मध्यप्रदेश – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sun, 02 Aug 2026 10:16:17 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 मप्र के इंदौर में मेजर हमजा आरिफ को सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई, लगे देशभक्ति के नारे https://www.shauryatimes.com/news/243215 Sun, 02 Aug 2026 10:15:45 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243215 इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के लिए रविवार का दिन बेहद भावुक रहा। राजस्थान के जैसलमेर में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले शहर के वीर सपूत मेजर हमजा आरिफ को पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ हजारों लोगों को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान जमकर देशभक्ति के नारे लगे।

 

एक महीने पहले जिस घर में शादी की खुशियां गूंज रही थीं, वहां रविवार को मातम पसरा था। तिरंगे में लिपटे मेजर हमजा आरिफ के पार्थिव शरीर को देखकर हर आंख नम थी। पत्नी ज्योति अरोरा का दर्द, माता-पिता की खामोशी और सेना की अंतिम सलामी ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया।

 

राजस्थान के जैसलमेर में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मेजर हमजा आरिफ का पार्थिव शरीर रविवार सुबह इंदौर के सैफी नगर स्थित उनके निवास पर पहुंचा। सुबह से ही उनके निवास पर लोगों का तांता लगा हुआ था। सबसे पहले पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। सुबह करीब नौ बजे सैफी नगर में जनाजे की नमाज अदा की गई। इसके बाद सेना के वाहन में तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर अंतिम यात्रा के लिए रवाना हुआ। तिरंगे में लिपटी ताबूत के साथ जनाजा सैफी नगर मस्जिद से आगे बढ़ा और माणिकबाग पुल, कलेक्टर चौराहा, राजबाड़ा और सदर बाजार होते हुए इमली बाजार स्थित शिया दाऊदी बोहरा कब्रिस्तान पहुंचा।

 

रास्ते भर लोग अपने घरों और दुकानों के बाहर खड़े होकर मेजर हमजा आरिफ को अंतिम सलाम करते रहे। राजबाड़ा पर बड़ी संख्या में लोग पहले से मौजूद थे। जैसे ही सेना का वाहन वहां पहुंचा, पूरा इलाका भारत माता की जय और मेजर हमजा आरिफ अमर रहें के नारों से गूंज उठा। लोगों ने हाथ जोड़कर और सैल्यूट कर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी। कब्रिस्तान में सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया और पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर अपने साथी अधिकारी को अंतिम सलामी दी। इसके बाद धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

 

अंतिम विदाई का सबसे भावुक पल तब आया, जब पत्नी ज्योति अरोरा अपने पति को आखिरी श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। कांपते हाथों से उन्होंने तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को नमन किया, लेकिन खुद को संभाल नहीं सकीं और फूट-फूटकर रो पड़ीं। उनकी मां ने उन्हें गले लगाकर संभाला। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सेना के अधिकारियों ने वह तिरंगा पत्नी ज्योति अरोरा को सौंपा, जिसमें लिपटकर मेजर हमजा आरिफ अपने घर लौटे थे। उन्होंने तिरंगे को सीने से लगा लिया।

 

अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार में राजस्थान और मध्य प्रदेश से सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। कर्नल, लेफ्टिनेंट और मेजर रैंक के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में बोहरा समाज के लोग, शहरवासी, रिश्तेदार और मित्र भी मौजूद रहे। हर कोई अपने वीर बेटे को नम आंखों से विदाई देता नजर आया।

 

परिजनों ने बताया कि मेजर हमजा आरिफ का विवाह करीब एक महीने पहले ही हुआ था। शादी के बाद वह कुछ दिन की छुट्टी बिताकर वापस ड्यूटी पर लौटे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि नई जिंदगी की शुरुआत के कुछ ही दिनों बाद वह तिरंगे में लिपटकर घर लौटेंगे।

 

गौरतलब है कि गुरुवार देर रात राजस्थान के जैसलमेर जिले में यह हादसा हुआ था। 31 वर्षीय मेजर हमजा आरिफ अपने दो साथी अधिकारियों के साथ ड्यूटी पूरी कर सेना की टाटा सफारी से सैन्य स्टेशन लौट रहे थे। थईयात सैन्य क्षेत्र के पास अचानक एक ऊंट सड़क पर आ गया। वाहन ऊंट से टकराकर अनियंत्रित हो गया और कई बार पलटते हुए काफी दूर तक घिसटता चला गया। हादसे में मेजर हमजा आरिफ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद दो लेफ्टिनेंट गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज सैन्य अस्पताल में जारी है। हादसे में ऊंट की भी मौत हो गई।

