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	<title>अपराध &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर लखनऊ उड़ाने की थी साजिश, QR कोड से आतंकी फंडिंग का डिजिटल बेनकाब</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/231977</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Apr 2026 14:45:23 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[अपराध]]></category>
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					<description><![CDATA[Lucknow : उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने सूबे में एक बड़े आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए चार खतरनाक संदिग्धों को दबोचा है। ये आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे और देश के महत्वपूर्ण संस्थानों सहित रेलवे को दहलाने की फिराक में थे। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Lucknow : उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने सूबे में एक बड़े आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए चार खतरनाक संदिग्धों को दबोचा है। ये आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे और देश के महत्वपूर्ण संस्थानों सहित रेलवे को दहलाने की फिराक में थे। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गिरोह ने आतंकी फंडिंग के लिए ‘डिजिटल इंडिया’ के टूल QR कोड का इस्तेमाल किया, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सोशल मीडिया पर बुना गया दहशत का जाल</p>
<p>पकड़े गए आरोपियों की पहचान मेरठ निवासी मुख्य सरगना साकिब उर्फ फैजल, विकास, लोकेश और अरबाब के रूप में हुई है। एटीएस की जांच में खुलासा हुआ है कि ये सभी आरोपी टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सीमा पार बैठे अपने आकाओं से निर्देश ले रहे थे। साकिब, जो पेशे से एक नाई है, इस पूरे मॉड्यूल को लीड कर रहा था और युवाओं को बरगला कर इस नेटवर्क में शामिल कर रहा था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>टारगेट पर थे रेलवे सिग्नल और वीआईपी, रची थी आगजनी की साजिश</p>
<p>गिरोह का मकसद सिर्फ सूचनाएं साझा करना नहीं, बल्कि जमीन पर तबाही मचाना था। ये लोग देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, रेलवे सिग्नल बॉक्स, मालवाहक ट्रकों और राजनीतिक हस्तियों की रेकी कर रहे थे। इनकी योजना गैस सिलेंडरों और ट्रकों में आगजनी कर पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल पैदा करने की थी। जांच में पता चला है कि इन्होंने कुछ जगहों पर छोटी-मोटी आगजनी की वारदातों को अंजाम भी दिया था, जिसके सबूत के तौर पर इन्होंने पाकिस्तानी हैंडलर्स को वीडियो भेजे थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास बड़ी वारदात की थी तैयारी</p>
<p>एटीएस को सटीक इनपुट मिला था कि 2 अप्रैल 2026 को यह गिरोह लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास किसी बड़ी रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाला है। इससे पहले कि ये अपने नापाक मंसूबों में कामयाब हो पाते, एटीएस की टीम ने घेराबंदी कर चारों को धर दबोचा। इनके पास से सात मोबाइल फोन, भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ, भड़काऊ पर्चे और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>QR कोड से लेते थे ‘इनाम’, डिजिटल ट्रेल खंगाल रही पुलिस</p>
<p>इस पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा पेमेंट के तरीके को लेकर हुआ है। आरोपी आगजनी और रेकी की वीडियो रिपोर्ट अपने हैंडलर्स को भेजते थे और बदले में उन्हें QR कोड के जरिए भुगतान किया जाता था। यूपी पुलिस अब उन खातों की जांच कर रही है जिनसे ये पैसे ट्रांसफर किए गए थे। माना जा रहा है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसको लेकर पूछताछ जारी है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>पाकिस्तानी हैंडलरों से सीधा कनेक्शन! शब्बीर की गिरफ्तारी ने खोले बड़े राज….आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/231603</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Mar 2026 15:29:20 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
