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	<title>उत्तराखंड &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन आज शाम तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचेंगे उत्तराखंड, स्वागत को तैयार भाजपा कार्यकर्ता</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/236782</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 May 2026 06:28:27 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन गुरुवार शाम तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रदेश भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। एयरपोर्ट से लेकर भाजपा प्रदेश मुख्यालय तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और स्वागत कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियां की गई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देहरादून : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन गुरुवार शाम तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रदेश भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। एयरपोर्ट से लेकर भाजपा प्रदेश मुख्यालय तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और स्वागत कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियां की गई हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह उत्तराखंड का पहला दौरा है। इसे संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रवास के दौरान वे पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करेंगे। साथ ही संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और प्रदेश सरकार की योजनाओं को लेकर भी मंथन किया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के लिए बलबीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में सुबह से ही पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचने लगे हैं। प्रदेश मुख्यालय को विशेष रूप से सजाया गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, विभिन्न मोर्चों के कार्यकर्ता और संगठन पदाधिकारी स्वागत कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटे हुए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भाजपा नेताओं के अनुसार, एयरपोर्ट से लेकर पार्टी मुख्यालय तक करीब 25 स्थानों पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत किया जाएगा। युवा और महिला मोर्चा के कार्यकर्ता पारंपरिक परिधानों और सांस्कृतिक अंदाज में स्वागत करेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शाम 4:35 बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से वे सीधे भाजपा प्रदेश कार्यालय जाएंगे। शाम 6:15 बजे प्रदेश कोर कमेटी की बैठक होगी, जिसके बाद मंत्रियों के साथ अलग बैठक आयोजित की जाएगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रदेश भाजपा नेतृत्व के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह प्रवास आगामी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का मार्गदर्शन कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा और संगठन को और अधिक मजबूती मिलेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>29 मई को राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात और जलपान कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी के आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और परिजनों से भेंट करेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसी दिन सांसदों, विधायकों, प्रदेश पदाधिकारियों, मोर्चा अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और जिलाध्यक्षों के साथ संगठनात्मक बैठकें प्रस्तावित हैं। महापौरों, नगर निकाय प्रतिनिधियों, जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों के साथ भी अलग बैठक आयोजित की जाएगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>शाम को मीडिया, सोशल मीडिया, आईटी विभाग के कार्यकर्ताओं और प्रदेश प्रवक्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम रखा गया है। प्रवास के दौरान परमार्थ निकेतन में गंगा आरती और संत समाज से भेंट का कार्यक्रम भी शामिल है। इसे प्रवास का प्रमुख आध्यात्मिक कार्यक्रम माना जा रहा है, जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष संत समाज से आशीर्वाद प्राप्त करेंगे और धार्मिक-सामाजिक विषयों पर चर्चा करेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>30 मई को राष्ट्रीय अध्यक्ष टपकेश्वर मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद वे बूथ अध्यक्षों के आवास पर जलपान कार्यक्रम में शामिल होंगे और बूथ समिति की बैठक में भाग लेंगे। डाकरा बाजार क्षेत्र में बूथ समिति के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसके बाद शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में “विकसित भारत 2047 :उच्च शिक्षा की परिवर्तनकारी भूमिका” विषय पर प्रबुद्ध गोष्ठी आयोजित होगी। