उत्तरप्रदेश – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sun, 02 Aug 2026 16:11:22 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 Bahraich: अष्टधातु के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा, साधारण मूर्तियां बेचकर नेपाल में करते थे लाखों की कमाई; 7 गिरफ्तार https://www.shauryatimes.com/news/243260 Sun, 02 Aug 2026 16:11:22 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243260 Bahraich : जनपद बहराइच के रूपईडीहा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक शातिर जालसाज गैंग का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग साधारण धातु की मूर्तियों को अष्टधातु की बताकर लोगों को ठगता था और उन्हें नेपाल ले जाकर ऊंचे दामों में बेच देता था।

 

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्तों में रमजान, मन्नू, रिजवान, महफूज, शारिक और समीर अली समेत कुल सात लोग शामिल हैं, जो बहराइच के मोतीपुर और रूपईडीहा क्षेत्र के निवासी हैं। सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

 

बताया जा रहा है कि यह गैंग भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर साधारण मूर्तियों को दुर्लभ और अष्टधातु की प्राचीन मूर्ति बताकर बेचता था। इसके बाद इन मूर्तियों को नेपाल ले जाकर ऊंची कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भगवान बुद्ध की एक मूर्ति भी बरामद की है, जिसे अष्टधातु की बताकर बेचा जाना था।

 

यह गिरफ्तारी नेपाल सीमा के पास बदलदास मंदिर के निकट की गई। पुलिस का कहना है कि गैंग के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से सीमा क्षेत्र में सक्रिय ठगी के एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है।

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Kanpur: गर्भवती महिला ने फांसी लगाकर दी जान, कोख में पल रहे बच्चे की भी मौत; पति हिरासत में, जांच में जुटी पुलिस https://www.shauryatimes.com/news/243257 Sun, 02 Aug 2026 16:08:35 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243257 Sarsaul, Kanpur : मां की कोख में पल रहा मासूम इस दुनिया की पहली सांस भी नहीं ले सका। जन्म लेने से पहले ही उसने अपनी मां के साथ इस नश्वर संसार को अलविदा कह दिया। नरवल थाना क्षेत्र के पाली खुर्द गांव में रविवार शाम एक गर्भवती महिला ने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से परिवार के साथ पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार रूमा निवासी राजाराम कोरी की 24 वर्षीय पुत्री साधना का विवाह लगभग चार वर्ष पूर्व पाली खुर्द निवासी संतोष कुमार के पुत्र ओमप्रकाश के साथ हुआ था। दंपती का करीब तीन वर्ष का एक बेटा है, जबकि साधना गर्भवती भी थी। ओमप्रकाश मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है।

 

बताया गया कि रविवार शाम करीब चार बजे ओमप्रकाश की मां मुन्नी देवी किसी काम से बाहर गई थीं, जबकि ओमप्रकाश भी गांव में किसी कार्य से घर से निकल गया था। इसी दौरान घर में अकेली मौजूद साधना ने दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

 

कुछ देर बाद जब ओमप्रकाश घर लौटा तो उसने साधना को फंदे से लटका देखा। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। सूचना पर थाना प्रभारी नरवल अनिल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

 

घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित किया गया है। वहीं पुलिस ने मृतका के पति ओमप्रकाश को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों और संभावित कारणों की हर पहलू से जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही साधना के मायके से उसके परिजन भी पाली खुर्द पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल रहा।

 

थाना प्रभारी अनिल सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना से मृतका के तीन वर्षीय बेटे के सिर से मां का साया उठ गया, वहीं गर्भ में पल रहे मासूम की भी जीवन यात्रा शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गई।

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Bahraich : बिजली संकट पर विधायक मारिया शाह सख्त, लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या को लेकर अधिकारियों को लिखा पत्र https://www.shauryatimes.com/news/243254 Sun, 02 Aug 2026 16:05:51 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243254 Bahraich ; मटेरा विधानसभा क्षेत्र में लगातार बिगड़ रही विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को लेकर विधायक मारिया शाह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने विद्युत वितरण खंड-बहराइच के अधीक्षण अभियंता को पत्र भेजकर समस्या के त्वरित समाधान की मांग की है।

 