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					<description><![CDATA[New Delhi : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के वांछित आतंकवादी शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार कर लिया है। गाजीपुर इलाके से हुई इस गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। शब्बीर न केवल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>New Delhi : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के वांछित आतंकवादी शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार कर लिया है। गाजीपुर इलाके से हुई इस गिरफ्तारी के बाद जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। शब्बीर न केवल पाकिस्तानी हैंडलरों के सीधे संपर्क में था, बल्कि वह भारत में नए आतंकी मॉड्यूल तैयार करने और भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी करने के मिशन पर था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पाकिस्तानी हैंडलरों और जकी-उर-रहमान लखवी से कनेक्शन</p>
<p>स्पेशल सेल के अधिकारी प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि शब्बीर अहमद लोन दो प्रमुख पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था, जिनके कोड नाम ‘अबू हुजैफा’ और ‘सुमामा बाबर’ हैं। ये दोनों लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय ऑपरेटिव हैं। जांच में यह भी सामने आया कि जब शब्बीर को पहली बार 2007 में गिरफ्तार किया गया था, तब उसे सीधे तौर पर लश्कर का टॉप कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी हैंडल कर रहा था। 2015 में वह सज्जाद गुल के साथ पकड़ा गया था, जिसने बाद में पाकिस्तान भागकर आतंकी संगठन TRF (The Resistance Front) की स्थापना की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नेपाली सिम और विदेशी मुद्रा की बरामदगी</p>
<p>आतंकी शब्बीर के पास से सुरक्षा एजेंसियों ने कई संदिग्ध चीजें बरामद की हैं, जो उसके अंतरराष्ट्रीय आतंकी संपर्कों की पुष्टि करती हैं:</p>
<p>विदेशी मुद्रा: करीब 2,300 बांग्लादेशी टका और 3,000 से 5,000 पाकिस्तानी रुपया (लगभग 3,000 भारतीय रुपये)।</p>
<p>नेपाली सिम कार्ड: संचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा एक नेपाली सिम कार्ड भी जब्त किया गया है।</p>
<p>मेट्रो पोस्टर केस: आरोपी दिल्ली मेट्रो पोस्टर केस में लंबे समय से फरार चल रहा था।</p>
<p>कोलकाता और बांग्लादेश को बनाया था ‘सेफ हाउस’</p>
<p>जांच में खुलासा हुआ है कि शब्बीर अहमद लोन भारत में हमले करने के लिए बांग्लादेश के रास्ते घुसपैठ कर रहा था। वह कुछ समय तक बांग्लादेश में छिपा रहा और उससे पहले उसने कोलकाता के हटियारा इलाके में अपने मॉड्यूल के लिए एक सुरक्षित ठिकाना (Safe House) बनाया था। यह ठिकाना उसके और उसके साथियों के लिए छिपने और साजिश रचने का मुख्य केंद्र था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी और नए सदस्यों की भर्ती</p>
<p>प्रमोद सिंह कुशवाहा के मुताबिक, शब्बीर का पुराना मॉड्यूल खत्म हो चुका था, इसलिए वह फिर से भारत आया था ताकि नए रास्ते तलाश सके और नए लड़कों को आतंकी संगठन में भर्ती कर सके। वह दिल्ली के घनी आबादी वाले और संवेदनशील इलाकों की रेकी (Recce) कर रहा था ताकि बड़े आतंकवादी हमले को अंजाम दिया जा सके। वह अपने हैंडलरों को लगातार इन इलाकों की जानकारी भेज रहा था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आतंकी इतिहास और बार-बार गिरफ्तारी</p>
<p>शब्बीर अहमद लोन का आतंकी इतिहास काफी पुराना है। वह 2007 और 2015 में भी गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से आतंकी गतिविधियों में लिप्त हो जाता था। इस बार उसकी गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत मानी जा रही है, क्योंकि उसने राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले एक बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>संभल में लव जिहाद! नर्स का बार-बार रेप करता था डॉक्टर जैदी, गर्भवती होने पर खिलाता था गोलियां</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/231429</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 29 Mar 2026 09:21:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[Sambhal : उत्तर प्रदेश के संभल जिले के एक अस्पताल में कार्यरत नर्स ने डॉक्टर जैदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिन्होंने उस पर 2022 से लगातार रेप करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि आरोपी डॉक्टर ने न सिर्फ बार-बार उसके साथ बलात्कार किया, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Sambhal : उत्तर प्रदेश के संभल जिले के एक अस्पताल में कार्यरत नर्स ने डॉक्टर जैदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिन्होंने उस पर 2022 से लगातार रेप करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि आरोपी डॉक्टर ने न सिर्फ बार-बार उसके साथ बलात्कार किया, बल्कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी। इसके अलावा, नर्स ने यह भी आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने जबरन गर्भपात की गोलियां खिलाईं और उसकी सेहत को नुकसान