 

मेजर हमजा के परिजन सेना के विशेष वाहन में पार्थिव देह को सड़क मार्ग से लेकर शनिवार सुबह जैसलमेर से निकले थे। देर रात शव इंदौर पहुंचा। सबसे पहले वाहन महू छावनी पहुंचा। वहां मेजर हमजा को श्रद्धांजलि देने के बाद पार्थिव देह को उनके निवास पर लाया गया। हमजा आरिफ पिछले नौ वर्षों से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे। उनके पिता आरआर कैट से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में माता-पिता और तीन बहनें हैं। उनकी असमय मौत से सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा इंदौर शोक में डूबा हुआ है।

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मप्र के उज्जैन में सोमवार को धूमधाम से निकलेगी महाकाल की सवारी, चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में देंगे भक्तों को दर्शन https://www.shauryatimes.com/news/243212 Sun, 02 Aug 2026 10:11:59 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243212 उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर की श्रावण-भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारी के क्रम में सोमवार, 03 अगस्त को पहली सवारी निकलेगी। इस दौरान अवंतिकानाथ नगर भ्रमण कर अपनी प्रजा का हाल जानेंगे। सवारी में बाबा महाकाल चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में अपने भक्तों को दर्शन देंगे।

 

श्रावण-भाद्रपद मास में उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर की छह सवारी निकाली जाती है। इनमें श्रावण के चार और भादौ महीने के दो सोमवार को भगवान महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इस बार भगवान महाकालेश्वर की पहली सवारी 3 अगस्त और अंतिम राजसी सवारी 7 सितंबर को निकाली जाएगी। सवारी निकलने से पहले दोपहर 3:30 बजे सभा मंडप में भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन होगा। इसके बाद शाम 4 बजे मंदिर प्रांगण से सवारी प्रस्थान करेगी और करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी दूरी तय कर शाम 5 बजे रामघाट पहुंचेगी। रामघाट पर शिप्रा से जलाभिषेक, पूजन, आरती के बाद बाबा वापस मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। सवारी शाम 7 बजे मंदिर पहुंचेगी।

 

महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने रविवार को बताया कि इस साल भी सभी आरतियों में कार्तिक मंडप की पहली तीन पंक्तियों से श्रद्धालुओं को चलित आरती दर्शन कराए जाएंगे। सभी सवारियों में जनजातीय सांस्कृतिक दल प्रस्तुति देंगे। हर सवारी में पांच एलईडी रथ शामिल किए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 15 जगहों पर मेडिकल टीमें और 24×7 एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी।

 

उन्होंने बताया कि श्रावण के पहले सोमवार, 03 अगस्त को भगवान महाकाल पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे और श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। सवारी से पहले प्रशासन ने पूरे मार्ग को दुरुस्त कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।

 

गाैरतलब है कि सिंहस्थ 2026 की तैयारियों के लिए चल रहे निर्माण कार्यों के चलते 15 दिन पहले तक सवारी मार्ग पर सड़कें जर्जर थीं और बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहां अधिकारियों ने दिन-रात मेहनत कर सभी व्यवस्थाएं पूरी कर दी हैं। प्रशासन के प्रयासों से अब श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल के दर्शन अधिक सुगमता से हो सकेंगे। सवारी के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और साफ-सफाई की व्यापक व्यवस्था की गई है।

 

महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार से निकलकर पालकी गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। यहां क्षिप्रा नदी के पवित्र जल से भगवान महाकाल का अभिषेक और आरती की जाएगी। इसके बाद सवारी रामघाट, रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी चौराहा होते हुए पुनः महाकाल मंदिर पहुंचेगी।

 

श्रावण के पहले सोमवार भगवान महाकाल चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में पालकी में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। सवारी के दौरान सशस्त्र पुलिस बल बाबा महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर देगा। ढोल-नगाड़ों, झांझ-मंजीरों और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरी उज्जैन नगरी शिवमय हो जाएगी। जब सवारी गोपाल मंदिर पहुंचेगी, तब हरि-हर मिलन का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।

