सर्वसम्मति से सतीश महाना विधान सभा अध्यक्ष निर्वाचित

लखनऊ (रविन्द्र शर्मा)। विधानसभा मंडप में बहुत ही खुशनुमा माहौल में नेता सदन योगी आदित्यनाथ एवं नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव का आगमन हुआ। सदन में मौजूद विधायकों ने अपने-अपने दलीय नेताओं के आगमन पर भेजें थपथपा कर उनका अभिवादन किया। सभी दलों के विधायकों मैं खासा उत्साह नजर आ रहा था। विधानसभा अध्यक्ष के निर्वाचन की कार्यवाही शुरू हुई, सर्वप्रथम प्रोटेम स्पीकर रमापति शास्त्री ने सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए सतीश महाना के अध्यक्ष निर्वाचन विषयक प्रस्तावकों के प्रपत्रों को पढ़ा तथा श्री सतीश महाना को निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित होने की घोषणा करते हुए सतीश महाना को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इसके बाद सदन की परंपरा अनुसार नेता सदन योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव तथा अन्य सभी दलों के विधान मंडल दल के नेताओं ने सतीश महाना को ले जाकर विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया। सदन में मौजूद सभी विधायक अपने स्थान पर खड़े होकर तालियों से उनका स्वागत कर रहे थे तथा पूरा सदन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा था। वहीं दर्शक दीर्घा में मौजूद सतीश महाना के पारिवारिक सदस्यों की खुशी देखते ही बन रही थी। वहां उपस्थित उनके सभी परिवारीजन तालियां बजाकर उनका अभिवादन कर रहे थे।


विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान होने के बाद सतीश महाना के प्रथम शब्द थे कि “सभी माननीय सदस्य अपना आसन ग्रहण करें” विधायक गाना अपने स्थान पर बैठ गए और तत्पश्चात विधानसभा अध्यक्ष नेता सदन योगी आदित्यनाथ को बोलने का अवसर देते हैं। योगी आदित्यनाथ सतीश महाना के राजनीतिक सफर और व्यक्तिगत जीवन मैं उनके स्वभाव व व्यवहार की प्रशंसा करते हुए उनकी राजनीतिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं कि सतीश महाना का प्रथम बार 1991 में विधायक चुने जाने से लेकर 2022 तक का राजनीतिक सफर प्रशंसनीय रहा है। अनेकों पदों एवं दायित्वों का निर्वहन करते हुए कैसे महाना ने अपनी छवि को साफ सुथरा रखा तथा जनता के लोकप्रिय बने रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब इनके नाम में ही महाना लगा हुआ है तो ये क्यों ना महान बनते। नेता सदन ने सदन में उपस्थित सभी राजनीतिक दलों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सर्वानुमति से विधान सभा अध्यक्ष का निर्वाचन प्रदेश की जनता के लिए एक सकारात्मक संदेश है। लोकतंत्र के दो पहिये-सत्ता पक्ष एवं विपक्ष मिलकर उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता के सर्वांगीण विकास के कार्याें को ऊंचाई प्रदान करेंगे। वर्तमान में जब दुनिया द्वन्द में है, विश्व को भारत से जैसी अपेक्षाएं हैं, वैसी ही अपेक्षाएं भारत को उत्तर प्रदेश से हैं। ऐसी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए जब सत्ता पक्ष व विपक्ष मिलकर प्रयास करते हैं, तो एक और एक मिलकर दो नहीं, बल्कि ग्यारह बनकर उन जनाकांक्षाओं की पूर्ति का माध्यम बनते हैं, जिनके लिए आम जनमानस ने जनप्रतिनिधियों पर विश्वास किया है। उन्होंने कहा कि सर्वानुमति से इस पीठ पर निर्वाचन सुखद अनुभूति कराता है। उन्होंने सत्ता एवं विपक्ष के सभी सदस्यों को पुनः धन्यवाद देते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सर्वानुमति अपनाने का रास्ता लोकतंत्र की गरिमा और मर्यादा को सुदृढ़ करने के साथ ही भारत की मजबूत लोकतांत्रिक परम्पराओं को और भी पुष्ट करता है।


