दुनिया – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sun, 02 Aug 2026 04:17:31 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 अमेरिका के इडाहो में बर्गर रेस्तरां के अंदर खूनी खेल: अंधाधुंध गोलीबारी में तीन की मौत, हमलावर ढेर https://www.shauryatimes.com/news/243157 Sun, 02 Aug 2026 04:17:31 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243157 वॉशिंगटन : अमेरिका के इडाहो राज्य के ट्विन फॉल्स शहर में एक सनसनीखेज गोलीबारी की घटना सामने आई है। शहर के एक लोकप्रिय रेस्तरां के भीतर हुई इस अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस खूनी संघर्ष के दौरान हमलावर भी मारा गया है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और समुदाय के लिए फिलहाल कोई खतरा नहीं बचा है।

 

व्यस्त कारोबारी इलाके में हुआ हमला

यह दुखद घटना शहर के सबसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले कारोबारी इलाके में हुई, जहां कई बड़े स्टोर, होटल और रेस्तरां स्थित हैं। शनिवार दोपहर जब रेस्तरां के अंदर ग्राहकों की अच्छी खासी भीड़ थी, तभी अचानक एक हमलावर ने वहां गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस अचानक हुए हमले से रेस्तरां और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कई पुलिस एजेंसियां और आपातकालीन मेडिकल टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा के मद्देनजर अधिकारियों ने आसपास की सड़कों को सील कर दिया और लोगों को उस क्षेत्र से दूर रहने की हिदायत दी।

 

पुलिस प्रमुख का बयान और हमलावर की तलाश

ट्विन फॉल्स के पुलिस प्रमुख मैथ्यू हिक्स ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी दी कि उन्हें पूरा भरोसा है कि अब जनता के लिए कोई खतरा नहीं है। संदिग्ध हमलावर घटनास्थल के पास ही मृत अवस्था में पाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस खूनी हमले के पीछे की मुख्य वजह क्या थी और हमलावर का बैकग्राउंड क्या था। अधिकारियों का कहना है कि चूंकि मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए मृतकों और घायलों के सटीक आंकड़े और उनकी पहचान आधिकारिक तौर पर उनके परिवारों को सूचित करने के बाद ही पूरी तरह सार्वजनिक किए जाएंगे।

 

हाल ही में खुला था रेस्तरां, इलाके में दहशत

पुलिस के अनुसार, यह गोलीबारी जिस ‘इन-एन-आउट बर्गर’ रेस्तरां के अंदर शुरू हुई, वह उस इलाके में महज एक सप्ताह पहले ही नया-नया खुला था और कुछ ही दिनों में स्थानीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो गया था। इस घटना के बाद एहतियात के तौर पर आसपास के मार्गों के अलावा स्नेक रिवर कैन्यन पर बने प्रमुख पेरिन ब्रिज को भी बंद करना पड़ा। दक्षिणी इडाहो के इस प्रमुख क्षेत्रीय केंद्र और लगभग 56 हजार की आबादी वाले शांत शहर ट्विन फॉल्स में इस तरह की घटना से हर कोई स्तब्ध है।

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अमेरिका और इजराइल फिर ईरान में तबाही मचाने की तैयारी में, तेहरान ने भी कसी कमर https://www.shauryatimes.com/news/243154 Sun, 02 Aug 2026 04:13:25 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243154 वाशिंगटन/तेल अवीव/ तेहरान : होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी टकराव के भीषण रूप लेने के आसार बढ़ गए हैं। अमेरिका और इजराइल की 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ की गई एकीकृत सैन्य कार्रवाई के बाद अब फिर दोनों देश उससे भी जोरदार बमबारी करने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार अमेरिका और इजराइल ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर (ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे) को नष्ट करने का चक्रव्यूह तैयार किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा हुआ तो यह जंग खाड़ी से बाहर तक फैल जाएगी। उनके सैनिक दुश्मन के घर पर घुसकर हमला करने से नहीं चूकेंगे। ईरान की आक्रामता का मुकाबला करने के लिए इजराइली सेना ने अपनी रक्षात्मक तैयारी बढ़ा दी है।

 