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भोपाल में सड़कों पर किसानों ने गुजारी रात, सीएम हाउस के घेराव पर अड़े, आज नर्मदापुरम रोड के स्कूलों में छुट्टी https://www.shauryatimes.com/news/242987 Wed, 29 Jul 2026 06:28:48 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242987 भोपाल : मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद की आपूर्ति में सुधार की मांग को लेकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे किसानों ने मंगलवार देररात होशंगाबाद रोड पर ही डेरा डाल दिया। प्रशासन के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसान बुधवार को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने पर अड़े हैं। आंदोलन के चलते भोपाल कलेक्टर ने नर्मदापुरम रोड के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में आज अवकाश घोषित कर दिया है।

 

सोमवार को नर्मदापुरम के बरखेड़ा से शुरू हुई ‘किसान क्रांति पैदल यात्रा’ मंगलवार शाम औबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11 मील बाईपास होते हुए राजधानी भोपाल की सीमा में दाखिल हुई। रात होते-होते करीब 2 हजार किसानों ने होशंगाबाद रोड पर ही अपना पड़ाव डाल दिया। स्थिति को संभालने के लिए देर रात प्रशासनिक अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक मैराथन बैठक हुई, लेकिन सहमति न बनने के कारण वार्ता पूरी तरह नाकाम रही। किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और बुधवार को मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करेंगे।

 

किसानों के सड़क पर डटे रहने और संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने ऐहतियाती कदम उठाए हैं। कलेक्टर के आदेशानुसार नर्मदापुरम रोड पर स्थित सभी सरकारी और निजी स्कूलों में बुधवार का अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, आंदोलन के कारण नर्मदापुरम रोड, एम्स मार्ग, बंसल प्लाजा और कटारा हिल्स क्षेत्र में देर रात से ही यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ट्रैफिक पुलिस को कई मार्गों पर रूट डायवर्ट करना पड़ा है, जिससे सुबह से ही राहगीरों को भारी जाम की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

 

किसानों के मुख्यमंत्री निवास के घेराव के ऐलान के बाद पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर है। वीर सावरकर सेतु (हबीबगंज ओवरब्रिज) से पहले ही भारी पुलिस बल तैनात कर मुख्य रास्तों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। मुख्यमंत्री निवास और उसके आसपास के इलाके को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है, जहां एसएएफ, आरएएफ और भोपाल के 20 से अधिक थानों का बल मुस्तैद है। सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए वाटर कैनन, वज्र वाहन और दंगा रोधी उपकरणों के साथ पुख्ता बंदोबस्त किए हैं।

 

आंदोलन के बीच कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने मंगलवार रात किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी जायज़ मांगों के प्रति संवेदनशील है और सभी मुद्दों का शीघ्र एवं सकारात्मक समाधान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

कृषि मंत्री कंषाना ने किसानों से शांति बनाए रखने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि सरकार और किसान एक-दूसरे के सहयोगी हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना तथा उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है। बैठक के दौरान किसान प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों और समस्याओं को विस्तार से रखा, जिस पर कृषि मंत्री कंषाना ने सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करने तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर शीघ्र निर्णय लेने का भरोसा दिलाया।

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ट्विशा मौत मामले में आरोपित गिरिबाला और समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ी https://www.shauryatimes.com/news/242915 Tue, 28 Jul 2026 12:43:49 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242915 भोपाल : मध्य प्रदेश के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को दोनों मुख्य आरोपितों सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ा दी है। सुनवाई के दौरान आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। बचाव पक्ष द्वारा वॉइस सैंपल प्रक्रिया और रिमांड बढ़ाने पर आपत्ति जताई गई, जिसे अदालत ने खारिज करते हुए सीबीआई की अर्जी स्वीकार कर ली।

 

भोपाल के चर्चित ट्विशा मामले में आज ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई हुई। ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता शुभांग दीक्षित ने बताया कि जमानत अर्जी खारिज होने के बाद न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने पर आरोपित गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए अदालत में पेशी कराई गई। सुनवाई के दौरान मृतका ट्विशा के पिता और भाई भी अदालत परिसर में मौजूद रहे। मामले की गंभीरता और जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने सीबीआई के आवेदन को स्वीकार करते हुए दोनों आरोपितों की ज्यूडिशियल रिमांड 11 अगस्त तक बढ़ाने के आदेश जारी किए।

