5 बजे भोपाल की प्रमुख मातृ शक्ति के साथ शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इस संवाद में समाज, परिवार और राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। यह कार्यक्रम महिला सहभागिता और सामाजिक नेतृत्व के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इन सभी सत्रों में जिन लोगों को हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया है, उनका पहले से चयन किया गया है। शताब्दी वर्ष में इस तरह के आयोजन का एक उद्देस्य यह भी है कि लोग संघ के बारे में जो जानना चाहते हैं, वह जानकारी उन्हें मिल सके। इस दौरे में सरसंघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विषय में तथ्यात्मक और वास्तविक जानकारी देंगे।
शताब्दी वर्ष में बढ़ी संघ को जानने की जिज्ञासा
दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के चलते समाज के विभिन्न वर्गों में संघ को लेकर जिज्ञासा और रुचि बढ़ी है। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के इस प्रवास के माध्यम से लोगों को संघ के बारे में तथ्यात्मक और वास्तविक जानकारी मिलेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि देश और समाज के निर्माण में नागरिक किस प्रकार सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। यह प्रवास संघ के शताब्दी वर्ष में भोपाल के लिए एक महत्वपूर्ण वैचारिक और सामाजिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।
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