Exclusive: कश्मीर के राज्यपाल वोहरा ने कहा-हालात सामान्य बनाना हमारी पहली प्राथमिकता

जम्मू-कश्मीर का शासन संभालने के बाद राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने कहा कि कश्मीर में ‘हालात सामान्य बनाना और युवाओं को मुख्य धारा में लाना’ उनकी पहली प्राथमिकता है. उन्होंने आजतक-इंडिया टुडे से खास बातचीत में यह बात कही.जम्मू-कश्मीर का शासन संभालने के बाद राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने कहा कि कश्मीर में 'हालात सामान्य बनाना और युवाओं को मुख्य धारा में लाना' उनकी पहली प्राथमिकता है. उन्होंने आजतक-इंडिया टुडे से खास बातचीत में यह बात कही.  राज्यपाल वोहरा ने कहा, 'कश्मीर के युवाओं में नाराजगी है-जो भी वजह हो-और हमें उन्हें मुख्य धारा में लाना होगा.' गौरतलब है कि मंगलवार को बीजेपी ने राज्य की महबूबा मु्फ्ती सरकार से समर्थन वापस ले लिया था, जिसके बाद राज्यपाल शासन लागू हो गया.  गवर्नर वोहरा ने कहा, 'सड़कों, चौराहों, राजमार्गों पर हालात सामान्य करना और लोगों में भरोसा एवं विश्वास कायम करना हमारी पहली प्राथमिकता होगी. साथ ही साथ, हम युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए हर संभव कोशि‍श करेंगे.'  गौरतलब है कि कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं और हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों की भर्ती में युवाओं की संख्या बढ़ रही है. जबकि सरकार और प्रशासन यह दावे करता रहा है कि सख्ती से ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा.  वोहरा ने कहा, 'समूचे जम्मू-कश्मीर में सामाजिक सौहार्द्र को बनाए रखना सबसे जरूरी है और हमारी प्राथमिक चिंता है. सामाजिक सौहार्द्र के बिना न तो प्रगति हो सकती है, न कारोबार हो सकता है.'  उन्होंने कहा, 'इसके अलावा, सरकारी मशीनरी को भी सक्षमता, गति और ईमानदारी के साथ काम करना होगा ताकि व्यापक तौर पर लोगों को लाभ मिले.  पिछले कुछ महीनों में कश्मीर घाटी में हिंसा लगातार बढ़ी है और पत्थरबाजी तथा आतंकी घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है. लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने रमजान के दौरान एक माह से ज्यादा समय तक आतंकियों के खिलाफ अभियान बंद रखा.  लेकिन इस बीच पत्रकार सुजात बुखारी और जवान औरंगजेब की हत्या जैसी घटनाएं हुईं जिसके बाद सरकार ने निर्णय लिया कि सीजफायर को रमजान से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा.

राज्यपाल वोहरा ने कहा, ‘कश्मीर के युवाओं में नाराजगी है-जो भी वजह हो-और हमें उन्हें मुख्य धारा में लाना होगा.’ गौरतलब है कि मंगलवार को बीजेपी ने राज्य की महबूबा मु्फ्ती सरकार से समर्थन वापस ले लिया था, जिसके बाद राज्यपाल शासन लागू हो गया.

गवर्नर वोहरा ने कहा, ‘सड़कों, चौराहों, राजमार्गों पर हालात सामान्य करना और लोगों में भरोसा एवं विश्वास कायम करना हमारी पहली प्राथमिकता होगी. साथ ही साथ, हम युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए हर संभव कोशि‍श करेंगे.’

गौरतलब है कि कश्मीर में पत्थरबाजी की घटनाओं और हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों की भर्ती में युवाओं की संख्या बढ़ रही है. जबकि सरकार और प्रशासन यह दावे करता रहा है कि सख्ती से ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा.

वोहरा ने कहा, ‘समूचे जम्मू-कश्मीर में सामाजिक सौहार्द्र को बनाए रखना सबसे जरूरी है और हमारी प्राथमिक चिंता है. सामाजिक सौहार्द्र के बिना न तो प्रगति हो सकती है, न कारोबार हो सकता है.’

उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा, सरकारी मशीनरी को भी सक्षमता, गति और ईमानदारी के साथ काम करना होगा ताकि व्यापक तौर पर लोगों को लाभ मिले.

पिछले कुछ महीनों में कश्मीर घाटी में हिंसा लगातार बढ़ी है और पत्थरबाजी तथा आतंकी घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है. लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने रमजान के दौरान एक माह से ज्यादा समय तक आतंकियों के खिलाफ अभियान बंद रखा.

लेकिन इस बीच पत्रकार सुजात बुखारी और जवान औरंगजेब की हत्या जैसी घटनाएं हुईं जिसके बाद सरकार ने निर्णय लिया कि सीजफायर को रमजान से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. 

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