सीबीएस न्यूज, एक्सिओस, यनेट (वाई नेट) और अल जजीरा की विस्तृत रिपोर्ट में इस सबका जिक्र किया गया है। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान मौजूदा हालात से चिंतित हैं। उन्होंने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की और उन्हें ईरान पर नए सिरे से हमले करने के खिलाफ आगाह किया। उधर, अमेरिकी दूतावासों ने अम्मान (जॉर्डन), यरूशलेम और बगदाद सहित मध्य पूर्व की कई राजधानियों में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को वहां से निकलने के लिए तैयार रहने को कहा है।

 

राष्ट्रपति ट्रंप ने इससे पहले शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में कहा कि अमेरिका पीछे नहीं हटेगा। ईरान को झुकना होगा। उन्होंने दोहराया कि वियतनाम, अफगानिस्तान और कोरिया में भी युद्ध लंबे समय तक चला था। सूत्रों का दावा है कि ईरान के खिलाफ हमले इसी सप्ताहांत में शुरू हो सकते हैं। अमेरिका और इजराइल की सैन्य तैयारियों के बीच ईरान के सांसद और नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमीशन के सदस्य इब्राहिम रेजाई ने चेतावनी दी है कि ईरान की सेना अमेरिका के किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है। इस बार जवाब फारस की खाड़ी तक सीमित नहीं रहेगा। दुश्मन के सभी ठिकानों पर हमले किए जाएंगे। खाड़ी में मौजूद तेल और गैस सुविधाओं को मटियामेट कर दिया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ट्रंप को किसी गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए। ट्रंप की ईरान को पाषाण युग में भेजने की धमकी जगहंसाई करा चुकी है। ईरान का बाल बांका भी नहीं बिगड़ा है। ईरानी सेना का हौसला बुलंद है। मौजूदा हालात पर ईरान ने मध्यस्थ देशों से संपर्क किया है। विदेशमंत्री अब्बास अरागची ने शनिवार को तुर्किये, पाकिस्तान और सऊदी अरब के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने इस देशों से कहा कि वह अमेरिका को बता दें कि इसका अंजाम बहुत खराब होगा।

 

होर्मुज जलडमरूमध्य में उमड़-घुमड़ रहे युद्ध के बादलों के बीच ब्रिटिश नौसेना ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में शनिवार को एक कमर्शियल टैंकर पर हमला किया गया। दूसरे टैंकर को निशाना बनाया गया, पर उसे ज्यादा क्षति नहीं हुई। इन दोनों के पास जोरदार धमाके किए गए। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन ने कहा कि शुक्रवार को ओमान के लीमा से 11 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में एक अज्ञात चीज (प्रोजेक्टाइल) जहाज से टकराई। इस हमले से जहाज का इंजन रूम क्षतिग्रस्त हो गया। शनिवार को एक अन्य टैंकर के पास पानी में तेजी से हलचल (स्प्लैश) और धमाके की सूचना मिली। यह टैंकर खसाब शहर से 21 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम में था। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, ओमान के तट पर फंसे एक प्रतिबंधित टैंकर से कच्चा तेल रिस रहा है।

 

ईरान समर्थक यमन के हूती विद्रोहियों का रुख कुछ नरम पड़ा है। हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में टोल वसूलने के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। बुधवार को यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरियानी ने हूती पर आरोप लगाया था कि वह अरब प्रायद्वीप के दूसरी ओर स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की तरह टोल वसूलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हूती ने कहा कि बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी जहाज से किसी किस्म का टोल नहीं वसूला जा रहा । सनद रहे पिछले महीने हूती ने केवल सऊदी झंडे वाले जहाजों के लिए समुद्री नाकाबंदी की घोषणा की थी।

 

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के महासचिव मोहम्मद बाघेरी जोलघद्र का ने कहा कि अगर अमेरिका नए सिरे से हमला करता है तो तेहरान होर्मुज में नाकाबंदी और सख्त कर दी जाएगी। अन्य जलमार्ग भी बंद कर दिए जाएंगे। सनद रहे 28 फरवरी को हमले के फौरन बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। इस जलमार्ग से कभी दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस गुजरती रही है।

 