विधायक ने अपने पत्र में बताया कि मटेरा विद्युत उपकेंद्र के शंकरपुर फीडर से संचालित ग्राम भवनियापुर, रामगढ़ी समेत कई गांवों में उपभोक्ताओं को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। करीब 15 किलोमीटर लंबे फीडर से सप्लाई होने के कारण बार-बार ट्रिपिंग, लो वोल्टेज और अनियमित बिजली आपूर्ति आम बात हो गई है।

 

इसका सीधा असर आमजन, किसानों, छात्र-छात्राओं और व्यापारियों पर पड़ रहा है। खेती-किसानी से लेकर पढ़ाई और छोटे कारोबार तक प्रभावित हो रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

विधायक मारिया शाह ने सुझाव दिया है कि नानपारा विद्युत उपकेंद्र के सिधौरा फीडर से आपूर्ति शुरू कराने के लिए तकनीकी परीक्षण जल्द पूरा कराया जाए।

 

साथ ही आवश्यक सर्वे कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधीक्षण अभियंता से अपेक्षा जताई है कि मामले में जल्द सकारात्मक कार्रवाई कर क्षेत्रवासियों को राहत दिलाई जाए।

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अनुशासनहीनता पर बसपा ने अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निकाला https://www.shauryatimes.com/news/243204 Sun, 02 Aug 2026 09:42:40 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243204 लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अनुशासनहीनता और पार्टी के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ और पार्टी के को-ऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। अशोक सिद्धार्थ बसपा प्रमुख मायावती के समधी तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता आकाश आनंद के ससुर हैं।

 

रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी सिलसिलेवार पोस्ट में मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ को पहले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण के मुद्दे पर प्रदेश नेतृत्व के साथ तालमेल नहीं बैठा पाने और अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निकाला गया था। बाद में इस शर्त पर उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल किया गया कि वे भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेंगे।

 

मायावती के अनुसार, दोबारा जिम्मेदारी मिलने के बाद भी अशोक सिद्धार्थ अपने दायित्वों का निर्वहन अपेक्षित ढंग से नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी उनके खिलाफ पार्टी के दिशा-निर्देशों की अनदेखी और अनुशासनहीनता की शिकायतें लगातार मिलती रहीं। कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद सुधार नहीं होने पर पार्टी और आंदोलन के हित में उन्हें स्थायी रूप से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उन्हें भविष्य में दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा।

 

बसपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में बताया कि सहारनपुर निवासी एवं पार्टी के को-ऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में निष्कासित किया गया है। बेनीवाल के पास पंजाब के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों की संगठनात्मक जिम्मेदारी थी। उनके खिलाफ भी लगातार शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

 

मायावती ने बताया कि संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर किए गए फेरबदल के तहत राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ पुनः पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि रामजी गौतम आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव ही नहीं, बल्कि अगले लोकसभा चुनाव तक भी यह जिम्मेदारी निभाएंगे।

 

बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि पार्टी ने नीतिगत निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश के जो वरिष्ठ पदाधिकारी और को-ऑर्डिनेटर अन्य राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में कोई संगठनात्मक दायित्व नहीं दिया जाएगा।

 

मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे शरारती और षड्यंत्रकारी तत्वों से सतर्क रहें, जो किसी न किसी बहाने पार्टी के अभियान को नुकसान पहुंचाने या उसका ध्यान भटकाने का प्रयास करते हैं। साथ ही उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि वह बसपा के संबंध में तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित और प्रसारित करे तथा विरोधी दलों के कथित दुष्प्रचार का माध्यम बनने से बचे।————–

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हरियाणा विधानसभा की शिक्षा समिति ने यूपी के शैक्षिक सुधारों और नवाचारों को बताया उपयोगी एवं अनुकरणीय https://www.shauryatimes.com/news/242826 Mon, 27 Jul 2026 15:56:26 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242826 लखनऊ : उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था, शैक्षिक गुणवत्ता, अवस्थापना सुविधाओं और शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों का अध्ययन करने के लिए हरियाणा विधानसभा की उच्चस्तरीय शिक्षा समिति सोमवार को लखनऊ पहुंची। समिति ने विधानसभा सभागार में विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव सहित उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे व्यापक सुधारों और नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। हरियाणा विधानसभा की शिक्षा समिति के चेयरपर्सन लक्ष्मण सिंह यादव सहित समिति के अन्य सदस्यगण एवं अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

 

बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार, डिजिटल व्यवस्था, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई। हरियाणा विधानसभा की समिति ने उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे इन प्रयासों की सराहना करते हुए प्रदेश की व्यवस्थाओं और नवाचारों को महत्वपूर्ण एवं उपयोगी बताया।

 

बैठक में बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 24 राज्य विश्वविद्यालय, 56 निजी विश्वविद्यालय, एक डीम्ड विश्वविद्यालय और एक मुक्त विश्वविद्यालय के साथ-साथ 216 राजकीय महाविद्यालय, 330 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय तथा 7,526 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय संचालित हैं। प्रदेश में स्थापित किए गए 71 नए राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य, सहायक आचार्य, पुस्तकालयाध्यक्ष और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के कुल 1,349 पदों का सृजन किया गया है। इनमें से 46 महाविद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2025-26 से प्रवेश एवं अध्यापन कार्य प्रारंभ हो चुका है।

 

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और महाविद्यालयों में बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण के लिए प्रदेश के सभी मंडलों में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालयों की स्थापना की गई है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (SLQAC) का गठन कर उसे पूरी तरह सक्रिय किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों के अनुरूप प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम तथा रोजगारपरक वोकेशनल वैल्यू एडेड पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

 

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में भी प्रदेश में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज में पत्रावलियों का संचालन ई-ऑफिस के माध्यम से किया जा रहा है। वहीं, शैक्षिक सत्र 2024-25 से प्रदेश के सभी राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों में ‘समर्थ’ पोर्टल लागू किया गया है और सत्र 2025-26 से विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया भी समर्थ पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है। शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों का पूर्ण सेवा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है।

 

योगी सरकार द्वारा उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों और उनके आश्रितों के लिए मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना का भी शुभारंभ किया गया है। इस योजना के तहत राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के 1.28 लाख शिक्षकों एवं उनके आश्रितों सहित कुल लगभग 7.5 लाख लोगों को निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त शिक्षणेतर कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को भी योजना से लाभान्वित किए जाने की कार्रवाई चल रही है।

 

प्रदेश में विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निःशुल्क स्मार्टफोन एवं टैबलेट वितरित किए जा रहे हैं। शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए वर्ष 2026-27 में रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजना के अंतर्गत 500 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। राजकीय महाविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी 13.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

 

बैठक में रोजगारपरक शिक्षा और विद्यार्थियों के कौशल विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं को तकनीकी कार्यों में दक्ष बनाने के लिए प्रतिमाह 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना, पात्र छात्राओं को निःशुल्क इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध कराने के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री भारतीय ज्ञान प्रणाली वैश्विक उत्कृष्टता कोष जैसी महत्वपूर्ण पहलें भी की जा रही हैं।

 

उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नियुक्ति एवं चयन की प्रक्रियाओं को भी गति दी जा रही है। राजकीय महाविद्यालयों में चयनित प्रवक्ताओं के 840 पदों की ऑनलाइन पदस्थापना की जा चुकी है, जबकि 1,253 पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में भी प्राचार्य एवं प्रवक्ताओं की नियुक्तियां की गई हैं तथा विभिन्न पदों पर चयन प्रक्रिया जारी है।

 

हरियाणा विधानसभा की उच्चस्तरीय समिति ने उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे इन सुधारों, डिजिटल तकनीक के उपयोग, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध एवं नवाचार, अवस्थापना विकास तथा छात्र कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। समिति के सदस्यों ने कहा कि उत्तर प्रदेश द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी और अनुकरणीय हैं।

 

हरियाणा के विधायकों ने ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और नवाचारों की सराहना की

 

हरियाणा विधानसभा की शिक्षा समिति ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, शैक्षिक गुणवत्ता, विद्यालयी अवस्थापना और नवाचारों का अध्ययन करते हुए बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की तथा योगी सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया।

 

बैठक में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय, प्रोजेक्ट अलंकार, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, ड्रीम लैब, व्यावसायिक एवं प्री-स्किलिंग शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षक प्रशिक्षण, डायट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डिजिटल निगरानी प्रणाली, विद्या समीक्षा केंद्र, मानव संपदा पोर्टल, निपुण भारत मिशन तथा शोध एवं नवाचार जैसे कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि प्रदेश में विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, शिक्षक क्षमता निर्माण, छात्र नामांकन, सीखने के परिणाम और पारदर्शी निगरानी व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश का शिक्षा मॉडल गुणवत्तापूर्ण, तकनीक-सक्षम और छात्र-केंद्रित शिक्षा का प्रभावी उदाहरण है तथा इससे अन्य राज्यों को भी सीख मिल सकती है।