 

सुनवाई के दौरान आरोपितों के वकील ने सीबीआई पर आरोप लगाते हुए कहा कि वॉइस सैंपल लेने के दौरान जांच एजेंसी के अधिकारियों का रवैया उचित नहीं था। बचाव पक्ष ने यह भी दावा किया कि आरोपितों द्वारा जांच में सहयोग न करने की बात गलत है। इस पर अदालत ने मौखिक रूप से स्पष्ट किया कि वॉइस सैंपल से जुड़े ये तमाम तर्क जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान पहले ही सुने जा चुके हैं, इसलिए रिमांड की प्रक्रिया में इस मुद्दे का अब कोई औचित्य नहीं रह जाता है।

 

बचाव पक्ष ने अदालत में न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने का विरोध करते हुए तर्क दिया कि सीबीआई की रिमांड अर्जी में कोई नया आधार नहीं दिया गया है। साथ ही उन्होंने एजेंसी से अब तक पूछताछ किए गए गवाहों की सूची मांगी। इसका कड़ा विरोध करते हुए सीबीआई ने अदालत में पक्ष रखा कि मामले में जांच अभी संवेदनशील मोड़ पर है और गवाहों का ब्योरा सार्वजनिक करने से निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।

 

गौरतलब है कि 12 मई 2026 को राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स में हुई ट्विशा की संदिग्ध मौत के मामले में उच्च न्यायालय के आदेश पर दिल्ली एम्स की दोबारा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच कर रही है।

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प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में मप्र के जलसंरक्षण कार्यों को सराहा, सीधी के तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का किया जिक्र https://www.shauryatimes.com/news/242680 Sun, 26 Jul 2026 11:12:08 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242680 भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में ‘कैच द रेन’ अभियान पर चर्चा के दौरान मध्य प्रदेश के सीधी और नरसिंहपुर में जलसंरक्षण के लिए हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश के सीधी जिले में लगभग 1500 तालाब बनाए गए हैं, नरसिंहपुर में अमृत सरोवरों को संवारा गया है। उन्होंने कहा कि बारिश की हर बूंद को सहेजने के अभियान को जन आंदोलन बनाना आवश्यक है।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से अपने आसपास तालाब, कुएं या बावड़ी की जिम्मेदारी लेने और पानी की हर बूंद बचाने के अभियान में साथ आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज बचाई गई हर बूंद, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवाड़ी जिले की पर्यटन और धार्मिक नगरी ओरछा में कंचना घाट पर प्रधानमंत्री मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम को सुना। इस अवसर पर पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री और निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायन सिंह कुशवाह तथा जनप्रतिनिधि और स्थानीयजन उपस्थित थे।

 

जहां जब बारिश गिरे-पानी को वहीं सहेजिए

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘कैच द रेन’ का संदेश बहुत सीधा है, जहां जब बारिश गिरे, पानी को वहीं सहेजिए, इसीलिए 4 जुलाई से देशभर में विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है, इसके तहत बारिश के पानी के संचयन, ग्राउंड वॉटर रिचार्ज, पुराने जल स्त्रोतों के पुर्नजीवन और वृक्षारोपण को नई गति दी जा रही हैं। गांव हो या शहर, पंचायतें हो या सामाजिक संस्थाएं हर जगह लोगों ने बढ़-चढ़ कर भागीदारी की है । कहीं पुराने तालाबों से गाद निकाली जा रही है, कहीं कुओं और बावड़ियों को फिर से जीवंत किया जा रहा है। बंद पड़े बोरवेल अब ग्राउंड वाटर रिचार्ज का माध्यम बन रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा में हुए कार्यों के उत्साह जनक परिणामों का भी उल्लेख किया। राज्यसभा सांसद महेश केवट, विधायक निवाड़ी अनिल जैन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

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भाजपा की डबल इंजन की सरकार में विकास और प्रगति में आई तेजीः ज्योतिरादित्य सिंधिया https://www.shauryatimes.com/news/242489 Fri, 24 Jul 2026 15:09:52 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242489 दतिया/भोपाल : केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की डबल इंजन सरकार में विकास और प्रगति में काफी तेजी आई है। कांग्रेस ने देश की सत्ता पर 70 वर्षों तक और प्रदेश में भी लंबे समय तक शासन किया, लेकिन उन्होंने विकास के कार्य कभी नहीं कराए।

