मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-

150 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नयन के लिए टीटीएल एवं राज्य सरकार के मध्य मेमोरैण्डम ऑफ एग्रीमेन्ट हस्ताक्षरित करने के सम्बन्ध में

मंत्रिपरिषद ने टाटा टेक्नोलाॅजीज लिमिटेड (टीटीएल) एवं राज्य सरकार (व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग) के मध्य तैयार किये गये एमओए (मेमोरैण्डम ऑफ एग्रीमेन्ट) को हस्ताक्षरित कर अग्रेतर कार्रवाई किये जाने के प्रस्ताव को अनुमति प्रदान कर दी है। इसके तहत टाटा टेक्नोलाॅजीज लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से प्रदेश के 150 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन किये जाने हेतु राज्य सरकार एवं टीटीएल के मध्य एमओए हस्ताक्षरित किया जायेगा। भविष्य में परियोजना के क्रियान्वयन में अपेक्षित संशोधन/परिवर्धन किये जाने हेतु मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है।

एमओए के अनुसार टीटीएल का वित्तीय अंश 4282.9668 करोड़ रुपये एवं व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग का अंश जीएसटी सहित 713 करोड़ रुपये एवं प्रत्येक चयनित आईटीआई में 10 हजार वर्गफीट बिल्ट-अप-स्पेस (कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कक्ष इत्यादि) निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 477 करोड़ रुपये को सम्मिलित करते हुए राज्य सरकार का कुल वित्तीय अंश 1190 करोड़ रुपये है। इस प्रकार परियोजना की कुल लागत (विभाग का कुल वित्तीय अंश 1190 करोड़ रुपये प्लस टी0टी0एल0 का वित्तीय अंश 4282.9668 करोड़ रुपये) 5472.9668 करोड़ रुपये है।

एमओए की अवधि 10 वर्ष 09 माह है, जिसमें 09 माह परियोजना क्रियान्वयन की तैयारी हेतु निर्धारित है। हस्ताक्षरित किये जाने वाले एमओए में प्रथम 05 वर्ष एवं अगले 05 वर्ष की शर्तों तथा दोनों पक्षों के कार्यों का उल्लेख पृथक से किया गया है। 10 वर्ष की अवधि के पूर्ण होने के पश्चात दोनों हस्ताक्षरकर्ताओं की आपसी सहमति के आधार पर नवीनीकृत किये जाने पर तत्समय विचार किया जायेगा। इण्डस्ट्री 4.0 प्रस्तावों की मांग के अनुसार टीटीएल द्वारा 150 आईटीआई में 11 दीर्घ अवधि के एवं 23 अल्पकालीन अवधि के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित किये जाएंगे।

टीटीएल के प्रशिक्षकों द्वारा प्रदेश की इन आईटीआई में इन नवीन पाठ्यक्रमों हेतु पूर्व से नियुक्त प्रशिक्षकों एवं साथ ही साथ आईटीआई में प्रशिक्षणरत प्रशिक्षणार्थियों को भी दक्ष किया जायेगा। इससे प्रशिक्षार्थियों को टीटीएल की सहयोगी कम्पनियों में ओजेटी ( ऑन जाॅब ट्रेनिंग) व डीएसटी (डुअल सिस्टम आॅफ ट्रेनिंग) करने का अवसर प्राप्त होगा तथा सफल प्रशिक्षार्थियों को टीटीएल की सहयोगी कम्पनियों एवं अन्य कम्पनियों में अप्रेन्टिसशिप/रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। उन्नयन से दीर्घकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रति वर्ष लगभग 12 से 15 हजार अभ्यर्थी तथा अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रति वर्ष लगभग 15 से 20 हजार अर्थात कुल लगभग 35 हजार अभ्यर्थी प्रशिक्षित होंगे।

 

पी0एम0 मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र और परिधान योजना के अन्तर्गत टेक्सटाइल पार्क की स्थापना एवं भूमि हस्तांतरण के सम्बन्ध में

मंत्रिपरिषद ने पीएम मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र और परिधान (पीएम मित्र) योजना के अन्तर्गत टेक्सटाइल पार्क की स्थापना एवं भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। साथ ही, मंत्रिपरिषद ने योजना में किसी प्रकार के संशोधन के लिए मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया है।

