अमेरिकी महिला से गैंगरेप करने के आरोपी ऑटो चालक पर आरोप तय

चंडीगढ़ घूमने आई अमेरिकी महिला से बलात्कार के आरोपी ऑटो चालक बलदेव कुमार के खिलाफ चंडीगढ़ की जिला अदालत ने मंगलवार को आरोप तय कर दिए. पीड़िता ने अप्रैल 2015 में फ्रांस से एक ईमेल भेजकर चंडीगढ़ के तत्कालीन आईजी से बलात्कार की शिकायत की थी.चंडीगढ़ घूमने आई अमेरिकी महिला से बलात्कार के आरोपी ऑटो चालक बलदेव कुमार के खिलाफ चंडीगढ़ की जिला अदालत ने मंगलवार को आरोप तय कर दिए. पीड़िता ने अप्रैल 2015 में फ्रांस से एक ईमेल भेजकर चंडीगढ़ के तत्कालीन आईजी से बलात्कार की शिकायत की थी.  पीड़ित विदेशी महिला ने बताया था कि वह भारत घूमने आई थी. हरिद्वार-ऋषिकेश घूमने के बाद वह चंडीगढ़ घूमना चाहती थी. चंडीगढ़ पहुंचने के बाद उसे फ्रांस जाना था. पासपोर्ट एक्सपायर होने में भी सिर्फ 4 दिन ही बचे थे.  17 अप्रैल 2015 की रात वह होटल जाने के लिए सेक्टर 17 बस स्टैंड से ऑटो लिया. ऑटो चालक होटल दिलवाने के नाम पर उसे अपने घर ले गया. जहां उसका एक और साथी पहले से मौजूद था. दोनों ने मिलकर महिला के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया.  पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर वर्ष 2015 में गैंगरेप का मामला दर्ज किया था और 2017 में एक आरोपी ऑटो चालक बलदेव कुमार को लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया था. जबकि गैंगरेप का आरोपी उसका दूसरा साथी अभी भी फरार है.  पुलिस अभी तक CRPC की धारा 164 के तहत पीड़िता के बयान दर्ज नहीं कर पाई है. ना ही फिलहाल आरोपी की शिनाख्त परेड करवाई जा सकी है. इस मामले में अदालत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीड़िता के बयान दर्ज करने की याचिका मंजूर कर चुकी है.  इससे पहले निचली अदालत ने यह प्रक्रिया अमेरिकी दूतावास के जरिए पूरी करने के आदेश दिए थे. लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने कोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर करते हुए कहा था कि दूतावास की प्रक्रिया लंबी है. जिसका आरोपी फायदा उठा सकता है. इसलिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही बयान दर्ज करने की मंजूरी दी जाए.  पुलिस के मुताबिक बलात्कार के आरोपी बलदेव कुमार के खिलाफ अब 17 सितंबर से भारतीय दंड संहिता की धारा 328, 342, 366, 376 और 392 के तहत ट्रायल चलेगा.

पीड़ित विदेशी महिला ने बताया था कि वह भारत घूमने आई थी. हरिद्वार-ऋषिकेश घूमने के बाद वह चंडीगढ़ घूमना चाहती थी. चंडीगढ़ पहुंचने के बाद उसे फ्रांस जाना था. पासपोर्ट एक्सपायर होने में भी सिर्फ 4 दिन ही बचे थे.

17 अप्रैल 2015 की रात वह होटल जाने के लिए सेक्टर 17 बस स्टैंड से ऑटो लिया. ऑटो चालक होटल दिलवाने के नाम पर उसे अपने घर ले गया. जहां उसका एक और साथी पहले से मौजूद था. दोनों ने मिलकर महिला के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया.

पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर वर्ष 2015 में गैंगरेप का मामला दर्ज किया था और 2017 में एक आरोपी ऑटो चालक बलदेव कुमार को लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया था. जबकि गैंगरेप का आरोपी उसका दूसरा साथी अभी भी फरार है.

पुलिस अभी तक CRPC की धारा 164 के तहत पीड़िता के बयान दर्ज नहीं कर पाई है. ना ही फिलहाल आरोपी की शिनाख्त परेड करवाई जा सकी है. इस मामले में अदालत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीड़िता के बयान दर्ज करने की याचिका मंजूर कर चुकी है.

इससे पहले निचली अदालत ने यह प्रक्रिया अमेरिकी दूतावास के जरिए पूरी करने के आदेश दिए थे. लेकिन चंडीगढ़ पुलिस ने कोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर करते हुए कहा था कि दूतावास की प्रक्रिया लंबी है. जिसका आरोपी फायदा उठा सकता है. इसलिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही बयान दर्ज करने की मंजूरी दी जाए.

पुलिस के मुताबिक बलात्कार के आरोपी बलदेव कुमार के खिलाफ अब 17 सितंबर से भारतीय दंड संहिता की धारा 328, 342, 366, 376 और 392 के तहत ट्रायल चलेगा.

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