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सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन का यमन में हवाई हमला, होदेइदाह के हूथी सैन्य ठिकाने बने निशाना https://www.shauryatimes.com/news/242565 Sat, 25 Jul 2026 07:42:33 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242565 रियाद/सना : लाल सागर में सऊदी-संबंधित जहाजों पर हुए हमलों और समुद्री तनाव के बीच सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के हूथी-नियंत्रित होदेइदाह प्रांत में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। गठबंधन ने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना था, जिनका इस्तेमाल वाणिज्यिक जहाजों को धमकाने और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए किया जा रहा था।

 

रूस की अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (आरटी)

 

तथा

 

तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू के मुताबिक गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की ने बताया कि अभियान अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुरूप चलाया गया और होदेइदाह बंदरगाह को निशाना नहीं बनाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि होदेइदाह, रास ईसा और अल-सलीफ सहित यमन के सभी प्रमुख बंदरगाह समुद्री आवाजाही के लिए खुले हैं।

 

दूसरी ओर, हूथी समूह के अल-मसीराह टीवी ने दावा किया कि हमलों में होदेइदाह प्रांत की दूरसंचार सुविधाओं और लाल सागर स्थित कामरान द्वीप को निशाना बनाया गया। समूह के अनुसार, हमले में एक महिला घायल हुई, जबकि उसकी राजनीतिक शाखा ने कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि वह “बढ़ते तनाव का जवाब और अधिक तनाव से” देगा।

 

हमलों के कुछ समय बाद सऊदी अरब के औद्योगिक शहर जाज़ान पर हूथी के जवाबी हमले की भी खबरें सामने आईं। रिपोर्टों के अनुसार, सरकारी तेल कंपनी अरामको की एक सुविधा में आग लग गई। इससे पहले हूथियों ने दावा किया था कि उन्होंने इस सप्ताह सऊदी स्वामित्व वाले दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया। सऊदी अधिकारियों ने स्वीकार किया कि एक टैंकर में आग लगी थी, जबकि दूसरे जहाज को मामूली नुकसान पहुंचा।

 

हाल के दिनों में हूथी समूह ने लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सऊदी-संबंधित जहाजों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। समूह का कहना है कि यह कदम यमन पर जारी “घेराबंदी” के जवाब में उठाया गया है। इसके बाद सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और जहाजों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की घोषणा की।

 

यमन में संघर्ष 2014 में हूथियों द्वारा राजधानी सना पर कब्जे के बाद शुरू हुआ था। 2015 में सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। लंबे समय से जारी इस संघर्ष ने यमन में गंभीर मानवीय संकट को जन्म दिया है।

 

गाजा युद्ध शुरू होने के बाद 2023 से हूथियों ने इजरायल और उससे जुड़े जहाजों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले शुरू किए थे, जिन्हें उन्होंने फिलिस्तीनियों के समर्थन में उठाया गया कदम बताया। हालांकि, मई 2025 में अमेरिका के साथ हुए समझौते के बाद इन हमलों में कुछ समय के लिए कमी आई थी। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूथियों के खिलाफ “कड़ी सैन्य कार्रवाई” की चेतावनी देते हुए उन्हें ईरान समर्थित संगठन बताया।

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खैबर पख्तूनख्वा के टैंक में आतंकी हमले में 14 सुरक्षाकर्मी समेत 15 की मौत, जवाबी कार्रवाई में 12 हमलावर ढेर https://www.shauryatimes.com/news/242540 Sat, 25 Jul 2026 05:42:27 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242540 इस्लामाबाद : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के टैंक जिले में एक संयुक्त पुलिस चेकपोस्ट पर हुए आतंकी हमले में 14 सुरक्षाकर्मियों समेत 15 लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के अनुसार, सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में 12 आतंकवादियों को मार गिराया।

 

आईएसपीआर के हवाले से जीओ न्यूज ने बताया कि 23 और 24 जुलाई की दरमियानी रात आतंकवादियों ने चेकपोस्ट की सुरक्षा घेराबंदी तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई कर उनके प्रयास को विफल कर दिया। इसके बाद भाग रहे आतंकवादियों का पीछा करते हुए 12 हमलावरों को मार गिराया गया।

 

सेना ने बताया कि हमला विफल होने के बाद आतंकवादियों ने विस्फोटकों से लदे वाहन को चेकपोस्ट की बाहरी दीवार से टकरा दिया। इस शक्तिशाली विस्फोट में चेकपोस्ट को भारी नुकसान पहुंचा और 15 लोगों की जान चली गई। मृतकों में सेना के 12 जवान, दाे पुलिस कर्मी और वन विभाग के एक पूर्व सरकारी अधिकारी शामिल हैं।