 

केंद्रीय मंत्री सिंधिया शुक्रवार को मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में ग्रामीण क्षेत्रों बडौनी, जिगना, निचरोली, चकरासागर और गोविंद नगर में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से परिवारवाद को बढ़ावा देती रही है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ताओं को उनका अधिकार मिलता है।

 

प्रधानमंत्री ने देश का मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ाया

 

सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के मान, सम्मान और स्वाभिमान को बढ़ाने का काम किया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज भारत ने दुनिया में अपनी धाक जमाई है। अमेरिका-ईरान युद्ध छिड़ा, सभी को डर था कि भारत में पेट्रोल-डीजल के लिए हाहाकार मचेगा, अन्य समस्याएं आएंगी लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने देश को थोड़ी सी भी परेशानियां नहीं आने दी। आज उनके नेतृत्व में देश की ख्याति विश्व स्तर पर बढ़ी है।

 

भाजपा सरकारों ने हर वर्ग के लिए योजनाएं बनाईं, लोगों का जीवन बदला

 

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि भाजपा की सरकार में हर वर्ग के लिए योजनाएं बनीं और इन योजनाओं से हर वर्ग के जीवन में खुशहाली आई है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार में युवा, महिलाएं, बुजुर्ग, किसान, गरीबों सहित अन्य सभी वर्गों के लिए योजनाएं बनाई गईं। कांग्रेस ने 65 वर्षों में सिर्फ 3 करोड़ देशवासियों को आवास दिए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने 10 साल में 4 करोड़ लोगों को आवास दिए और अगले 10 वर्षों के लिए 10 करोड़ लोगों को आवास देने का लक्ष्य रखा है। घर-घर में गैस की टंकियां और चूल्हे दिए, किसानों को सम्मान निधि देकर उनका सम्मान बढ़ाया।

 

अब लालटेन व लट्टू (वल्ब) वाले दिन नहीं लाना है

 

सिंधिया ने कहा कि 18 वर्ष पहले दतिया विधानसभा में सड़कें नहीं हुआ करती थीं। गड्ढों में सड़कों को ढूंढना पड़ता था। गांवों में बिजली नहीं हुआ करती थी। बच्चों को लालटेन में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी। जिन घरों में बिजली थी वहां पर लट्टू (वल्ब) टिमटिमाते रहते थे, लेकिन अब उन लट्टू (वल्ब) वाले दिन नहीं लाना है। अब दतिया में विकास की गति को बढ़ाना है।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में दतिया को मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली, केंद्रीय विद्यालय खोला गया, दतिया को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा गया, झांसी में कई रेलगाड़ियों का स्टॉपेज कराया गया, बच्चों की बेहतर पढ़ाई के लिए सांदीपनि स्कूल खोले गए। यह सभी विकास कार्य भाजपा के शासनकाल में कराए गए हैं।

 

इस दौरान भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी मौजूद रहे। सभाओं को मध्य प्रदेश शासन के मंत्री राकेश शुक्ला, सांसद संध्या राय, जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह एवं विधायक प्रीतम लोधी ने भी संबोधित किया।

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ईडी की मप्र में बड़ी कार्रवाई, जबलपुर के प्रियंक मेहता की 3.67 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त https://www.shauryatimes.com/news/242381 Thu, 23 Jul 2026 15:14:16 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242381 भोपाल : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के अंतर्गत मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी राजुल ग्रुप के पार्टनर प्रियंक मेहता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करते हुए 5,02,954 अमेरिकी डॉलर यानी 3.67 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति जब्त की है।

 

ईडी भोपाल कार्यालय द्वारा गुरुवार को जानकारी दी गई कि मेहता ने अमेरिका के वीजा कार्यक्रम में निवेश के लिए करीब साढ़े पांच लाख डालर विदेश भेजे थे। इसके बाद पुर्तगाल में प्रॉपर्टी खरीदी गई और विदेशी बैंक में पैसा जमा किया गया। ईडी ने यह कार्रवाई आयकर विभाग से मिली सूचना और जांच के आधार पर की है।

 

ईडी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि प्रियंक मेहता ने लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के अंतर्गत अमेरिका के ईबी-5 वीजा कार्यक्रम में निवेश के लिए 5,48,000 अमेरिकी डॉलर विदेश भेजे थे। जांच में यह पता चला कि भेजी गई राशि में से 5,02,954 अमेरिकी डॉलर, उस काम में उपयोग नहीं लाए गए, जिसके लिए भेजे गए थे।

