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	<title>खाना खजाना &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>छठ मईया का सबसे प्रिय फल है गन्ना, इस महाप्रसाद के फायदे जानकर आप नहीं करेंगे यकीन</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/211647</link>
		
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		<pubDate>Sat, 25 Oct 2025 05:42:44 +0000</pubDate>
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<p>छठ महापर्व की शुरुआत आज यानी  25 अक्तूबर, शनिवार से हो गई है. यह भारत के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है. दिवाली के तुरंत बाद लोग छठ की तैयारियों में जुट जाते हैं. यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से खास है बल्कि वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. छठ में सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है और छठी मैया की पूजा की जाती है. इस दौरान पूजा में जो सबसे अहम भूमिका निभाता है, वह है गन्ना (Sugarcane). कहा जाता है कि गन्ना छठ मैया का प्रिय फल है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गन्ना खाने सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. चलिए आपको इसके फायदें बारे में बताते हैं.</p>
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<h2>गन्ना क्यों है खास?</h2>
<p>गन्ना ऊर्जा, शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. आयुर्वेद में भी इसे औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है. वैज्ञानिक के नजरिए से देखें तो गन्ना शरीर को ऊर्जा देने, लिवर को साफ रखने और पाचन को दुरुस्त करने का काम करता है.</p>
<h2>शरीर को देता है तुरंत एनर्जी</h2>
<p>गन्ने में नेचुरल शुगर होती है, जो शरीर को तुरंत ग्लूकोज प्रदान करती है. इसे खाने या इसका रस पीने से शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है. गर्मी के मौसम में यह शरीर को हाइड्रेट रखता है, क्योंकि इसमें पानी की मात्रा काफी अधिक होती है. इसलिए गन्ना थकान और कमजोरी को दूर करने में बेहद फायदेमंद माना जाता है.</p>
<h2>लिवर के लिए वरदान</h2>
<p>गन्ना लिवर को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं और शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करते हैं. यह पीलिया (Jaundice) जैसी बीमारियों से बचाव करता है. आयुर्वेद में गन्ने को नेचुरल लिवर क्लेंज़र कहा गया है.</p>
<h2>पाचन को रखे मजबूत</h2>
<p>गन्ने में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है. यह कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. गन्ने को चबाने के दौरान निकलने वाली लार पेट के एसिड को बैलेंस में रखने में मदद करती है, जिससे पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है.</p>
<h2>यूरिन संबंधी समस्याओं में राहत</h2>
<p>गन्ना मूत्र संबंधी परेशानियों में भी फायदेमंद है. यदि किसी को जलन या बार-बार पेशाब आने की समस्या है, तो गन्ने का सेवन राहत दिला सकता है. यह शरीर में लिक्विड बैलेंस बनाए रखता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है, जिससे सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं भी कम होती हैं.</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>अमरूद में छिपा है कई बीमारियों का इलाज</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/206848</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Sep 2025 04:41:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक आचार्य बालकृष्ण आयुर्वेद से आसाध्य रोगों को भी पीड़ितों को छुटकारा दिलाने के नुस्खे बताते रहते हैं. इसके साथ ही उन्होंने खाद्य पदार्थों के जरिए भी बीमारियों से निजात दिलाने के उपाय बताए हैं. यहां हम आपको अमरूद से होने वाले फायदे और उसने ठीक होने वाली बीमारियों के बारे में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div id="article_div_9813090" class="article secondary_font">
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                        "></p>
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<p>पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक आचार्य बालकृष्ण आयुर्वेद से आसाध्य रोगों को भी पीड़ितों को छुटकारा दिलाने के नुस्खे बताते रहते हैं. इसके साथ ही उन्होंने खाद्य पदार्थों के जरिए भी बीमारियों से निजात दिलाने के उपाय बताए हैं. यहां हम आपको अमरूद से होने वाले फायदे और उसने ठीक होने वाली बीमारियों के बारे में बताने जा रहे हैं. जिसका जिक्र खुद पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक आचार्य बालकृष्ण ने किया है.</p>
