अपराध – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sun, 26 Jul 2026 12:59:33 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 Mainpuri : फावड़े से वार कर पत्नी की निर्मम हत्या, घरेलू विवाद ने उजाड़ा परिवार, गांव में फैली दहशत https://www.shauryatimes.com/news/242698 Sun, 26 Jul 2026 12:59:33 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242698 Mainpuri : जनपद के करहल थाना क्षेत्र के भूरेपुर गांव में घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली इस सनसनीखेज घटना में एक पति ने अपनी पत्नी की फावड़े से ताबड़तोड़ वार कर निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

 

घटना की सूचना मिलते ही करहल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में घरेलू कलह हत्या की मुख्य वजह सामने आ रही है, हालांकि पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।

 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि होगी। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।

इधर, घटना के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। इस जघन्य वारदात ने एक बार फिर घरेलू विवादों के भयावह परिणामों को उजागर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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बेंगलुरु में सनकी बेटे ने मां, नानी और बहनोई को काटा; पड़ोसियों ने कमरे में किया बंद तो… https://www.shauryatimes.com/news/241294 Sun, 12 Jul 2026 10:05:14 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=241294 बेंगलुरु : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के कामाक्षीपाल्या थाना क्षेत्र के कोटिगेपाल्या इलाके में शनिवार सुबह एक सनकी युवक ने घरेलू विवाद में हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। 34 वर्षीय एक बेरोजगार पूर्व ड्राइवर ने धारदार हथियार से हमला कर अपने ही परिवार के तीन सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी। इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद जब पड़ोसियों ने आरोपी को कमरे में बंद कर दिया, तो उसने अंदर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस खौफनाक वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

 

कहासुनी के बाद खूनी संघर्ष: बीच-बचाव करने वालों को भी नहीं बख्शा

पुलिस तफ्तीश के मुताबिक, मूल रूप से मागडी तहसील के ब्यालकेरे का रहने वाला यह परिवार पिछले 7-8 सालों से कोटिगेपाल्या में किराए के मकान में रह रहा था। शनिवार सुबह करीब 8 बजे घर के भीतर अचानक चीख-पुकार मच गई। किसी बात को लेकर 34 वर्षीय प्रशांत की अपने 50 वर्षीय बहनोई सतीश (पेशे से प्लंबर) से तीखी बहस हो गई।

 

देखते ही देखते प्रशांत के सिर पर खून सवार हो गया और उसने घर में रखे धारदार हथियार से सतीश पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। सतीश की दर्दनाक चीख सुनकर उसकी 55 वर्षीय मां मंगलम्मा और 75 वर्षीय बुजुर्ग नानी नंजम्मा तुरंत बीच-बचाव करने दौड़ीं। लेकिन सनकी प्रशांत ने उन दोनों पर भी बेरहमी से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में तीनों पीड़ितों ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।

 

पड़ोसियों की सूझबूझ: हत्यारे को कमरे में किया बंद, लेकिन…

घर के अंदर से आ रही चीख-पुकार और शोर सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे। घर का खौफनाक मंजर देखकर लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पड़ोसियों ने हिम्मत और सूझबूझ दिखाते हुए हत्यारे प्रशांत को भागने का मौका नहीं दिया। उन्होंने प्रशांत को तुरंत एक कमरे के अंदर धकेला और बाहर से कुंडी लगा दी।

 

इसके बाद मकान मालिक और पड़ोसियों ने तुरंत कामाक्षीपाल्या थाना पुलिस को सूचित किया। लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती, कमरे में बंद प्रशांत ने अंदर फंदे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा तो प्रशांत का शव पंखे से लटका मिला।

 

मां-नानी मेहनत कर चलाती थीं घर, आरोपी था बेरोजगार

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी प्रशांत पहले ड्राइविंग का काम करता था, लेकिन पिछले करीब एक साल से वह पूरी तरह बेरोजगार था और कोई काम नहीं कर रहा था। घर का खर्च चलाने के लिए उसकी मां मंगलम्मा एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करती थीं, जबकि 75 वर्षीय बुजुर्ग नानी नंजम्मा इस उम्र में भी सफाई का काम कर परिवार का हाथ बंटाती थीं। आशंका जताई जा रही है कि इसी बेरोजगारी और पारिवारिक कलह के चलते प्रशांत ने इस आत्मघाती कदम को अंजाम दिया।