पहुंचाया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मामले की शुरुआत तब हुई जब पीड़िता ने अपनी शिकायत संभल कोतवाली में दर्ज कराई। कोतवाली प्रभारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि 20 मार्च को डॉक्टर जैदी और उसके पिता असलम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तुरंत ही मामले की जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>शिकायतकर्ता नर्स ने बताया कि वह दिसंबर 2022 से चौधरी सराय स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में नौकरी कर रही है। वह अस्पताल के ऊपर बने कमरे में रहती है। उसने आरोप लगाया कि अस्पताल के संचालक डॉक्टर जैदी ने उसे 2022 से कई बार अपने हवस का शिकार बनाया। जब उसने इन बातों को किसी को बताने की कोशिश की, तो आरोपी डॉक्टर ने उसे जान से मारने की धमकी दी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पीड़िता ने कहा कि आरोपी के कृत्यों और गर्भपात के लिए खिलाई गई दवाइयों से वह बीमार रहने लगी है। तनाव और डर के कारण वह मानसिक रूप से भी कमजोर हो गई है। जब उसने अपनी मां को इन घटनाओं के बारे में बताया, तो वे दोनों अस्पताल पहुंचीं। वहां पीड़िता का सामना आरोपी के पिता असलम से हुआ, जिन्होंने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>संभल कोतवाली प्रभारी ने बताया कि आरोपी डॉक्टर जैदी और उसके पिता असलम के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हैदराबाद में क्यूनेट रैकेट का भंडाफोड़ : 11 महिलाओं सहित 32 लोग गिरफ्तार, करोड़ों की ठगी उजागर</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/230845</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 15:31:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[अपराध]]></category>
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					<description><![CDATA[हैदराबाद। हैदराबाद पुलिस ने देशभर में फैले करोड़ों रुपये के क्यूनेट से जुड़े धोखाधड़ी और अवैध मनी सर्कुलेशन रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 11 महिलाओं समेत कुल 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। &#160; पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में करीब 30 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हैदराबाद। हैदराबाद पुलिस ने देशभर में फैले करोड़ों रुपये के क्यूनेट से जुड़े धोखाधड़ी और अवैध मनी सर्कुलेशन रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 11 महिलाओं समेत कुल 32 लोगों को गिरफ्तार किया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में करीब 30 स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर चार मामलों में ये गिरफ्तारियां की गईं। गिरफ्तार आरोपितों में ग्रुप लीडर, मोटिवेटर, स्वतंत्र प्रतिनिधि और लोन एजेंट शामिल हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>गिरफ्तार किए गए आरोपित हैदराबाद, महबूबनगर, बेल्लमपल्ली, वारंगल, विशाखापत्तनम, एलुरु, नेल्लोर, नंद्याल, नरसीपटनम और ओडिशा के निवासी हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस आयुक्त के अनुसार, यह रैकेट विहान डायरेक्ट सेलिंग प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जो हांगकांग स्थित क्यूआई ग्रुप की फ्रेंचाइजी के रूप में भारत में क्यूनेट ब्रांड के तहत संचालित हो रहा था। इस अभियान के लिए सेंट्रल क्राइम स्टेशन ने 30 विशेष टीमों का गठन किया था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपित आईटी और पूर्व आईटी कर्मचारी थे, जो लोगों को जोड़ने, प्रशिक्षण देने और निवेश के लिए प्रेरित करने का काम करते थे। यह नेटवर्क वर्ष 1998 से “गोल्ड क्वेस्ट” और “क्वेस्ट नेट” जैसे नामों से सक्रिय रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस उपायुक्त के अनुसार, आरोपियों ने डायरेक्ट सेलिंग के नाम पर सोशल मीडिया के जरिए विज्ञापन देकर लोगों को आकर्षित किया। इसमें दावा किया जाता था कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और अफ्रीकी देशों में ई-कॉमर्स व्यवसाय में निवेश कर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है। इस जाल में आईटी कर्मचारी, व्यवसायी, गृहिणियां और बेरोजगार युवा अधिक संख्या में फंसाए गए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने बताया कि रुचि दिखाने वाले लोगों को 19 से 22 प्रतिशत ब्याज दर पर फिनटेक के जरिए पर्सनल लोन लेने के लिए प्रेरित किया जाता था। उन्हें हैदराबाद के हाईटेक सिटी स्थित होटलों और कैफे में बुलाकर निवेश योजनाओं के बारे में बताया जाता था, लेकिन कंपनी की वास्तविक पहचान और एमएलएम (मल्टी-लेवल मार्केटिंग) संरचना को छिपाया जाता था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस आयुक्त ने बताया