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में युवा संवाद कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम को वे जौलीग्रांट एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>चारधाम यात्रा मार्गों पर घोड़ा-खच्चरों के संचालन के लिए नई एसओपी लागू, क्षमता और निगरानी तय</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/236748</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 May 2026 15:07:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अश्ववंशीय पशुओं के संरक्षण एवं कल्याण को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ धाम, यमुनोत्री धाम, हेमकुंड साहिब और आदि कैलाश यात्रा मार्गों पर घोड़ा-खच्चरों के संचालन के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू कर दी है। शासन की ओर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देहरादून : उत्तराखंड सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अश्ववंशीय पशुओं के संरक्षण एवं कल्याण को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ धाम, यमुनोत्री धाम, हेमकुंड साहिब और आदि कैलाश यात्रा मार्गों पर घोड़ा-खच्चरों के संचालन के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू कर दी है। शासन की ओर से जारी यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से प्रभावी होगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अपर सचिव संतोष बडोनी ने बुधवार को जारी एक शासनादेश में कहा गया है कि नई एसओपी उच्च न्यायालय नैनीताल और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है। इसके तहत यात्रा मार्गों की वहन क्षमता निर्धारित की गई है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर अधिकतम पांच हजार, हेमकुंड साहिब मार्ग पर लगभग 1050 और यमुनोत्री मार्ग पर लगभग 595 अश्ववंशीय पशुओं के संचालन की अनुमति होगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नई व्यवस्था के तहत सभी घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण से पहले स्वास्थ्य परीक्षण, ग्लैंडर्स जांच, इयर टैगिंग और माइक्रोचिपिंग जरूरी होगी। स्वास्थ्य प्रमाणपत्र की वैधता 45 दिन रखी गई है, जिसके बाद दोबारा परीक्षण कराना होगा। अपंजीकृत पशुओं के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। एसओपी में पशु कल्याण को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक एक किलोमीटर पर स्वच्छ एवं गुनगुने पेयजल, चारा और इलेक्ट्रोलाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पशुओं के लिए हल्की और वाटरप्रूफ काठी के उपयोग पर भी जोर दिया गया है, ताकि उन्हें चोट या घाव से बचाया जा सके।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>निगरानी के लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और प्रत्येक जिले में अधिकारी एवं पशु चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। घायल या बीमार पशुओं से कार्य लेने, अधिक भार लादने, पशुओं को पीटने, तेज गति से दौड़ाने और बिना टोकन संचालन जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सरकार ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और भारतीय न्याय संहिता के तहत दोषी पाए जाने पर पशुस्वामी का लाइसेंस निरस्त कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नई एसओपी के अनुसार प्रत्येक पशु के साथ संचालक की मौजूदगी अनिवार्य होगी। बिना संचालक या लावारिस पाए जाने वाले पशुओं को तत्काल कब्जे में लेकर कार्रवाई की जाएगी। एक पशुस्वामी अधिकतम दो अश्ववंशीय पशुओं का ही संचालन कर सकेगा और प्रतिदिन केवल एक टोकन जारी किया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यात्रा मार्गों पर सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद पशुओं के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। टोकन केवल सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक जारी होंगे। खराब मौसम, बारिश, ओलावृष्टि या बर्फबारी की स्थिति में पशुओं का संचालन रोक दिया जाएगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>एसओपी के तहत स्थायी और अस्थायी पशु चिकित्सालय, 24 घंटे इन्फर्मरी सुविधा, अतिरिक्त चेक पोस्ट, म्यूल टास्क फोर्स, डिजिटल रिकॉर्डिंग प्रणाली और रात्रि गश्त की व्यवस्था भी लागू की जाएगी। पशु क्रूरता संबंधी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 24&#215;7 हेल्पलाइन स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भीषण गर्मी में नितिन व राहुल के दौरों से उत्तराखंड में बढ़ेगा सियासी तापमान</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/236703</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 May 2026 08:20:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून : देश के दूसरे हिस्सों की तरह उत्तराखंड में भी आसमान से आग बरस रही है। राज्य में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के दाैराें से प्रदेश का राजनीतिक तापमान भी बढ़ने वाला है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का तीन दिवसीय उत्तराखंड प्रवास 28 मई से शुरू होगा। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देहरादून : देश के दूसरे हिस्सों की तरह उत्तराखंड में भी आसमान से आग बरस रही है। राज्य में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के दाैराें से प्रदेश का राजनीतिक तापमान भी बढ़ने वाला है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का तीन दिवसीय उत्तराखंड प्रवास 28 मई से शुरू होगा। इसके बाद 4 व 5 जून को राहुल गांधी राज्य में कई कार्यक्रमाें में हिस्सा लेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उत्तराखंड में अगले वर्ष हाेने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में विभिन्न राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में लगी हैं। राज्य में दिग्गजों के दौरों से एक बात साबित होने जा रही है। देवभूमि का वर्ष 2027 का चुनावी संग्राम रोचक होने वाला है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उत्तराखंड जैसे अपेक्षाकृत छोटे राज्य को भी भाजपा ने अपनी शीर्ष प्राथमिकता में रखा है। मोदी-शाह के दौर में यह बात कई बार साबित हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने 12 वर्ष के कार्यकाल में जितनी बार उत्तराखंड आए हैं, उतनी बार कोई प्रधानमंत्री नहीं आया है। इसके अलावा, भाजपा के शीर्ष नेता उत्तराखंड में लगातार प्रवास करते रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को अभी कार्यभार संभाले ज्यादा दिन नहीं हुए हैं, लेकिन उन्होंने उत्तराखंड का कार्यक्रम लगाने में जरा सी भी देरी नहीं की है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन केे तीन दिवसीय उत्तराखंड प्रवास के कार्यक्रम से भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा है। भव्य स्वागत की तैयारी है, हालांकि मितव्ययिता का संदेश देने का दबाव भी पार्टी पर है। इसके बावजूद, भाजपा अपने इस बडे़ कार्यक्रम के माध्यम से चुनाव को लेकर बड़ा संदेश देने की तैयारी में है। नितिन नवीन तीन दिन उत्तराखंड रहकर लगभग हर वर्ग को छूने का प्रयास करेंगे। पार्टी की तैयारियों की थाह लेंगे और कमजोर नब्ज दबाकर उसे दुरूस्त करने की कोशिश भी करेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>राज्य में विधानसभा चुनाव काे देखते हुए कांग्रेस भी अपनी रणनीति बनाने में लगी है। राजनीति के जानकाराें का मानना है कि कांग्रेस इस बार भी चुनावी तैयारियों को लेकर भाजपा से काफी पीछे है। भले ही राष्ट्रीय नेताओं का बहुत ज्यादा उत्तराखंड आना-जाना नहीं हो पा रहा हो, लेकिन उसके स्थानीय नेता सक्रियता बढ़ा रहे हैं। कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा भी तय हो गया। राहुल गांधी 4 व 5 जून को उत्तराखंड में रहेंगे। राहुल गांधी के इस दो दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस ज्यादा से ज्यादा वर्गों तक पहुंचने की कोशिश में है। इसलिए 4 जून को उनका एक कार्यक्रम कुमाऊं के अल्मोड़ा मेें है, तो दूसरा गढ़वाल के मंडल मुख्यालय पौड़ी में है। 5 जून को राहुल गांधी देहरादून में पार्टी के पदाधिकारियों के साथ संवाद करेंगे और चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे। राहुल के दौरे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी उत्साह है। दोनों प्रमुख दलों के दिग्गजों के दौरे से उत्तराखंड में चुनावी माहौल में और गर्मी पैदा होना तय है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखण्ड पहुंचे, सीमांत पोलिंग बूथ हर्षिल का करेंगे निरीक्षण</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/236307</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 May 2026 04:38:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय उत्तराखण्ड दौरे पर शनिवार को देहरादून पहुंचे। देहरादून से वह उत्तरकाशी के लिए रवाना हुए, जहां वह सीमांत क्षेत्र स्थित हर्षिल पोलिंग बूथ का निरीक्षण करेंगे। &#160; मुख्य चुनाव आयुक्त आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे। इस दौरान निर्वाचन व्यवस्थाओं, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देहरादून : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय उत्तराखण्ड दौरे पर शनिवार को देहरादून पहुंचे। देहरादून से वह उत्तरकाशी के लिए रवाना हुए, जहां वह सीमांत क्षेत्र स्थित हर्षिल पोलिंग बूथ का निरीक्षण करेंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्य चुनाव आयुक्त आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे। इस दौरान निर्वाचन व्यवस्थाओं, मतदाता सूची पुनरीक्षण, सीमांत क्षेत्रों में मतदान सुविधाओं और