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Mainpuri : फावड़े से वार कर पत्नी की निर्मम हत्या, घरेलू विवाद ने उजाड़ा परिवार, गांव में फैली दहशत https://www.shauryatimes.com/news/242698 Sun, 26 Jul 2026 12:59:33 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242698 Mainpuri : जनपद के करहल थाना क्षेत्र के भूरेपुर गांव में घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली इस सनसनीखेज घटना में एक पति ने अपनी पत्नी की फावड़े से ताबड़तोड़ वार कर निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

 

घटना की सूचना मिलते ही करहल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में घरेलू कलह हत्या की मुख्य वजह सामने आ रही है, हालांकि पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।

 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि होगी। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।

इधर, घटना के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। इस जघन्य वारदात ने एक बार फिर घरेलू विवादों के भयावह परिणामों को उजागर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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यूपी चुनाव 2027: असदुद्दीन ओवैसी का अखिलेश यादव को खुला गठबंधन प्रस्ताव, बोले- ‘अभी साथ आओ, बाद में पछताने से फायदा नहीं’ https://www.shauryatimes.com/news/242695 Sun, 26 Jul 2026 12:57:02 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242695 Moradabad : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के अभी से राजनीतिक समीकरण साधने शुरू हो गए हैं। इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक बड़ा और खुला गठबंधन प्रस्ताव दिया है। मुरादाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ओवैसी ने दो टूक कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता में आने से रोकना है, तो अभी बातचीत का सही समय है; चुनाव खत्म होने के बाद पछताने से कुछ हासिल नहीं होगा।

 

‘मैं हाथ मिलाने और साथ मिलकर चुनाव लड़ने को तैयार’ – ओवैसी

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मंच से बोलते हुए स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी (AIMIM) कतई नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से बीजेपी की सरकार बने। उन्होंने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा, “मैं हाथ मिलाने के लिए तैयार हूं, गठबंधन के लिए तैयार हूं। आज बातचीत का समय है, चुनाव के बाद रोने से कुछ हासिल नहीं होगा।”

 

उन्होंने आगे कहा कि यदि सपा प्रमुख को यह लगता है कि AIMIM के अकेले चुनाव लड़ने से उनका नुकसान होता है, तो वह उनके साथ मिलकर मैदान में उतरने को भी तैयार हैं। ओवैसी ने साफ शब्दों में कहा, “आप कहते हैं कि ओवैसी चुनाव लड़ेंगे तो हमारा नुकसान होगा, तो ठीक है, मैं आपके साथ मिलकर चुनाव लड़ने को तैयार हूं।”

 

अपने संबोधन में उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी पार्टी की लड़ाई किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि हक, सम्मान और न्याय की लड़ाई है। उन्हें किसी के रहमोकरम पर नहीं, बल्कि बराबरी का अधिकार चाहिए। ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव कुर्सी पर बैठेंगे, तो भी वे उनके सामने जमीन पर बैठकर जनता के अधिकारों और न्याय की बात करेंगे।

 

बीजेपी का तीखा पलटवार: ‘तुष्टिकरण और बड़े भाईजान की प्रतिस्पर्धा’

असदुद्दीन ओवैसी द्वारा दिए गए इस गठबंधन प्रस्ताव पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे विशुद्ध रूप से ‘वोट बैंक की राजनीति’ और ‘तुष्टिकरण’ करार दिया है।

 

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी हमेशा से तुष्टिकरण की राजनीति में एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। अब दोनों ‘कौन बनेगा बड़ा भाईजान’ की अपनी पुरानी प्रतिस्पर्धा को छोड़कर आपस में सहयोग की बात कर रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी असल में एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

 

2027 के चुनावों को लेकर तेज हुई सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सभी प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियों पर काम करना शुरू कर दिया है। एक तरफ जहां सत्ताधारी बीजेपी राज्य में अपने विजय रथ को बरकरार रखते हुए फिर से सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है, वहीं समाजवादी पार्टी बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने की जुगत में है। ऐसे में ओवैसी के इस खुले गठबंधन प्रस्ताव ने यूपी की सियासत में नए समीकरणों की चर्चाओं को तेज कर दिया है।