कि आरोपितों द्वारा क्यूनेट का नाम सीधे नहीं लिया जाता था। वे ई-कॉमर्स बिजनेस में निवेश के नाम पर हर महीने आय का झांसा देते थे और 5 से 10 लाख रुपये के निवेश पर दो वर्षों में 3 से 4 करोड़ रुपये का मुनाफा होने का दावा करते थे। हालांकि, वास्तविक रिटर्न देने के बजाय पीड़ितों को ‘गिफ्ट’ के नाम पर आयुर्वेदिक उत्पाद, बिस्किट और शहद जैसे सामान दिए जाते थे। कई मामलों में निवेशकों की जानकारी के बिना उनकी राशि को उत्पाद खरीद में समायोजित कर लिया जाता था। साथ ही, उन्हें शामिल करने से पहले स्वेच्छा से भागीदारी दर्शाने वाले बॉन्ड पेपर पर हस्ताक्षर भी कराए जाते थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस आयुक्त के मुताबिक, तेलंगाना में अब तक 68 से अधिक पीड़ितों की पहचान हो चुकी है, जिनमें 22 हैदराबाद के हैं। उनकी शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस आयुक्त ने बताया कि एक दुखद मामले में सिद्धिपेट के एक व्यक्ति ने तो 5 लाख रुपये गंवाने के बाद पिछले वर्ष अक्टूबर में आत्महत्या कर ली थी। अपने सुसाइड नोट में उसने कंपनी के दावों को भ्रामक बताया था। कुछ मामलों में पीड़ितों ने नुकसान की भरपाई के लिए इसी तरह की योजनाएं स्थानीय स्तर पर शुरू कर दीं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस के अनुसार, जिन लोगों के पास निवेश के लिए पैसे नहीं थे, उन्हें नेटवर्क के माध्यम से निजी ऋण दिलवाया जाता था और बाद में उनसे भारी रकम वसूली जाती थी। अब तक 11 पीड़ितों की जांच में करीब 75 लाख रुपये के नुकसान की पुष्टि हुई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि मामले में अन्य फरार आरोपितों की तलाश जारी है और और भी पीड़ितों की पहचान की जा रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>केबिनों में ‘गंदा काम’, स्पा में रंगीन लाइटों के बीच चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा, भारी मात्रा में कंडोम बरामद; जौनपुर का निकला बिल्डिंग मालिक</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/230789</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 06:38:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[Varanasi : धर्म और संस्कृति की नगरी बनारस में एक बार फिर से पुलिस ने स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार के काले कारोबार का पर्दाफाश किया है। राजातालाब इलाके के कचनार में संचालित ‘AURA HEAVEN’ नामक कथित स्पा सेंटर पर पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को छापा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Varanasi : धर्म और संस्कृति की नगरी बनारस में एक बार फिर से पुलिस ने स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार के काले कारोबार का पर्दाफाश किया है। राजातालाब इलाके के कचनार में संचालित ‘AURA HEAVEN’ नामक कथित स्पा सेंटर पर पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को छापा मारा। अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। यहां ‘स्वर्ग’ के नाम पर अनैतिक गतिविधियों का एक नर्क सजाया गया था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>रंगीन लाइटें और केबिनों में चल रहा था गंदा खेल</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पशु चिकित्सालय के ठीक बगल में संचालित हो रहे इस स्पा सेंटर के भीतर जब पुलिस ने छापा मारा, तो वहां छोटे-छोटे केबिन बने हुए थे। इन केबिनों में रंगीन लाइटें जगमगा रही थीं, जिससे माहौल पूरी तरह ‘रंगीन’ दिख रहा था। तलाशी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में प्रयुक्त और अप्रयुक्त कंडोम, साथ ही कई अन्य आपत्तिजनक सामग्रियां मिलीं, जो यहां चल रहे जिस्मफरोशी के धंधे का स्पष्ट सबूत हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>छापेमारी के दौरान मची भगदड़, 5 गिरफ्तार</p>
<p>पुलिस की अचानक दस्तक से सेंटर में हड़कंप मच गया। अंधेरे का फायदा उठाकर सेंटर का संचालक अनिल कुमार मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से 3 युवतियों और 2 युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए दोनों युवक पास के ही मिर्जामुराद इलाके के रहने वाले बताए गए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मालूम हुआ कि यह धंधा जौनपुर के मनोज गुप्ता नामक व्यक्ति की बिल्डिंग में चल रहा था। इसे करीब दो महीने पहले जौनपुर के अनिल कुमार ने किराए पर लिया था, ताकि यहां देह व्यापार का नेटवर्क फैला सके। मौके पर मौजूद साक्ष्यों की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है ताकि वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसीपी राजातालाब अजय श्रीवास्तव ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि वाराणसी में स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे अनैतिक कार्यों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि फरार संचालक अनिल कुमार की तलाश में दबिश दी जा रही है। साथ ही, सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>तेरा तलाक तय है…नासिक में अशोक खरात का एक और कांड, महिला को अप्सरा बताकर बनाया हवस का शिकार</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/230706</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Mar 2026 10:58:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[अपराध]]></category>
