एक औरत ही औरत की दुश्मन होती है’, स्मृति ईरानी के ‘मासिक धर्म महिला की विकलांगता नहीं’ वाले बयान पर भड़के लोग, देखें रिएक्शन

स्मृति ईरानी ने महिला कर्मचारियों के लिए अनिवार्य मासिक धर्म अवकाश के विचार पर अपना विरोध जताया है। सोशल मीडिया पर कुछ महिलाओं ने स्मृति ईरानी के इस बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक औरत ही औरत की दुश्मन होती है। उन्होंने पीरियड में होने वाली तमाम दशा के बारे में बात करते हुए ये तर्क दिया।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने हाल ही में संसद में महिलाओं के मासिक धर्म को लेकर एक बयान दिया। ईरानी ने कहा कि पीरियड के दौरान महिलाओं के लिए पेड लीव की कोई जरुरत नहीं हैं। यह महिलाओं के जीवन का हिस्सा है न की कोई बाधा। ऐसे में स्मृति ईरानी के इस बयान को जहां ज्यादातर लोगों ने समर्थन किया है वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो उनकी अलोचना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ महिलाओं ने स्मृति ईरानी के इस बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक औरत ही औरत की दुश्मन होती है। उन्होंने पीरियड में होने वाली तमाम दशा के बारे में बात करते हुए ये तर्क दिया।

‘एक औरत ही औरत की दुश्मन होती है’, स्मृति ईरानी के ‘मासिक धर्म महिला की विकलांगता नहीं’ वाले बयान पर भड़के लोग, देखें रिएक्शन

रेनू तिवारी 

स्मृति ईरानी ने महिला कर्मचारियों के लिए अनिवार्य मासिक धर्म अवकाश के विचार पर अपना विरोध जताया है। सोशल मीडिया पर कुछ महिलाओं ने स्मृति ईरानी के इस बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक औरत ही औरत की दुश्मन होती है। उन्होंने पीरियड में होने वाली तमाम दशा के बारे में बात करते हुए ये तर्क दिया।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने हाल ही में संसद में महिलाओं के मासिक धर्म को लेकर एक बयान दिया। ईरानी ने कहा कि पीरियड के दौरान महिलाओं के लिए पेड लीव की कोई जरुरत नहीं हैं। यह महिलाओं के जीवन का हिस्सा है न की कोई बाधा। ऐसे में स्मृति ईरानी के इस बयान को जहां ज्यादातर लोगों ने समर्थन किया है वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो उनकी अलोचना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ महिलाओं ने स्मृति ईरानी के इस बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक औरत ही औरत की दुश्मन होती है। उन्होंने पीरियड में होने वाली तमाम दशा के बारे में बात करते हुए ये तर्क दिया।

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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने महिला कर्मचारियों के लिए अनिवार्य मासिक धर्म अवकाश के विचार पर अपना विरोध जताया है। बुधवार को राज्यसभा में सांसद मनोज कुमार झा के एक सवाल का जवाब देते हुए ईरानी ने कहा कि मासिक धर्म जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है और इसे विशेष अवकाश प्रावधानों की आवश्यकता वाली बाधा के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

स्मृति ईरानी के कहा ‘मासिक धर्म महिला की विकलांगता’
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, “एक मासिक धर्म वाली महिला के रूप में, मासिक धर्म और मासिक धर्म चक्र कोई बाधा नहीं है, यह महिलाओं की जीवन यात्रा का एक स्वाभाविक हिस्सा है।” यह चेतावनी देते हुए कि मासिक धर्म की छुट्टी से कार्यबल में महिलाओं के खिलाफ भेदभाव हो सकता है, उन्होंने कहा, “हमें ऐसे मुद्दों का प्रस्ताव नहीं देना चाहिए जहां महिलाओं को समान अवसरों से वंचित किया जाता है, सिर्फ इसलिए कि जो कोई मासिक धर्म नहीं करता है उसका मासिक धर्म के प्रति एक विशेष दृष्टिकोण है।”

महावारी के समय ऑफिस में पेड लीव का स्मृति ईरानी ने किया विरोध
हालाँकि, मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व को स्वीकार करते हुए, ईरानी ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा एक मसौदा राष्ट्रीय नीति तैयार करने की घोषणा की। हितधारकों के सहयोग से विकसित की गई इस नीति का उद्देश्य पूरे देश में उचित मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन प्रथाओं के बारे में जागरूकता और पहुंच में सुधार करना है। केंद्रीय मंत्री ने मौजूदा ‘मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन को बढ़ावा देने (एमएचएम)’ योजना पर भी प्रकाश डाला, जिसका उद्देश्य 10 से 19 वर्ष की किशोर लड़कियों के लिए है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा समर्थित, यह योजना विभिन्न शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में ज्ञान बढ़ाने पर केंद्रित है।

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