पंजाब – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sun, 26 Apr 2026 07:52:53 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की Z+ सुरक्षा वापस ली, जालंधर आवास से हटाए गए सुरक्षाकर्मी; सियासी हलचल तेज https://www.shauryatimes.com/news/234271 Sun, 26 Apr 2026 07:52:53 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=234271 चंडीगढ़/जालंधर: पंजाब की राजनीति में बड़े घटनाक्रम के तहत भगवंत मान सरकार ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर और आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। रविवार सुबह जालंधर स्थित उनके आवास से सभी सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।

 

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों और सुरक्षा पुनर्मूल्यांकन के आधार पर लिया गया है। हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

 

सुरक्षा हटाए जाने के बाद हरभजन सिंह के जालंधर स्थित आवास पर तैनात सभी सुरक्षा कर्मियों को वापस बुला लिया गया। अचानक लिए गए इस फैसले ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि इसे पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी उठापटक से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

 

सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले भी राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार कुछ नेताओं की सुरक्षा में बदलाव किया गया था। हाल ही में AAP छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की सुरक्षा व्यवस्था में भी परिवर्तन हुआ था और बाद में उन्हें केंद्र की ओर से Z+ सुरक्षा प्रदान की गई थी।

 

राघव चड्ढा द्वारा यह दावा किए जाने के बाद कि आम आदमी पार्टी के कई राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं, राजनीतिक माहौल और गरमा गया था। इन अटकलों में हरभजन सिंह का नाम भी सामने आया था, हालांकि उन्होंने इस पर अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

 

वहीं, आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि केवल कुछ ही सांसदों ने पार्टी छोड़ी है और बाकी सभी नेता संगठन के साथ बने हुए हैं।

 

इस बीच पंजाब के कई शहरों—जालंधर, लुधियाना और फगवाड़ा—में कुछ स्थानों पर AAP सांसदों के आवास और कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन भी हुए। कुछ जगहों पर दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखे जाने की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके बाद पुलिस को मौके पर तैनात किया गया।

 

राजनीतिक तनाव के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा है। माना जा रहा है कि वे दलबदल करने वाले सांसदों के खिलाफ संवैधानिक कार्रवाई का मुद्दा उठा सकते हैं।

 

उधर, AAP नेता संजय सिंह भी उपराष्ट्रपति से मिलने की तैयारी में हैं, जहां वे कथित रूप से पार्टी छोड़ने वाले सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग रख सकते हैं।

 

इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इसे राजनीतिक समीकरणों में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

 

विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी के भीतर असंतोष और दलबदल की स्थिति बढ़ती है तो इसका सीधा असर संगठन और आगामी चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है।

 

फिलहाल हरभजन सिंह की चुप्पी और उनकी सुरक्षा वापसी का फैसला कई सवाल खड़े कर रहा है, जिनके जवाब आने वाले दिनों में राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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हरभजन सिंह के घर पर भारी बवाल: नेमप्लेट पर पोती कालिख, दीवार पर लिखा पंजाब का गद्दार; AAP में मची रार https://www.shauryatimes.com/news/234236 Sat, 25 Apr 2026 16:47:16 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=234236 चंडीगढ़ : पंजाब की सियासत में इन दिनों उबाल चरम पर है। आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले राज्यसभा सांसदों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सड़कों पर उतर आया है। पूर्व दिग्गज क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह के आवास पर अज्ञात लोगों द्वारा ‘पंजाब का गद्दार’ लिखने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने काली पट्टियां बांधकर भारी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

 

हरभजन सिंह के घर पर ‘ब्लैक स्प्रे’ से हमला, पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल

सांसद हरभजन सिंह के घर के बाहर की दीवारों पर काले रंग से ‘पंजाब का गद्दार’ लिख दिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कुछ लोग सरेआम स्प्रे पेंट से दीवारें खराब करते नजर आ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद हमलावरों को रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं दिखे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह पंजाब की जनता की भावनाओं का गुबार है जो दलबदल करने वालों के खिलाफ फूट रहा है।

 

भगवंत मान का तीखा हमला: ‘डर और लालच से पार्टी तोड़ रही भाजपा’

इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और बागी नेताओं पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि भाजपा पंजाब में अपनी जमीन खो चुकी है, इसलिए वह अब डर, लालच और दबाव की राजनीति पर उतर आई है। उन्होंने भाजपा को ‘बंदे खानी पार्टी’ करार देते हुए कहा कि यह पार्टी जिस भी क्षेत्रीय दल के साथ हाथ मिलाती है, उसे ही खत्म करने की कोशिश करती है। मान ने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा का एकमात्र लक्ष्य क्षेत्रीय ताकतों को कुचलना है।

 

‘कुर्सी के लिए जनता से विश्वासघात’, गद्दारी को इतिहास नहीं करेगा माफ

दलबदल करने वाले सांसदों पर बरसते हुए सीएम मान ने कहा कि इन नेताओं को बिना जनता के बीच गए, बिना हाथ जोड़े सीधे बड़े पद मिल गए थे। जब सब कुछ बना-बनाया मिला, तो इन्होंने निजी स्वार्थ के लिए पंजाब की पीठ में छुरा घोंप दिया। उन्होंने कहा, “विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है, लेकिन गद्दार नेताओं के मन को पढ़ने वाली मशीन आज तक नहीं बनी।” मान ने साफ किया कि 6-7 लोगों के जाने से न तो आम आदमी पार्टी कमजोर होगी और न ही पंजाब की नीयत बदलेगी।

 

राघव चड्ढा और अन्य बागियों पर तंज: सत्ता का सुख भोगकर अब हो रही ‘घुटन’

मुख्यमंत्री ने परोक्ष रूप से राघव चड्ढा और अन्य नेताओं पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो नेता आज पार्टी में ‘घुटन’ महसूस होने का बहाना बना रहे हैं, वे लंबे समय तक सत्ता की मलाई चाटते रहे। मान ने आरोप लगाया कि कृषि कानूनों पर मिली हार के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब से नाराज हैं और इसीलिए केंद्र सरकार राज्य के ग्रामीण विकास कोष (RDF) को रोककर बदला ले रही है।

 

पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इस दलबदल और सड़क पर जारी संग्राम ने चुनावी जंग को और भी रोचक बना दिया है। फिलहाल, हरभजन सिंह के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन राजनीतिक पारा गिरने का नाम नहीं ले रहा है।

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पंजाब में दो IAS अधिकारी सस्पेंड, मान सरकार ने इस वजह से लिया एक्शन https://www.shauryatimes.com/news/225399 Sun, 08 Feb 2026 04:38:54 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=225399 Punjab : पंजाब सरकार ने रविवार को दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई चंडीगढ़ में लागू की गई है और इसका उद्देश्य प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना है। सस्पेंड किए गए अधिकारियों में उद्योग और वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव कमल किशोर यादव और पंजाब इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन लिमिटेड (पंजाब इन्फोटेक) के प्रबंध निदेशक जसप्रीत सिंह शामिल हैं।

 

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम प्रशासनिक जिम्मेदारी के मद्देनजर उठाया गया है और दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश तुरंत प्रभावी होंगे।

 

सस्पेंड होने वाले अधिकारी कौन हैं?

आदेशों के अनुसार, कमल किशोर यादव उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और सूचना प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन विभाग में वरिष्ठ पद पर तैनात थे। वहीं, जसप्रीत सिंह पंजाब इन्फोटेक के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे। दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने के साथ ही एक अतिरिक्त मुख्य सचिव और एक संयुक्त सचिव का तबादला भी किया गया है।

 

निलंबन की अवधि के दौरान, दोनों अधिकारियों को चंडीगढ़ स्थित राज्य मुख्यालय में तैनात किया गया है और इस दौरान उन्हें केवल निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। सरकार ने यह भी कहा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से प्रशासनिक आधार पर की गई है।

 

क्यों सस्पेंड किए गए दोनों अधिकारी?

