इराक में सत्ता के लिए अबादी और मौलाना सद्र ने मिलाया हाथ

इराक में एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाने वाले निवर्तमान प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी और चरमपंथी शिया धर्मगुरु मौलाना मुक्तदा अल-सद्र ने नई सरकार के गठन के लिए हाथ मिला लिया है।इराक में एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाने वाले निवर्तमान प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी और चरमपंथी शिया धर्मगुरु मौलाना मुक्तदा अल-सद्र ने नई सरकार के गठन के लिए हाथ मिला लिया है।  देश में इस साल मई में हुए संसदीय चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। दोनों नेताओं ने गठबंधन की घोषणा शनिवार को शियाओं के पवित्र शहर नजफ में की।  अमेरिका के समर्थक अबादी और अमेरिका के दुश्मन माने जाने वाले सद्र के इस कदम से चुनाव विश्लेषक भी हैरान हैं। सद्र को चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें मिली थीं।  सद्र ने इससे पहले ईरान समर्थक शिया नेता हादी अल-अमीरी की साथ गठबंधन की घोषणा की थी। सीटों के मामले में अमीरी की पार्टी दूसरे और अबादी की पार्टी तीसरे स्थान पर रही थी।  सद्र ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, "यह गैर-सांप्रदायिक पार्टियों का गठबंधन है। विकास की धारा में सभी इराकियों को शामिल करने के लिए यह सांप्रदायिकता की राजनीति को ठुकराता है।"  वहीं अबादी ने कहा, "हम लोगों को सकारात्मक संदेश देना चाहते हैं कि हम देश को आगे ले जाएंगे।"

देश में इस साल मई में हुए संसदीय चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। दोनों नेताओं ने गठबंधन की घोषणा शनिवार को शियाओं के पवित्र शहर नजफ में की।

अमेरिका के समर्थक अबादी और अमेरिका के दुश्मन माने जाने वाले सद्र के इस कदम से चुनाव विश्लेषक भी हैरान हैं। सद्र को चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें मिली थीं।

सद्र ने इससे पहले ईरान समर्थक शिया नेता हादी अल-अमीरी की साथ गठबंधन की घोषणा की थी। सीटों के मामले में अमीरी की पार्टी दूसरे और अबादी की पार्टी तीसरे स्थान पर रही थी।

सद्र ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, “यह गैर-सांप्रदायिक पार्टियों का गठबंधन है। विकास की धारा में सभी इराकियों को शामिल करने के लिए यह सांप्रदायिकता की राजनीति को ठुकराता है।”

वहीं अबादी ने कहा, “हम लोगों को सकारात्मक संदेश देना चाहते हैं कि हम देश को आगे ले जाएंगे।”

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