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	<title>उत्तरप्रदेश &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>‘इस बार बीजेपी को वोट का चंदा भी नहीं मिलेगा’, अखिलेश यादव बोले- ‘2027 चुनाव चाहें सितंबर में करा लें, समाजवादी पार्टी पूरी तरह तैयार’</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/240343</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Jul 2026 13:02:57 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में कराना चाहें, तो वे तैयार हैं। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि जो लोग नवंबर में चुनाव कराना चाहते हैं, वे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में कराना चाहें, तो वे तैयार हैं। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि जो लोग नवंबर में चुनाव कराना चाहते हैं, वे इसे सितंबर में करा सकते हैं, क्योंकि हम पूरी तरह से तैयार हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अखिलेश यादव ने अपने इस बयान के साथ ही मौजूदा राजनीतिक हालात और न्याय व्यवस्था पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी लोग न्याय के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस बार भाजपा को न तो चंदा मिलेगा, न दान, न चढ़ावा और न ही वोट।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि मर्यादा का पहला नाम प्रभु श्रीराम है और दूसरा नाम संविधान। उन्होंने कहा कि पहले आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया और अब संविधान को दबाने का प्रयास हो रहा है, जिससे आस्था, मर्यादा और श्रद्धा तीनों को चोट पहुंची है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चोरी भाजपा की “प्रैक्टिस” बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बार स्वयं प्रभु श्रीराम ने उनकी पोल खोल दी है। यादव का कहना था कि यदि प्रभु श्रीराम के नाम पर चढ़े चढ़ावे का सही आंकड़ा सामने आए, तो यह रकम बहुत बड़ी हो सकती है, क्योंकि गुप्त दान का भी कोई हिसाब-किताब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंततः, प्रभु श्रीराम ही इसका हिसाब-किताब करेंगे।</p>
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		<title>न्यूरो डाइवर्स बच्चों के लिए लखनऊ में नई उम्मीद, ‘माइंड राइज’ सेंटर का शुभारंभ</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/240291</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Jul 2026 06:22:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। न्यूरो डाइवर्स बच्चों के समग्र विकास और उन्हें आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राजधानी लखनऊ को एक नई सौगात मिली है। गोमती नगर में’माइंड राइज चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर का शुभारंभ किया गया है। Swasthyodaya OPC Pvt. Ltd. के अंतर्गत संचालित इस केंद्र में ऑटिज्म, एडीएचडी (ADHD), ग्लोबल डेवलपमेंटल डिले, सेरेब्रल पाल्सी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><em>लखनऊ।</em> </strong>न्यूरो डाइवर्स बच्चों के समग्र विकास और उन्हें आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राजधानी लखनऊ को एक नई सौगात मिली है। गोमती नगर में’माइंड राइज चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर का शुभारंभ किया गया है। Swasthyodaya OPC Pvt. Ltd. के अंतर्गत संचालित इस केंद्र में ऑटिज्म, एडीएचडी (ADHD), ग्लोबल डेवलपमेंटल डिले, सेरेब्रल पाल्सी सहित विभिन्न न्यूरो डेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स से प्रभावित बच्चों के लिए विशेषज्ञ थेरेपी और परामर्श की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।</p>
<p>सेंटर हेड पारितोष गुप्ता ने बताया कि प्रदेश, खासकर लखनऊ में न्यूरो डाइवर्स बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि विशेषज्ञ थेरेपी सेवाएं देने वाले केंद्र अपेक्षाकृत कम हैं। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र की स्थापना की गई है, ताकि अभिभावकों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती सेवाएं एक ही स्थान पर मिल सकें।</p>