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<p>आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक, अमरूद के सेवन से कई प्रकार की बीमारियों से निजात मिल सकती हैं. आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि आयुर्वेद में अमरूद को एक अमृत फल और दिव्य फल कहा गया है. जिसका सेवन शुगर के रोगी भी कर सकते हैं. किडनी रोगियों के लिए भी अमरूद का सेवन बेहद फायदेमंद होता है.</p>
<h2>इन बीमारियों में कारगर है अमरूद का सेवन</h2>
<p>आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक, अमरूद का सेवन करना कई बीमारियों में लाभदायक है. इसीलिए इसे आयुर्वेद में त्रिदोष नाशक माना गया है. अमरुद पेट के लिए बहुत ही लाभकारी फल माना गया है ये बहुत ही गुणकारी फल है. पेट के रोगियों को अगर अमरुद का नियमित सेवन कराया जाए तो पाचन संबंधी परेशानियों के साथ गैस्ट्रिक ट्रबल है कब्ज में आराम मिलता है. अमरूद के सेवन से मन को प्रसन्न रहता है. आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि अमरुद त्रिदेव को शक्ति भी देता है जिन लोगों का हार्ट यानी हृदय कमजोर हो या घबराहट या बहुत ही बेचैनी हो ऐसे लोगों को अमरुद का मुरब्बा बनाकर खिलाना चाहिए. अमरूद का मुरब्बा हृदय रोगियों के लिए बहुत ही लाभकारी हैं.</p>
<h2>अमरूद के सेवन से मिलती है दिमाग को ताकत</h2>
<p>इसके साथ ही अमरूद के सेवन से दिमाग को ताकत मिलती है. अमरूद का सेवन बहुत ही लाभकारी माना गया है और आयुर्वेद के अंदर इसको दाह नाशक कहा गया है. जिनके लोगों के हाथ पैरों में जलन रहती हो उन्हें नियमित रूप से अमरूद का सेवन करना चाहिए. इसके अलावा कमजोरी महसूस होने पर अमरूद का सेवन करना भी ऊर्जा देता है.</p>
<p>आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि भोजन को हमेशा कम से कम 32 बार चबाकर खाना चाहिए. क्योंकि भगवान ने हमें 32 दांत दिए हैं, इसलिए दांतों का काम आंतों से नहीं लेना चाहिए. आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि भोजन को हमेशा कम से कम 32 बार चबाकर खाना चाहिए. क्योंकि भगवान ने हमें 32 दांत दिए हैं, इसलिए दांतों का काम आंतों से नहीं लेना चाहिए.</p>
<h2>खांसी की समस्या को दूर करता है भुना हुआ अमरूद</h2>
<p>अमरूद का सेवन खांसी में भी फायदेमंद होता है. भुना हुआ अमरूद खाने से खांसी की समस्या से निजात मिलती है. आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक, खांसी होने पर अधपके अमरूद को बीच से काट लें और नमक या सेंधा नमक डालकर उसे भून लें उसके बाद उसका सेवन करें. इसके सेवन से पुरानी से पुरानी खांसी की समस्या ठीक हो जाती है. इसके साथ ही भूने हुए अमरूद के सेवन से भूख न लगने की समस्या और लीवर डैमेज में भी लाभ होता है.</p>
<p>&nbsp;</p>
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			</item>
		<item>
		<title>मानसून में गोभी खाने वाले हो जाएं सावधान</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/198404</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Jul 2025 05:09:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खाना खजाना]]></category>
		<category><![CDATA[खाने खाना]]></category>
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					<description><![CDATA[मानसून के मौसम में पत्तागोभी और फूलगोभी जैसी सब्जियों का सेवन करते हैं तो आपको सावधान करने की जरूरत है.  बरसात का मौसम हरियाली और ताजगी तो लाता है, लेकिन इसके साथ कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. खासतौर पर हरी सब्जियों को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है. &#8230;]]></description>
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<p>मानसून के मौसम में पत्तागोभी और फूलगोभी जैसी सब्जियों का सेवन करते हैं तो आपको सावधान करने की जरूरत है.  बरसात का मौसम हरियाली और ताजगी तो लाता है, लेकिन इसके साथ कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. खासतौर पर हरी सब्जियों को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होती है. इस मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाने के कारण सब्जियों पर कीड़े, बैक्टीरिया और फफूंद तेजी से पनपने लगते हैं.</p>
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<h2>ये टिप्स अपनाएं</h2>
<p>फूलगोभी या फिर पत्तागोभी बारिश के मौसम में मिलने वाले भी खरीद कर खाना पसंद करते हैं तो पकाते समय थोड़ी सावधानी बरतें. बारिश के कीड़े इनके अंदर घुसे रहते हैं. इस मौसम में कीड़े लगना आम है. आप फूलगोभी और पत्तागोभी को ध्यान से काटें. इसे काटकर गर्म पानी में थोड़ी देर डुबाकर रखें. इसमें नमक भी थोड़ा सा डाल दें. कीड़े बाहर निकल आएंगे.</p>