 

आईएसपीआर ने कहा कि इलाके में बचे हुए आतंकवादियों की तलाश के लिए सैनिटाइजेशन ऑपरेशन जारी है। सेना ने दोहराया कि देश से आतंकवाद के खतरे को समाप्त करने के लिए सुरक्षा बल और कानून प्रवर्तन एजेंसियां आतंकवाद विरोधी अभियान लगातार जारी रखेंगी।

 

हमले के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसकी कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं ने शहीद सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और ऑपरेशन में 12 आतंकवादियों को मार गिराने के लिए सुरक्षा बलों की सराहना की।

 

पाकिस्तान में वर्ष 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से, विशेषकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसी पृष्ठभूमि में पाकिस्तान सरकार आतंकवाद के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है।—————–

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कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की उम्र में निधन https://www.shauryatimes.com/news/241322 Sun, 12 Jul 2026 13:03:35 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=241322 दोहा : कतर के पूर्व शासक और ‘फादर अमीर’ के नाम से प्रसिद्ध शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। कतर के अमीरी दीवान ने रविवार को उनके निधन की जानकारी दी।

 

अमीरी दीवान ने बयान जारी कर कहा कि देश एक बड़ी क्षति पर शोक व्यक्त कर रहा है और ईश्वर से दिवंगत शेख हमद की आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

 

शेख हमद ने वर्ष 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया। उनके शासनकाल को देश के तेज आर्थिक और सामाजिक विकास के दौर के रूप में देखा जाता है। प्राकृतिक गैस और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध कतर को वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली देश बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

 

उनके कार्यकाल में कतर ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की। आज कतर का प्रभाव मध्य पूर्व के साथ-साथ उत्तरी अफ्रीका और एशिया तक फैला हुआ है।

 

शेख हमद के शासनकाल में वर्ष 1996 में अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क अल जज़ीरा की शुरुआत हुई। इसके अलावा वर्ष 2004 में कतर का पहला स्थायी संविधान लागू किया गया। उनके शासन में नगरपालिका चुनावों की शुरुआत हुई, जिसमें महिलाओं को मतदान करने और चुनाव लड़ने का अधिकार दिया गया।

 

उनके नेतृत्व में कतर ने वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मजबूत की। वर्ष 2022 में कतर ने फीफा पुरुष विश्व कप की मेजबानी की, जो देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि रही। टूर्नामेंट के दौरान शेख हमद का प्रशंसकों ने स्वागत किया था।

 

वर्ष 2013 में शेख हमद ने अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सत्ता सौंप दी। उस समय शेख तमीम की उम्र 33 वर्ष थी। खाड़ी क्षेत्र में किसी वंशानुगत शासक द्वारा स्वेच्छा से सत्ता हस्तांतरण का यह एक दुर्लभ उदाहरण माना गया।

 

शेख हमद बिन खलीफा अल थानी को कतर के आधुनिक राष्ट्र निर्माण और वैश्विक पहचान स्थापित करने वाले प्रमुख नेताओं में गिना जाता है।

 

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चीन में तूफान ‘बावी’ का कहर, बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द, रेल सेवाएं प्रभावित https://www.shauryatimes.com/news/241319 Sun, 12 Jul 2026 13:00:55 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=241319 बीजिंग : चीन के पूर्वी तट से टकराए टाइफून ‘बावी’ ने व्यापक तबाही मचाई है। तेज़ हवा और मूसलाधार बारिश के कारण देशभर में हज़ारों उड़ानें रद्द या विलंबित हो गई हैं, जबकि कई इलाकों में हाईस्पीड रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। हालात को देखते हुए चीनी प्रशासन ने बड़े पैमाने पर आपातकालीन इंतज़ाम किए हैं।

 

चीन की सरकारी मीडिया शिन्हुआ तथा अन्य मीडिया रिपाेर्ट के मुताबिक, टाइफून ‘बावी’ शनिवार को पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत में पहुंचा, जिसके बाद दक्षिणी और पूर्वी चीन के कई हिस्सों में भारी बारिश शुरू हो गई। ट्रैवल एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म ‘उमेट्रिप’ के हवाले से बताया गया है कि रविवार के लिए निर्धारित 2,800 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं।