पिता का दर्द: ‘सुबह दुकान न जाता तो मैं भी मारा जाता’

इलाके में ही कपड़े प्रेस (लॉन्ड्री) की दुकान चलाने वाले प्रशांत के पिता चिक्कण्णा इस हादसे के बाद से पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने रोते हुए पुलिस को बताया कि प्रशांत बेहद गुस्सैल स्वभाव का था और अक्सर घर में विवाद करता था।

 

चिक्कण्णा का बयान: “मैं रोज की तरह सुबह जल्दी अपनी दुकान के लिए निकल गया था। अगर मैं उस वक्त घर पर मौजूद होता, तो प्रशांत निश्चित रूप से मुझे भी मार डालता। सुबह दुकान जाने की वजह से ही आज मेरी जान बच पाई है, लेकिन मेरा पूरा परिवार उजड़ गया।”

 

पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि आखिर शनिवार सुबह ऐसा क्या हुआ जिसने प्रशांत को इतना बड़ा हैवान बना दिया।

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मामी-भांजे के अवैध प्रेम का खौफनाक अंत, रेलवे ट्रैक पर मिली मामी की लाश; कमरे में बंद मिला भांजे का शव https://www.shauryatimes.com/news/240821 Tue, 07 Jul 2026 13:09:27 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=240821 परगना : पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और प्रेम संबंधों की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक 33 वर्षीय शादीशुदा महिला और उसके रिश्ते में लगने वाले 32 वर्षीय भांजे के बीच पनपे कथित प्रेम प्रसंग का अंत दो रहस्यमयी मौतों के साथ हुआ। मामी का शव जहां रेलवे ट्रैक के किनारे क्षत-विक्षत हालत में मिला, वहीं भांजा अपने ही किराए के कमरे के भीतर मृत पाया गया। एक ही दिन में दोनों प्रेमियों की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर तफ्तीश शुरू कर दी है और मौत की असली वजह तलाशने में जुटी है।

 

14 साल की शादीशुदा जिंदगी छोड़ भांजे संग लिव-इन में रहने लगी थी मामी

पुलिस और मृतका के परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतका रुनू मंडल की शादी करीब 14 साल पहले बनगांव इलाके में हुई थी। शादीशुदा जिंदगी ठीक चल रही थी, लेकिन रुनू का अपने मायके अक्सर आना-जाना लगा रहता था। इसी दौरान मायके में उसकी मुलाकात रिश्ते के भांजे देबाशीष मंडल से हुई। देखते ही देखते मामी और भांजे के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं और दोनों का यह रिश्ता कथित तौर पर गहरे प्रेम संबंध में तब्दील हो गया।

 

जब समाज और परिवार को इस ‘अवैध’ रिश्ते की भनक लगी, तो दोनों का भारी विरोध शुरू हुआ। इसके बाद परिवार और समाज से दूरी बनाकर दोनों ने बशीरहाट इलाके में एक किराए का मकान लिया और दुनिया से छिपकर पिछले कुछ महीनों से कथित तौर पर लिव-इन रिलेशनशिप (साथ-साथ) में रहने लगे थे।

 

एक ही दिन में दहला इलाका: रेलवे ट्रैक और बंद कमरे से मिलीं लाशें

वारदात के दिन सबसे पहले बशीरहाट रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक से पुलिस को रुनू मंडल का संदिग्ध शव बरामद हुआ। पुलिस अभी मामी की मौत की तफ्तीश कर ही रही थी कि तभी उन्हें सूचना मिली कि पास के ही एक किराए के मकान में एक युवक बेसुध पड़ा हुआ है। पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो कमरे का मुख्य दरवाजा अंदर से पूरी तरह लॉक था। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर जब कमरे के भीतर प्रवेश किया, तो वहां देबाशीष मंडल का शव पड़ा हुआ था। एक ही दिन, एक ही समय पर दोनों प्रेमियों की संदिग्ध मौत की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया।

 

परिजनों का सनसनीखेज दावा: मैंने देबाशीष को मार दिया है, अब खुद जान दे दूंगी

इस दोहरे मौत मामले में मृत युवक देबाशीष के परिजनों ने बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि देबाशीष पिछले कुछ दिनों से इस अनैतिक रिश्ते को लेकर भारी मानसिक तनाव और अवसाद में जी रहा था। उसने हाल ही में अपने पिता को फोन कर इस दलदल से बाहर निकलने और दोबारा अपने घर लौटने की इच्छा जताई थी।