इस निर्णय के अन्तर्गत जनपद हरदोई की सीमा के अन्दर का कुछ भाग तथा (ग्राम आंटगढ़ी सौरा, ग्राम अटारी, ग्राम रूदानखेड़ा, ग्राम विशुनपुर, ग्राम जिन्दाना, ग्राम पाराभदराही, ग्राम सालेहनगर, ग्राम शाहमऊ) ग्राम व तहसील मलिहाबाद, जनपद लखनऊ के कुल 72 गाटे रकबा 418.075 हेक्टेयर (1033.082 एकड़) भूमि पर पी0एम0 मेगा एकीकृत वस्त्र क्षेत्र और परिधान (पीएम मित्र) योजना के अन्तर्गत टेक्सटाइल पार्क की स्थापना प्रस्तावित है। इस भूमि को चिन्हित करते हुए इसमें से हरदोई जनपद की 259.09 एकड़ तथा लखनऊ 903.07 एकड़ कुल भूमि 1162.16 एकड़ में से 1000 एकड़ भूमि निःशुल्क हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग को हस्तांतरित/अधिग्रहण किया जाएगा।

इस टेक्सटाइल पार्क के क्रियान्वयन हेतु एक स्पेशल पर्पज वेहकिल (एस0पी0वी0) का गठन किया जाएगा। इसके लिए 10 करोड़ रुपये (पेडअप कैपिटल) की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें 51 प्रतिशत अंश उत्तर प्रदेश सरकार तथा 49 प्रतिशत अंश भारत सरकार का होगा। स्पेशल पर्पज वेहकिल का गठन कम्पनी एक्ट-2013 के अन्तर्गत होगा। एसपीवी में अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग, उत्तर प्रदेश शासन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) तथा सचिव, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली अध्यक्ष (चेयरमैन) होंगे।

टेक्सटाइल पार्क हेतु एसपीवी का गठन करके सम्बन्धित भूमि एसपीवी को निःशुल्क उपलब्ध करायी जाएगी। इसके उपरान्त मास्टर डेवलपर का चयन करके अग्रेतर कार्यवाही करायी जाएगी। भारत सरकार के द्वारा दिये गये अन्य दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पीपीपी मोड पर टेक्सटाइल पार्क को विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 1200 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है।

यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में भू-स्वामियों से आपसी सहमति से क्रय की जाने वाली भूमि की दरों को पुनरीक्षित किये जाने के सम्बन्ध में

मंत्रिपरिषद ने यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में भू-स्वामियों से आपसी सहमति से क्रय की जाने वाली भूमि की दरों को पुनरीक्षित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट स्थित है। जेवर एयरपोर्ट के फेज-1, स्टेज 2 की भूमि अधिग्रहण की दर राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किये जाने के पश्चात यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्र के किसानों, संगठनों द्वारा, इस बढ़ी दर के अनुसार ही आपसी सहमति से क्रय की जाने वाली भूमि की मूल्य की मांग की जा रही है।

सेक्टर-28, 29, 32 व 33 औद्योगिक सेक्टर हैं। इन सेक्टरों में पड़ने वाले कई ऐसे ग्राम हैं, जिनकी भूमि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर हेतु अधिग्रहीत की जा रही है। यह सभी सेक्टर्स एयरपोर्ट से सटे हुये हैं तथा काॅन्टिगुअस है। शासनादेश संख्या-314/77/3/16/163 एम/15, दिनांक 23 फरवरी, 2016 के क्रम में प्राधिकरण के सम्पूर्ण क्षेत्र में जनपदवार एक ही भूमि क्रय दर घोषित की जाती है तथा नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में भी यही प्रकिया विद्यमान है।

इसी क्रम में नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से लगे औद्योगिक सेक्टरों यथा-21 (फिल्म सिटी), 28 (मेडिकल डिवाईस पार्क), 29 (इण्डस्ट्रियल पार्क), 32 (इण्डस्ट्री), 33 (टॉय पार्क व इण्डस्ट्री), 10 (इलेक्ट्राॅनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर), 09 (यूपी ग्लोबल समिट-2023 में किये जा रहे एमओयू हेतु भूमि उपलब्ध कराये जाने हेतु) तथा नोएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के नॉथर्, ईस्ट व वेस्ट साइट से पेरीफेरल रोड का निर्माण किये जाने एवं भविष्य में अतिक्रमण की सम्भावनाओं के दृष्टिगत रोड सहित 500 मीटर की चैड़ाई में भूमि अधिग्रहण हेतु 3100 रुपये प्रतिवर्ग मीटर की दर से भूमि क्रय किया जाना प्रस्तावित है।

यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा अपने स्रोतों से व्यय भार वहन करेगा तथा यह अतिरिक्त व्यय भार प्राधिकरण की सम्पत्तियों की कॉस्टिंग में सम्मिलित किया जाएगा। इससे राज्य सरकार व केन्द्र सरकार पर कोई व्यय भार नहीं पडेगा ।

जनपद औरैया की रिजर्व पुलिस लाइन में आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण के सम्बन्ध में

मंत्रिपरिषद ने जनपद औरैया की रिजर्व पुलिस लाइन में आवासीय/अनावासीय भवनों के निर्माण में प्रयुक्त उच्च विशिष्टियों एवं 238 करोड़ रुपये की लागत पर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।

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