इन दोनों IAS अधिकारियों पर कार्रवाई का मुख्य कारण आंगनबाड़ी कर्मचारियों को मोबाइल फोन प्रदान करने वाली सरकारी योजना से जुड़ा मामला है। इस योजना के संबंध में एक निजी कंपनी ने अदालत से स्टे हासिल कर लिया था, जिससे सरकार को कानूनी अड़चन का सामना करना पड़ा। सरकार का आरोप है कि संबंधित आईएएस अधिकारियों ने अदालत में केस को ठीक ढंग से प्रस्तुत नहीं किया, जिसके कारण सरकार नाराज है। इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है।

 

लक्की ओबोराय की हत्या से गरमाई सियासत

वहीं, पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। जालंधर में 6 फरवरी को आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या के बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि पंजाब आम आदमी पार्टी की “जीरो फियर” सरकार में खून से लथपथ हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि पहले हफ्ते में नौ हत्याएं हुईं हैं और जनवरी 2026 में करीब 25 हत्याएँ दर्ज की गई हैं। यह बयान राजनीतिक तनाव को दर्शाता है और प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा रहा है।

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पंजाब के तीन शहर पवित्र घोषित, विधानसभा के विशेष सत्र में सीएम का ऐलान https://www.shauryatimes.com/news/215625 Mon, 24 Nov 2025 16:09:43 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=215625 चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने राज्य के तीन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा प्रदान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आनंदपुर साहिब, तलवंडी साबो और अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के गलियारे को पवित्र शहर का दर्जा प्रदान करने का ऐलान किया। अब इन स्थानों पर शराब-मीट और तंबाकू तक की बिक्री नहीं होगी। सरकार बहुत जल्द तीनों शहरों के लिए अपना रोड मैप जारी करेगी।

 

सोमवार को गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर राज्य सरकार की तरफ से आनंदपुर साहिब में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया गया। यह पहला मौका था जब सरकार ने चंडीगढ़ से बाहर विधानसभा का सत्र बुलाया। आनंदपुर साहिब में पंजाब विधानसभा की तर्ज पर बाहरी ढांचा तैयार किया गया। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की धरती पर 3 तख्त हैं, इसलिए तीनों शहरों को पवित्र शहर का दर्जा दिया गया है। तीनों शहरों की सफाई व्यवस्था की सफाई के लिए विशेष फंड का इंतजाम होगा।

 

इससे पहले विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि आज पंजाबियों को परखा जा रहा है। पंजाब के साथ दिल्ली जो कुछ कर रही है, उसे पंजाब के लोग ही रोक सकते हैं। बाजवा के इस बयान पर भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि हमें आज सोचना चाहिए कि ये शहादतें हुई क्यों। उस समय जनेऊ और तिलक केवल पंडितों का चिह्न नहीं था, ये सनातन की पहचान थी। उस समय नौवें गुरु तेग बहादुर जुल्म के खिलाफ लड़े।

 

सीएम भगवंत मान ने कुखेवाली गांव को 50 लाख रुपये भी दिए हैं। यहां पर गुरु तेग बहादुर साहिब ने 9 साल से ज्यादा का वक्त बिताया था। सीएम मान ने कहा कि आज शोर मचाने वाला दिन नहीं हैं। कुछ लोग ऐसा करने की कोशिश करते हैं, परमात्मा उनको सदबुद्धि दें। आज इतिहास में पहली बार हो रहा है कि विधानसभा चलकर गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक होने आई है। आज श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को सभी ने अपने-अपने तरीके से याद किया।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद को 2005 से पहले के आतंक और भ्रष्टाचार की दिलाई याद https://www.shauryatimes.com/news/211903 Sun, 26 Oct 2025 15:05:24 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=211903 पटना : बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लालू परिवार पर जोरदार हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट के जरिए उन्होंने बिहार में 1990 से 2005 तक की सरकारों पर अपराध, भ्रष्टाचार और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।

नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में लिखा, “2005 से पहले का दौर आप सबको याद होगा, जब बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर था। हर तरफ अराजकता का माहौल था। शाम 6 बजे के बाद लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाते थे। हमारी बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। राज्य में अपहरण का धंधा उद्योग का रूप ले चुका था। लोग डर के साए में जीने को मजबूर थे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में सत्ता में बैठे लोगों से अपराधियों को संरक्षण मिलता था। शासन और प्रशासन पंगु हो चुके थे और बिहारी कहलाना अपमान की बात बन गई थी। 2005 में जब उनकी सरकार बनी, तब उन्होंने विधि-व्यवस्था सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