 

परिजनों का सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि इस घटना से ठीक पहले रुनू मंडल ने देबाशीष के पिता को फोन किया था और फोन पर कहा था कि, “उसने देबाशीष को मार दिया है और अब वह खुद भी अपनी जान देने जा रही है।” हालांकि, स्थानीय पुलिस ने परिजनों के इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन पुलिस इसे जांच का मुख्य हिस्सा मानकर चल रही है।

 

पोस्टमार्टम और कॉल डिटेल्स खंगालने में जुटी पुलिस

फिलहाल स्थानीय पुलिस दोनों मौतों को पूरी तरह संदिग्ध मानते हुए हर एंगल से तफ्तीश कर रही है। यह मर्डर और सुसाइड का मामला है या फिर इसके पीछे कोई तीसरा कोण है, इसका पता लगाने के लिए शवों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स (CDR) और आखिरी समय की लोकेशन को भी बारीकी से खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्य सामने आने के बाद ही इस रहस्यमयी मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां साफ हो पाएंगी।

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केरल में हैरान करने वाला ड्रग्स भंडाफोड़ : प्राइवेट पार्ट में छिपाकर ले जा रही थी MDMA, महिला समेत 7 गिरफ्तार! https://www.shauryatimes.com/news/239936 Sun, 28 Jun 2026 11:44:22 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=239936 केरलम के त्रिशूर में ड्रग्स की तस्करी के आरोप में दो महिलाओं सहित सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि इन आरोपियों में से एक महिला कार में यात्रा कर रही थी और उसने अपने प्राइवेट पार्ट्स में दो ग्राम सिंथेटिक ड्रग्स (एमडीएमए) छिपा रखी थी। यह कार्रवाई शहर के जिला एंटी-नारकोटिक स्पेशल एक्शन फोर्स की ओर से की गई थी, और यह अभियान विशेष रूप से ड्रग्स विरोधी कार्रवाई के तहत शुरू किया गया था।

 

यह ड्रग-विरोधी ऑपरेशन वणियमपारा में गाड़ियों की जांच के दौरान शुरू हुआ, जहां अधिकारियों ने पलक्कड़ के एक रिजॉर्ट से त्रिशूर जा रही स्विफ्ट कार को रोका। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान शिफास (26), विद्या (28), जिष्णु (27), और श्रीलक्ष्मी (20) के रूप में हुई, जो सभी गुरुवायूर-पावरट्टी इलाके के रहने वाले हैं।

 

तलाशी के दौरान, पुलिस को महिला के प्राइवेट पार्ट्स में दो ग्राम एमडीएमए छिपाकर रखा हुआ मिला। इसके बाद, आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने शिफास के घर की तलाशी ली और वहां से 18 ग्राम एमडीएमए बरामद किया। जांच के दौरान, पुलिस ने एक वर्कशॉप पर भी छापा मारा, जो चावक्कड के पंचारामुक्कू में स्थित थी। यहां से, पुलिस ने 288 ग्राम एमडीएमए और अन्य संबंधित सामग्री भी जब्त की। कुल मिलाकर, इस ऑपरेशन में 308 ग्राम एमडीएमए जब्त किया गया, जोत्रिशूर जिले में अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी मानी जा रही है।

 

इसके अतिरिक्त, पुलिस ने शब्बीर (34), अनशाद (31), और टी.टी. सुमेष (25) को भी गिरफ्तार किया है, जो आरोपियों के ड्रग नेटवर्क का हिस्सा होने का शक है। मोबाइल फोन से प्राप्त सबूतों की मदद से, पुलिस ने बाकी संदिग्धों का पता लगाया और बड़े पैमाने पर ड्रग्स का जखीरा बरामद किया।

 

यह कार्रवाई हाल के महीनों में त्रिशूर जिले में की गई सबसे बड़ी ड्रग्स विरोधी कार्रवाइयों में से एक है, जिसमें कुल 308 ग्राम एमडीएमए जब्त किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह ऑपरेशन ड्रग्स तस्करी के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है, और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