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					<description><![CDATA[नासिक : धार्मिक अनुष्ठान और तंत्र-मंत्र के नाम पर महिलाओं को जाल में फंसाकर यौन शोषण करने के आरोप में स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ अब तीसरा मामला दर्ज किया गया है। यह मामला सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है और इससे पहले भी उसके खिलाफ दो अन्य महिलाओं ने शिकायतें दर्ज कराई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नासिक : धार्मिक अनुष्ठान और तंत्र-मंत्र के नाम पर महिलाओं को जाल में फंसाकर यौन शोषण करने के आरोप में स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ अब तीसरा मामला दर्ज किया गया है। यह मामला सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है और इससे पहले भी उसके खिलाफ दो अन्य महिलाओं ने शिकायतें दर्ज कराई हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विश्वास और धर्म के नाम पर फंसाया</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>शिकायत में पीड़ित महिला ने बताया कि वह अपने वैवाहिक जीवन की परेशानियों के चलते समाधान की तलाश में अशोक खरात के पास गई थी। वहीं, खरात ने उसे अपने तंत्र-मंत्र और धार्मिक अनुष्ठान के चककर में फंसाकर बार-बार यौन शोषण किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पीड़ित महिला के अनुसार, अशोक खरात ने उसे विश्वास दिलाया कि वह “पिछले जन्म की अप्सरा” है और उसका तलाक होना विधि का विधान है। इस भरोसे और डर के सहारे उसने महिला को अपने जाल में फंसा लिया और बार-बार यौन शोषण किया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>लगातार तीसरी शिकायत</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह तीसरा मामला है जिसमें अशोक खरात के खिलाफ यौन शोषण और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पहले भी दो महिलाओं ने इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस की कार्रवाई</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सरकारवाड़ा पुलिस ने शिकायत दर्ज कर अशोक खरात की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी फरार है और उसे गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है। पुलिस ने कहा कि महिलाओं को अशोक खरात और उसके गिरोह से बचाने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाएगी, और सभी संभावित पीड़ितों से संपर्क करने की भी कोशिश की जा रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चेतावनी</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के धार्मिक या तांत्रिक दावों में आकर अपनी सुरक्षा खतरे में न डालें। किसी भी तरह की अनैतिक या शोषण की गतिविधि के मामले में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पति के हाथ-पैर बंधवाए, 40,000 की सुपारी देकर खेत में करवाई हत्या, पत्नी ही निकली कातिल</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/230535</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Mar 2026 06:57:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[Unnao Murder : उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के अजगैन थाना क्षेत्र के चमरौली गांव में एक सनसनीखेज और खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। यहां एक पत्नी ने अपने ही पति की हत्या के लिए खतरनाक साजिश रची और अपने पति को रास्ते से हटाने के लिए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Unnao Murder : उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के अजगैन थाना क्षेत्र के चमरौली गांव में एक सनसनीखेज और खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। यहां एक पत्नी ने अपने ही पति की हत्या के लिए खतरनाक साजिश रची और अपने पति को रास्ते से हटाने के लिए 40 हजार रुपये की सुपारी दी। इस जघन्य अपराध का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने शव बरामद किया और जांच के दौरान साजिश का पर्दाफाश किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मामला 