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	<title>प्रदेश &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>नेता प्रतिपक्ष के रूप में विफल रहे राहुल गांधी: किरेन रिजिजू</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/243067</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 16:04:12 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[देश]]></category>
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		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली : संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर राहुल गांधी के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के रवैये से वह दो कारणों से बेहद नाराज हैं। &#160; रिजिजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली : संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर राहुल गांधी के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के रवैये से वह दो कारणों से बेहद नाराज हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>रिजिजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक पर एक भी ठोस बिंदु नहीं रख सके।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मकर द्वार पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय राहुल गांधी ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया और गृह मंत्री पर गलत आरोप लगाए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि गृह मंत्री या कोई अन्य मंत्री किसी पर गोली चलाने का आदेश नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई के आदेश संबंधित स्थान पर मौजूद मजिस्ट्रेट या एसडीएम के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को इस बुनियादी प्रक्रिया की जानकारी होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपने ही बयान से खुद को मुश्किल स्थिति में डाल लिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा, “संसदीय कार्य मंत्री के रूप में मैं हमेशा चाहता हूं कि नेता प्रतिपक्ष सदन में कोई सार्थक हस्तक्षेप करें, लेकिन राहुल गांधी इसमें असफल रहे। इसलिए मुझे निराशा हुई है।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि संसद में बहस तथ्यों और मुद्दों पर आधारित होनी चाहिए तथा जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं से अधिक जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>फिल्मी सितारों को नहीं, माता-पिता और महापुरुषों को बनाएं रोल मॉडल&#8217; : स्वामी रामदेव</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/243061</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 16:00:54 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[हरिद्वार : पतंजलि योगपीठ के फेज-दो स्थित योग भवन में गुरु पूर्णिमा पर आचार्यकुलम् में वैदिक रीति से 1176 विद्यार्थियों का उपनयन व वेदारंभ संस्कार हुआ। वहीं योग भवन में 111 कुण्डीय महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का आशीर्वाद लेने हजारों शिष्य पहुंचे। यज्ञ-हवन से पूरा वातावरण भावमय रहाा। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हरिद्वार : पतंजलि योगपीठ के फेज-दो स्थित योग भवन में गुरु पूर्णिमा पर आचार्यकुलम् में वैदिक रीति से 1176 विद्यार्थियों का उपनयन व वेदारंभ संस्कार हुआ। वहीं योग भवन में 111 कुण्डीय महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का आशीर्वाद लेने हजारों शिष्य पहुंचे। यज्ञ-हवन से पूरा वातावरण भावमय रहाा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि हमारी संस्कृति में गुरु को साक्षात ब्रह्मस्वरूप माना गया है। आचार्यकुलम् सहित पतंजलि के सभी शिक्षा प्रकल्प गुरु-शिष्य परंपरा के अधिष्ठान हैं। उन्होंने कहा कि &#8220;कुछ मूर्ख गुरु-शिष्य परंपरा को गुरु की गुलामी कहते हैं, जबकि खुद वे नशा और विलासिता की गुलामी में जीते हैं।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>फिल्मी गीतों पर प्रहार करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि &#8220;नालायकों को अपना नायक मत बनाओ। फिल्मी डायलॉग मत बोलो। जिस दिन हम वेदों के मंत्र गुनगुनाने लगेंगे उस दिन धरती सज जाएगी।&#8221; उन्होंने युवाओं से कहा कि &#8220;फिल्मी सितारों को रोल मॉडल मत मानो। हमारे आदर्श श्रीराम,कृष्ण, ऋषि-ऋषिकाएं और वीर-वीरांगनाएं हैं। घर में सबसे बड़े रोल मॉडल माता-पिता, दादा-दादी हैं। उनकी वजह से ही हम यहां हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने स्वामी रामदेव के चरण छूकर आशीर्वाद लिया और कहा कि &#8220;गुरु पूर्णिमा सकारात्मकता का पर्व है। गुरु ज्ञान सत्य के मार्ग पर ले जाता है।&#8221; कार्यक्रम में डॉ.ऋतंभरा शास्त्री,स्वाति मुंशी,डॉ.एनपी सिंह,अवध ओझा सहित पतंजलि के सभी प्रमुख,आचार्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे।&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन बनाएं, सांसद निभाएं अहम भूमिका: जेपी नड्डा</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/243058</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 15:57:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने पश्चिम बंगाल के सांसदों से टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक देश से टीबी उन्मूलन का लक्ष्य केवल जनप्रतिनिधियों, सरकार और समाज की संयुक्त भागीदारी से ही हासिल किया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने पश्चिम बंगाल के सांसदों से टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक देश से टीबी उन्मूलन का लक्ष्य केवल जनप्रतिनिधियों, सरकार और समाज की संयुक्त भागीदारी से ही हासिल किया जा सकता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बुधवार</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>संसद के मानसून सत्र के दौरान आयोजित “पार्लियामेंटेरियंस