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3 साल की ‘आजादी’ के लिए मंगेतर की बेरहम हत्या : लोहागढ़ किले का खौफनाक सच, प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर को खाई में धकेला! https://www.shauryatimes.com/news/239927 Sun, 28 Jun 2026 11:09:23 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=239927 पुणे। केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि सिया गोयल ने शायद अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या इसलिए की ताकि उसे तीन साल की आजादी मिल सके।

 

सूत्रों के अनुसार, सिया के प्रेमी चेतन चौधरी ने उससे शादी के लिए कम से कम तीन साल इंतजार करने को कहा था, क्योंकि वह अपने करियर में स्थिर होना चाहता था। लेकिन सिया की शादी पहले ही तय हो चुकी थी और वह नवंबर में होनी थी।

 

सिया और चेतन की मिलीभगत से उन्होंने केतन को पुणे के पास लोहागढ़ किले की एक घाटी में धकेलने की योजना बनाई। उनका मानना था कि परिवार में शोक के कारण अगले कुछ सालों तक सिया की शादी की बात नहीं होगी और उसे आजादी से जीने का मौका मिलेगा। इसके बाद, दोनों ने एक-दूसरे से शादी कर ली।

 

जानकारी के मुताबिक, फरवरी में ही सिया और चेतन ने केतन की हत्या की साजिश रचना शुरू कर दी थी। उन्होंने अपने मोबाइल पर गूगल पर हत्या के तरीके खोजे और हत्या की योजना बनाई। साथ ही, उन्होंने किले का दौरा भी किया, ताकि हत्या के दौरान किसी शक से बच सकें। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों ने अपने फोन की चैट हिस्ट्री और रीसायकल बिन को पूरी तरह मिटा दिया था। अभी इन चैट्स के लॉग्स फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।

 

14 जून को, सिया ने केतन को किले पर ले जाकर उसे धक्का दे दिया। लेकिन केतन बच गया क्योंकि वह एक झाड़ी पकड़कर खड़ा रहा। सिया ने उस समय सांप दिखाने का नाटक किया और सबका ध्यान भटकाया। फिर, उसने केतन को फिर से किले पर आने को मना लिया। इस बार, दोनों ने मिलकर केतन को पीछे से खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

 

इसके बाद, सिया ने इस घटना को इस तरह से अंजाम दिया जैसे कि वह सब कुछ सामान्य हो। उसने फिर से केतन को साथ लेकर उसी जगह पर ले गई और हत्या को अंजाम दिया। पुलिस ने इस पूरे मामले में जांच जारी रखी है, और मोबाइल फोरेंसिक लैब से मिले डेटा के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

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लिव-इन पार्टनर की बेवफाई ने ली ‘आप’ नेता की जान? फ्लैट में मिला नंदनी का शव, दूसरी पत्नी से मिलने जाता था फरार असलम! https://www.shauryatimes.com/news/239699 Fri, 26 Jun 2026 05:16:12 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=239699 राजकोट। गुजरात के राजकोट से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक युवा महिला का शव फ्लैट में फंदे से लटका मिला है। मृतक महिला आम आदमी पार्टी (आप) के टिकट पर स्थानीय निकाय चुनाव लड़ चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि उसकी मौत के पीछे लिव-इन पार्टनर का हाथ है।

 

गुजरात के जेतपुर शहर में 23 वर्षीय नंदनी बोसामिया का शव किराए के फ्लैट में पाया गया, जहां वह पिछले एक साल से रह रही थी। गोंडल चौराहे के पास स्थित उस फ्लैट में 22 जून की शाम को उसकी लाश पंखे से लटकी मिली। पुलिस के अनुसार, नंदनी जेतपुर की रहने वाली थी और असलम हुसैन समा नामक व्यक्ति के साथ लिव-इन में रह रही थी। वह शादीशुदा था और उसकी एक पत्नी भी थी।

 

पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि नंदनी इस बात से बहुत परेशान थी कि असलम अक्सर जूनागढ़ में अपनी पत्नी से मिलने जाता था। एसीपी बी जे चौधरी ने कहा, “नंदनी पिछले एक साल से असलम के साथ रह रही थी। असलम पहले से शादीशुदा था, और उसकी पत्नी से मिलने के कारण वह बहुत आहत थी। इसी वजह से उसने यह आत्मघाती कदम उठाया हो सकता है।”