चुनावी प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बताया जा रहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त सीमावर्ती क्षेत्रों में निर्वाचन प्रक्रिया की जमीनी हकीकत का आकलन करेंगे और दूरस्थ इलाकों में मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी देंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त का यह दौरा आगामी निर्वाचन तैयारियों के दृष्टिगत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष रूप से सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों में चुनाव आयोग की पहुंच एवं व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर फोकस किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूडी का निधन, प्रदेश में शोक की लहर</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/235892</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 May 2026 06:56:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता, पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का आज सुबह यहां निधन हो गया। &#160; वह 92 वर्ष के थे उन्होंने पूर्वाहृन करीब सवा ग्यारह बजे यहां मैक्स अस्पताल में अंतिम श्वास ली उन्हें आयु संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देहरादून : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता, पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का आज सुबह यहां निधन हो गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वह 92 वर्ष के थे उन्होंने पूर्वाहृन करीब सवा ग्यारह बजे यहां मैक्स अस्पताल में अंतिम श्वास ली उन्हें आयु संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण करीब पंद्रह दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पुत्री ऋतु खंडूड़ी भूषण उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष हैं जबकि पुत्र मनीष खंडूड़ी भाजपा के कार्यकर्ता हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री रहे मेजर जनरल खंडूड़ी के निधन पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शाेक व्यक्त किया है। एक्स पर अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा, &#8220;उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेवानिवृत्त) जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>श्री खंडूड़ी जी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका व्यक्तित्व राष्ट्रहित और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, &#8220;राजनीतिक जीवन में उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। एक जननेता के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए और अपनी सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता से लोगों के हृदय में विशेष स्थान बनाया। उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>स्वच्छ एवं ईमानदार छवि के मेजर जनरल खंडूड़ी के निधन से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ पडी। मेजर जनरल खंडूड़ी भारतीय सेना में सेवाएं देने के बाद राजनीति में आए और अपनी साफ-सुथरी छवि, ईमानदार प्रशासन और सुशासन के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में दो कार्यकाल संभाले और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर शाेक जताकर श्रद्धांजलि अर्पित की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूडी ने 1954 से 1990 तक भारतीय सेना की कोर ऑफ इन्जिनीयर्स में सेवा की। भारतीय सेना में विशिष्ट सेवा के लिए उन्हे 1982 में राष्ट्रपति द्वारा अति विशिष्ट सेवा मैडल प्रदान किया गया। सेवानिवृत्ति के बादइ वे राजनीति में आए और 1991 और उसके बाद के चुनावों में उत्तराखण्ड के गढ़वाल क्षेत्र से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। वे केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री रहे और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल बेहद सफल रहा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भगवान रुद्रनाथ की देव डोली हिमालय के लिए हुई रवाना, 18 मई को खुलेंगे कपाट</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/235739</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 17 May 2026 11:49:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून : चमोली जनपद में स्थित पंच केदारों में चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह डोली रविवार काे अपने शीतकालीन गद्दी स्थल गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर से मध्य हिमालय स्थित रुद्रनाथ मंदिर के लिए रवाना हो गई। &#160; मंदिर के मुख्य पुजारी हरीश भट्ट ने बताया कि रुद्रनाथ मंदिर के कपाट सोमवार 18 मई को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देहरादून : चमोली जनपद में स्थित पंच केदारों में चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह डोली रविवार काे अपने शीतकालीन गद्दी स्थल गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर से मध्य हिमालय स्थित रुद्रनाथ मंदिर के लिए रवाना हो गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मंदिर के मुख्य पुजारी हरीश भट्ट ने बताया कि रुद्रनाथ मंदिर के कपाट सोमवार 18 मई को मध्याह्न में परंपरानुसार एवं वैदिक विधि-विधान के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाएंगे। कपाट खुलने के बाद श्रद्धालु भगवान रुद्रनाथ के एकानन स्वरूप के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर सकेंगे। आज</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कपाट खुलने की प्रक्रिया के तहत गोपीनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। पूजा के बाद भगवान रुद्रनाथ की देव डोली जयकारों, पुष्प वर्षा और सेना के बैंड की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालुओं के साथ मंदिर के लिए प्रस्थान कर गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम, राज्यमंत्री हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगरपालिका अध्यक्ष संदीप रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, मंदिर समिति अध्यक्ष मनोज भट्ट, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार सहित बड़ी संख्या ओं श्रद्धालु उपस्थित थे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>उत्तराखंड सरकार ने बनाए सख्त कायदे-कानून, सैकड़ाें मदरसे हाेंगे बंद</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/234696</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 May 2026 07:27:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून : धामी सरकार ने मदरसों के लिए उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेना अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद अब राज्य में मदरसाें में मनमाना पाठ्यक्रम नहीं चलेगा बल्कि सभी मदरसे सरकार के कायदे-कानून के अनुसार ही चलेंगे। सरकार के नए कानून और कायदाें &#160; से राज्य के सैकड़ाें मदरसाें पर बंद हाेने का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देहरादून : धामी सरकार ने मदरसों के लिए उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेना अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद अब राज्य में मदरसाें में मनमाना पाठ्यक्रम नहीं चलेगा बल्कि सभी मदरसे सरकार के कायदे-कानून के अनुसार ही चलेंगे। सरकार के नए कानून और कायदाें</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>से राज्य के सैकड़ाें मदरसाें पर बंद हाेने का खतरा मंडरा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>दरअसल, धामी सरकार ने कक्षा 8 तक के लिए जिला विद्यालय समिति को मान्यता का अधिकार दिया है जोकि किसी भी शिक्षण संस्थान के लिए पहले भी था और इंटर तक की मान्यता के लिए राज्य स्तरीय शिक्षा बोर्ड में आवेदन करना होगा, लेकिन मदरसों के लिए यह जरूरी नहीं था, जैसे मदरसे मस्जिदों और छोटे-छोटे कमरों के निजी भवनों में चल रहे थे। राज्य के सभी मदरसों को अब 1 जुलाई से अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से संबद्धता और उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता लेनी होगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उत्तराखंड मदरसा बाेर्ड में कुल 452 मदरसे पंजीकृत है, जिनकी मान्यता 30 जून को खत्म हो जाएगी। सरकार ने मदरसा बोर्ड को ही खत्म कर दिया है। राज्य में 192 मदरसे ऐसे थे, जोकि केंद्र और राज्य सरकार से सहायता प्राप्त थे। वक्फ बोर्ड ने 117 मदरसों को पंजीकृत किया हुआ है। पंजीकृत मदरसों में 46 हजार बच्चे पढ़ रहे थे। धामी की सरकार ने एक सर्वे करवाया था, तब राज्य में 950 मदरसे चिन्हित हुए यानी तकरीबन 300 मदरसे बिना सरकार की अनुमति के चल रहे थे जिनपर सरकार ने पहले ही ताला जड़ दिया था।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उल्लेखनीय यह भी है कि उत्तराखंड में बिहार , असम, यूपी, बिहार, झारखंड आदि राज्यों से मुस्लिम बच्चे लाकर मदरसों में पढ़ाए जा रहे थे। सर्वेक्षण के दौरान इनकी पहचान छुपाने, फर्जी आधार कार्ड बनावाने और अन्य विषय भी सामने आए थे। बाल संरक्षण आयोग ने भी इनका संज्ञान लिया और राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजी। धामी सरकार ने अब मदरसों में काबिलयाई शिक्षा को रोकने और उसकी जगह उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत निर्धारित एनसीआरटी पाठ्यक्रम पढ़ाए जाने का निर्णय लिया। अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण को देश में पहली बार उत्तराखंड में लागू किया गया है, जिसमें अन्य अल्पसंख्यक समुदायों को भी शामिल करते हुए सरकारी सहायता दिए जाने के रास्ते खोल दिए गए है जोकि भी तक केवल एक विशेष समुदाय को मिला करती थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मदरसा बोर्ड खत्म कर दिया है। उन्हाेंने अल्पसंख्यक समाज के बच्चे राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली के तहत शिक्षा लेने और मदरसाें काे अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण, उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से मान्यता संबद्धता लेनी ही होगी। मुख्यमंत्री ने ऐसा न करने वाले मदरसाें पर ताले डालने का भी निर्देश हुआ।