 

तूफ़ान का असर शंघाई, नानजिंग, हांग्झू, वुहान, शेनयांग, डालियान और चेंगदू समेत कई बड़े शहरों पर पड़ा है। दक्षिण-पूर्वी फुजियान, झेजियांग, दक्षिणी गुआंग्शी और हैनान के हवाई अड्डों पर भी बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द की गई हैं। वहीं, बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बीजिंग डैक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खराब मौसम के कारण कई उड़ानों में देरी हुई।

 

पूर्वी चीन के जियांग्सू प्रांत में शंघाई, हांग्झू और चांगझू समेत 45 हवाई अड्डों ने तूफ़ान को लेकर अलर्ट जारी किया है। शंघाई पुडोंग और शंघाई होंगकियाओ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की परिचालन क्षमता भी प्रभावित हुई है, जहां लगभग 30 प्रतिशत उड़ानें रद्द होने की आशंका जताई गई है।

 

रेल यातायात भी इससे अछूता नहीं रहा। कई क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर हाईस्पीड ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

 

इस बीच, चीन के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट और टाइफून के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, झेजियांग, उत्तरी फुजियान, दक्षिणी अनहुई, उत्तर-पूर्वी जियांग्शी, बीजिंग और हेबेई के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में 250 से 500 मिलीमीटर, जबकि ताइवान के कुछ हिस्सों में 800 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है।

 

टाइफून के खतरे को देखते हुए चीन के आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने शंघाई, जियांग्सू, अनहुई, जियांग्शी और सिचुआन में बाढ़ एवं टाइफून नियंत्रण के लिए लेवल-4 आपातकालीन प्रतिक्रिया लागू कर दी है। वहीं, जल संसाधन मंत्रालय ने झेजियांग और फुजियान में बाढ़ नियंत्रण के लिए आपातकालीन स्तर को बढ़ाकर लेवल-3 कर दिया है। परिवहन मंत्रालय ने भी भारी बारिश के मद्देनज़र उच्च स्तरीय आपातकालीन व्यवस्था लागू की है।

 

प्रशासन ने तटीय इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, मछली पकड़ने वाली नौकाओं को बंदरगाहों में रोक दिया गया है और राहत शिविरों में लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।——————

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उड़ान के दौरान रायनएयर के बोइंग विमान की खिड़की टूटने से यात्री घायल, जांच जारी https://www.shauryatimes.com/news/241184 Sat, 11 Jul 2026 04:26:07 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=241184 एथेंस/बर्लिन : ग्रीस से जर्मनी जा रही रायनएयर के बोइंग 737 विमान की उड़ान के दौरान खिड़की टूटने की घटना सामने आई है। हादसे में खिड़की के पास बैठा एक 61 वर्षीय यात्री घायल हो गया। एयरलाइन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान सुरक्षित रूप से वापस हवाई अड्डे पर उतारा गया, जबकि खिड़की टूटने के कारणों की जांच की जा रही है।

 

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार को ग्रीस के थेसालोनिकी से जर्मनी के मेमिंगेन जा रही फ्लाइट एफआर1879 में हुई, जिसका संचालन माल्टा एयर द्वारा रायनएयर के लिए किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि टेक-ऑफ के कुछ ही देर बाद विमान में तकनीकी समस्या आई। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इंजन से निकले मलबे का एक टुकड़ा विमान के फ्यूज़लेज से टकराया और इससे केबिन की एक खिड़की क्षतिग्रस्त हो गई।

 

रिपोर्टों के अनुसार, खिड़की के पास बैठे सर्बिया के 61 वर्षीय यात्री को तेज हवा और दबाव में बदलाव के कारण चोटें आईं। विमान के उतरने के बाद उन्हें सदमे की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया गया है कि उन्होंने सीट बेल्ट पहन रखी थी, जिससे वे विमान के बाहर नहीं गिरे। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि उनकी पत्नी ने उनके पैर पकड़ लिए और अन्य यात्रियों की मदद से उन्हें सुरक्षित अंदर खींच लिया गया।

 