 

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। फरार आरोपी असलम की तलाश भी शुरू कर दी गई है, और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा रही हैं।

 

पुलिस का कहना है कि घटना की गहराई से जांच की जा रही है, और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी। दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस दुखद घटना से परिवार में मातम पसरा हुआ है।

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जिसके साथ होनी थी शादी… उसी मंगेतर ने ही प्रेमी संग मिलकर 400 फीट गहरी खाई में धकेला; ऐसे खुला पुणे के केतन अग्रवाल की मौत का राज https://www.shauryatimes.com/news/239456 Tue, 23 Jun 2026 13:24:52 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=239456 पुणे। महाराष्ट्र के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में पिछले दिनों हुई रियल एस्टेट कारोबारी और ट्रेकर केतन विशाल अग्रवाल की मौत, महज एक हादसा नहीं बल्कि प्री-प्लान्ड मर्डर (सोची-समझी हत्या) थी। पुणे पुलिस ने मंगलवार को इस अंधी हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।

 

पुलिस के मुताबिक, केतन की मंगेतर ने ही अपने एक पुरुष मित्र (प्रेमी) के साथ मिलकर उन्हें 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया था और इसे ‘सेल्फी या पैर फिसलने’ का हादसा साबित करने की कोशिश की थी। पुलिस ने आरोपी मंगेतर और उसके दोस्त को हिरासत में ले लिया है।

 

उदयपुर में बुक था पैलेस, नवंबर में होने थे सात फेरे

गहुंजे (पुणे) के रहने वाले 26 वर्षीय केतन विशाल अग्रवाल अपने परिवार की रियल एस्टेट कंपनी में डायरेक्टर थे। केतन की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी। दोनों परिवारों में खुशियों का माहौल था और शादी को यादगार बनाने के लिए राजस्थान के उदयपुर में एक आलीशान महल (पैलेस) भी बुक किया जा चुका था। लेकिन केतन को जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिसके साथ वह सात फेरे लेने के सपने देख रहा है, वही उसकी मौत की पटकथा लिख रही है।

 

बर्थडे सेलिब्रेशन के बहाने बुना मौत का जाल

घटना 18 जून की सुबह की है। केतन अपनी मंगेतर का आने वाला जन्मदिन मनाने के लिए उसके और दो करीबी दोस्तों के साथ यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल ऐतिहासिक लोहागढ़ किले पर गए थे।

 

शुरुआती कहानी के मुताबिक, सुबह के वक्त केतन किले के किनारे खड़े होकर तस्वीरें ले रहे थे, तभी तेज हवाओं के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वे 400 फीट गहरी खाई में गिर गए। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद इसे दुर्घटनावश हुई मौत (Accidental Death) मानकर मामला दर्ज कर लिया था।

 

कड़ाई से पूछताछ में टूटा मंगेतर का झूठ, हत्या का केस दर्ज

हादसे के बाद जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल के री-क्रिएशन और मंगेतर व उसके दोस्तों के बयानों में विरोधाभास पाया, तो शक की सुई मंगेतर पर घूम गई। मंगलवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कड़ाई से की गई पूछताछ में मंगेतर और उसके पुरुष मित्र का झूठ टूट गया।

 

दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने ही योजना के तहत केतन को किले की दीवार से गहरी खाई में धकेला था ताकि रास्ते का कांटा साफ हो सके और दुनिया इसे एक महज ट्रेकिंग हादसा समझे।

 

दोनों आरोपी हिरासत में, जांच जारी

पुलिस ने आरोपी मंगेतर और उसके साथी को हिरासत में ले लिया है और अब इस एक्सीडेंटल केस को धारा 302 (हत्या) के तहत तब्दील कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अभी इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस खौफनाक कत्ल के पीछे मंगेतर और उसके दोस्त का असली मोटिव (उद्देश्य) क्या था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद केतन के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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बंधे थे हाथ-पैर, पूरे जिस्म पर ब्लेड के कट…दरिंदों ने प्राइवेट पार्ट में डाली लकड़ी और कारतूस; बेगूसराय में निर्भया जैसी हैवानियत https://www.shauryatimes.com/news/238975 Fri, 19 Jun 2026 11:05:54 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=238975 बेगूसराय : बिहार के बेगूसराय जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप उठे। यहां एक महिला के साथ न सिर्फ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया गया, बल्कि हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उसके पूरे शरीर को ब्लेड से गोद दिया गया। इस मामले में पुलिस की घोर लापरवाही उजागर होने के बाद डीआईजी शैलेश कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चकिया थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया है।