<p>उन्होंने बताया कि केंद्र में अनुभवी प्रोफेशनल थेरेपिस्ट की टीम स्पीच थेरेपी, बिहेवियर थेरेपी, ऑक्युपेशनल थेरेपी और स्पेशल एजुकेशन जैसी सेवाएं प्रदान करेगी। उपचार के साथ-साथ बच्चों के संपूर्ण मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-240293" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-02-at-10.17.45-AM.jpeg" alt="" width="1280" height="963" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-02-at-10.17.45-AM.jpeg 1280w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-02-at-10.17.45-AM-300x226.jpeg 300w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-02-at-10.17.45-AM-1024x770.jpeg 1024w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Image-2026-07-02-at-10.17.45-AM-768x578.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p>केंद्र के निदेशक दिव्यांशु कुमार ने बताया कि जटिल मामलों में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की सलाह भी आवश्यक होती है। इसी उद्देश्य से अमेरिका की प्रतिष्ठित संस्था Omni Health Care Services के सहयोग से केंद्र में विदेशी विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।</p>
<p>वहीं, प्रबंध निदेशक डॉ. प्रीति कुरील ने बताया कि समय-समय पर लेजर थेरेपी, हाइड्रो थेरेपी, हिप्पो थेरेपी और एप्लाइड बिहेवियर एनालिसिस (ABA) जैसी आधुनिक उपचार पद्धतियों पर आधारित विशेषज्ञ मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। नई तकनीकों और विशेषज्ञ परामर्श के माध्यम से बच्चों के विकास में बेहतर और अपेक्षाकृत तेज़ परिणाम प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर पहचान, उचित थेरेपी और निरंतर प्रशिक्षण से न्यूरो डाइवर्स बच्चों के विकास में उल्लेखनीय सुधार संभव है। ऐसे में यह केंद्र राजधानी और आसपास के क्षेत्रों के परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में SBI की एंट्री! गिरफ्तार 8 में से 6 कर्मचारी सुरक्षा एजेंसी में करते थे काम, बोले- ‘हमें बैंक ने तैनात किया था’</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/240281</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 02 Jul 2026 05:28:11 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अयोध्या। राम जन्म मंदिर में चढ़ावे की राशि की गिनती में कथित अनियमितताओं के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों में से छह कर्मचारी वाराणसी स्थित सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज कंपनी के हैं। &#160; इस संबंध में कंपनी के डायरेक्टर गौरव सिंह ने बताया कि उनकी एजेंसी का अनुबंध स्टेट बैंक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अयोध्या। राम जन्म मंदिर में चढ़ावे की राशि की गिनती में कथित अनियमितताओं के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों में से छह कर्मचारी वाराणसी स्थित सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज कंपनी के हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस संबंध में कंपनी के डायरेक्टर गौरव सिंह ने बताया कि उनकी एजेंसी का अनुबंध स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के साथ है। उन्होंने कहा कि बैंक ने 1 जनवरी, 2026 को 65 हाउसकीपिंग कर्मचारियों की सेवाएं दी थीं। इनमें से कुछ कर्मचारी अयोध्या के स्थानीय निवासी हैं, जिन्हें बैंक ने अपनी कंपनी से जोड़ने के लिए चुना था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>गौरव सिंह ने यह भी बताया कि इन कर्मचारियों का उपयोग विभिन्न शाखाओं और कार्यों में किया जाता है। कुछ कर्मचारियों को एसबीआई ने घाट शाखा में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तहत तैनात किया था। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में चढ़ावे की राशि की गिनती में हुई कथित अनियमितताओं के बाद गठित विशेष जांच दल (एसआइटी) ने उनके लखनऊ कार्यालय से संपर्क किया था और उन्हें अनुबंध, नियुक्ति संबंधी जानकारी प्रदान की गई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी का नाम सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज है, जबकि अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में अनुबंध एसआइएस कंपनी का है। उनका दावा है कि उनका किसी भी तरह का सीधा संबंध मंदिर से नहीं है और न ही उनकी कंपनी ने मंदिर में काम किया है। उन्होंने कहा कि यह सब बैंक ही स्पष्ट कर सकता है, क्योंकि बैंक ही हाउसकीपिंग कर्मचारियों को तैनात करता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भक्तों के लाड-प्यार में बीमार पड़ गए ‘भगवान जगन्नाथ’, काशी में एकांतवास में कर रहें आराम; मिट्टी के चूल्हे पर तैयार हो रहा है काढ़े वाला ‘महाप्रसाद’</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/240212</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 07:47:03 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी (वाराणसी) में ज्येष्ठ माह के पूर्णिमा तिथि पर भक्तों के प्रेम में अत्यधिक स्नान से प्रतीक रूप से बीमार पड़े भगवान जगन्नाथ स्वास्थ्य लाभ के लिए एकांतवास में है। उन्हें शीघ्र स्वस्थ होने के लिए औषधीय काढ़ा दिया जा रहा है। अस्सी स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>वाराणसी। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी (वाराणसी) में ज्येष्ठ माह के पूर्णिमा तिथि पर भक्तों के प्रेम में अत्यधिक स्नान से प्रतीक रूप से बीमार पड़े भगवान जगन्नाथ स्वास्थ्य लाभ के लिए एकांतवास में है। उन्हें शीघ्र स्वस्थ होने के लिए औषधीय काढ़ा दिया जा रहा है। अस्सी स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर में भगवान जगन्नाथ,भइया बलभद्र और बहन सुभद्रा तीनों देव (काष्ठ विग्रह) को सायंकाल प्रधान पुजारी राधे श्याम पांडेय काली मिर्च, लौंग, छोटी और बड़ी इलायची, जायफल, खांडसारी तथा तुलसी से तैयार विशेष काढ़े का भोग अर्पित कर रहे है।</p>
<p>मान्यता के अनुसार यही औषधीय काढ़ा पीने से भगवान एक पखवाड़े में स्वस्थ हो जाएंगे। भगवान को चढ़ाया प्रसाद मंदिर पहुंच रहे श्रद्धालुओं में वितरित हो रहा है। बुधवार को मंदिर के पुजारी ने बताया कि काढ़े का प्रसाद लेने के लिए भक्तों की भारी भीड़ मंदिर में पहुंच रही है। पुजारी राधेश्याम पांडेय स्वयं मिट्टी के चूल्हे पर पारंपरिक बना भगवान को अर्पित करते है। क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ता रामयश मिश्र बताते है कि काढ़े का प्रसाद लेने से सर्दी, खांसी और पेट के तमाम रोग ठीक हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान को चढ़ा प्रसाद आस्था, परंपरा और विश्वास का प्रतीक है। यह उत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि काशी की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हर वर्ष की तरह इस बार भी भगवान का गणेश स्वरूप, स्नान यात्रा और एकांतवास यह संदेश दे गया कि दिव्यता केवल दर्शन में नहीं, बल्कि उन परंपराओं में भी बसती है जिन्हें पीढ़ियां पूरी श्रद्धा के साथ जीवित रखती आई हैं। सामाजिक कार्यकर्ता बताते है कि नाथों के नाथ भगवान जगन्नाथ के एकांतवास पर जाने (बीमार होने ) की लीला भी मानव को एक संदेश देने के लिए है। भगवान स्वयं बीमार होकर पूरे सृष्टि को यह संदेश देते हैं कि इस धरती पर जो भी जीव पैदा होगा उसे दुख-सुख का सामना करना ही पड़ेगा। यह जो शरीर मिला है, उसमें रोग व्याधि आएंगे ही लेकिन हम उसका मुकाबला धीरज संयम के साथ करेंगे तो वह दूर होगा। दुख-सुख जीवन का हिस्सा है और यह पृथ्वी पर आने वाले हर जीव को चाहे वह मानव रूप में हो या जीव जंतुओं के रूप में उसे सहना ही पड़ेगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>साथ ही वह संदेश देते हैं कि किसी चीज की अति भी काफी नुकसानदेह होती है। चाहे वह किसी रूप में क्यों ना हो। प्रकृति द्वारा मिले हुए जल,वायु व जमीन का हम उतना ही उपयोग करें जितना हमें जरूरत हो। आवश्यकता से अधिक दोहन करने से प्रकृति में असंतुलन हो जाएगा और फिर विनाश को कोई रोक नहीं पाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी : चढ़ावे से आरोपितों ने खरीदे आलीशान मकान और होटल में शेयर, अविनाश शुक्ल से जेल में 4 घंटे पूछताछ</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/240197</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 06:02:06 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने अब सभी आठ आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद उनकी आर्थिक रीढ़ तोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन इन आरोपितों की उन संपत्तियों को अटैच यानी कुर्क करने जा रहा है, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई गई हैं। इसके साथ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने अब सभी आठ आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद उनकी आर्थिक रीढ़ तोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन इन आरोपितों की उन संपत्तियों को अटैच यानी कुर्क करने जा रहा है, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई गई हैं। इसके साथ ही, विभिन्न बैंकों में जमा इनके खातों का विवरण जुटाकर उन्हें फ्रीज कराने की कानूनी प्रक्रिया भी तेजी से शुरू कर दी गई है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसी सिलसिले में विवेचक क्षेत्राधिकारी आशुतोष त्रिपाठी के निर्देशन में पुलिस टीम ने मंगलवार को मंडल कारागार पहुंचकर मुख्य आरोपित अविनाश शुक्ल से करीब चार घंटे तक बंद कमरे में गहन पूछताछ की। गौरतलब है कि अदालत ने सभी आरोपितों को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर 13 जुलाई तक के लिए जेल भेज दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस बड़े घोटाले की जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने कई कड़े कदम उठाए हैं। पुलिस की एक विशेष टीम ने कारसेवकपुरम पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मुलाकात की और इस पूरे प्रकरण पर अहम जानकारी जुटाई। उनसे आरोपित कर्मियों की नियुक्ति, उनके सत्यापन और संस्तुति के बारे में पूछताछ की गई, जिस पर उन्होंने रमाशंकर यादव जैसे पुराने कर्मी की संलिप्तता पर गहरी हैरानी जताई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसके अलावा, पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक और केनरा बैंक की स्थानीय शाखाओं से आरोपितों के खातों का पूरा स्टेटमेंट और वित्तीय लेन-देन का ब्योरा निकाला है। इस मामले में आगे की पूछताछ के लिए राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र सहित 60 से अधिक लोगों को चिन्हित कर तलब किया गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस की अब तक की जांच और छापेमारी में टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव के घरों से हैरान करने वाले दस्तावेज और निवेश के प्रपत्र मिले हैं। ये सभी आरोपित बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और इनके पैतृक मकान आज भी गांव में बदहाल स्थिति में हैं, लेकिन मंदिर के चढ़ावे के पैसे से इन्होंने दूसरी कीमती जगहों पर महंगी जमीनें खरीदकर आलीशान मकान खड़े कर लिए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इन्होंने स्थानीय होटलों और रेस्टोरेंट में मोटी रकम लगाकर साझेदारी की है और महंगी गाड़ियां, मोबाइल व भारी मात्रा में आभूषण खरीदे हैं। पुलिस को इनके पास से जमीनों की रजिस्ट्री, फिक्स डिपॉजिट के कागजात और कई क्रेडिट व डेबिट कार्ड मिले हैं, जिनकी प्रामाणिकता जांचने के लिए रुदौली पुलिस ने स्थानीय निबंधन कार्यालय पहुंचकर घंटों पड़ताल भी की है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल सभी आरोपितों की वैध आय और उनके पास से मिली संपत्तियों का मिलान किया जा रहा है। यदि कानूनी प्रक्रिया के तहत यह साबित होता है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई से खड़ी की गई हैं, तो इन्हें तुरंत कुर्क कर लिया जाएगा। जेल में हुई पूछताछ से मिले नए सुरागों के आधार पर पुलिस आने वाले दिनों में इन आरोपितों की दोबारा पुलिस रिमांड भी मांग सकती है ताकि इस रैकेट में शामिल कुछ और चेहरों को बेनकाब किया जा सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चंपत राय की प्राइवेट आर्मी या लूट का सेफ रूट? अयोध्या राम मंदिर में 12 करोड़ की रॉयल सिक्योरिटी का वो सच, जिसने उड़ा दिए सबके होश!</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/240137</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:09:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अयोध्या : अयोध्या के भव्य राम जन्मभूमि मंदिर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मंदिर के दानपात्र (हुंडी) से चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब इस महाघोटाले की जांच का दायरा केवल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अयोध्या : अयोध्या के भव्य राम जन्मभूमि मंदिर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मंदिर के दानपात्र (हुंडी) से चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब इस महाघोटाले की जांच का दायरा केवल मंदिर के काउंटिंग रूम (गिनती कक्ष) तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके तार एक बेहद शातिर और सुनियोजित आपराधिक सिंडिकेट (Organized Criminal Gang) से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा धमाका मंदिर परिसर की सुरक्षा में तैनात 400 निजी सुरक्षाकर्मियों को लेकर हुआ है, जो अब सीधे तौर पर जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं। इसी के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की कार्यप्रणाली और उनके द्वारा तैयार किए गए सुरक्षा तंत्र पर भी बेहद गंभीर आरोप लग रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंपत राय की ‘राजा’ जैसी दुनिया: सालाना 12 करोड़ की प्राइवेट आर्मी का सच</p>