<p>आप गोभी को सिरके वाले पानी में भी डुबाकर थोड़ी देर छोड़कर देखिए. इसमें भी थोड़ा सा नमक मिला सकते हैं. ये सब्जी वाले बरसाती कीड़े तुरंत खुद ब खुद बाहर निकल आएंगे. फिर आप साफ पानी में एक बार और सब्जियों को साफ कर लें.</p>
<p>एक कटोरे में गर्म पानी लें. उसमें एक चम्मच हल्दी और एक चम्मच नमक डाल दें. गोभी और पत्तागोभी को 15 मिनट के लिए छोड़ दें. दोनों सब्जियों को अलग-अलग कटोरे में डालें.</p>
<p>सिरके को डालने से सब्जी पर लगे कीटाणु, बैक्टीरिया और फफूंद निकल जाते हैं. आप नींबू का रस, बेकिंग सोडा वाले पानी में भी फूलगोभी को काटकर डाल दें. लाभ होगा.– मार्केट में सब्जियों को साफ करने वाला लिक्विड या सैनिटाइजर भी आता है. इनका भी इस्तेमाल बारिश में सब्जियों को पकाने से पहले जरूर करें वरना आपका पेट खराब हो सकता है. पेट में इंफेक्शन हो सकता है.</p>
<p>आप अपने फ्रिज से बर्फ के टुकड़े निकालें. इसे एक बाउल में डालें और थोड़ा सा पानी डाल दें. इसमें फूलगोभी के छोटे-छोटे कटे हुए टुकड़ों को डालकर छोड़ दें. 10 मिनट के अंदर कीड़े ठंड से अकड़कर खुद ही पानी में ऊपर आ जाएंगे.</p>
<p>&nbsp;</p>
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			</item>
		<item>
		<title>विशेषज्ञों की चेतावनी: मानसून के समय बढ़ रहा पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/194334</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Jun 2025 11:19:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[खाना खजाना]]></category>
		<category><![CDATA[खाने खाना]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[हेल्थ]]></category>
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					<description><![CDATA[कानपुर (ब्यूरो): उत्तर प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून का मौसम अपने साथ ताजगी और राहत तो लाता है, लेकिन इस दौरान पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉ. साद अनवर, सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी  एंड जनरल सर्जरी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर के अनुसार इस मौसम में गैस्ट्रोइन्टेस्टाइनल इन्फेक्शन्स जैसे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कानपुर (ब्यूरो):</strong> उत्तर प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून का मौसम अपने साथ ताजगी और राहत तो लाता है, लेकिन इस दौरान पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉ. साद अनवर, सीनियर कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी  एंड जनरल सर्जरी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर के अनुसार इस मौसम में गैस्ट्रोइन्टेस्टाइनल इन्फेक्शन्स जैसे उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बदहजमी, टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए और फूड पॉइजनिंग खास तौर पर आम हो जाती हैं। मानसून में बढ़ी नमी और गंदगी के कारण बैक्टीरिया, वायरस व फंगल इन्फेक्शन का रिस्क बढ़ जाता है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस मौसम में स्वच्छ और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं। खुले में मिलने वाले फल, सलाद या अन्य खाद्य पदार्थों से परहेज़ करें। सब्जियों और फलों को अच्छे से धोकर ही सेवन करें और पत्तेदार सब्जियों के इस्तेमाल से बचें। दूध व उससे बने उत्पादों को उबालकर एवं सही तरह से स्टोर करें। भोजन को हमेशा ढककर रखें और बचा हुआ खाना फ्रिज में रख लें। विशेष ध्यान दें कि बाहर और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर खाना खाने से बचें। हाथों की स्वच्छता बनाए रखें।खाने से पहले और शौच के बाद अच्छी तरह हाथ धोएं। बच्चों तथा बुजुर्गों को हल्का और घर का बना हुआ भोजन ही दें। अगर इस मौसम में पेट खराब, उल्टी-दस्त, बुखार या कमजोरी जैसी परेशानी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और स्वयं कुछ भी दवा न लें। पर्याप्त पानी, ओआरएस, नारियल पानी आदि का सेवन शरीर में पानी और मिनरल्स की पूर्ति के लिए जरूरी है। तला-भुना, जंक फूड व मसालेदार भोजन से परहेज़ करें।</p>
<p>मानसून के दौरान पेट संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई व खानपान की सावधानी बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों की राय और जागरूकता को अपनाकर ही मानसून को स्वस्थ और सुरक्षित बनाया जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ताजे फलों से घर पर बनाएं फ्रूट क्रीम, आइसक्रीम और रबड़ी भी हो जाएगी फेल</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/183633</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Apr 2025 04:35:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खाना खजाना]]></category>
