प्रदेश को मुख्तार और अतीक जैसा माफिया देने वाली समाजवादी पार्टी दे रही है कानून व्यवस्था पर ओछा ज्ञान : शलभमणि त्रिपाठी

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि उप्र में मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे माफियाओं को राजनैतिक संरक्षण देकर सियासत का गलियारा दिखाने वाली समाजवादी पार्टी के मुखिया उप्र की बेहतर हुई कानून व्यवस्था पर सवाल उठाकर खुद को ही बेनकाब कर रहे है। सपा सरकार मेें लोकप्रिय विधायक कृष्णानंद राय की बर्बर हत्या हुई थी। माफियाओं का विरोध करने पर मारे गये एक जनप्रिय विधायक के पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की बजाय तब समाजवादी पार्टी हत्यारोपी मुख्तार अंसारी के साथ खड़ी नजर आई।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि उप्र में मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे माफियाओं को राजनैतिक संरक्षण देकर सियासत का गलियारा दिखाने वाली समाजवादी पार्टी के मुखिया उप्र की बेहतर हुई कानून व्यवस्था पर सवाल उठाकर खुद को ही बेनकाब कर रहे है। सपा सरकार मेें लोकप्रिय विधायक कृष्णानंद राय की बर्बर हत्या हुई थी। माफियाओं का विरोध करने पर मारे गये एक जनप्रिय विधायक के पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की बजाय तब समाजवादी पार्टी हत्यारोपी मुख्तार अंसारी के साथ खड़ी नजर आई। इसी तरह इलाहाबाद के विधायक राजू पाल के हत्यारोपी अतीक अहमद को भी समाजवादी पार्टी ने ही खुलेआम संरक्षण दिया। अपराधियों और समाजवादी पार्टी की साठगांठ का खुलासा तो तभी हो गया, जब उप्र की योगी आदित्यनाथ जी की सरकार माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए यूपीकोका का कानून लेकर आई तब समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस और बीएसपी के साथ मिलकर इस बिल का पुरजोर विरोध किया। ऐसे में उप्र की महान जनता जानती है कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा से अपराधी और माफियाओं को संरक्षण ही दिया है और आज जब उप्र में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो रही तो सबसे ज्यादा बेचैनी समाजवादी पार्टी और उसके अगुवाओं को हो रही है। शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि आज योगी जी के राज में अपराधी खौफ में हैं और बेल की जगह जेल मांग रहे हंै। तमाम खूंखार अपराधी गले में तख्ती डालकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुके है। तमाम अपराधी प्रदेश छोड़कर बाहर भाग गये हंै। साफ है कि पुलिस का मनोबल बढ़ा हुआ है और पिछले डेढ़ सालों के दौरान हुई 1400 पुलिस मुठभेड़ों ने अपराधियों में दहशत पैदा कर दी है। अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ उप्र पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और बेगुनाहों की जिंदगी से खेलने वाले अपराधियों के खिलाफ पुख्ता कार्रवाई होती रहेगी। शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि कल बागपत जेल में हुई कुख्यात माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री जी ने न सिर्फ जिम्मेदार अफसरों पर जरूरी कार्रवाई की, बल्कि हत्यारों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं। सरकार इस बात के लिए संकल्पित है कि न तो सड़क पर किसी बेगुनाह को मारा जाना चाहिए न ही जेल के भीतर किसी आरोपी को। पर तमाम संगीन मामलों में शामिल माफिया के जेल में मारे जाने के बाद समाजवादी पार्टी ओछी सियासत पर उतर आई है और खुद को बेनकाब कर रही है। किसे याद नहीं है कि उप्र में अपराधी और माफियाओं को सियासत का रास्ता हमेशा से समाजवादी पार्टी ने ही दिखाया हैं।

इसी तरह इलाहाबाद के विधायक राजू पाल के हत्यारोपी अतीक अहमद को भी समाजवादी पार्टी ने ही खुलेआम संरक्षण दिया। अपराधियों और समाजवादी पार्टी की साठगांठ का खुलासा तो तभी हो गया, जब उप्र की योगी आदित्यनाथ जी की सरकार माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए यूपीकोका का कानून लेकर आई तब समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस और बीएसपी के साथ मिलकर इस बिल का पुरजोर विरोध किया। ऐसे में उप्र की महान जनता जानती है कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा से अपराधी और माफियाओं को संरक्षण ही दिया है और आज जब उप्र में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो रही तो सबसे ज्यादा बेचैनी समाजवादी पार्टी और उसके अगुवाओं को हो रही है।
शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि आज योगी जी के राज में अपराधी खौफ में हैं और बेल की जगह जेल मांग रहे हंै। तमाम खूंखार अपराधी गले में तख्ती डालकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुके है। तमाम अपराधी प्रदेश छोड़कर बाहर भाग गये हंै। साफ है कि पुलिस का मनोबल बढ़ा हुआ है और पिछले डेढ़ सालों के दौरान हुई 1400 पुलिस मुठभेड़ों ने अपराधियों में दहशत पैदा कर दी है। अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ उप्र पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और बेगुनाहों की जिंदगी से खेलने वाले अपराधियों के खिलाफ पुख्ता कार्रवाई होती रहेगी।

शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि कल बागपत जेल में हुई कुख्यात माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री जी ने न सिर्फ जिम्मेदार अफसरों पर जरूरी कार्रवाई की, बल्कि हत्यारों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं। सरकार इस बात के लिए संकल्पित है कि न तो सड़क पर किसी बेगुनाह को मारा जाना चाहिए न ही जेल के भीतर किसी आरोपी को। पर तमाम संगीन मामलों में शामिल माफिया के जेल में मारे जाने के बाद समाजवादी पार्टी ओछी सियासत पर उतर आई है और खुद को बेनकाब कर रही है। किसे याद नहीं है कि उप्र में अपराधी और माफियाओं को सियासत का रास्ता हमेशा से समाजवादी पार्टी ने ही दिखाया हैं।

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