इस मौके पर नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लोकतंत्र के इस गरिमापूर्ण आसन पर आसीन होना किसी भी सदस्य के लिए गौरव की बात है। इससे पूर्व, 17 महानुभाव इस पद को सुशोभित कर चुके हैं। राजर्षि पुरुषोत्तम दास टण्डन इस सदन के पहले अध्यक्ष थे। श्री आत्माराम गोविन्द खेर तथा श्री केशरीनाथ त्रिपाठी ने तीन-तीन बार इस पद को सुशोभित किया। वर्तमान में सदन के वरिष्ठ सदस्य श्री माता प्रसाद पाण्डेय ने दो बार विधान सभा अध्यक्ष के दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि श्री महाना 8वीं बार इस सदन के सदस्य बने हैं, विभिन्न सरकारों में मंत्री पद के दायित्व का निर्वहन करते हुए उन्होंने अपने नेतृत्व एवं प्रशासनिक क्षमता तथा आम जनमानस के प्रति संवेदनशीलता को प्रदर्शित किया। उन्होंने भरोसा जताया कि उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष के रूप में श्री महाना सदन की परम्पराओं और मर्यादाओं को गरिमापूर्ण ढंग से आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब हम सभी को प्रदेश के विकास, उत्थान, यहां की 25 करोड़ जनता के हितों के संवर्धन के बारे में सोचना है। प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों, गरीबों और वंचितों के सम्बन्ध में विचार करना है और उन्हें शासन की योजनाओं से मजबूती से जोड़ने के बारे में सोचना है। उन्होंने कहा कि जब जनता अपनी विधायी संस्था पर भरोसा करती है, तो यह लोकतंत्र के प्रकटीकरण का सबसे अच्छा माध्यम है। आम जनमानस का विश्वास लोकतंत्र को सर्वाधिक सुदृढ़ बनाता है। इसलिए इस सदन को लोकतंत्र की मजबूती का आधार बनाना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की 18वीं विधान सभा राज्य के निरन्तर विकास को आगे बढ़ाने में सफल होगी। नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने नेता सदन की बातों से स्वयं को संबद्ध करते हुए महाना जी के राजनीतिक सफर की प्रशंसा की और राइट से अधिक लेफ्ट पर ध्यान देने की अपेक्षा की, अखिलेश यादव ने कहा कि अब आपको राइट के बजाय लेफ्ट पर ज्यादा ध्यान देना होगा। हल्की-फुल्की हंसी मजाक और नोकझोंक के बीच नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव अपनी सरकार के कार्यकाल में कराए गए अनेकों कार्यों व उपलब्धियों का उल्लेख करने से भी नही चुके। ने कहा कि सदन में 1 सदस्य ऐसे हैं जो विदेश नहीं जाते हैं मैं अनेकों बार विदेश गया हूं और इसको बहुत अच्छा मानता हूं कि यदि मैं विदेश नहीं जाता तो उत्तर प्रदेश को इतना अच्छा एक्सप्रेसवे तथा विधानसभा अध्यक्ष के शहर कानपुर को मेट्रो नहीं दे पाता। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि यदि विदेश ना जाने वाले उन सदस्य का नाम जानते हों तो सदन को सूचित कर दें। जिसको नेता प्रतिपक्ष ने हंसकर टाल दिया। नेता प्रतिपक्ष के धन्यवाद एवं शुभकामना संबोधन के समापन उपरांत सभी दलों के विधान मंडल दल नेताओं को बोलने का अवसर दिया गया जिसमें कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने नेता सदन तथा नेता प्रतिपक्ष से अपने आप को संबोधित करते हुए महाना जी की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए विपक्ष को समान अवसर देने की अपेक्षा की, तत्पश्चात बहुजन समाज पार्टी के विधान मंडल दल के नेता एवं सदन में अपनी पार्टी के इकलौते विधायक उमा शंकर सिंह ने नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना जी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। जब बहुजन समाज पार्टी के नेता अपनी बात कहने के लिए खड़े हुए अभी सत्ता पक्ष की तरफ से विधायकों हंसने की आवाज आने लगी जिस पर प्रकृति है प्रतिक्रिया देते हुए उमाशंकर सिंह ने कहा की मैं जानता हूं कि यह सदन में मेरे दल की संख्या एक होने को लेकर मेरे ऊपर हंस रहे हैं लेकिन मैं एक बात और स्पष्ट कर दूं कि मैं जिस दल का इकलौता विधायक हूं यदि वह दल न होता तो सत्ता पक्ष में बैठे अनेकों विधायक सदन का मुंह देखने को तरस जाते वह भी इसी नर्सरी से होकर वहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने माहौल को हल्का हल्का फुल्का करने के अंदाज में कहा कि इस सदन में मैं तीसरी बार चुनकर आया हूं और नेता सदन तथा नेता प्रतिपक्ष दोनों ही पहली बार चुनकर इस सदन में आए हैं इसलिए हम उनसे सीनियर हैं। इस बात को सुनकर मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव सहित पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा। बड़े ही सौहार्दपूर्ण और खुशनुमा माहौल में सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को अनेकानेक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।


इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का संबोधन हुआ और उन्होंने सभी दलीय नेताओं को बधाई एवं शुभकामनाओं हेतु धन्यवाद देते हुए अपने राजनीतिक सफर के अनेकों वृतांतों का वर्णन करते हुए यहां तक पहुंचने के विषय पर प्रकाश डाला तथा अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता को अपनी निरन्तर आठ बार की जीत का श्रेय दिया। उन्होंने सदन में मौजूद सभी दलों के विधायकों को एक मंत्र भी दिया कि आप सदैव अपने आप से पूछते रहना कि “मेरे क्षेत्र की जनता ने मुझे क्यों चुना है।” यदि आप इस चिंतन को करते रहेंगे और आप को इस बात का जवाब मिलता रहेगा तो आपको भी आठ बार जीत कर आने से कोई रोक नहीं पायेगा। जो विधायक आज सदन में पहली बार जीत कर आए हैं उनको भी निराश होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि जब पहली बार होता है तभी तो आदमी आठवीं बार तक पहुंचता है। जब पहली बार ही नहीं होगा तो आठवीं तक कैसे पहुंचेगा। उन्होंने सभी दलीय नेताओं के समान अवसर की मांग वाली अपेक्षा पर सभी को आश्वस्त किया की वह सदन के संचालन में विपक्ष के सदस्यों तथा प्रथम बार चुनकर आने वाले सदस्यों को भी समान अवसर प्रदान करने का काम करेंगे।

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