		<category><![CDATA[खाने खाना]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>
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					<description><![CDATA[फ्रूट क्रीम एक स्वादिष्ट और पौष्टिक मिठाई है जो कई फलों के साथ क्रीम को मिलाकर बनाई जाती है। इसमें मौसमी फलों जैसे कि स्ट्रॉबेरी, कीवी, अंगूर और आम का उपयोग किया जा सकता है, जो इसे एक अनोखा और ताज़ा स्वाद देते हैं। फ्रूट क्रीम बनाने के लिए सबसे पहले फलों को धोकर काट &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>फ्रूट क्रीम एक स्वादिष्ट और पौष्टिक मिठाई है जो कई फलों के साथ क्रीम को मिलाकर बनाई जाती है। इसमें मौसमी फलों जैसे कि स्ट्रॉबेरी, कीवी, अंगूर और आम का उपयोग किया जा सकता है, जो इसे एक अनोखा और ताज़ा स्वाद देते हैं। फ्रूट क्रीम बनाने के लिए सबसे पहले फलों को धोकर काट लिया जाता है और फिर क्रीम में चीनी और वनीला एसेंस मिलाकर अच्छी तरह फेंटा जाता है। इसके बाद फलों को क्रीम में मिलाकर सजावट के लिए कुछ फल और नट्स का उपयोग किया जा सकता है। फ्रूट क्रीम बनाने की रेसिपी भी बहुत आसान है।<br />
<b>सामग्री</b></p>
<p>1 कप ताजा मिक्स फ्रूट<br />
1 कप क्रीम<br />
2-3 बड़े चम्मच चीनी<br />
1 बड़ा चम्मच वनीला एसेंस<br />
1 बड़ा चम्मच नींबू का रस<br />
1 बड़ा चम्मच कॉर्नफ्लोर<br />
<b><br />
विधि</b></p>
<p><b>फलों को तैयार करें</b><br />
फलों को तैयार करने के लिए सबसे पहले उन्हें अच्छी तरह से धो लें और फिर उन्हें छोटे टुकड़ों में काट लें। अगर आप स्ट्रॉबेरी का उपयोग कर रहे हैं, तो उन्हें मैश भी कर सकते हैं ताकि उनका स्वाद और बनावट क्रीम में अच्छे से मिल जाए। फलों को काटते समय ध्यान रखें कि वे एक समान आकार के हों ताकि क्रीम में देखने में भी अच्छे लगें। फलों को तैयार करने के बाद, उन्हें एक तरफ रख दें और क्रीम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करें।</p>
<p><b>क्रीम को फेंटें</b><br />
एक बड़े बाउल में ठंडी क्रीम लें और इसे तब तक फेंटें जब तक यह गाढ़ा और क्रीमी न हो जाए। क्रीम को फेंटते समय ध्यान रखें कि यह ज्यादा फुलने न पाए, नहीं तो यह क्रीम के बजाय बटर बन सकती है। क्रीम को फेंटने के बाद इसमें चीनी और वनीला एसेंस मिलाएं और अच्छे से मिला लें ताकि स्वाद समान रूप से फैल जाए। चीनी पूरी तरह से घुल जानी चाहिए ताकि क्रीम में कोई दानेदारपन न रहे।</p>
<p><b>कॉर्नफ्लोर मिलाएं</b><br />
अगर आप क्रीम को और अधिक गाढ़ा करना चाहते हैं, तो एक छोटे बाउल में थोड़ा सा दूध या ठंडा पानी लें और इसमें कॉर्नफ्लोर मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को क्रीम में मिलाएं और अच्छे से फेंट लें ताकि कोई गांठ न रहे। इसके बाद इस मिश्रण को धीमी आंच पर गरम करें और लगातार चलाते रहें जब तक यह गाढ़ा न हो जाए। इसे ठंडा होने दें ताकि यह क्रीम में मिलाने के लिए तैयार हो जाए।</p>
<p><b>फलों को मिलाएं</b><br />
फेंटे हुए क्रीम में कटे हुए फल मिलाएं और हल्के हाथ से मिला लें ताकि फल क्रीम में अच्छे से मिल जाएं और टूटे नहीं। फलों को मिलाते समय ध्यान रखें कि क्रीम की बनावट सही बनी रहे और फल समान रूप से वितरित हों। इससे फ्रूट क्रीम का स्वाद और लुक दोनों ही अच्छे आएंगे।<br />
<b><br />
नींबू का रस मिलाएं</b><br />
इसमें एक बड़ा चम्मच नींबू का रस मिलाएं, इससे क्रीम में एक ताजगी भरा स्वाद आएगा और फल का स्वाद और भी अच्छा हो जाएगा। नींबू का रस मिलाने से क्रीम में एक हल्का सा खट्टापन भी आएगा जो इसे और भी स्वादिष्ट बनाएगा। इसे अच्छे से मिला लें ताकि नींबू का रस समान रूप से फैल जाए।<br />
<b><br />
सर्व करें</b><br />
तैयार फ्रूट क्रीम को एक सर्विंग बाउल में निकालें और ऊपर से थोड़े और फल सजा सकते हैं। आप चाहें तो कटे हुए नट्स या चॉकलेट शेविंग्स भी ऊपर से डाल सकते हैं ताकि यह देखने में और भी आकर्षक लगे। इसे तुरंत सर्व करें या फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें ताकि इसका स्वाद और भी अच्छा हो जाए। ठंडी और ताज़ा फ्रूट क्रीम सभी को पसंद आएगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गर्मियों में टेस्टी लगती है बेल की शरबत, घर पर इस तरह करें तैयार</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/183009</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Apr 2025 05:03:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[खाना खजाना]]></category>