घटना के बाद विमान के केबिन में अफरातफरी मच गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में क्षतिग्रस्त खिड़की दिखाई दे रही है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि केबिन का दबाव कम होने के कारण ऑक्सीजन मास्क स्वतः नीचे आ गए।

 

रायनएयर ने अपने बयान में कहा कि शुक्रवार सुबह थेसालोनिकी से मेमिंगेन जा रही उड़ान टेक-ऑफ के कुछ ही देर बाद यात्री की खिड़की टूटने के कारण सुरक्षित रूप से थेसालोनिकी लौट आई। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की और कहा कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

 

विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने भी घटना की जानकारी होने की पुष्टि करते हुए कहा कि वह रायनएयर के संपर्क में है। फिलहाल खिड़की टूटने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

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भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए भरेंगे उड़ान https://www.shauryatimes.com/news/241082 Fri, 10 Jul 2026 06:35:36 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=241082 वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन (नासा) के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को कजाखस्तान स्थित बैकानूर अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थल से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए आठ महीने के मिशन पर रवाना होंगे। 49 वर्षीय मेनन भारतीय मूल के हैं। इस आशय की विज्ञप्ति नासा की वेबसाइट पर नौ जुलाई को साझा की गई है। विज्ञप्ति के अनुसार, मिनियापोलिस में यूक्रेनी और भारतीय प्रवासी माता-पिता के घर जन्मे मेनन आपातकालीन चिकित्सा के चिकित्सक और अमेरिकी अंतरिक्ष बल में कर्नल हैं।

 

नासा की विज्ञप्ति के अनुसार, अनिल मेनन, कॉस्मोनॉट प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना के साथ रोस्कोस्मोस के सोयुज एमएस-29 स्पेसक्राफ्ट से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरेंगे। वहां वे ‘एक्सपीडिशन 74’ क्रू के साथ मिलकर वैज्ञानिक अनुसंधान को आगे बढ़ाएंगे। उत्तरी अमेरिका के समयानुसार तीनों सुबह 10:47 बजे (बैकोनूर समय के अनुसार शाम 7:47 बजे) उड़ान भरेंगे। इसका लाइव कवरेज नासा, अमेजन प्राइम और नासा के यू-टूयूब चैनल पर उपलब्ध होगा। नासा ने साफ किया है कि इस कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है।

 

अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन, डुब्रोव और किकिना अप्रैल 2027 में पृथ्वी पर लौटने से पहले अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन ‘एक्सपीडिशन 74/75’ क्रू सदस्यों के तौर पर ऑर्बिटल कॉम्प्लेक्स में लगभग आठ महीने बिताएंगे। मेनन की यह पहली, डुब्रोव और किकिना की यह दूसरी अंतरिक्ष उड़ान होगी। इस दौरान मेनन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अपने प्रवास के दौरान वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। इनमें लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने का मानव शरीर पर पड़ने वाले शारीरिक प्रभावों का अध्ययन तथा यह जांच शामिल होगी।

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मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में मोदी-अल्बनीज ने जारी किया भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग का रोडमैप https://www.shauryatimes.com/news/241079 Fri, 10 Jul 2026 06:32:02 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=241079 मेलबर्न : भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में आयोजित एक विशेष खेल कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ मिलकर भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग रोडमैप जारी किया। इसका उद्देश्य खेल प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, खेल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा खेल उद्योग में दोनों देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देना है।

 

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया प्रांत की प्रीमियर जैसिंटा एलन, पूर्व क्रिकेटर स्टीव वॉ और भारतीय मूल की पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर लिसा स्थालेकर सहित कई खेल हस्तियां मौजूद रहीं। यह आयोजन भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत खेल, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जन-से-जन संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

 