उन्होंने लिखा, ” हमारी सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। आज राज्य में किसी प्रकार का डर या भय नहीं है। अब बिहार में प्रेम, भाईचारे और शांति का माहौल है।

मुख्यमंत्री ने पोस्ट में बताया कि 2005 से पहले बिहार में पुलिस के पास न गाड़ियां थीं, न आधुनिक हथियार। तब राज्य में मात्र 817 थाने थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 1380 से अधिक कर दिया गया है। पुलिस को आधुनिक वाहन, हथियार और भवन दिए गए। सिपाही और पुलिस पदाधिकारियों की बड़ी संख्या में बहाली की गई। 2005 में बिहार पुलिस में सिर्फ 42,481 पुलिसकर्मी थे, जो अब बढ़कर 1.25 लाख से भी ज्यादा हो गए हैं। सरकार ने हाल ही में पुलिस बल की संख्या 2.29 लाख तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है।

नीतीश कुमार ने बताया कि 2013 से पुलिस में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला सिपाहियों की बड़ी संख्या में नियुक्ति की गई और ‘आदिवासी महिला स्वाभिमान बटालियन’ का गठन किया गया। आज बिहार पुलिस में महिलाओं की भागीदारी देश में सबसे अधिक है।

मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट के माध्यम से कहा कि राज्य की जनता ने तय किया कि अब उसे अराजक नहीं, तरक्की करता हुआ बिहार चाहिए। आज बिहार में न्याय के साथ विकास हो रहा है। युवाओं को नौकरी और रोजगार मिल रहा है। बहन-बेटियों के उत्थान के लिए नए-नए काम हो रहे हैं। अब बिहारी कहलाना सम्मान की बात है।

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पंजाब में खांसी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप बैन https://www.shauryatimes.com/news/209708 Tue, 07 Oct 2025 12:06:49 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=209708 चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने राज्य में ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप की बिक्री और इसके उपयोग पर रोक लगा दी है। सरकार ने यह फैसला मध्य प्रदेश में इस सिरप के इस्तेमाल से 17 बच्चों की मौत होने के बाद लिया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग निदेशालय की तरफ से सोमवार की शाम आदेश जारी किए गए, जिसे मंगलवार को राज्य के सभी जिला अधिकारियों को भेज दिया गया।

 

सरकार के आदेशों में कहा गया है कि पंजाब के सभी खुदरा विक्रेता, वितरक, पंजीकृत चिकित्सक, अस्पताल, स्वास्थ्य सेवा संस्थान आदि इस प्रोडक्ट की खरीद, बिक्री या इसका उपयोग नहीं करेंगे। तमिलनाडु में बने इस सिरप को डायथिलीन ग्लाइकॉल की मिलावट के चलते बैन किया गया है।आदेशों में कहा गया है कि मध्य प्रदेश की खाद्य एवं औषधि प्रशासन की औषधि परीक्षण प्रयोगशाला ने 4 अक्टूबर को एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार कोल्ड्रिफ सिरप नाम की दवा अच्छी गुणवत्ता वाली नहीं पाई गई है।

 

कोल्ड्रिफ सिरप कांचीपुरम (तमिलनाडु) में तैयार हुआ है। यह मई, 2025 में बना और अप्रैल, 2027 में खत्म होगा। इस सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (46.28 प्रतिशत 2/1) की मिलावट पाई गई है, जो जहर के समान हानिकारक रसायन है और इससे सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है। पंजाब के सभी मेडिकल स्टोर, डिस्ट्रीब्यूटर, डॉक्टर और अस्पताल इस दवा को न बेचें, न खरीदें और न ही इस्तेमाल करें। अगर राज्य में कहीं यह सिरप मौजूद है, तो उसकी जानकारी तुरंत पंजाब के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (दवा शाखा) को ई-मेल के माध्यम से