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अभिजीत दीपके ने पेपर लीक के खिलाफ युवाओं को जगाने का काम किया : रामदास आठवले https://www.shauryatimes.com/news/242642 Sun, 26 Jul 2026 08:25:53 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242642 लखनऊ : रिपब्लिकन पार्टी आफ इण्डिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास आठवले ने रविवार को लखनऊ में कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नीट परीक्षा विवाद और पेपर लीक के खिलाफ आन्दोलन कर देश के युवाओं का जगाने का काम किया है। हर शहर में उनके समर्थन में हजारों युवा आए। महाराष्ट्र के हर जिले में बड़ी संख्या में युवाओं ने उनका समर्थन किया।

 

केन्द्रीय मंत्री आठवले ने वीवीआईपी गेस्ट हाउस, लखनऊ में प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं पर हुए लाठीचार्ज का मैं समर्थन नहीं करता हूँ, लेकिन इस आन्दोलन को राजनैतिक रूप देने का प्रयास जरूर किया गया। इसका श्रेय अभिजीत दीपके व सोनम वांगचुक को देना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि युवाओं के बल पर ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार सत्ता में आयी है। युवाओं ने मोदी का नेतृत्व देखा था। इसलिए युवाओं ने मोदी को तीन बार प्रधानमंत्री बनाया। इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ा मन दिखाया है। धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा हुआ। 47 अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। प्रधानमंत्री ने नया कठोर बनाने का निर्णय लिया है। युवा मोदी के साथ ही रहेगा राहुल गांधी के साथ जाने का कोई सवाल ही नहीं है।

 

 

 

26 नवम्बर को लखनऊ में रैली करेंगे आठवले

 

आठवले ने बताया कि 26 नवम्बर को संविधान दिवस के अवसर पर लखनऊ के डिफेंस एक्सपो के पास रिपब्लिकन पार्टी आफ इण्डिया की ओर से एक बड़ी रैली की जायेगी। इस रैली में प्रदेशभर से करीब 01 लाख कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि हम भाजपा से मांग करेंगे कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 05 सीटें दी जाएं। अगर भाजपा पांच सीट नहीं देती है तो हम 25 सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारेंगे।

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सपा पर ओवैसी का बड़ा हमला: मुरादाबाद में सियासी भूचाल, विधायक नवाब जान की चुप्पी पर उठाए गंभीर सवाल https://www.shauryatimes.com/news/242636 Sun, 26 Jul 2026 05:58:58 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242636 Moradabad : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने 25 जुलाई की शाम मुरादाबाद में आयोजित एक विशाल जनसभा के दौरान प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। ओवैसी ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ समाजवादी पार्टी को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार जनविरोधी नीतियां अपना रही है, तो दूसरी तरफ खुद को जनता का हमदर्द बताने वाली समाजवादी पार्टी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे बैठी है। ओवैसी के इस तीखे हमले ने सपा के दावों और उसकी चुप्पी पर गंभीर राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

ओवैसी ने ठाकुरद्वारा से समाजवादी पार्टी के विधायक नवाब जान पर सीधा और कड़ा हमला बोला। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि क्षेत्र में राजस्व विभाग द्वारा 36 संपत्तियों और स्थलों की सूची तैयार कर कार्रवाई प्रस्तावित की गई है, जिससे स्थानीय जनता में चिंता का माहौल है। लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र के सपा विधायक नवाब जान पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि जब जनता अपने अधिकारों की रक्षा के लिए परेशान है, तब सपा के जनप्रतिनिधि केवल मूकदर्शक बने हुए हैं। सपा की यह चुप्पी साबित करती है कि संकट के समय वह जनता के साथ खड़े होने के बजाय सिर्फ वोटों की राजनीति करती है।

 

मीडिया से बातचीत के दौरान ओवैसी ने युवाओं के 36 दिनों तक चले आंदोलन का जिक्र करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 36 दिनों के कड़े संघर्ष के बाद आखिरकार सरकार को युवाओं की लोकतांत्रिक ताकत के आगे झुकना पड़ा। ओवैसी ने छात्रों की इस जीत पर बधाई दी, लेकिन साथ ही पुलिसिया कार्रवाई पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए चार युवाओं पर रबर बुलेट चलाई गईं, जिसमें एक छात्र की आंख गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि एक अन्य छात्र और एक पत्रकार भी घायल हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्र सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे और रबर बुलेट झेल रहे थे, तब सपा का कोई नेता युवाओं के हक में खड़ा क्यों नहीं हुआ?