 

आधी रात को पति को कमरे में बंद कर बरामदे में खींचा

यह रूह कंपा देने वाली वारदात बीती 11 जून की रात करीब 12 बजे की है। पीड़िता के ममेरे भाई और परिजनों के मुताबिक, रामू महतो, सूरज कुमार और नीतीश कुमार नाम के दबंगों ने दो अज्ञात बदमाशों के साथ मिलकर घर पर धावा बोला। आरोपियों ने सबसे पहले पीड़िता के पति के कमरे का दरवाजा बाहर से लॉक कर दिया। इसके बाद शौचालय के पास काम कर रही महिला को जबरन घसीटकर बरामदे में ले आए और पांचों ने मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

 

गुप्तांग में कारतूस और पत्थर… देवरानी ने बयां की उस खौफनाक रात की दास्तां

पीड़िता की देवरानी ने उस काली रात का मंजर बयां करते हुए बताया, “रात को अचानक जेठ के कमरा पीटने और चिल्लाने की आवाज आई। मैंने जाकर दरवाजा खोला, तो जेठ बदहवास हालत में दीदी को ढूंढने लगे। जब हम सब भागकर बाथरूम की तरफ गए, तो वहां दीदी नग्न और बेसुध हालत में पड़ी थीं। उनके हाथ पीछे करके रस्सी से बंधे थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। सबसे ज्यादा खौफनाक यह था कि उनके पूरे जिस्म पर ब्लेड से काटने के गहरे जख्म थे।” अस्पताल में मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टरों ने पुष्टि की कि दरिंदों ने अमानवीयता दिखाते हुए पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में कारतूस, पत्थर और लकड़ी के टुकड़े तक ठूंस दिए थे।

 

पीड़ित परिवार को थाने से दुत्कार कर भगाया, लापरवाही पर थाना प्रभारी नपे

देवरानी का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद जब वे लहूलुहान और बेहोश जेठानी को लेकर चकिया थाने पहुंचे, तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों का दिल नहीं पसीजा। पुलिस ने सहानुभूति दिखाने के बजाय पीड़ित परिवार के साथ गाली-गलौज की, उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया और कहा कि पहले जाकर इलाज कराओ। 13 जून को जैसे-तैसे एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। मामला मीडिया में आने और चौतरफा फजीहत होने के बाद डीआईजी खुद सदर अस्पताल पहुंचे, पीड़िता का हाल जाना और चकिया थानाध्यक्ष राजीव रंजन को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।

मार्च में भी किया था निर्वस्त्र कर रेप का प्रयास, पुलिस की शह पर बढ़े हौसले

पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि इसी साल मार्च के महीने में भी इन्हीं बदमाशों ने घर में घुसकर महिला को निर्वस्त्र कर पीटा था और बलात्कार का प्रयास किया था। उस वक्त भी चकिया थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने मोटी रकम लेकर आरोपियों को थाने से ही जमानत दे दी और कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की इसी ढिलाई के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने इस भयावह वारदात को अंजाम दे डाला। मुख्य आरोपी रामू महतो कुख्यात अपराधी है, जिस पर रेलवे और स्थानीय थाने में कई संगीन मामले दर्ज हैं।

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इंस्टाग्राम का ‘इश्क’ बना काल! मेरठ में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर मां ने रची 7 साल के बेटे की हत्या की साजिश; कार में ले जाकर रेता गला https://www.shauryatimes.com/news/238905 Thu, 18 Jun 2026 11:48:06 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=238905 Meerut : उत्तर प्रदेश के मेरठ में 7 साल के बच्चे अंगदवीर की हत्या के मामले में मां गुरुप्रीत पर शक के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस को 15 जून का एक सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसमें बच्चे, उसकी मां गुरुप्रीत और उसके बॉयफ्रेंड अर्पित एक साथ गांव की एक बेकरी में जाते हुए दिख रहे हैं।

 