दें।

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पंजाब बाढ़ : भारतीय सेना का ‘ऑपरेशन राहत’ जारी, जरूरतमंदों तक पहुंचाई मदद https://www.shauryatimes.com/news/205191 Mon, 08 Sep 2025 05:19:33 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=205191 नई दिल्ली : पंजाब में आई भीषण बाढ़ के बाद जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पंजाब के कई जिलों के गांवों में बाढ़ का कहर है। इस संकट में भारतीय सेना ऑपरेशन राहत के तहत रेस्क्यू अभियान चला रही है, जिसके जरिए जरूरतमंदों तक खाना, पानी और अन्य जरूरी मदद पहुंचाई जा रही है।

भारतीय सेना के वज्र कॉर्प्स ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे राहत अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बचाव अभियान से संबंधित कुछ फोटो शेयर किए।

उन्होंने एक्स पर लिखा, ऑपरेशन राहत। पंजाब में बाढ़, घर उजड़े, जिंदगियां बिखरीं। निराशा के बीच भारतीय सेना गांव वालों के साथ खड़ी है। परिवारों को बचाते हुए, बुजुर्गों का सहारा बनते हुए, बच्चों को सुरक्षित उठाते हुए, भोजन, पानी और उम्मीद पहुंचाते हुए। हर आलिंगन भरोसे और उम्मीद का बंधन दर्शाता है।

इसके अलावा, वज्र कॉर्प्स ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, हरिके, तरन तारन में सतलुज का पानी बढ़ा तो गांववाले और वज्र कॉर्प्स कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। बांध को मजबूत किया, दरार पाटी और अनगिनत जिंदगियां सुरक्षित कीं। एक सच्ची मिसाल- एकता, हिम्मत और भरोसे की।

अभी बाढ़ से पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक है। नदियां उफान पर हैं, जिससे हर जगह सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है। स्थिति यह है कि पंजाब के सभी 23 जिले बाढ़ प्रभावित घोषित किए जा चुके हैं। सैकड़ों गांव जलमग्न हैं। कम से कम 43 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लाखों हेक्टेयर जमीन पर लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं।

भारी बारिश और बाढ़ के कारण पंजाब इस बार मानसून में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को पंजाब का दौरा करेंगे।

भाजपा पंजाब ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को पंजाब के गुरदासपुर आ रहे हैं। वे बाढ़ प्रभावित भाई-बहनों और किसानों से सीधे मिलकर अपना दुख साझा करेंगे और पीड़ितों की मदद के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा साबित करता है कि केंद्र की भाजपा सरकार हमेशा पंजाब के लोगों के साथ खड़ी है और इस कठिन समय में पूरा सहयोग करेगी।

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पंजाब सीएम भगवंत मान की हालत स्थिर, डॉक्टरों ने दी अपडेट https://www.shauryatimes.com/news/204963 Sat, 06 Sep 2025 07:43:55 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=204963 मोहाली (पंजाब) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 5 सितंबर को मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनकी सेहत में गिरावट के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अब राहत की खबर है कि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और पल्स रेट में सुधार देखा गया है।

अस्पताल के मुताबिक, मेडिकल टीमें लगातार उनकी निगरानी कर रही हैं, ताकि उनकी सेहत पर पूरा ध्यान रखा जा सके। मुख्यमंत्री को स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले दो दिनों से उनकी सेहत में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती करने की सलाह दी।

फोर्टिस हॉस्पिटल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भगवंत मान की हालत अब नियंत्रित है और उनकी देखभाल के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात है। हालांकि, अभी तक उनकी बीमारी का सटीक कारण सामने नहीं आया है, लेकिन मेडिकल टीम उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है।

इस बीच, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया भगवंत मान से मिलने फोर्टिस हॉस्पिटल पहुंचने वाले हैं। इससे पहले, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी हाल ही में मान से मिलने गए थे, जब वे बीमार पड़ने के बाद घर पर थे।

स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें। डॉक्टरों के मुताबिक, भगवंत मान की सेहत पर और टेस्ट किए जा रहे हैं। उनके स्वास्थ्य पर पूरी तरह से नजर बनाकर रखा जा रहा है।

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पंजाब: राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने होशियारपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा https://www.shauryatimes.com/news/204794 Thu, 04 Sep 2025 14:37:16 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=204794 होशियारपुर : पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने गुरुवार को होशियारपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। बाढ़ के कारण हुए भारी नुकसान के बीच गवर्नर लगातार प्रभावित गांवों का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में वह टांडा के मियानी गांव पहुंचे, जहां प्रशासन द्वारा गवर्नमेंट हाई स्कूल में राहत शिविर संचालित किया जा रहा है।