		<category><![CDATA[खाने खाना]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>
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					<description><![CDATA[गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए बेल का शरबत एक अच्छा विकल्प है। बेल के फल में कई पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं और गर्मी के प्रभाव को कम करते हैं। बेल का शरबत बनाने के लिए बेल के फल को पानी में भिगोकर रखना होता है और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए बेल का शरबत एक अच्छा विकल्प है। बेल के फल में कई पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं और गर्मी के प्रभाव को कम करते हैं। बेल का शरबत बनाने के लिए बेल के फल को पानी में भिगोकर रखना होता है और फिर इसे छानकर पीने के लिए तैयार किया जाता है। इस शरबत में चीनी या गुड़ मिलाकर इसका स्वाद बढ़ाया जा सकता है। बेल का शरबत पीने से शरीर को कई फायदे होते हैं, जैसे कि यह शरीर को हाइड्रेट करता है, पाचन तंत्र को मजबूत करता है, और गर्मी के कारण होने वाली समस्याओं को कम करता है।<br />
<b>सामग्री</b></p>
<p>2 कप बेल के फल<br />
4 कप पानी<br />
1 कप चीनी या गुड़<br />
1 नींबू का रस<br />
आइस क्यूब्स</p>
<p><b>विधि</b><br />
<b><br />
बेल के फल को धो लें</b><br />
बेल के फल को अच्छी तरह से धो लें और उनके बीज निकाल लें। इससे बेल के फल साफ और ताजगी से भरपूर हो जाएंगे। बेल के फल को धोने के लिए ठंडे पानी का उपयोग करें और उन्हें एक साफ तौलिये से सुखा लें।</p>
<p><b>बेल के फल को पानी में भिगो दें</b><br />
बेल के फल को एक बड़े बर्तन में पानी में भिगो दें और इसे 2-3 घंटे के लिए रख दें। इससे बेल के फल का रस निकल जाएगा और शरबत बनाने के लिए तैयार हो जाएगा। बेल के फल को पानी में भिगोने से पहले इसे अच्छी तरह से मिलाएं।</p>
<p><b>बेल के फल को मैश करें</b><br />
बेल के फल को मैश करें और इसका रस निकाल लें। इससे बेल के फल का रस निकल जाएगा और शरबत बनाने के लिए तैयार हो जाएगा। बेल के फल को मैश करने के लिए एक फोर्क या मैशर का उपयोग करें।<br />
<b><br />
चीनी या गुड़ मिलाएं</b><br />
बेल के रस में चीनी या गुड़ मिलाएं और इसे अच्छी तरह से मिलाएं। इससे शरबत का स्वाद बढ़ जाएगा और यह अधिक मीठा हो जाएगा। चीनी या गुड़ की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार समायोजित करें।</p>
<p><b>नींबू का रस मिलाएं</b><br />
नींबू का रस मिलाएं और इसे अच्छी तरह से मिलाएं। इससे शरबत का स्वाद बढ़ जाएगा और यह अधिक ताजगी से भरपूर हो जाएगा। नींबू का रस शरबत को एक अच्छा स्वाद देता है।</p>
<p><b>शरबत को छान लें</b><br />
शरबत को एक छलनी में डालें और इसे छान लें। इससे शरबत का रस निकल जाएगा और यह अधिक साफ हो जाएगा। शरबत को छानने से पहले इसे अच्छी तरह से मिलाएं।</p>
<p><b>शरबत को ठंडा करें</b><br />
शरबत को फ्रिज में रखें और इसे ठंडा करें। इससे शरबत का स्वाद बढ़ जाएगा और यह अधिक ताजगी से भरपूर हो जाएगा। शरबत को ठंडा करने से पहले इसे अच्छी तरह से मिलाएं।</p>
<p><b>आइस क्यूब्स मिलाएं</b><br />
यदि आप आइस क्यूब्स चाहते हैं, तो इसे शरबत में मिलाएं। इससे शरबत और भी ठंडा हो जाएगा और इसका स्वाद बढ़ जाएगा। आइस क्यूब्स शरबत को एक अच्छा स्वाद देते हैं।</p>
<p><b>शरबत को परोसें</b><br />
शरबत को एक गिलास में डालें और इसे परोसें। इससे शरबत का स्वाद बढ़ जाएगा और यह अधिक ताजगी से भरपूर हो जाएगा। शरबत को परोसने से पहले इसे अच्छी तरह से मिलाएं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खाने के साथ शामिल कर लीजिए इमली की खट्टी मीठी चटनी, जानिए क्या है रेसिपी</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/182706</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Apr 2025 07:52:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[खाना खजाना]]></category>
		<category><![CDATA[खाने खाना]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>
		<category><![CDATA[हेल्थ]]></category>
