चरमराई अर्थव्यवस्था के मालिक पाक को भारत की फिक्र

खुद पाई पाई को मोहताज होने की कगार पर खड़ा पाकिस्तान भारत की अर्थव्यवस्था में पाक की भागीदारी गिनवा रहा है. विश्व समुदाय से आर्थिक मदद और भी बंद किये जाने के हालात बनते देख बौखलाए पाक के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नसीर जन्जुआ जो  इस पद पर तीन साल तक रहने के बाद पिछले सप्ताह इस्तीफा दे चुके है ने शुक्रवार को कहा कि भारत को अपनी अर्थव्यवस्था की जरूरत के लिए पाकिस्तान के साथ सम्मान का संबंध रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि यूरोपीय बाजारों तक मध्य एशिया के जरिये पहुंच के लिए पाकिस्तान ही एकमात्र देश है जो उसकी इस जरूरत को पूरा कर सकता है.खुद पाई पाई को मोहताज होने की कगार पर खड़ा पाकिस्तान भारत की अर्थव्यवस्था में पाक की भागीदारी गिनवा रहा है. विश्व समुदाय से आर्थिक मदद और भी बंद किये जाने के हालात बनते देख बौखलाए पाक के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नसीर जन्जुआ जो  इस पद पर तीन साल तक रहने के बाद पिछले सप्ताह इस्तीफा दे चुके है ने शुक्रवार को कहा कि भारत को अपनी अर्थव्यवस्था की जरूरत के लिए पाकिस्तान के साथ सम्मान का संबंध रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि यूरोपीय बाजारों तक मध्य एशिया के जरिये पहुंच के लिए पाकिस्तान ही एकमात्र देश है जो उसकी इस जरूरत को पूरा कर सकता है.  दक्षिण एशिया में संपर्क और भू अर्थशास्त्र पर क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए जन्जुआ ने कहा कि अर्थव्यवस्था और सुरक्षा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और दोनों के बीच कारण और परिणाम का संबंध है. जन्जुआ ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को मध्य एशिया के जरिये यूरोप के अमीर बाजारों तक पहुंच की जरूरत है. पाकिस्तान एकमात्र देश है जो भारत को यह पहुंच उपलब्ध करा सकता है.   रिपोर्ट के अनुसार जन्जुआ ने कहा कि संपर्क के लिए दक्षिण एशिया में स्थिरता जरूरी है. सिर्फ संपर्क या कनेक्टिविटी के जरिये ही वृद्धि और स्थिरता लाई जा सकती है. इस्लामाबाद के शोध संस्थान पाकिस्तान शांति अध्ययन संस्थान (पीआईपीएस) ने इस सम्मेलन का आयोजन किया था. आंतकवाद का पालनहार साबित होने के बाद फ़िलहाल ब्लैक लिस्ट होने की कगार पर खड़ा पाक उस देश को अर्थ शास्त्र समझा रहा है जिसे फ़िलहाल विश्व का हर देश हाथ मिलाने के लिए निहार रहा है.

दक्षिण एशिया में संपर्क और भू अर्थशास्त्र पर क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए जन्जुआ ने कहा कि अर्थव्यवस्था और सुरक्षा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और दोनों के बीच कारण और परिणाम का संबंध है. जन्जुआ ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को मध्य एशिया के जरिये यूरोप के अमीर बाजारों तक पहुंच की जरूरत है. पाकिस्तान एकमात्र देश है जो भारत को यह पहुंच उपलब्ध करा सकता है.

रिपोर्ट के अनुसार जन्जुआ ने कहा कि संपर्क के लिए दक्षिण एशिया में स्थिरता जरूरी है. सिर्फ संपर्क या कनेक्टिविटी के जरिये ही वृद्धि और स्थिरता लाई जा सकती है. इस्लामाबाद के शोध संस्थान पाकिस्तान शांति अध्ययन संस्थान (पीआईपीएस) ने इस सम्मेलन का आयोजन किया था. आंतकवाद का पालनहार साबित होने के बाद फ़िलहाल ब्लैक लिस्ट होने की कगार पर खड़ा पाक उस देश को अर्थ शास्त्र समझा रहा है जिसे फ़िलहाल विश्व का हर देश हाथ मिलाने के लिए निहार रहा है. 

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