SDMC ने दिया झटका, दक्षिण दिल्ली में शादी-विवाह व व्यापार करना हुआ महंगा

दक्षिणी दिल्ली इलाके में अब शादी-विवाह करने के साथ अब व्यापार करना भी महंगा हो गया है। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (South Delhi Municipal Corporation) ने इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव मंजूर होने से अब हेल्थ ट्रेड लाइसेंस 50 से 100 फीसद तक महंगा हो गया है। प्रस्ताव पारित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग इसका आदेश भी जल्द ही जारी कर देगा।

इसी वर्ष 18 फरवरी को निगम की स्थायी समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूर किया था। इससे पहले निगम ने वर्ष 2015 में हेल्थ ट्रेड लाइसेंस की दरों में संशोधन किया था।प्रस्ताव पारित होने का सीधा असर स्टार रैंकिंग प्राप्त होटल व बैंक्वेट हॉल समेत खाद्य उत्पादों की बिक्री करने वाले, मनोरंजन के साधनों, विनिर्माण इकाइयों के साथ भंडारण एवं बिक्री के पदार्थो पर पड़ेगा। इससे निगम को करोड़ों रुपये की आय प्रति वर्ष होगी।

गौरतलब है कि निगम 86 तरह के हेल्थ ट्रेड लाइसेंस जारी करता है। निगम ने बैंक्वेट हॉल से लेकर तीन और पांच सितारा होटलों के लाइसेंस में शुल्क में वृद्धि कर दी है। निगम की ओर से मंजूर प्रस्ताव के अनुसार अब 250 सीटों तक के बैंक्वेट हॉल को एक बार का स्थायी शुल्क 15 हजार रुपये और वार्षिक लाइसेंस शुल्क पांच हजार के बजाय 15 हजार रुपये देना होगा, वहीं 250 सीटों से अधिक के बैंक्वेट हॉल के लिए 25 हजार रुपये का वार्षिक लाइसेंस शुल्क देना होगा।

इसी तरह पांच सितारा होटलों को एकमुश्त 50 हजार रुपये शुल्क के साथ 50 हजार के सालाना शुल्क के बजाय एक लाख रुपये देने होंगे, वहीं तीन स्टार होटलों के लाइसेंस के लिए 25 हजार रुपये के एकमुश्त शुल्क के अलावा प्रतिवर्ष 20 हजार रुपये का वार्षिक शुल्क लगता था, लेकिन अब प्रतिवर्ष के शुल्क को 50 हजार कर दिया गया है। इसके अलावा 100 सीटों के फूड कोर्ट में 10 हजार रुपये एकमुश्त शुल्क के अलावा प्रतिवर्ष 40 हजार रुपये शुल्क देना होगा।

पहले यह शून्य हुआ करता था। 100 सीटों से अधिक के फूड कोर्ट 10 हजार रुपये का एकमुश्त शुल्क के अलावा 80 हजार रुपये वार्षिक शुल्क देना होगा। पहले यह भी शून्य हुआ करता था। इसी तरह 20 सीटों के भोजनालय के वार्षिक शुल्क को पांच हजार से 25 हजार रुपये कर दिया है। 20 से 50 सीटों के भोजनालय में अब में आठ हजार रुपये वार्षिक के बजाय 25 हजार रुपये शुल्क चुकाना होगा। 50 सीटों से अधिक वाले भोजनालय को 10 हजार रुपये के बजाय 20 हजार रुपये वार्षिक चुकाना होगा।

आटा, दाल, मसाले, बेकरी व कनफेक्शनरी, कोल्ड स्टोरेज, लेवरिंग एजेंट के वार्षिक शुल्क को 3600 से बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दिया गया है। निगम का कहना है कि दिल्ली में लगातार व्यापार में प्रगति हो रही है, इसलिए इसमें वृद्धि जरूरी हो गया है। यह भी हुआ महंगा। 50 से 200 वर्ग मीटर के खाद्य मदों की बिक्री करने वाले खुदरा भंडार को पांच हजार रुपये के स्थायी शुल्क के साथ ही 20 हजार रुपये का वार्षिक शुल्क देना होगा। पहले यह शून्य था।

200 वर्ग मीटर से अधिक के खाद्य मदों की बिक्री करने वाले खुदरा भंडार को 40 हजार रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क देना होगा।पान की दुकान लगाना हुआ सस्ता निगम ने एक ओर कई ट्रेड के लाइसेंस फीस में वृद्धि की है, वहीं निगम ने पान की दुकान चलाना सस्ता कर दिया है। निगम ने इसके वार्षिक लाइसेंस फीस में 100 रुपये की कटौती की है।

पान की दुकान के लिए पहले जहां पहले वार्षिक लाइसेंस शुल्क 3600 रुपये देना पड़ता था, वहां अब 3500 रुपये देने होंगे। हालांकि स्थायी लाइसेंस शुल्क पांच हजार रुपये ही रहेगा। हेल्थ विभाग ने वार्षिक शुल्क को पांच हजार रुपये करने का प्रस्ताव किया था, जिसे निगम ने रद कर दिया है।

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