जारी किए गए रोडमैप के तहत दोनों देश खेल प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, तकनीकी सहयोग, निवेश और खेल उद्योग के विकास के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाएंगे। इसके अलावा भारत-ऑस्ट्रेलिया युवा खेल महोत्सव आयोजित करने की भी योजना है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खेल लोगों और देशों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह रोडमैप दोनों देशों की खेल साझेदारी को और व्यापक तथा विविध बनाएगा। प्रधानमंत्री ने हाल में महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने के लिए ऑस्ट्रेलिया को बधाई भी दी।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय खेलों के एक महत्वपूर्ण दशक में प्रवेश कर रहे हैं। भारत वर्ष 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा, जबकि ऑस्ट्रेलिया वर्ष 2032 के ब्रिस्बेन ओलंपिक खेलों की मेजबानी करेगा। उन्होंने कहा कि ये अवसर दोनों देशों के बीच खेल और उससे जुड़े उद्योगों में सहयोग बढ़ाने के लिए स्वाभाविक मंच प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने कबड्डी, ऑस्ट्रेलियन फुटबॉल और क्रिकेट के प्रदर्शनी मैचों में भाग ले रहे युवा खिलाड़ियों से भी बातचीत की।

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भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी निवेश, नवाचार और स्वच्छ ऊर्जा के नए युग का आधार बनेगी : प्रधानमंत्री मोदी https://www.shauryatimes.com/news/240982 Thu, 09 Jul 2026 06:18:31 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=240982 मेलबर्न : भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं, आपूर्ति शृंखला में व्यवधान और ऊर्जा संकट के दौर में भारत और ऑस्ट्रेलिया स्वाभाविक तथा भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के उद्योग जगत से स्वच्छ ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, बुनियादी ढांचा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर वैश्विक समाधान विकसित कर सकते हैं।

 

उन्होंने यह आह्वान मेलबर्न में आयोजित ‘इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन’ के संबोधन में किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच वर्ष 2022 में हुए आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते (ईसीटीए) ने आर्थिक संबंधों को नई मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि समझौते के लागू होने के बाद भारत का ऑस्ट्रेलिया को निर्यात दोगुना हुआ है और दोनों देशों के कारोबारियों को नए बाजारों तक पहुंच का लाभ मिला है। उन्होंने प्रस्तावित व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (सीईसीए) को शीघ्र अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हरित हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जलविद्युत परियोजनाओं में ऑस्ट्रेलिया की प्रौद्योगिकी, पूंजी और संसाधन भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा को गति दे सकते हैं। मोदी ने कहा कि भारत ने हाल ही में ‘शांति अधिनियम’ के माध्यम से निजी क्षेत्र के लिए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को खोला है और वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम भंडार इस क्षेत्र में दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक सहयोग का अवसर प्रदान करते हैं।

 

उन्होंने कहा कि भारत में बंदरगाह, हवाई अड्डे, सड़क, रेलवे और शहरी बुनियादी ढांचे में दीर्घकालिक निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि देश में प्रतिदिन लगभग 34 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग और आठ किलोमीटर से अधिक नई रेल लाइन का निर्माण हो रहा है, जो भारत की गति, पैमाने और स्थिरता का परिचायक है।

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन, क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के लिए 10 अरब डॉलर से अधिक का सरकारी समर्थन उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने डेटा सेंटर, एआई, क्वांटम प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग से वैश्विक समाधान विकसित करने का आह्वान किया।

 

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पेंशन फंडों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि भारत सुरक्षित, स्थिर और टिकाऊ निवेश का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत में पेंशन निधि को करोड़ों परिवारों के विश्वास की अमानत माना जाता है और सरकार निवेशकों के विश्वास तथा पूंजी, दोनों की वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों द्वारा गिफ्ट सिटी में परिसर स्थापित करना भारत के प्रति उनके विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने छात्र आदान-प्रदान को प्रतिभा साझेदारी में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

मोदी ने सुझाव दिया कि भारत के राज्यों और ऑस्ट्रेलिया के प्रांतों के बीच उनकी विशेष क्षमताओं के आधार पर प्रत्यक्ष आर्थिक साझेदारी विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों को ओडिशा और गुजरात की विनिर्माण क्षमता, क्वींसलैंड और तस्मानिया की स्वच्छ ऊर्जा विशेषज्ञता को भारत के नवीकरणीय ऊर्जा गलियारों तथा न्यू साउथ वेल्स और विक्टोरिया की वित्त एवं नवाचार क्षमता को महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना के साथ जोड़कर नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और मुक्त एवं समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र की समान दृष्टि के आधार पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संवाद दोनों देशों के बीच नए विचारों, नई साझेदारियों और नए निवेश अवसरोंको जन्म देगा।

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