<p>मंदिर से जुड़े सूत्रों और अंदरूनी जानकारों की मानें तो अयोध्या में चंपत राय की एक बिल्कुल अलग और रसूखदार दुनिया थी, जहां वे किसी ‘राजा’ की तरह रहते थे। उन्होंने नियम-कायदों को ताक पर रखकर अपनी एक ‘निजी सेना’ खड़ी कर रखी थी, जिसे कागजों पर ‘निजी सुरक्षा गार्ड्स’ का नाम दिया गया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन 400 निजी गार्ड्स की तैनाती के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के आधिकारिक खाते से हर महीने ₹1 करोड़ यानी सालाना लगभग ₹12 करोड़ की भारी-भरकम राशि बकायदा ‘नंबर एक’ में भुगतान की जा रही थी। अब गंभीर आरोप यह लग रहे हैं कि यह आलीशान सुरक्षा घेरा मंदिर की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि दान में आने वाले ‘लूट के माल’ को बिना किसी रोक-टोक के सुरक्षित रास्ता (Safe Route) देने के लिए तैयार किया गया था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सरकारी अभेद्य किले के बीच आखिर क्यों रखी गई निजी सेना?</p>
<p>अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही बेहद सख्त और अभेद्य मानी जाती है। यहां केंद्र और राज्य सरकार की पैरामिलिट्री फोर्सेज (अर्धसैनिक बल) और एलीट कमांडोज की भारी तैनाती है। ऐसे में जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह खड़ा हुआ है कि जब सरकारी सुरक्षा चक्र इतना मजबूत था, तो ट्रस्ट के पैसे पर इतनी बड़ी संख्या में निजी सुरक्षाकर्मियों को रखने की क्या जरूरत थी? इस सवाल ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>RSS से जुड़े बिहार के पूर्व सांसद की कंपनी पर गहराया शक</p>
<p>जांच सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे खेल की परतें तब खुलीं जब उस सिक्योरिटी एजेंसी का नाम सामने आया। दावा किया जा रहा है कि जिस प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी को सालाना ₹12 करोड़ का यह मोटा ठेका दिया गया था, वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े बिहार के एक बेहद रसूखदार पदाधिकारी और पूर्व सांसद की है। इस खुलासे के बाद अब इस नेक्सस (गठजोड़) को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और जांच का रुख राजनीतिक गलियारों की तरफ भी मुड़ गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>खंगाले जा रहे हैं 400 गार्ड्स के कुंडली और CCTV फुटेज</p>
<p>फिलहाल, मुस्तैद जांच एजेंसियां इस मामले की तह तक जाने के लिए एक्शन मोड में आ चुकी हैं। सभी 400 निजी सुरक्षाकर्मियों का ड्यूटी रोस्टर, महीनों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और उनके बैंक खातों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच अधिकारी विशेष रूप से यह देख रहे हैं कि जब हुंडी से चढ़ावे की रकम को एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा था (Movement के दौरान), तब सुरक्षा नियमों का उल्लंघन क्यों किया गया? और वे कौन से खास लोग थे, जिन्हें बिना किसी चेकिंग के मंदिर परिसर में वीआईपी (VIP) एंट्री और एग्जिट की छूट दी गई थी? साफ है कि यह मामला अब केवल छोटे कर्मचारियों की हेराफेरी का नहीं रह गया है, बल्कि यह सीधे तौर पर एक बड़े प्रबंधकीय और सुरक्षा नेक्सस की जड़ों को उखाड़ने की दिशा में बढ़ चुका है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसा, चार लोगों की मौत, 20 घायल</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/240101</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 30 Jun 2026 07:09:16 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर आज तड़के करीब साढ़े तीन बजे लखनऊ से दिल्ली जा रही एक तेज रफ्तार वोल्वो बस आगे चल रहे गिट्टी से लदे ट्रेलर में पीछे से जा घुसी। हादसे में चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोग घायल हो &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर आज तड़के करीब साढ़े तीन बजे लखनऊ से दिल्ली जा रही एक तेज रफ्तार वोल्वो बस आगे चल रहे गिट्टी से लदे ट्रेलर में पीछे से जा घुसी। हादसे में चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोग घायल हो गए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा ट्रेलर में घुसकर पूरी तरह पिचक गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हादसा एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 112 से 113 के बीच राया कट से करीब दो किलोमीटर पहले हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस अधीक्षक (देहात) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि गिट्टी से लदा ट्रेलर अपनी लेन में जा रहा था, तभी पीछे से आ रही गोला बस सर्विस की वोल्वो बस अनियंत्रित होकर ट्रेलर में जा घुसी। हादसे की सूचना सुबह 3:35 बजे कंट्रोल रूम को मिली, जिसके बाद 8 पीआरबी और 12 एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया।</p>
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		<item>