पुलिस का दावा है कि मां ने बेटे को अपने बॉयफ्रेंड अर्पित से मिलवाया था, और अगले दिन यानी 16 जून को अर्पित ने बच्चे को कार में घुमाने के बहाने साथ ले जाकर उसकी हत्या कर दी। शरीर को हस्तिनापुर के जंगल में फेंक दिया गया है।

 

पुलिस ने मां गुरुप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, आज ही बच्चे के पिता गुरुसेवक, जो दुबई में रहते हैं, मेरठ पहुंच रहे हैं। वह अपने बेटे का अंतिम संस्कार करेंगे। घटना का मुख्य स्थल मेरठ के रामराज गांव में 16 जून को हुई थी।

बता दें कि आरोपी अर्पित, जो कि HDFC बैंक में एरिया मैनेजर है, मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। उसकी शादी गौरी नाम की युवती से 11 महीने पहले हुई थी। पुलिस के अनुसार, पांच साल पहले गुरप्रीत की इंस्टाग्राम पर अर्पित से मुलाकात हुई। बातचीत प्यार में बदली और दोनों के बीच अफेयर शुरू हो गया। इसके बाद गुरप्रीत अपने पति से झगड़ा करने लगी और 2 साल पहले दुबई चली गई, जहां वह ड्राइवरी का काम करने लगी।

 

गुरसेवक, जो कि मेरठ में कंस्ट्रक्शन का काम करते थे, भी दुबई जाने के बाद घर छोड़कर चले गए। उसकी पत्नी गुरप्रीत भी अपने मायके बिजनौर के नजीबाबाद चली गई। इसके बाद उनके बेटे अंगदवीर को दादी के पास पटियाला में छोड़ दिया गया।

आरोपी अर्पित और गुरप्रीत की प्रेम कहानी करीब 5 साल पुरानी है। दोनों ने इंस्टाग्राम पर मुलाकात की थी। शादीशुदा होने के बावजूद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं। जब गुरसेवक दुबई गया, तो गुरप्रीत अपने मायके चली गई। दो साल पहले उसने तलाक की बात भी कही थी, लेकिन फिर ससुराल आ गई।

 

अंगदवीर, जो कि इस समय दादी के साथ पटियाला में रहता था, 5 दिन पहले मेरठ आया था। गुरप्रीत उसकी देखभाल के लिए गांव आई थी। 15 जून को वह बेटे को लेकर एक बेकरी गई, जहां उसने बेटे की दोस्ती अर्पित से कराई। अगले दिन, यानी 16 जून को, अर्पित ने बच्चे को कार में ले जाकर हत्या कर दी।

 

16 जून को, जब घर में दादी बलजिंदर घर पर नहीं थीं, तो मां गुरप्रीत ने बेटे को बाहर खेलने भेजा। उसी समय आरोपी अर्पित वहां पहुंचा और बच्चे को कार में बैठाकर ले गया। CCTV फुटेज में भी दिख रहा है कि आरोपी ने बच्चे से हाय-हेलो किया और उसे कार में बिठाया।

हत्या के बाद, अर्पित घर लौट आया, नहाया और फिर देवी जागरण में भाग लेने चला गया। हालांकि, पुलिस की सर्विलांस टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली और उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने शव को नहर में फेंकने का दावा किया, लेकिन बाद में उसने बताया कि उसने जंगल में शव फेंका है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हस्तिनापुर के भद्रकाली जंगल से बच्चे का शव बरामद किया।

 

अर्पित ने पूछताछ में बताया कि उसने बच्चे को नशीली चीज दी थी, जिससे उल्टी हो गई। फिर उसने उसे कार से करीब 20 किमी दूर जंगल में ले जाकर चाकू से वार कर हत्या कर दी।

बता दें कि, इस महीने के आखिर में बलजिंदर कौर, जो कि बच्ची की दादी हैं, अपने पोते के साथ पटियाला शिफ्ट होने वाली थीं। पड़ोसियों का कहना है कि गुरप्रीत का सपना विदेश में जाकर रहने का था। वह इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम (IELTS) की तैयारी कर रही थी ताकि वह सिंगापुर जाकर पढ़ाई और नौकरी कर सके।

 

गुरप्रीत और अर्पित की मुलाकात हापुड़ के एक स्कूल में हुई थी, जहां दोनों काम करते थे। बाद में दोनों का अफेयर शुरू हुआ और दोनों शादी करना चाहते थे। जब अर्पित का पति इस रिश्ते के बारे में जान गया, तो उसने गुरप्रीत का काम बंद करवा दिया।