19 मार्च का है, जब अजगैन थाना क्षेत्र के चमरौली गांव के पास एक खेत में श्रीकांत लोध (35 वर्ष) का शव मिला। शव के हाथ पीछे बंधे हुए थे और उसकी गर्दन पर चोट के निशान थे, जिससे स्पष्ट था कि उसकी हत्या गला घोंटकर या बेरहमी से की गई है। मृतक की मां की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस की सर्विलांस टीम ने जब शक के आधार पर मृतक की पत्नी सुखरानी से पूछताछ की और कॉल डिटेल्स खंगालीं, तो सच का खुलासा हो गया। सुखरानी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए दो सुपारी किलर्स- अंकित यादव और मोहित सिंह के नाम भी उगल दिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सुखरानी ने बताया कि उसके पति श्रीकांत अक्सर शराब पीकर घर आता था और उससे मारपीट करता था। इसके अलावा, उसके पति की एक दूसरी महिला से अवैध संबंध भी थे, जो सुखरानी को बहुत परेशान कर रहे थे। इस बात से तंग आकर उसने 17 मार्च को अपने पति की हत्या की योजना बनाई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सुखरानी ने मोहित और अंकित से संपर्क किया और कहा कि वह उनके बदले 40,000 रुपये देगी। उसकी योजना थी कि 17 मार्च की रात को वह पति को गेहूं के खेत के पास ले जाएगी। जैसे ही वह वहां पहुंची, पहले से घात लगाए हुए अंकित और मोहित ने श्रीकांत को दबोच लिया। उसकी आंखों के सामने ही उसके पति के हाथ बांधे गए और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस ने जब शव का पोस्टमार्टम कराया, तो पता चला कि उसकी गर्दन पर घाव और चोट के निशान थे, जो हत्या का संकेत दे रहे थे। अभी पुलिस ने आरोपी दोनों सुपारी किलर्स को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>‘वो गोवा ले जा रहे थे मुझे बेचने..’, फर्जी IAS दूल्हे ने गोरखपुर में की तीसरी शादी, पत्नी को बेचने की थी तैयारी</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/230526</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Mar 2026 06:13:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[Gorakhpur Fake IAS Groom : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक फर्जी IAS दूल्हे ने एक परिवार को ठगी का शिकार बना दिया। फर्जी पद और जालसाजी के जरिए लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह मामला इटावा जिले के रहने वाले एक युवक द्वारा खुद को IAS अधिकारी बताकर एक लड़की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Gorakhpur Fake IAS Groom : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक फर्जी IAS दूल्हे ने एक परिवार को ठगी का शिकार बना दिया। फर्जी पद और जालसाजी के जरिए लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह मामला इटावा जिले के रहने वाले एक युवक द्वारा खुद को IAS अधिकारी बताकर एक लड़की से शादी करने और फिर उसके साथ धोखाधड़ी करने का है। इस पूरी घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पिता ने बायोडाटा मे IAS देखकर तय किया था बेटी का निकाह</p>
<p>मामला मोहद्दीपुर क्षेत्र का है, जहां लड़की के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वे अपनी बेटी के लिए रिश्ता तलाश रहे थे। इसी बीच, उन्हें निषाद विवाह ग्रुप के जरिए प्रीतम कुमार निषाद का बायोडाटा मिला, जो इटावा के इकदिल थाना क्षेत्र के लुधियात मोहल्ले का रहने वाला बताया गया। प्रीतम खुद को शिवपाल सिंह निषाद का बेटा और IAS अधिकारी बताता था। उसकी बातों में आकर परिवार ने उसकी बातों पर भरोसा किया और रिश्ता तय कर लिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आरोपी फर्जी IAS ने न्यूज चैनल को दिया इंटरव्यू भी दिखाया</p>
<p>लड़की पक्ष के अनुसार, प्रीतम ने खुद को माणिकपुर में पदस्थ IAS अधिकारी बताया और भरोसा दिलाने के लिए न्यूज चैनल को दिए अपने कथित इंटरव्यू, ऑफिस और कुछ नेताओं के साथ अपनी फोटो-वीडियो भी भेजे। इस तरह से उसने अपने झूठ को प्रमाणित कर परिवार को एक झूठी आस्था में फंसाया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सगाई के 3 दिन पहले मांगे थे 15 लाख रुपये</p>
<p>सगाई के तीन दिन पहले, आरोपी ने परिवार से 15 लाख रुपये की मांग की, यह कहकर कि बिना दहेज के शादी नहीं होगी। परिवार ने मजबूरी में सगाई के दिन 10 लाख रुपये नकद और बाकी 5 लाख शादी के तिलक में दी। इसके बाद, 11 मार्च 2026 को गोरखपुर के नंदानगर स्थित दुर्गा मैरिज लॉन में शादी हुई, जिसमें परिवार ने करीब 30 लाख रुपये खर्च किए। बारातियों के ठहरने का भी इंतजाम मोहद्दीपुर के एक होटल में किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>शादी के बाद खुला फर्जीवाड़े का खेल</p>
