दुनिया में हर नौ में से एक शख्‍स भूखा, कहीं आपका देश भी तो इसमें शामिल नहीं

दुनिया में बढ़ती भूख की समस्या पर मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र ने अपनी हंगर रिपोर्ट पेश की। द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्युट्रिशन इन द वर्ल्ड 2018 नामक इस रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल दुनिया में हर नौ में से एक व्यक्ति भूखा रहा। लगातार तीसरे वर्ष भूख की समस्या बढ़ी है। इसमें गृह युद्ध और जलवायु परिवर्तन का बड़ा प्रभाव रहा। दूसरी तरफ वयस्कों में मोटापे की समस्या भी बढ़ती जा रही है। उत्तरी अमेरिका के साथ अब अफ्रीका और एशिया में भी लोग तेजी से मोटापे का शिकार हो रहे हैं।

पीछे लौट रहे हम

भूख की समस्या पिछले तीन वर्षों से बढ़ने के क्रम में है। इसके पहले यह धीरे-धीरे कम हो रही थी। मौजूदा हालात को देखते हुए कहा जा सकता है कि हम दस वर्ष पीछे चले गए हैं, जब भूख की समस्या चरम पर थी। यही वजह है कि संयुक्त राष्ट्र 2030 तक भूख को मिटा देने के अपने सतत विकास लक्ष्य के पूरा होने को लेकर आशंकित है।

बीमारियों की जड़

भोजन की अपर्याप्तता या अनिश्चितता भी मोटापा बढ़ने की बड़ी वजह है। सीमित आर्थिक संसाधानों वाले लोग सस्ता भोजन लेते हैं जिसमें वसे, नमक और शक्कर की मात्रा अत्यधिक होती है। यह मोटापा बढ़ने की प्रमुख वजह है। भोजन ने मिलने से शरीर में मनोवैज्ञानिक और मेटाबोलिक परिवर्तन होते हैं, जिनसे कई बीमारियां उपजती हैं।
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