 

एसपी देहात अभिजीत कुमार ने कहा है कि आरोपी की मां गुरप्रीत से उसकी दोस्ती पहले से थी, और दोनों के बीच बातचीत चल रही थी। अभी आरोपी पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

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बकरीद पर कुर्बानी के वक्त सूर्या की हत्या का आरोपित असद एनकाउंटर में ढेर, कांस्टेबल जख्मी https://www.shauryatimes.com/news/237085 Sun, 31 May 2026 05:23:09 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=237085 गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में खोड़ा कॉलोनी इलाके में बकरीद के दिन 11वीं क्लास के छात्र सूर्या चौहान की धारदार हथियार से हमला कर हुई हत्या के मामले मे फरार मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने आज सुबह एनकाउंटर में ढेर कर दिया। गाजियाबाद पुलिस द्वारा असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस एनकाउंटर में एक पुलिस कॉन्स्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गया है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल ने बताया कि 28 मई को असद और और उसके साथियों ने सूर्या चौहान (17 वर्ष) की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के परिवार द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने खोड़ा थाने में हत्या सहित संबंधित धाराओं में 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में शनिवार को 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी असद फरार चल रहा था। पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आज सुबह को पुलिस टीम को सूचना मिली कि असद खोड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में अपने कुछ दोस्तों से मिलने जा रहा है और उनसे कुछ पैसे लेकर भागने की योजना बना रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस जगह-जगह बैरियर लगाकर पूरे इलाके में सघन तलाश शुरू कर दी। इसी बीच असद और उसका एक दोस्त बाइक पर आते हुए दिखाई दिए। पुलिसकर्मियों ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई। इसमें एक गोली असद को लग गई। असद को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

 

डीसीपी ने बताया कि इस गोलीबारी के दौरान एक पुलिस कॉन्स्टेबल भी घायल हो गया और उसे भी अस्पताल ले जाया गया है। असद की बाइक बरामद कर ली गई है और जिस पिस्तौल से उसने गोली चलाई थी, वह भी बरामद कर ली गई है। पुलिस पूरी घटना की गहन जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

 

सूर्या की मां सरोज ने कहा कि मैं असद की फोटो देखना चाहती हूं। फोटो देखने के बाद ही मुझे तसल्ली मिलेगी। बाकियों का एनकाउंटर भी इसी तरह होना चाहिए। सात लोगों ने मेरे बेटे के साथ ऐसा किया, सभी के घरों पर बुलडोजर चलना चाहिए।सूर्या चौहान के पड़ोसी अंकित ने कहा कि यह अच्छी बात है कि एनकाउंटर हो गया है, लेकिन अब आगे की मांगें भी पूरी होनी चाहिए और उन छह लोगों का भी एनकाउंटर होना चाहिए। हमारी मांग है कि सभी छह लोगों के घरों पर बुलडोज़र चलाया जाए, उनके घरों को ढहा दिया जाए और उनकी सारी संपत्ति जब्त कर ली जाए।

 

गौरतलब है कि 28 मई को खोड़ा कॉलोनी के नवनीत विहार कॉलोनी में रहने वाले सूर्य चौहान (17) को गम्भीर हालत में एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन नाजुक हालत के कारण उसे नोएडा के एक निजी अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। सूर्य चौहान के परिवार ने आरोप लगाया कि 28 मई की दोपहर उसे किसी ने फोन किया था और उसे एक तय जगह पर मिलने के लिए बुलाया था। परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि जब वह अपने दोस्तों के साथ वहां गया तो उनके बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद उसके पेट में चाकू से कई वार किए गए। परिवार के लोगों ने दावा किया कि सूर्य अपनी जान बचाने के लिए करीब 200 मीटर तक भागा, लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा किया और फिर से चाकू से उस पर वार किए। इस घटना की एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई थी। उसके बाद इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने आवाज उठाई। शनिवार को सूर्या चौहान के परिजनो ने उसके शव को रखकर जाम लगाया। जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों के काफी समझाने -बुझाने के बाद उन्होंने शनिवार शाम को सूर्या का अंतिम संस्कार किया।

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