<p>लेकिन, शादी के बाद ही सब कुछ खुलासा हो गया। 12 मार्च को शादी में आए एक व्यक्ति ने परिवार को बताया कि उनका दामाद प्रीतम आईएएस नहीं है, बल्कि उसने फर्जी पद और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर शादी रचाई है। इसके तुरंत बाद परिजन उसके बताए गए पते पर पहुंचे तो वहां अपनी बेटी को एक छोटे से कमरे में पाया, जबकि आरोपी और उसकी बहन मौके से फरार हो गए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>घर लौटकर बेटी ने कहा- वह गोवा ले जा रहे थे मुझे बेचने</p>
<p>दुल्हन ने घर लौटने के बाद परिवार को बताया कि रास्ते में प्रीतम उसे गोवा ले जाकर बेचने की योजना बना रहा था। इस खुलासे से परिवार के होश उड़ गए और उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि गोरखपुर की कैंट पुलिस ने इस धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि संदेह है कि आरोपी और उसका गैंग लड़कियों की तस्करी में भी शामिल हो सकता है, इसलिए मामले की जांच तेजी से की जा रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सलाखों के पीछे पहुंचते ही टूट गया मंजित, उगल दिया एक-एक सच, बताया सूर्य प्रताप सिंह को गोली क्यों मारी?</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/230523</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 22 Mar 2026 06:10:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[Varanasi Student Shot Dead : उत्तर प्रदेश के वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) में शुक्रवार सुबह एक भयानक घटना ने पूरे परिसर को दहला कर रख दिया। बीएससी के छात्र सूर्य प्रताप सिंह उर्फ सूर्या की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई, जिससे कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गोलीबारी की घटना &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>Varanasi Student Shot Dead : उत्तर प्रदेश के वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) में शुक्रवार सुबह एक भयानक घटना ने पूरे परिसर को दहला कर रख दिया। बीएससी के छात्र सूर्य प्रताप सिंह उर्फ सूर्या की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई, जिससे कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गोलीबारी की घटना के बाद वहां भारी तनाव फैल गया और छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया। इस दर्दनाक वारदात ने न केवल कॉलेज प्रशासन को हिला कर रख दिया है, बल्कि पूरे शहर में सनसनी फैल गई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले और आरोपियों की तलाश शुरू की। शिवपुर पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। देर शाम तक मुख्य आरोपी मंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की टीमें अब पूछताछ कर रही हैं, ताकि घटना के पीछे का मकसद और संदिग्ध भूमिका स्पष्ट हो सके।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>क्या है पूरा मामला?</p>
<p>वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे के आसपास यह घटना हुई। रिपोर्ट के अनुसार, छात्र सूर्य प्रताप सिंह अपने हॉस्टल के साथियों के साथ था। तभी आरोपी मंजीत सिंह, जो स्थानीय निवासी है, वहां पहुंचा। मंजीत पहले से ही अपने साथियों के साथ गैंग बनाकर रहता था। सूत्रों के मुताबिक, मंजीत और सूर्य के बीच पहले से विवाद चल रहा था। दोनों के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़ा होता रहता था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मंजीत ने बताया कि सूर्य प्रताप सिंह की हॉस्टल के लड़कों से दोस्ती थी और वह अक्सर उसे अकेला देखकर मारपीट करता था। शुक्रवार को भी दोनों के बीच मामूली झड़प हुई। मंजीत ने अपने साथियों को बुलाया, लेकिन जब वे नहीं आए तो अकेले ही शराब के ठेके पर पहुंचने का फैसला किया। वहां से उसने घर से अवैध पिस्टल लाया और कॉलेज पहुंचा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वहां पहुंचकर, उसने देखा कि सूर्य अपने दोस्तों के साथ कमरे में था। शर्ट की बांह मोड़ने और उसे घूरने को लेकर दोनों में तकरार हुई। इसके बाद मंजीत ने अपने पास रखी असलहासे से गोली चला दी। संकाय के गेट पर पहुंचते ही उसने एक के बाद एक कई गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली सूर्य को लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मंजीत सिंह ने दो साल पहले भदोही से अवैध रूप से पिस्टल खरीदी थी। वह अक्सर इस असलहे का इस्तेमाल धमकी देने और अपनी दबंगई दिखाने के लिए करता था। पुलिस अब इस हथियार के बेचने वाले के बारे में जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा, आरोपी के साथी अनुज सिंह की तलाश भी जारी है। अनुज भी मंजीत के साथ ही रहता है और घटना में उसकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मामले में अब तक की कार्यवाही</p>
