मतभेदों को भुला चीन की मदद में आगे आया अमेरिका, चीन में मरने वालों की संख्या 723

तमाम मतभेदों के बावजूद अमेरिका ने कोरोना वायरस से उपजे संकट पर चीन को मदद का भरोसा दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने शनिवार को ट्वीट कर यह घोषणा की वह चीन को कोरोना वायरस से निपटने के लिए 100 मिलियन डॉलर की मदद करेगा। माइकल पोम्पेओ ने आगे कहा कि यह एक मजबू अमेरिकी नेतृत्‍व को दर्शाता है। पोम्पिओ ने कहा कि यह प्रतिबद्धता अमेरिकी निजी क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों लोगों के साथ-साथ अमेरिका के मजबूत नेतृत्व को प्रदर्शित करता है। उन्होंने आगे कहा कि हम बाकी दुनिया से भी अपील करते हैं कि वे भी हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर काम करें ताकि हम इस बढ़ते खतरे पर जल्द से जल्द काबू पा सकेंगे।

पोम्पिओ ने कहा कि हमने चीन के वुहान में लोगों को अधिक मानवीय राहत पहुंचाने के लिए अमेरिकी संगठनों के साथ समन्वय किया है। इन संगठनों द्वारा दान किए गए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और अन्य चिकित्सा आपूर्ति चीन में लोगों की जान बचाने और कोरोना  वायरस से लोगों को बचाने में मदद कर सकते हैं। पहले के एक ट्वीट में राज्य सचिव ने कहा था कि उनकी सरकार ने कई अमेरिकी संगठन के साथ मिलकर चीन को राहत सामग्री पहुंचाई है।

उधर, शनिवार तक चीन में मरने वालों की संख्या 723 हो गई है, जबकि 34,598 लोग इससे संक्रमित पाए गए हैं। यह आंकड़ा 2002-03 में सार्स नामक बीमारी से हुई 774 लोगों की मौत के करीब पहुंचते जा रहा है। चीन ने कहा है कि फिलहाल हुबेई में दवा समेत मेडिकल सामग्रियों की सप्लाई में सुधार हुआ है, लेकिन हालात जल्द काबू में नहीं हुए तो सप्लाई गड़बड़ा सकती है। अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने शनिवार को अपने नागरिक की मौत की पुष्टि की है।

प्रवक्ता ने कहा कि 60 साल की अमेरिकी महिला की छह फरवरी को वुहान के एक अस्पताल में मौत हो गई। वुहान में अधिकारियों ने कोरोना वायरस से किसी विदेशी नागरिक की मौत का यह पहला मामला बताया है। हालांकि, वुहान के अस्पताल में जापान के 60 साल के एक नागरिक की भी मौत हुई है। उसे निमोनिया की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, बाद में कोरोना वायरस के लक्षण भी उसमें पाए गए थे। जापान के विदेश मंत्रालय ने टोक्यो में इसकी घोषणा की।

मंत्रालय ने कहा कि बीमारी की पहचान में मुश्किल के चलते जापानी व्यक्ति की मौत का कारण वायरल निमोनिया बताया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा है कि संगठन के विशेषज्ञों का एक दल जल्द ही चीन जाएगा। उन्होंने कहा कि दल के मुखिया के सोमवार या मंगलवार तक हुबेई पहुंच जाने की उम्मीद है, बाकी सदस्य उसके बाद जाएंगे।

उन्होंने इस मिशन में अमेरिका के मेडिकल दल के शामिल होने की भी उम्मीद जताई। डब्ल्यूएचओ कोरोना वायरस को जल्द ही कोई नया नाम देने वाला है। हालांकि, नाम ऐसा होगा जिससे किसी जगह विशेष के नाम का संकेत नहीं मिलता हो। चीन ने फिलहाल इसे नोवेल कोरोनावायरस निमोनिया (एनसीपी) नाम दिया है। वहीं, जापान के तट के पास खड़े क्रूज में और तीन लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। पहले क्रूज से 61 लोग पॉजिटिव मिले थे।

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