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उत्तराखंड में जो मदरसे संचालित हैं, उन्हें अब शिक्षा बोर्ड से मान्यता के लिए अपने दस्तावेज जुटाने है। उत्तराखंड में जो मदरसे अभी चल रहे थे, उनके पास नियम के अनुसार भूमि पर्याप्त नहीं है, जो है भी उसके दस्तावेज नहीं के बराबर है। उनके संस्थान पंजीकृत नहीं है उनके पास बीएड टीचर नहीं है, भवन में नॉर्म्स के अनुसार कमरे तक नहीं है और न ही खेल का मैदान है। नियम के अनुसार मदरसों के संचालकों को बैंक के खातों का विवरण, चंदा उगाही और आर्थिक स्रोत के भी ऑडिट करवाने होंगे। अभी तक मदरसे के संचालक न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि खाड़ी देशों से भी इस्लामिक शिक्षा दिए जाने पर आर्थिक सहायता लिया करते हैं। इन पैसाें का कुछ मदरसे तो बच्चों की दीनी शिक्षा पर कम बल्कि अपने ऐशो आराम पर ज्यादा खर्च किया करते थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>हर बच्चे काे समान शिक्षा दिलाने का प्रयास: विशेष सचिव</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उत्तराखंड अल्पसंख्यक विभाग के विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते ने बताया कि शिक्षा का अधिकार सबके के लिए समान है। हमारा प्रयास है कि हर बच्चे को एक समान शिक्षा मिले। इसके लिए सरकार ने अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया है। सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड की मान्यता लेकर बच्चों को पढ़ाई करानी होगी। यदि वो धार्मिक शिक्षा भी देते है तो उसका पाठ्यक्रम भी प्राधिकरण की शिक्षा समिति तय करेगी। उन्हाेंने कहा कि मान्यता के लिए आवश्यक कागजात न जुटाने और नियमानुसार पर्याप्त भूमि न जुटा पाने वाले मदरसे बंद हो जाएंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>केदारनाथ धाम यात्रा के पहले सप्ताह में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/234562</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Apr 2026 09:07:33 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून : विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। केदारनाथ धाम में कपाट खुलने के बाद से पहले सप्ताह में अब तक कुल दो लाख सात हजार चार सौ बावन श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। &#160; रुद्रप्रयाग पुलिस की ओर से बुधवार दोपहर यात्रा के आंकड़े जारी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देहरादून : विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। केदारनाथ धाम में कपाट खुलने के बाद से पहले सप्ताह में अब तक कुल दो लाख सात हजार चार सौ बावन श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>रुद्रप्रयाग पुलिस की ओर से बुधवार दोपहर यात्रा के आंकड़े जारी किए गए। पुलिस ने सोशल मीडिया साइट के जरिए बताया कि बढ़ती भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस बल ने प्रभावी व्यवस्थाएं की हैं। केदारनाथ धाम पहुंच रहे सभी श्रद्धालुओं को पंक्तिबद्ध कराकर सुगम दर्शन कराये जा रहें हैं और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी श्रद्धालुओं से निरन्तर संवाद स्थापित कर कुशलक्षेम के साथ-साथ यात्रियों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार पहले सप्ताह में अब तक कुल दो लाख सात हजार चार सौ बावन श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस ने अपनी पाेस्ट में बताया कि प्रतिकूल मौसम के बावजूद ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल के स्तर से स्वयं के स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया जा रहा है। त्वरित सहायता के लिए यात्रा मार्ग पर आठ खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां पुलिस बल की तैनाती की गई है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों में राहत कार्यों के लिए पुलिस बल, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ के साथ निरंतर समन्वय बनाकर कार्य कर रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के साथ ही मोबाइल या जरुरी सामान खोने पर वापस दिलवाने के साथ-साथ बिछड़े हुए श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलवाया जा रहा है। श्रद्धालुओं के सहायतार्थ यात्रा मार्गों पर खोया पाया केन्द्र बनवाये गये हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पुलिस ने अपनी पाेस्ट में कहा कि केदारनाथ धाम यात्रा के दाैरान अब तक