<p>पुलिस ने आरोपी मंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी और उसकी गैंग का मकसद पुरानी रंजिश या वर्चस्व का मामला हो सकता है। इस घटना ने पूरे कॉलेज में खौफ और आक्रोश फैला दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>छात्र की मौत पर गहरा बवाल</p>
<p>घटना के बाद, सूर्य प्रताप सिंह के परिजनों और छात्रों ने शव लेकर गिलट बाजार चौराहे पर जाम लगा दिया। परिजन शव को गांव ले जाने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और शव को हरिश्चंद्र घाट पर सुरक्षित तरीके से भेजा। सूर्य प्रताप सिंह गाजीपुर के रामपुर माझा क्षेत्र के दुबैथा का निवासी था। वह बीएससी की चौथे सेमेस्टर का छात्र था। उसकी मौत से कॉलेज और आस-पास के इलाकों में सन्नाटा पसरा है और हर तरफ घटना को लेकर चर्चा हो रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>30 बीघा जमीन बनी खून की प्यासी: सगे भाइयों ने भतीजे संग मिलकर भाई को उतारा मौत के घाट, बचाने आई बेटी को भी नहीं बख्शा</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/230447</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 21 Mar 2026 09:59:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[हाथरस : उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सासनी कोतवाली क्षेत्र के गांव सीकुर में शुक्रवार दोपहर जमीनी विवाद ने खूनी रूप अख्तियार कर लिया। महज 30 बीघा जमीन के टुकड़े के लिए दो सगे भाइयों ने अपने ही भाई की लाठी-डंडों, फावड़े और दराती से प्रहार कर निर्मम हत्या कर दी। इस दुस्साहसिक वारदात &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हाथरस : उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सासनी कोतवाली क्षेत्र के गांव सीकुर में शुक्रवार दोपहर जमीनी विवाद ने खूनी रूप अख्तियार कर लिया। महज 30 बीघा जमीन के टुकड़े के लिए दो सगे भाइयों ने अपने ही भाई की लाठी-डंडों, फावड़े और दराती से प्रहार कर निर्मम हत्या कर दी। इस दुस्साहसिक वारदात में एक भतीजा भी शामिल रहा। पिता को बचाने आई 17 वर्षीय बेटी को भी हमलावरों ने बेरहमी से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>खेत में चारा काटते समय हुआ खूनी संघर्ष</p>
<p>जानकारी के अनुसार, मृतक भीमसेन 45 शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे अपनी छोटी बेटी खुशी के साथ खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। इसी दौरान उनके बड़े भाई रवेंद्र, छोटा भाई पूरन और पूरन का बेटा यशवीर वहां पहुंच गए। भाइयों ने भीमसेन से जमीन में अपने हिस्से की मांग की, जिसे लेकर कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि तीनों ने मिलकर भीमसेन पर हमला बोल दिया। भीमसेन ने जान बचाने के लिए चरी के खेत की ओर दौड़ लगाई, लेकिन वह लड़खड़ाकर गिर गए। इसके बाद हमलावरों ने उन पर फावड़े और दराती से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पिता की वसीयत बनी विवाद की जड़</p>
<p>पुलिस जांच में सामने आया है कि इस खूनी खेल की पटकथा करीब दो साल पहले लिखी गई थी। भीमसेन के पिता वीरेंद्र सिंह ने मरने से पहले अपनी पूरी 30 बीघा जमीन भीमसेन के नाम कर दी थी। पिता की मौत के बाद जब बाकी दो भाइयों रवेंद्र और पूरन को इस वसीयत और दाखिल-खारिज का पता चला, तो वे भड़क गए। उनका आरोप था कि भीमसेन ने धोखे से जमीन अपने नाम कराई है। यह मामला कोर्ट और तहसील तक भी पहुंचा था, लेकिन भाइयों के बीच की कड़वाहट कम होने के बजाय बढ़ती चली गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>त्रयोदशी संस्कार में आए थे भाई, बना डाली हत्या की योजना</p>
<p>गांव में परिवार की एक वृद्ध महिला की मृत्यु के बाद बृहस्पतिवार को त्रयोदशी का कार्यक्रम था। इसी बहाने फरीदाबाद में मजदूरी करने वाले दोनों भाई रवेंद्र और पूरन गांव आए थे। शुक्रवार को योजनाबद्ध तरीके से वे खेत पर पहुंचे और वारदात को अंजाम दे डाला। भीमसेन की पत्नी का देहांत 10 साल पहले ही हो चुका था और वे अकेले ही बच्चों की जिम्मेदारी उठा रहे थे। घटना के समय उनका बेटा हरकेश नौकरी के सिलसिले में बाहर था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, आरोपियों की तलाश तेज</p>
<p>वारदात की सूचना मिलते ही सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण और एसओजी समेत फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सना फावड़ा, दराती, बैंत और गमछा बरामद किया है। एएसपी रामानंद कुशवाहा ने बताया कि मृतक के पुत्रवधू की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की कई टीमें फरार भाइयों और भतीजे की तलाश में दबिश दे रही हैं। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।</p>
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