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					<description><![CDATA[इमली की खट्टी मीठी चटनी एक पसंदीदा और स्वादिष्ट चटनी है जो खाने के साथ परोसी जाती है। इमली के फल को उबालकर और फिर उसे मैश करके बनाया जाता है। अगर आपको भी अपने खाने का स्वाद बढ़ाना है तो यह एक बेहतर तरीका है जिसे खाने का जयका दुगना हो जाएगा। यह चटनी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इमली की खट्टी मीठी चटनी एक पसंदीदा और स्वादिष्ट चटनी है जो खाने के साथ परोसी जाती है। इमली के फल को उबालकर और फिर उसे मैश करके बनाया जाता है। अगर आपको भी अपने खाने का स्वाद बढ़ाना है तो यह एक बेहतर तरीका है जिसे खाने का जयका दुगना हो जाएगा। यह चटनी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि इसमें कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं, जैसे कि पाचन को सुधारना और शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करना। इमली की चटनी को घर पर भी आसानी से बनाया जा सकता है, और इसे विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के साथ परोसा जा सकता है।</strong><br />
<strong>सामग्री</strong></p>
<p><strong>1 कप इमली का गूदा</strong><br />
<strong>1 कप चीनी</strong><br />
<strong>1/2 कप पानी</strong><br />
<strong>1/4 चम्मच जीरा</strong><br />
<strong>1/4 चम्मच सौंफ</strong><br />
<strong>1/4 चम्मच काली मिर्च</strong><br />
<strong>1/4 चम्मच लाल मिर्च पाउडर</strong><br />
<strong>1/4 चम्मच गरम मसाला पाउडर</strong><br />
<strong>1/4 चम्मच नमक</strong><br />
<strong>2 बड़े चम्मच घी या तेल</strong></p>
<p><strong>विधि</strong></p>
<p><strong>इमली का गूदा उबालना</strong><br />
<strong>इमली का गूदा एक बड़े पैन में लें और इसमें पानी मिलाकर उबाल लें। इस प्रक्रिया में, इमली का गूदा नरम हो जाएगा और इसका स्वाद और खुशबू अच्छी तरह से निकल आएगी। इमली का गूदा उबालने से इसका स्वाद और खुशबू अच्छी तरह से निकल आती है, जो चटनी को स्वादिष्ट बनाती है।</strong></p>
<p><strong>मसालों का मिश्रण बनाना</strong><br />
<strong>जब इमली का गूदा नरम हो जाए, तो इसमें चीनी, जीरा, सौंफ, काली मिर्च, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला पाउडर और नमक मिलाएं। इस मिश्रण को अच्छी तरह से मिलाएं ताकि सभी मसाले अच्छी तरह से मिल जाएं। मसालों का मिश्रण बनाने से चटनी को एक अनोखा स्वाद और खुशबू मिलती है।</strong></p>
<p><strong>चटनी पकाना</strong><br />
<strong>इस मिश्रण को मध्यम आंच पर पकाएं और इसमें घी या तेल मिलाएं। चटनी पकाने से इसका स्वाद और खुशबू अच्छी तरह से निकल आती है और यह गाढ़ी हो जाती है। चटनी पकाने के दौरान, इसे लगातार चलाते रहें ताकि यह जले नहीं।</strong></p>
<p><strong>चटनी ठंडा करना</strong><br />
<strong>जब चटनी गाढ़ी हो जाए और इसमें से अच्छी खुशबू आने लगे, तो इसे आंच से उतार लें और ठंडा होने दें। चटनी ठंडा करने से इसका स्वाद और खुशबू अच्छी तरह से निकल आती है और यह स्टोर करने के लिए तैयार हो जाती है।</strong></p>
<p><strong>चटनी स्टोर करना</strong><br />
<strong>इस चटनी को एक एयरटाइट कंटेनर में भरकर रखें और इसे 1-2 महीने तक स्टोर कर सकते हैं। चटनी स्टोर करने से इसका स्वाद और खुशबू अच्छी तरह से बनी रहती है और यह आपके पसंदीदा व्यंजनों के साथ परोसने के लिए तैयार रहती है।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आपको भी लगी है सुबह और शाम की चाय की लत, ऐसे में फूल जाता है पेट जानिए कैसे पाएं राहत</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/182699</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Apr 2025 07:49:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खाना खजाना]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[लाइफस्टाइल]]></category>
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					<description><![CDATA[चाय एक ऐसा पेय है जो लगभग हर किसी को पसंद होता है। इसकी गर्माहट और सुगंध लोगों को आकर्षित करती है। चाय में कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। लेकिन कुछ लोगों को चाय पीने के बाद पेट फूलने की समस्या हो सकती है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>चाय एक ऐसा पेय है जो लगभग हर किसी को पसंद होता है। इसकी गर्माहट और सुगंध लोगों को आकर्षित करती है। चाय में कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। लेकिन कुछ लोगों को चाय पीने के बाद पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसका कारण यह है कि चाय में कैफीन और टैनिन जैसे तत्व होते हैं जो पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। जब ये तत्व पेट में जाते हैं, तो वे गैस और एसिड का उत्पादन बढ़ा सकते हैं, जिससे पेट फूलने लगता है। इसके अलावा चाय की गर्माहट भी पेट को प्रभावित कर सकती है और पाचन प्रक्रिया को धीमा कर सकती है।<br />
<b>चाय की मात्रा कम करें</b><br />