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शिविर में रह रहे लोगों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि केंद्र और पंजाब सरकार उनके साथ है।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस बार पंजाब में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर है। वर्ष 2023 में भी बाढ़ आई थी, लेकिन इस बार की स्थिति उससे कहीं अधिक विकट है। पोंग डैम और रणजीत सागर डैम से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण हालात और बिगड़ गए।

कटारिया ने कहा, मैंने टांडा के गवर्नमेंट हाई स्कूल में चल रहे राहत शिविर का दौरा किया, जहां करीब 200-250 लोग ठहरे हुए हैं। मैंने उनसे बात की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। अब तक पांच राहत शिविरों का दौरा किया है और प्रभावित लोगों से संवाद किया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की एक विशेष टीम पंजाब पहुंच चुकी है, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन करेगी।

उन्होंने कहा, पानी उतरने के बाद ही नुकसान का सटीक आकलन हो पाएगा, लेकिन केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने प्रशासन की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को भोजन, दवाइयां और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और नुकसान की भरपाई के लिए ठोस कदम उठाएंगी। बाढ़ के कारण पंजाब के कई जिलों में फसलों, मकानों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है।

उन्होंने लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की और कहा कि सरकार उनकी हर जरूरत को पूरा करने के लिए तत्पर है। इस दौरे के दौरान गवर्नर के साथ स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और राहत कार्यों से जुड़े कर्मचारी भी मौजूद रहे।

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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी साइकिल से पहुंचे विधानसभा, नशे के खिलाफ जागरुकता का दिया संदेश https://www.shauryatimes.com/news/203654 Tue, 26 Aug 2025 05:31:20 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=203654 चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार को साइकिल चलाकर हरियाणा विधानसभा पहुंचे। उनके साथ राज्य के कैबिनेट मंत्री, विधायक और भाजपा के अन्य नेता भी साइकिल पर नजर आए। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के प्रति जागरूक करने का संदेश देना था।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने को लेकर संदेश देने के लिए इस तरीके से साइकिल यात्रा की जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार उदय हरियाणा पहल के तहत युवाओं को नशे के खिलाफ जागरुक करने की कोशिश कर रही है। साइकिल यात्रा और मैराथन जैसी सरकार की पहलों का नतीजा है कि नशे के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा हुआ है। हमारे युवा और तमाम नागरिक इस मुहिम में जुड़कर सहयोग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति नशा फैलाने का काम करता है तो सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर सवाल उठाए और कहा, विधानसभा स्पीकर ने सभी सदस्यों से आह्वान किया था। यह अच्छा होता कि नशे के खिलाफ साइकिल यात्रा में विपक्ष के सदस्य भी आते।

हरियाणा की कानून व्यवस्था पर विपक्ष के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष अपराध के मुद्दे को लेकर गुमराह करने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपने गिरेबां में झांकना चाहिए कि उनकी सरकार में कानून व्यवस्था की स्थिति क्या थी। सीएम सैनी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार सदन में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष के हर आरोप का जवाब देने के लिए भी तैयार है।

पंजाब में भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आपस में मिले हुए हैं। इन दलों ने हरियाणा में समझौता किया था। दिल्ली में भी इन दलों की सांठगांठ थी। यह लोग अच्छे कामों का समर्थन करने की बजाय उसका विरोध करते हैं।

वहीं, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि नशे को लेकर युवाओं को एक संदेश देने के लिए आज सभी विधायक और मंत्री साइकिल पर विधानसभा पहुंचे हैं। बीजेपी के सभी मंत्री और विधायक साइक्लोथॉन का आयोजन करते समय एमएलए हॉस्टल से विधानसभा तक पहुंचे हैं। नशे के साथ-साथ पर्यावरण को लेकर एक संदेश देने का प्रयास किया गया है।

कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष के काम रोको प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा को लेकर अरविंद शर्मा ने कहा कि विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए सरकार तैयार है।

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