		<title>राम मंदिर में में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक, पुनर्गठन पर फैसला संभव</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/240058</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 14:07:12 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विवाद के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक अब 6 जुलाई को अयोध्या में आयोजित की जाएगी। इससे पहले यह बैठक 11 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसकी तारीख बदल दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में ट्रस्ट &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विवाद के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक अब 6 जुलाई को अयोध्या में आयोजित की जाएगी। इससे पहले यह बैठक 11 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसकी तारीख बदल दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में ट्रस्ट के पुनर्गठन को लेकर अहम फैसला लिया जा सकता है। इसके साथ ही ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर भी चर्चा और निर्णय होने की संभावना है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस बैठक में राम मंदिर निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों के साथ-साथ ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे पर भी मंथन किया जाएगा। ट्रस्ट से जुड़े सभी प्रमुख सदस्यों के बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि मौजूदा विवाद के बीच होने वाली यह बैठक ट्रस्ट के भविष्य और उसके संगठनात्मक स्वरूप के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : सलाखों के पीछे भेजे गए चढ़ावा चोरी के सभी आरोपी</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/240054</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 12:45:47 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अदालत ने सभी आठ आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई पेशी के दौरान भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत के न्यायाधीश जस्टिस रजत वर्मा ने सभी आरोपियों की दलीलें सुनीं और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अदालत ने सभी आठ आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई पेशी के दौरान भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत के न्यायाधीश जस्टिस रजत वर्मा ने सभी आरोपियों की दलीलें सुनीं और पुलिस की न्यायिक अभिरक्षा (ज्यूडिशियल कस्टडी) की मांग स्वीकार कर ली। इसके साथ ही अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन के लिए जेल भेजने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई अब 13 जुलाई को होगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस बीच आरोपियों को कानूनी मोर्चे पर भी बड़ा झटका लगा है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि संघ का कोई भी अधिवक्ता इस मामले में आरोपियों की ओर से अदालत में पैरवी नहीं करेगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने बताया कि यदि कोई अधिवक्ता आरोपियों की ओर से वकालतनामा दाखिल करता है, तो उसे बार एसोसिएशन के निर्णय के अनुसार प्रति आरोपी पांच लाख रुपये की सहयोग राशि संघ के पास जमा करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग अभियोजन पक्ष की कानूनी लड़ाई में किया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कालिका मिश्रा ने यह भी कहा कि यदि कोई बाहरी अधिवक्ता आरोपियों की ओर से पैरवी करता है, तो अधिवक्ता संघ उसका विरोध करेगा। साथ ही यह भी जांच करेगा कि संबंधित अधिवक्ता सरकार, विश्व हिंदू परिषद या राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ा है या नहीं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधिवक्ता संघ की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया है। आरोपियों के खिलाफ प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए लगभग 15 अधिवक्ताओं का एक विशेष पैनल गठित किया गया है, जो अभियोजन पक्ष की ओर से कानूनी कार्रवाई में सहयोग करेगा। इसके अलावा 12 अन्य लोगों को भी शामिल किया गया है, जो चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए आवेदन देंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बार एसोसिएशन ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की भी मांग की है। अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने कहा कि यदि संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती है, तो अधिवक्ता संघ अदालत का रुख करेगा और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए आवेदन देगा। साथ ही यह भी मांग की जाएगी कि चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के अयोध्या छोड़ने पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले से संबंधित याचिकाएं इलाहाबाद हाई कोर्ट में लंबित हैं। यदि अदालत सीबीआई जांच का आदेश नहीं देती है, तो अधिवक्ता संघ स्वयं आगे कानूनी कार्रवाई करेगा। उनका आरोप है कि सीबीआई जांच से बचने के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>राम मंदिर चंदा चोरी महाविवाद: सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में आज सबसे बड़ी सुनवाई, संतों ने की ट्रस्ट भंग करने की मांग, आरोपियों के घरों से मिला कुबेर का खजाना!