 

ईडी की जांच के अनुसार, अमेरिका से वापस हुई राशि को भारत वापस लाने के बजाय सीधे पुर्तगाल भेज दिया गया। बाद में भारत से भेजी गई अतिरिक्त धनराशि के साथ इसे मिलाकर पुर्तगाल में अचल संपत्ति खरीदी गई। शेष राशि भी पुर्तगाल के एक विदेशी बैंक खाते में रखी गई। ईडी का कहना है कि विदेश में इस प्रकार विदेशी मुद्रा और संपत्ति का अधिग्रहण एवं उपयोग फेमा, 1999 की धारा 4 तथा धारा 10(6) का उल्लंघन है।

 

ईडी ने फेमा की धारा 37 ए(1) में जबलपुर स्थित प्रियंक मेहता की लगभग 3.67 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति जब्त कर ली है। ईडी के अनुसार, यह राशि विदेश में अवैध रूप से रखे गए 5,02,954 अमेरिकी डॉलर के बराबर है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

गौरतलब है कि आयकर विभाग ने राजुल ग्रुप और प्रियंका मेहता के ठिकानों पर 2023 में सर्वे किया था। इस दौरान यह बात सामने आई कि मेहता के पास विदेशी संपत्तियां हैं। मेहता ने लिस्बन में एक रिहायशी फ्लैट खरीदा था। इस संपत्ति से उसे किराए के रूप में आमदनी हो रही थी। इसकी जानकारी मेहता ने आयकर रिटर्न फाइल करने के दौरान छुपाई थी। आयकर विभाग की सूचना पर ईडी ने इसी साल मार्च में प्रियंक मेहता के तीन ठिकानों पर छापा मारा था।

 

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रद्द, रद्द, रद्द…..मध्य प्रदेश लोड डिस्पैच सेंटर ने रचा नया कीर्तिमान, मिला अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन https://www.shauryatimes.com/news/242207 Wed, 22 Jul 2026 12:46:13 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242207 भोपाल : मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के जबलपुर स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (आईएसएमएस) के लिए एसएलडीसी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का आईएसओ/आईईसी 27001:2022 प्रमाणन प्राप्त हुआ है।

 

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इसे प्रदेश के विद्युत क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि देश के बड़े राज्यों के भार प्रेषण केंद्रों में एसएलडीसी जबलपुर इस प्रमाणन को हासिल करने वाले अग्रणी केंद्रों में शामिल हो गया है।

 

ऊर्जा मंत्री तोमर ने बुधवार को बताया कि दिल्ली स्थित क्वालिटी एशिया सर्टिफिकेशन द्वारा विस्तृत मूल्यांकन एवं ऑडिट के बाद यह प्रमाणन प्रदान किया गया है। ऑडिट में एसएलडीसी की सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाया गया। तोमर ने कहा कि डिजिटल युग में विद्युत ग्रिड का संचालन पूरी तरह सूचना एवं संचार प्रणालियों पर आधारित है। ऐसे में साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण और परिचालन सूचनाओं की गोपनीयता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। यह प्रमाणन इस दिशा में एमपी ट्रांसको की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 

पहले भी हासिल कर चुका है राष्ट्रीय पहचान

 

एसएलडीसी जबलपुर इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित कर चुका है। केंद्र को हाल ही में सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली थी। इसके अलावा आधुनिक ग्रिड प्रबंधन, रियल टाइम मॉनिटरिंग, ऊर्जा प्रबंधन तथा अत्याधुनिक संचार प्रणालियों के प्रभावी उपयोग के कारण एसएलडीसी लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। प्रदेश में बढ़ती विद्युत मांग के बीच सुरक्षित एवं निर्बाध ग्रिड संचालन सुनिश्चित करने में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है।

 

रियल टाइम ग्रिड ऑपरेशन से लेकर आईटी-ओटी सिस्टम तक हुआ मूल्यांकन

 