चाय पीने के बाद पेट फूलने की समस्या को कम करने के लिए, चाय की मात्रा को कम करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यदि आप रोजाना कई कप चाय पीते हैं, तो आप अपनी मात्रा को कम करके देख सकते हैं कि इससे आपकी समस्या में सुधार होता है या नहीं। चाय की मात्रा को कम करने से आपके पेट पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकता है और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है।</p>
<p><b>अदरक का सेवन करें</b><br />
अदरक एक प्राकृतिक पाचन सहायक है जो पेट फूलने की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। आप अदरक को चाय में मिला सकते हैं या अदरक की चाय पी सकते हैं। अदरक के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बना सकते हैं।</p>
<p><b>पुदीने का सेवन करें</b><br />
पुदीना एक प्राकृतिक पाचन सहायक है जो पेट फूलने की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। आप पुदीने की चाय पी सकते हैं या पुदीने को अपने भोजन में मिला सकते हैं। पुदीने के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बना सकते हैं।</p>
<p><b>पानी पीना बढ़ाएं</b><br />
पानी पीना पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाने में मदद कर सकता है। आप अपने पानी की मात्रा को बढ़ा सकते हैं और नियमित रूप से पानी पी सकते हैं। पानी पेट के खराब जीवाणुओं को बाहर निकालने में मदद कर सकता है और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बना सकता है।</p>
<p><b>भारी भोजन से बचें</b><br />
भारी भोजन पेट फूलने की समस्या को बढ़ा सकता है। आप भारी भोजन से बच सकते हैं और हल्के भोजन का सेवन कर सकते हैं। हल्के भोजन पाचन तंत्र को कम दबाव में रखने में मदद कर सकते हैं और पेट फूलने की समस्या को कम कर सकते हैं।</p>
<p><b>नियमित व्यायाम करें</b><br />
नियमित व्यायाम पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाने में मदद कर सकता है। आप नियमित व्यायाम कर सकते हैं और अपने पाचन तंत्र को स्वस्थ बना सकते हैं। व्यायाम पेट के खराब जीवाणुओं को बाहर निकालने में मदद कर सकता है और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बना सकता है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>सर्दियों के मौसम में गर्भवती महिलाओं को सतर्क रहने की जरूरत</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/169053</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Dec 2024 04:49:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[खाना खजाना]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली । सर्दियों का मौसम वास्तव में अपनी तरह की समस्याएं लेकर आता है, खासकर इस दौरान उन महिलाओं को सचेत रहने की जरूरत है जो मां बनने जा रही हैं। ऐसे में उन्हें अपनी सेहत का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है। सर्दियों में अपने इस खास पल की तैयारी के लिए हम &#8230;]]></description>
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<div class="avp-source-placeholder"><strong>नई दिल्ली ।</strong> सर्दियों का मौसम वास्तव में अपनी तरह की समस्याएं लेकर आता है, खासकर इस दौरान उन महिलाओं को सचेत रहने की जरूरत है जो मां बनने जा रही हैं। ऐसे में उन्हें अपनी सेहत का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है।</div>
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<p>सर्दियों में अपने इस खास पल की तैयारी के लिए हम आपको कुछ जानकारी देने जा रहे है। इसको लेकर आईएएनएस ने सीके बिरला अस्पताल दिल्ली में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सलाहकार डॉ. प्रियंका सुहाग से बात की।</p>
<p>उन्होंने कहा, सर्दियों के दौरान स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा के लिए मौसमी बीमारियों जैसे फ्लू से बचाव के लिए टीका लगवाना बहुत जरूरी है। ऐसे में विटामिन सी, विटामिन डी और जिंक जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों पर ध्यान देने की जरूरत है। अपनी डाइट में संतुलित आहार लेने की जरूरत है। गर्म सूप, मौसमी सब्जियां और संतरे जैसे फल खाने से आपके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।</p>
<p>आगे कहा, सर्दियों के दौरान शुष्क हवा के कारण डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। ऐसे में सुनिश्चित करें कि आप दिन भर में भरपूर मात्रा में तरल पदार्थ लें, जिससे बॉडी हाइड्रेटेड बनी रहे। ऐसे में कपड़ों पर भी खास तौर पर ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे में वही विकल्प चुनिए जो गर्म होने के साथ आरामदायक भी हों। इसलिए ऐसे लेयर्ड कपड़े चुनें जो आपको बदलते इनडोर और आउटडोर तापमान के हिसाब से ढलने में मदद करें। सर्दियों के लिए मैटरनिटी वियर खरीदें, जिसमें गर्म टॉप, स्ट्रेची लेगिंग और नॉन-स्लिप फुटवियर शामिल हों, ताकि ठंड से बचा जा सके।</p>