</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/239996</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 05:54:51 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अयोध्या/नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालतों की दहलीज पर पहुंच चुका है। इस महाविवाद को लेकर आज का दिन बेहद सरगर्मियों भरा रहने वाला है। एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) और हाईकोर्ट (High Court) में इस पूरे घोटाले &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अयोध्या/नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालतों की दहलीज पर पहुंच चुका है। इस महाविवाद को लेकर आज का दिन बेहद सरगर्मियों भरा रहने वाला है। एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) और हाईकोर्ट (High Court) में इस पूरे घोटाले को लेकर दायर याचिकाओं पर अहम सुनवाई होनी है, वहीं दूसरी तरफ सियासत और संत समाज में भी भारी उबाल देखने को मिल रहा है। इस बीच, आज दान चोरी के सभी 8 आरोपियों की अदालत में पेशी भी होनी है।</p>
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<p>अदालतों में आज आर-पार: CBI जांच और CAG ऑडिट की मांग</p>
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<p>राम मंदिर चंदे में वित्तीय हेराफेरी को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका पर सुनवाई होगी, जिसमें पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई है। इसके अलावा, हाईकोर्ट में भी दाखिल एक अन्य याचिका पर आज ही सुनवाई होनी है, जिसमें मंदिर ट्रस्ट के खातों का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा विशेष ऑडिट कराने और एक स्वतंत्र जांच कमेटी गठित करने की गुहार लगाई गई है।</p>
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<p>वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी आरोपियों की पेशी, 14 दिन की रिमांड की तैयारी</p>
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<p>चंदा चोरी के आरोप में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को आज अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। सूत्रों से मिली बेहद पुख्ता जानकारी के मुताबिक, अयोध्या पुलिस इन आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) की मांग नहीं करेगी। इसके बजाय, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी आरोपियों को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत (Judicial Remand) के तहत सीधे जेल भेजने की अपील की जाएगी। इसके साथ ही, पुलिस इस केस से जुड़े कुछ अन्य संदिग्धों को नोटिस जारी कर सकती है और नए ठिकानों पर छापेमारी भी की जा सकती है।</p>
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<p>“कोष में गड़बड़ी और कोषाध्यक्ष बरी?” – शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का PMO पर हमला</p>
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<p>इस पूरे मामले पर ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बेहद तीखा और बड़ा बयान देकर राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा:</p>
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<p>“इस कोष में बड़ी गड़बड़ी हुई है, लेकिन कोषाध्यक्ष को बरी रखा गया है। यह पूरी तरह से प्रधानमंत्री कार्यालय का मामला है, क्योंकि पीएमओ ने ही इस ट्रस्ट का निर्माण करवाया था। सरकारी खजाने से एक रुपया निकालकर यह ट्रस्ट बना, जिसमें उन्होंने चुन-चुनकर अपने लोग रखे और उन्हीं से सारा निर्माण व संचालन कराया। जितने बड़े गबन की बात की जा रही है, जिन लोगों के नाम FIR में हैं, वे इस कैलिबर के हैं ही नहीं। कानूनन इन्वेस्टिगेशन तो FIR के बाद शुरू होता है, तो फिर FIR से पहले ही SIT कैसे बन गई? सिर्फ ‘SIT बन गई’ का खूब दुष्प्रचार किया गया। आपकी ही सरकार है, आपका ही ट्रस्ट है और आपका ही मीडिया है। खुद नृपेन्द्र मिश्रा जी ने बताया था कि SIT मुख्यमंत्री के निर्देश पर काम करेगी। क्या मुख्यमंत्री के निर्देश पर कोई स्वतंत्र जांच कमेटी काम करती है?”</p>