एसएलडीसी जबलपुर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि प्रमाणन के दायरे में केंद्र के सभी नियमित एवं आउटसोर्स कार्मिक, प्रक्रियाएं तथा सूचना परिसंपत्तियां शामिल थीं। मूल्यांकन के दौरान रियल टाइम ग्रिड ऑपरेशन, विद्युत प्रणाली की शेड्यूलिंग, निगरानी एवं नियंत्रण, संचार नेटवर्क, आईएसडी एवं आईएसपी से जुड़ी गतिविधियों के साथ-साथ संपूर्ण ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी (ओटी) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अवसंरचना का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सूचना सुरक्षा जोखिमों के प्रबंधन, साइबर सुरक्षा उपायों, डेटा संरक्षण और व्यवसाय निरंतरता व्यवस्थाओं को परखने के बाद ही यह प्रमाणन प्रदान किया गया है। इससे न केवल एसएलडीसी की कार्यप्रणाली को वैश्विक मान्यता मिली है, बल्कि मध्यप्रदेश की विद्युत प्रणाली की विश्वसनीयता और सुरक्षा भी और अधिक सुदृढ़ हुई है।

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मप्र में यूसीसी लागू होने के बाद संपत्ति कानून, शादी-तलाक से लेकर लिव-इन तक के नियमों में होंगे बड़े बदलाव https://www.shauryatimes.com/news/242104 Tue, 21 Jul 2026 13:01:40 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242104 भोपाल : मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित करा लिया। अब राज्यपाल की राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद इसका राजपत्र (गजट) में नोटिफिकेशन जारी होगा और इसके साथ ही मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू हो जाएगा। इसके लागू होने के बाद संपत्ति कानून, शादी-तलाक से लेकर लिव-इन तक को लेकर कड़े प्रावधान किए गए हैं।

 

राज्य सरकार इसे सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के समान अधिकार देने वाला बिल बता रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि इसी माह प्रदेश में यूसीसी लागू हो जाएगा, साथ ही कहा कि समान नागरिक संहिता से सभी का भला सुनिश्चित होगा। आइए जानते हैं कि यूसीसी विधेयक के प्रारूप में क्या-क्या बदलाव किए गए हैं और इनका लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

 

मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार, राज्य में अभी विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, लिव-इन संबंध और अन्य पारिवारिक मामलों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं। सरकार का कहना है कि इन सभी कानूनों का समग्र अध्ययन कर एक समान, संतुलित और व्यावहारिक कानूनी व्यवस्था तैयार करने की आवश्यकता महसूस की गई। इसी उद्देश्य से 27 अप्रैल 2026 को न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति में शिक्षाविद, विधि विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे।

 

समिति ने राज्य में लागू विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों का अध्ययन किया। साथ ही उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में अपनाए गए मॉडल का भी परीक्षण किया। समिति ने आम नागरिकों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और शिक्षाविदों से सुझाव और आपत्तियां मांगीं। महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, समानता और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सुझाव तैयार किए गए। लिव-इन संबंधों के पंजीकरण और उनसे जुड़े अधिकारों एवं दायित्वों पर भी समिति ने विचार किया। साथ ही प्रस्तावित कानून के कानूनी, प्रशासनिक और क्रियान्वयन संबंधी पहलुओं का अध्ययन किया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी जटिलता न हो। समिति को 60 दिनों के भीतर ड्राफ्ट बिल और विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई।

 

जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 22 मई 2026 को एक वेब पोर्टल शुरू किया गया। इस दौरान लगभग 3.49 करोड़ एसएमएस भेजे गए। वेब पोर्टल पर 9,58,675 सुझाव प्राप्त हुए। जिला और राज्य स्तर पर 50 से अधिक जनपरामर्श बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों से 10,134 से अधिक सुझाव मिले। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 93.54% लोगों ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने का समर्थन किया।

 

 

 

समान नागरिक संहिता विधेयक केवल विवाह और तलाक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उत्तराधिकार, संपत्ति बंटवारे और वसीयत के लिए भी एक समान प्रावधान किए गए हैं। इसमें प्रावधान है कि बिना वसीयत मृत्यु होने पर पति-पत्नी, बच्चों और गर्भस्थ शिशु को भी समान अधिकार मिलेगा। संपत्ति के लिए किसी की हत्या या हत्या का प्रयास करने वाले व्यक्ति को इससे पूरी तरह बेदखल कर दिया जाएगा। देश की सुरक्षा में लगे सैनिकों को मौखिक वसीयत की विशेष सुविधा दी जाएगी। इससे जुड़े विवादों की अपील सीधे उच्च न्यायालय में की जा सकेगी।