<p>डॉ. प्रियंका सुहाग ने बताया, अगर आप चाहते हैं कि शुष्क हवा नाक बंद होने की समस्या न पैदा करे, तो ह्यूमिडिफायर लें। इसके अलावा, अपने नवजात शिशु के लिए मुलायम बिस्तर और आरामदायक सोने की जगह बनाकर बच्चे के आने की तैयारी करें।</p>
<p>आगे बताया, सर्दियों में डिलीवरी के लिए अस्पताल का बैग पैक करने के लिए भी तैयार की आवश्यकता होती है। इसमें मां और बच्चे दोनों के लिए स्वेटर, मोजे और कंबल जैसी चीजें शामिल होनी चाहिए। इसमें गर्म पेय के लिए थर्मस, मॉइस्चराइजिंग लिप बाम और ठहरने को और अधिक सुखद बनाने के लिए आरामदायक चप्पल भी शामिल होनी चाहिए। सभी आवश्यक दस्तावेज, टॉयलेटरीज और प्रसव के बाद की देखभाल की वस्तुओं को शामिल करना न भूलें।</p>
<p>सर्दियों में गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की बहुत बारीकी से निगरानी रखनी जरूरी है। ऐसे में सर्दी या फ्लू जैसी सभी बीमारियों के बारे में सतर्क रहें और बीमार महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। स्ट्रेचिंग या प्रसव पूर्व योग जैसी सरल गतिविधियों के साथ घर के अंदर व्यायाम करें, इससे रक्त संचार में सुधार होगा और ठंड के मौसम में अकड़न कम होगी।</p>
<p>सर्दियों में प्रसवोत्तर देखभाल के लिए अपने बच्चे पर विशेष ध्यान देते हुए कुछ खास चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है। गर्म कपड़ों के साथ कमरे का तापमान 20-22 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें। मौसमी धूप की कमी को दूर करने के लिए अपने विशेष रूप से विटामिन डी लेना जारी रखें।</p>
<p>इन सभी चीजों को अपनाकर, आप अपने नन्हे-मुन्नों के आगमन की तैयारी करते हुए सर्दियों की खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं। इस रोमांचक यात्रा के दौरान व्यक्तिगत सलाह और सहायता के लिए लगातार अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें।</p>
<p>&nbsp;</p>
</div>
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                            secondary_font" hidden=""><button class="read-more-btn" data-id="8085957">Read More</button></div>
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			</item>
		<item>
		<title>इस तरह घर पर बनाए फ्रेंच फ्राइस</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/133305</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 11 Jun 2023 11:11:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खाना खजाना]]></category>
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					<description><![CDATA[बच्चों के लिए उनकी पसंदीदा चीजें बनाई जाती हैं तो उनके चेहरे पर एक अलग ही खुशी देखने को मिलती है। यदि आपके मन में भी इन गर्मी के दिनों में बच्चों के लिए कुछ अलग हटकर बनाने का मन कर रहा है तो हम आपको बताने जा रहे हैं बाजार जैसे फ्रेंच फ्राइस बनाने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बच्चों के लिए उनकी पसंदीदा चीजें बनाई जाती हैं तो उनके चेहरे पर एक अलग ही खुशी देखने को मिलती है। यदि आपके मन में भी इन गर्मी के दिनों में बच्चों के लिए कुछ अलग हटकर बनाने का मन कर रहा है तो हम आपको बताने जा रहे हैं बाजार जैसे फ्रेंच फ्राइस बनाने का तरीका। यह आपको बाजार मे मिलने वाले फ्रेंच फ्राइस से ज्यादा सेहतमंद रहेगा साथ ही यह बाजार से सस्ता भी पड़ेगा। इसे बनाने में भी मुश्किल से 10 मिनट का समय लगेगा। इन्हें आप बच्चों को शाम के वक्त चाय के साथ खाने को दे सकती हैं। स्नैक्स के रूप में फ्रेंच फ्राइस एक बेहतरीन ऑप्शन बनता है। आइए जानते हैं इसकी रेसिपी।</p>
<p><b>आवश्यक</b><b> </b><b>सामग्री</b></p>
<p>— 250 ग्राम आलू</p>
<p>—स्वादानुसार नमक</p>
<p>—स्वादानुसार चाट मसाला</p>
<p>—तलने के लिए तेल</p>
<p><b><br />
बनाने </b><b>की </b><b>विधि</b></p>
<p>—आलू छीलकर लंबाई में फ्रेंच फ्राइज की शेप में काट लें और पानी में डालते जाएं। इससे आलू काले नहीं पड़ेंगे। 5 मिनट तक कटे आलू पानी में रहने दें।</p>
<p>—अब एक बर्तन में पानी डालकर उसे गैस पर रख दें, पानी जब उबलने लगे तो उसमें नमक और आलू के टुकड़े डाल दें। अच्छा उबाल आने के बाद 5 मिनट तक ढक कर रख दें।</p>
<p>—फिर आलू के टुकड़े पानी से निकाल लें और कपड़े से हल्के हाथ से पोंछकर सुखा लें।</p>
<p>—अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें आलू के टुकड़े डालकर सुनहरे होने तक फ्राई करें और किचन पेपर पर निकाल लें।</p>
<p>—लीजिए तैयार हैं गर्मागर्म फ्रेंच फ्राइज। सॉस और चाट मसाला के साथ सर्व करें।</p>
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