सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस

लखनऊ। राष्ट्र 14 जनवरी को सशस्त्र सेना  भूतपूर्व सैनिक दिवस मनाता है। सूर्य कमान ने सभी भूतपूर्व सैनिकों को उनके अपार बलिदान और राष्ट्र के लिए निस्वार्थ सेवा के लिए आभार व्यक्त किया। वर्षों से, सैनिकों की भावी पीढ़ियों के अनुकरण के लिए पूर्व सैनिकों द्वारा उच्च पेशेवर मानक स्थापित किए गए हैं। भूतपूर्व सैनिक दिवस पर इनकी सराहना की गई।

सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को पूर्व सैनिकों द्वारा प्रदान की गई सेवाओं के सम्मान और मान्यता के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। 1953 में इसी दिन फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ओबीई, भारतीय सशस्त्र बलों के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ, सक्रिय सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे।

वर्तमान में कोविड प्रोटोकॉल और पूर्व सैनिकों की सुरक्षा के मद्देनजर, इस वर्ष भूतपूर्व सैनिक दिवस पर पूर्व सैनिकों के साथ पारंपरिक बातचीत का आयोजन नहीं किया गया है। पिछले एक साल में महामारी के बावजूद, सूर्या कमान द्वारा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शिकायतों को दूर करने के लिए वेबसाइट, सोशल मीडिया और हेल्पलाइन के माध्यम से पूर्व सैनिकों और वीर नारियों तक पहुंच बढ़ाने के लिए विभिन्न अभिनव उपाय शुरू किए गए हैं।

पिछले एक साल में, 1 लाख 30 हजार से अधिक पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को उनकी कुशलक्षेम जानने और उनकी समस्याओं का निवारण करने के लिए टेलीफोन पर संपर्क किया गया। भूतपूर्व सैनिक प्रकोष्ठ की सहायता से पिछले वर्ष पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के लगभग 430 करोड़ रुपये की राशि को उनके खातों में जमा करने में मदद की। वर्ष के दौरान सीएसडी सेवाओं में सुधार पर भी ध्यान दिया गया।

महामारी के दौरान सभी ईसीएचएस सुविधाएं पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को चिकित्सा सहायता प्रदान करती रहीं। इसके अलावा, सेवा अस्पतालों ने भी कोविड -19 के लिए उपचार प्रदान करने के लिए जोर दिया। नियमों को संशोधित किया गया है ताकि भूतपूर्व सैनिकों को खुले बाजार और ऑनलाइन दोनों से दवाएं खरीदने की अनुमति मिल सके। डेल्टा वेव और ओमीक्रोन वेव की शुरुआत के बीच राहत का उपयोग सेवा अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने के लिए किया गया ताकि बढ़ी हुई सेवाएं, ऑक्सीजन की उपलब्धता और बेहतर देखभाल प्रदान की जा सके।

आउटरीच को और बेहतर बनाने की दृष्टि से, सभी पूर्व सैनिकों से अनुरोध किया गया है कि वे भारतीय सेना के भूतपूर्व सैनिक निदेशालय की वेबसाइट https://www.indianarmyveterans.gov.in/ पर लॉग इन करें और देश के विभिन्न वेटरन सेल से संपर्क करने के लिए सूचीबद्ध हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें।

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