कश्मीर के शिक्षित युवाओं को लुभा रहा है आतंकवाद

कश्मीर में पिछले तीन दशकों से चल रहे आतंकवादी हालातों और वर्तमान के परिदृश्य को लेकर जम्मू कश्मीर के पूर्व पुलिस प्रमुख कुलदीप खोदा ने पत्थरबाज और आतंकवाद से ग्रसित युवाओं को टारगेट करते हुए कहा है कि कश्मीर के शिक्षित युवाओं को भी आजकल आकर्षक लग रहा है आतंकवाद, बन्दुक उठाना युवाओं का शौक बन चूका है. कश्मीर में पिछले तीन दशकों से चल रहे आतंकवादी हालातों और वर्तमान के परिदृश्य को लेकर जम्मू कश्मीर के पूर्व पुलिस प्रमुख कुलदीप खोदा ने पत्थरबाज और आतंकवाद से ग्रसित युवाओं को टारगेट करते हुए कहा है कि कश्मीर के शिक्षित युवाओं को भी आजकल आकर्षक लग रहा है आतंकवाद, बन्दुक उठाना युवाओं का शौक बन चूका है.     खोड़ा ने कश्मीर के वर्तमान मुद्दों पर अपने एक ब्लॉग में कहा कि "घाटी में आतंकवाद पिछले तीन दशकों से मौजूद है वहीं अब यह वहां पर अपनी एक मजबूत जगह बना चूका है. यहाँ बन्दुक उठाना महज आसान विकल्प ही नहीं बल्कि युवाओं के लिए आकर्षण का विकल्प बन चूका है. युवा अपने शौक के लिए यहाँ पर बन्दुक उठाते है.     इसके साथ ही कुलदीप खोड़ा ने कई उदाहरण के माध्यम से भी अपनी बात रखने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि, " पहले नहीं सुना जाता था, लेकिन अब सच्चाई ये है कि बड़ी संख्या में शिक्षित युवक आतंकवाद से जुड़ रहे हैं. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने वाला एक स्थानीय पीएचडी कर रहा युवक, कश्मीर विश्वविद्यालय का एक संकाय सदस्य जो मुठभेड़ में मारा गया, एक चर्चित अलगाववादी का एमबीए डिग्रीधारक बेटा, हाल में आतंकवाद से जुड़े शिक्षित युवाओं के कुछ उदाहरण हैं.’’ पिछले साल रिटायर होने से पहले खोड़ा राज्य के मुख्य सतर्कता आयुक्त के रूप में भी सेवा कर चुके हैं.

खोड़ा ने कश्मीर के वर्तमान मुद्दों पर अपने एक ब्लॉग में कहा कि “घाटी में आतंकवाद पिछले तीन दशकों से मौजूद है वहीं अब यह वहां पर अपनी एक मजबूत जगह बना चूका है. यहाँ बन्दुक उठाना महज आसान विकल्प ही नहीं बल्कि युवाओं के लिए आकर्षण का विकल्प बन चूका है. युवा अपने शौक के लिए यहाँ पर बन्दुक उठाते है. 

इसके साथ ही कुलदीप खोड़ा ने कई उदाहरण के माध्यम से भी अपनी बात रखने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि, ” पहले नहीं सुना जाता था, लेकिन अब सच्चाई ये है कि बड़ी संख्या में शिक्षित युवक आतंकवाद से जुड़ रहे हैं. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने वाला एक स्थानीय पीएचडी कर रहा युवक, कश्मीर विश्वविद्यालय का एक संकाय सदस्य जो मुठभेड़ में मारा गया, एक चर्चित अलगाववादी का एमबीए डिग्रीधारक बेटा, हाल में आतंकवाद से जुड़े शिक्षित युवाओं के कुछ उदाहरण हैं.’’ पिछले साल रिटायर होने से पहले खोड़ा राज्य के मुख्य सतर्कता आयुक्त के रूप में भी सेवा कर चुके हैं.

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