मदद के लिए कुल 265 कॉल प्राप्त हुई हैं, जिनके सापेक्ष अब तक 100 श्रद्धालुओं के बिछड़ने पर उनके परिजनों से मिलवाया गया, 30 खोए हुए मोबाइल फोन, 45 पर्स व बैग तथा 10 अन्य जरुरी सामान ज्वैलरी आदि ढूंढकर वापस लौटाई गयी है, इसके अतिरिक्त बुजुर्ग व असहाय श्रद्धालुओं को मन्दिर दर्शन के समय आवश्यक सहयोग किया गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>केदारनाथ धाम में आस्था का सैलाब, 93 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/234083</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Apr 2026 15:38:11 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[रुद्रप्रयाग : केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। यात्रा शुरू होने के बाद अब तक कुल 93,622 तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं, जो आस्था के बढ़ते प्रवाह को दर्शाता है। शुक्रवार को एक ही दिन में 30,370 तीर्थयात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए। चारधाम यात्रा के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>रुद्रप्रयाग : केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। यात्रा शुरू होने के बाद अब तक कुल 93,622 तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं, जो आस्था के बढ़ते प्रवाह को दर्शाता है। शुक्रवार को एक ही दिन में 30,370 तीर्थयात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए। चारधाम यात्रा के लिए 22.61 लाख के अधिक यात्रियों ने पंजीकरण कराया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्राप्त आंकड़ों के अनुसार,दर्शन करने वालों में 20,442 पुरुष, 9,797 महिलाएं और 131 बच्चे शामिल रहे। विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या इस दिन शून्य रही। यात्रा प्रारंभ होने के बाद से अब तक कुल 93,622 श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं, जो यात्रा के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह को दर्शाता है। यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम में शुक्रवार को कुल 64,193 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यमुनोत्री धाम में 31,890 और गंगोत्री धाम 32,303 ने पूजा-अर्चना की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चारधाम यात्रा 2026 के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। पर्यटन विभाग की ओर से शुक्रवार शाम जारी बुलेटिन के अनुसार कुल पंजीकरण 22,61,664 तक पहुंच गया है। यमुनोत्री धाम 3,79,376,गंगोत्री धाम के लिए 3,91,206 व केदारनाथ के लिए 7,98,175 बद्रीनाथ 6,67,537 हेमकुंड साहिब के लिए 25,370 यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। चाराे धामाें के लिए सर्वाधिक दो दिनों 25 अप्रैल के लिए 56,469 और 26 अप्रैल के लिए 55,510 के साथ ही कुल 26 अप्रैल के लिए कुल 1,11,979 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। राज्य के विभिन्न फिजिकल केंद्रों पर भी ऑफलाइन पंजीकरण जारी है। एक दिन में कुल 5,676 श्रद्धालुओं ने ऑफलाइन पंजीकरण कराया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रशासन के अनुसार बढ़ती भीड़ को देखते हुए धाम और यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन का अनुभव मिल सके।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उपराष्ट्रपति पहुंचे उत्तराखंड, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया स्वागत</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/233950</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Apr 2026 07:35:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[देहरादून : उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट गुरमीत सिंह (से. नि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि आगमन पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर पारंपरिक आतिथ्य के साथ उनका अभिनंदन किया गया। &#160; मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया में जारी एक पोस्ट में कहा कि आध्यात्मिक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देहरादून : उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट गुरमीत सिंह (से. नि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि आगमन पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर पारंपरिक आतिथ्य के साथ उनका अभिनंदन किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया में जारी एक पोस्ट में कहा कि आध्यात्मिक चेतना, सनातन आस्था, समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण उत्तराखंड में उपराष्ट्रपति का आगमन राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस दौरे से राज्य के विकास और सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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