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<p>“नेशन नहीं, बीजेपी की नजर डोनेशन पर है” – अखिलेश यादव का तीखा तंज</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>संगम नगरी प्रयागराज के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “जो लोग पहले ‘नेशन फर्स्ट’ (Nation First) का नारा देते थे, आज उनके लिए ‘डोनेशन फर्स्ट’ (Donation First) हो चुका है। भाजपा की निगाहें नेशन पर नहीं, बल्कि डोनेशन पर टिकी हैं।” अखिलेश यादव ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी का स्पष्ट मानना है कि जिन लोगों ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा के साथ खिलवाड़ किया है, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के मंदिर में इतना बड़ा घोटाला हो जाए, ऐसा कोई सोच भी नहीं सकता था।</p>
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<p>अयोध्या के संतों में भारी आक्रोश: “तुरंत भंग हो राम मंदिर ट्रस्ट”</p>
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<p>रामलला के दान में गबन का मामला सामने आने और पुलिसिया कार्रवाई के बाद अयोध्या का संत समाज बेहद गुस्से में है। अयोध्या के कई प्रतिष्ठित संतों ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे तुरंत भंग करने की मांग की है। संतों का कहना है कि वर्तमान ट्रस्ट को पूरी तरह बर्खास्त कर नए सिरे से इसका गठन किया जाए। संतों के मुताबिक, इस शर्मनाक प्रकरण ने दुनिया भर के करोड़ों सनातनियों और रामभक्तों की आस्था को गहरी ठेस पहुंचाई है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ ट्रस्ट के ढांचे में व्यापक बदलाव बेहद जरूरी है।</p>
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<p>वकीलों का बड़ा फैसला: “हम नहीं लड़ेंगे चंदा चोरों का केस”</p>
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<p>इस मामले में आरोपियों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ने वाली हैं। सूत्रों के अनुसार, आज अयोध्या कचहरी में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा की अध्यक्षता में वकीलों की एक बेहद अहम और आपातकालीन बैठक होने जा रही है। इस बैठक में राम मंदिर दान चोरी के आरोपियों का केस न लड़ने पर सर्वसम्मति से फैसला लिया जा सकता है। अयोध्या के स्थानीय वकीलों का स्पष्ट रुख है कि वे भगवान राम के मंदिर में चोरी करने वाले आरोपियों की पैरवी अदालत में नहीं करेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>छापेमारी खत्म: आरोपियों के घरों से मिला कुबेर का खजाना!</p>
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<p>अयोध्या पुलिस द्वारा आरोपियों के विभिन्न ठिकानों पर की जा रही मैराथन छापेमारी अब समाप्त हो गई है। जांच सूत्रों के मुताबिक, इस तलाशी अभियान में पुलिस को आरोपियों के घरों से भारी मात्रा में कैश (नकदी), लाखों रुपये की सोने-चांदी की ज्वेलरी, बेहद महंगे लग्जरी सामान और रियल एस्टेट व विभिन्न योजनाओं में किए गए निवेश के दस्तावेज मिले हैं। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के परिजनों और उनके पड़ोसियों के बयान भी दर्ज किए हैं और परिजनों के व्यक्तिगत दस्तावेजों की भी बारीकी से स्क्रूटनी की जा रही है।</p>
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<p>अपनों के बचाव में उतरे परिवार: बेकसूर होने का दावा</p>
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<p>एक तरफ जहां जांच एजेंसियां शिकंजा कस रही हैं, वहीं आरोपियों के परिवार उन्हें बेकसूर बता रहे हैं।</p>
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<p>रमाशंकर मिश्रा के परिजन: मुख्य आरोपियों में शामिल रमाशंकर मिश्रा के पिता और भाभी ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है और रमाशंकर को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। वह पिछले ढाई साल से घर से अलग किराये के कमरे में रह रहा था, हालांकि वह पिछले 6-7 सालों से राम मंदिर के कार्यों से जुड़ा हुआ था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंपत राय के परिजन: श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय के कथित इस्तीफे की खबरों के बीच बिजनौर स्थित उनके पैतृक गांव से उनके भाई और मित्रों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। परिजनों का कहना है कि जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन और निर्माण के लिए अपना पूरा घर-परिवार और सरकारी नौकरी तक छोड़ दी, उन पर ऐसे घटिया और निराधार आरोप लगाना सरासर गलत है।</p>
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