अफसरों पर लगे भ्रष्टचार के आरोप, साक्षी महाराज हुए नाराज

महिला नेता ने तालाबों पर अवैध कब्जा का उठाया मुद्दा
बैठक में सांसद व एमएलसी के बीच हुई नोकझोंक

उन्नाव : जिला विकास समन्वय और निगरानी समीति की बैठक में सड़क, बिजली, शिक्षा, चिकित्सा विभागों के अफसरों पर सांसद साक्षी महाराज ने नाराजगी जताई। बैठक में सांसद ने कहा कि पांच साल में एक भी प्रस्ताव पीडब्ल्यू ने नहीं लिया। यह गंभीर व सूचनीय प्रश्न है। इस दौरान पुरवा विधायक ने डूडा अफसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। स्थानीय विकास भवन सभागार में शनिवार को सांसद साक्षी महराज की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय और निगरानी समीति की बैठक हुई। यहां पर पुरवा विधायक अनिल सिंह ने जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) मेें कार्यरत नेहा नामक महिला कर्मचारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। सीडीओ प्रेमरंजन सिंह ने कहा कि विभागीय अधिकारी को लिखा गया कि जल्द उस पर कार्रवाई होगी। पुरवा विधायक ने स्कूलो में ड्रेस वितरण पर भी सवालियां निशान लगाए। इस पर प्रभारी बेसिक शिक्षा ने कहा कि प्रत्येक विकासखंड में दस-दस स्कूलों में ड्रेस वितरण की जांच कराने की बात कही। मोहान विधायक बृजेश रावत ने भी खंड शिक्षा औरास पर गंभीर आरोप लगाए।

एक भी सड़क का प्रस्ताव न देकर आरोपों से घिरे पीडब्ल्यूडी विभाग के अफसरों को सांसद साक्षी महराज ने कहा कि यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होनें रोजगार मुहैया कराने में बैंकों के आड़े आने की बात कही। इसको लेकर एलडीएम से इस पर सवाल दागे। महिला नेत्री किरन सिंह के द्वारा सवाल उठाया गया कि शहर के मोहल्ला कृष्णा नगर में भूमाफियाओं के द्वारा कब्जा कर लिया गया। जिस पर डीएम देवेन्द्र कुमार पांडेय ने कहा कि जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में परियोजना अधिकारी डूडा ने बताया कि शहर के काशीराम शहर गरीब आवास योजना में जिन आवंटियों द्वारा मकान किराये या बेच दिया गया है उसकी जांच कराई जा रही है। वही राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत अधिशाषी अभियंता निर्माण खंड जल द्वारा बताया गया कि 25 निर्माणाधीन योजनाओं के सापेक्ष 17 परियोजनाएं (पानी की टंकिया) पूरी कर ली गई है।

आठ परियोजनाओं में धन अवमुक्त न होने के कारण कार्य पूरा नहीं हो सका है। अमृत योजना में शहर की खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराई जा रही है। उधर, जोनल पम्पिंग स्टेशन के निर्माण के लिए ईओ नगर पालिका ने जगह उपलब्ध करा दी है। इसके अलावा मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन योजना में घटिया शौचालय का मुद्दा भी छाया रहा। बैठक में डीएम, सीडीओ, विधायकों में सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर व विधायकों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहें। गौरतलब है कि निगरानी समिति की पूर्व बैठक दो मार्च को हुई थी। बैठक में एमएलसी सुनील सिंह साजन ने कहा कि सांसद की बात प्रधानमंत्री से लेकर सीएम तक नहीं सुनते हैं। जिले के अधिकारी भी उनकी बातों को नजर अंदाज कर रहे हैं। इस पर सांसद और एमएलसी के बीच नोकझोंक होने लगी। उधर, सांसद ने कहा कि बैठक को राजनैतिक मंच न बनाए। बैठक में मौजूद विधायकों ने कहा कि कौन ऐसा अधिकारी है जो सांसद की बात न माने। मामला जैसे-तैसे शांत हुआ।

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