 

पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए ओवैसी ने कहा कि केवल करोड़ों रुपये के जुर्माने का प्रावधान कर देने से युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा। सरकार को यह बताना होगा कि बार-बार पेपर लीक कैसे हो रहे हैं और इसके असली जिम्मेदार लोगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इसके अलावा, उन्होंने 2019 में शुरू की गई फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े दावों के बावजूद आज भी हजारों मामले अदालतों में लंबित पड़े हैं और न्याय में देरी खुद अन्याय बन चुकी है।

 

अपने संबोधन के अंत में असदुद्दीन ओवैसी ने स्पष्ट लहजे में कहा कि देश को दमन की राजनीति से नहीं, बल्कि डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान और कानून की मर्यादा से चलाया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार और विपक्ष दोनों यह समझ लें कि जनता अब पूरी तरह जागरूक हो चुकी है।

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राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, उत्तर प्रदेश द्वारा “भूजल संरक्षण एवं नदी पुनरुद्धार” विषयक संगोष्ठी का सफल आयोजन https://www.shauryatimes.com/news/242145 Tue, 21 Jul 2026 17:06:11 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242145 लखनऊ: राज्य स्वच्छ गंगा मिशन, उत्तर प्रदेश द्वारा “भूजल संरक्षण एवं नदी पुनरुद्धार” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, नदी पुनर्जीवन तथा जनभागीदारी को बढ़ावा देने हेतु विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह जी, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अनुराग श्रीवास्तव जी, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक डॉ राजशेखर सिंह, विशेष सचिव एवं निदेशक, भूगर्भ जल विभाग उत्तर प्रदेश श्री राजेश प्रजापति जी, जल संरक्षण विशेषज्ञ तथा पूर्व आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर श्री विनोद तारे जी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं जल कलश पूजन के साथ किया गया। इस अवसर पर गंगा अवतरण पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य नाटिका का मंचन किया गया तथा राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के कार्यों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। साथ ही “गंगा ज्ञान चक्र” पहल का परिचय एवं प्रस्तुतीकरण किया गया।

इस अवसर पर माननीय मंत्री जी ने अपने संबोधन में जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों से जल संरक्षण को जन-जन तक पहुंचाने तथा अपने स्तर पर इसे बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया।

नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव द्वारा सभी से अपील कि गई की सभी प्रतिभागी जल एंबेसडर के रूप में जल संरक्षण की संकल्प को पूरा करें।

उत्तर प्रदेश जल निगम के प्रबंध निदेशक, डॉ राजशेखर द्वारा सेमिनार में उपस्थित छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए जल उपलब्धता की वर्तमान स्तिथि इसके संरक्षण के महत्व एवं संरक्षण हेतु किए जा सकने वाले उपायों पर प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को “भागीरथ सम्मान” से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने तथा प्रत्येक नागरिक से जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

दोपहर के तकनीकी सत्र में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। सत्र में श्री भूषण गुप्ता (मुंबई), डॉ. आडुरी कैटना हर्नांडेज (GIZ), श्री विनोद तारे (नोएडा), श्री प्रभात सिंह (आईआईटी बीएचयू, वाराणसी), श्री वेंकटेश वट्टा (भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ) तथा श्री अशोक कुमार सिंह (इंजीनियर-इन-चीफ, सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश) ने भूजल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन, जल प्रबंधन, तकनीकी नवाचार तथा सामुदायिक सहभागिता पर अपने विचार साझा किए।

संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने भूजल स्तर में निरंतर गिरावट, नदियों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन, प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन तथा जल संसाधनों के सतत प्रबंधन पर विशेष बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

कार्यक्रम के समापन सत्र में संगोष्ठी से प्राप्त सुझावों एवं संस्तुतियों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा उन्हें भविष्य की कार्ययोजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

“स्वच्छ गंगा – सुरक्षित भविष्य” के संकल्प के साथ आयोजित इस संगोष्ठी ने जल संरक्षण एवं नदी पुनरुद्धार के क्षेत्र में जनजागरूकता बढ़ाने तथा विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।

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