 

यूसीसी विधेयक के महत्वपूर्ण प्रावधान

 

– विवाह के बाद दूसरा विवाह तब तक नहीं किया जा सकेगा, जब तक पहला विवाह कानूनी रूप से समाप्त न हो जाए।

 

– केवल तलाक, तलाक, तलाक कह देने से विवाह समाप्त नहीं होगा। तलाक तभी प्रभावी होगा जब कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी।

 

– धर्म आधारित अलग-अलग नियमों को हटाकर उत्तराधिकार और वसीयत के लिए पूरे प्रदेश में एक समान व्यवस्था लागू होगी।

 

– महिलाओं और पुरुषों को उत्तराधिकार में समान अधिकार मिलेंगे।

 

– जिन कानूनों में महिलाओं के अधिकार कम थे, वहां भाई और बहनों को समान अधिकार दिए जाएंगे।

 

– महिलाओं की गरिमा, सम्मान और नारी सशक्तिकरण को इस कानून का प्रमुख उद्देश्य बताया गया है।

 

– अनुसूचित जनजातियों और संरक्षित रूढ़िगत समूहों को इस कानून से बाहर रखा गया है।

 

– धार्मिक समारोह, अनुष्ठान और परंपराएं पहले की तरह जारी रहेंगी।

 

– विवाह का पंजीकरण पंचायत से लेकर नगरीय निकाय तक अनिवार्य होगा।

 

– एक जीवनसाथी के रहते दूसरा विवाह करने की अनुमति नहीं होगी।

 

– न्यायालय के बाहर विवाह विच्छेद मान्य नहीं होगा।

 

– पुत्र और पुत्रियों को समान अधिकार प्राप्त होंगे।

 

– महिलाओं को संपत्ति में वही अधिकार मिलेंगे जो पुरुषों को प्राप्त हैं।

 

– सेना, वायुसेना और नौसेना के जवानों के लिए विशेषाधिकार प्राप्त वसीयत लागू रहेगी, यहाँ तक कि विशेष परिस्थितियों में वे मौखिक वसीयत भी कर सकेंगे।

 

लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर क्या नियम?

 

– लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए एक महीने के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

 

– लिव-इन संबंध के लिए पुरुष की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और महिला की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होगी।

 

– अगर कोई व्यक्ति पहले से विवाहित है तो वह इस व्यवस्था के तहत लिव-इन संबंध में नहीं आ सकेगा।

 

– अगर कोई विवाहित व्यक्ति लिव-इन संबंध बनाता है तो उसे पांच वर्ष तक की सजा हो सकती है।

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मप्र के भोपाल में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 पर 21-22 जुलाई को राष्ट्रीय कार्यशाला https://www.shauryatimes.com/news/242036 Mon, 20 Jul 2026 15:44:35 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=242036 भोपाल : मध्य प्रदेश राज्य खाद्य आयोग एवं मध्य प्रदेश राज्य नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में “राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 : प्रगति, चुनौतियां और भविष्य की दिशा” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन 21 एवं 22 जुलाई 2026 को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा।

 

जनसंपर्क अधिकारी राजेश पाण्डेय ने सोमवार को बताया कि प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में नीति आयोग, भारत सरकार के पूर्व सदस्य प्रो. राजेश चंद्र, मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष प्रो. वीरेन्द्र कुमार मल्होत्रा, खाद्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी तथा मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव श्रीमन शुक्ला भी विचार व्यक्त करेंगें।

 

उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए उपलब्धियों, चुनौतियों तथा भविष्य की रणनीति पर व्यापक विचार-विमर्श करना है। विभिन्न तकनीकी सत्रों में खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पोषण सुरक्षा, हितग्राहियों तक योजनाओं की प्रभावी पहुंच तथा अधिनियम के बेहतर क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। कार्यशाला में नीति निर्माताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, खाद्य सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं तथा विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नवाचारों, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर भी मंथन किया जायेगा।

 

मध्य प्रदेश राज्य नीति आयोग की प्रशासकीय अधिकारी पूर्णिमा शर्मा ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव एवं अनुशंसाएं प्राप्त होंगी, जो भविष्य की नीतियों के निर्माण में उपयोगी सिद्ध होंगी।

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