चैंपियनिंग ए टीबी मुक्त भारत” बैठक की अध्यक्षता करते हुए नड्डा ने कहा कि भारत ने टीबी नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ग्लोबल टीबी रिपोर्ट 2025 का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2015 से 2024 के बीच भारत में टीबी की घटनाओं में 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह कमी 12 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि भारत की उपचार कवरेज दर 92 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो वैश्विक औसत 78 प्रतिशत से काफी अधिक है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बैठक में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार भी मौजूद रहे। इसमें पश्चिम बंगाल के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों ने भाग लिया और टीबी उन्मूलन को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>नड्डा ने सांसदों से अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करने, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बढ़ाने, निक्षय शिविरों के माध्यम से शीघ्र जांच को बढ़ावा देने, जागरूकता अभियान चलाने तथा सामाजिक कलंक को दूर करने का आग्रह किया। उन्होंने निक्षय मित्रों और स्थानीय संगठनों को अभियान से जोड़कर मरीजों को पोषण, मनोसामाजिक और आजीविका संबंधी सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार टीबी उन्मूलन के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग कर रही है। स्वदेशी ट्रूनैट आणविक जांच मशीनों, एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे उपकरणों और पीएम केयर्स से उपलब्ध कराई गई पोर्टेबल एक्स-रे यूनिटों के माध्यम से दूरदराज़ क्षेत्रों में भी समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने बताया कि निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को दी जाने वाली मासिक पोषण सहायता बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है। साथ ही कम अवधि वाले आधुनिक उपचार और देशभर में पांच लाख से अधिक निक्षय मित्रों के माध्यम से मरीजों को निरंतर सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अतिरिक्त सचिव एवं मिशन निदेशक आराधना पटनायक ने भी पश्चिम बंगाल में टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति और भविष्य की रणनीति पर जानकारी दी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बैठक के अंत में पश्चिम बंगाल के सांसदों ने टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र जांच को प्रोत्साहित करने, जिला स्तर पर निगरानी मजबूत करने और जनभागीदारी के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण पर दो बार हंगामा, अमित शाह पर आरोप से सत्ता पक्ष भड़का</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/243035</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 12:49:00 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली : लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण पर दो बार हंगामा हुआ। पहली बार तब जब उन्होंने ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल किया और दूसरी बार तब जब उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर छात्रों पर पैलेट गन इस्तेमाल करने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली : लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण पर दो बार हंगामा हुआ। पहली बार तब जब उन्होंने ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल किया और दूसरी बार तब जब उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर छात्रों पर पैलेट गन इस्तेमाल करने की अनुमति देने का आरोप लगाया। दोनों ही मौकों पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया और सदन में शोर-शराबा हुआ।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत कुछ छात्राओं के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा कि यह बातचीत एक दिलचस्प नजरिया देती है। एक युवा लड़की ने उनसे कहा कि विद्यार्थी वह होता है जिसका मन और दिल खुला हो। उसने कहा कि दुनिया में ऐसे लोग भी होते हैं जिन्हें लगता है कि वे सब कुछ जानते हैं, वे खुद को भगवान मानते हैं और दूसरों की सच्चाई का सम्मान नहीं करते। जब उन्होंने पूछा कि ऐसे लोगों को वह क्या कहती है तो लड़की ने जवाब दिया “मैं उन्हें इडियट कहती हूं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस बयान पर सत्ता पक्ष ने जोरदार हंगामा किया और संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इसे असंसदीय बताते हुए कार्यवाही से हटाने की मांग की। स्पीकर ओम बिरला ने यह शब्द सदन की कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि यह गुस्सा या नफरत नहीं था बल्कि देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ी की गहरी भावना का इजहार था। छात्रों का सम्मान होना चाहिए और भाजपा नेताओं को यह समझना चाहिए कि यही युवा देश के भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा नेता अपने बच्चों से पूछें तो वे भी छात्रों के समर्थन में खड़े होंगे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल पर हुआ। इस आरोप पर सत्ता पक्ष ने फिर हंगामा किया। किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की और कहा कि बिना तथ्यों के इस तरह का आरोप नहीं लगाया जा सकता। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि राहुल गांधी को अपनी बात रखने दी जाए लेकिन असंसदीय शब्द रिकॉर्ड से हटाए जाएं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को भारत में अपनी बात कहने और सवाल पूछने की आजादी नहीं दी जा रही है। उन्हें मनगढ़ंत हिस्ट्री मानने के लिए मजबूर किया जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था निजीकरण और वसूली से भरी हुई है और यह बहुत क्रूर और खराब सिस्टम है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सदन में हंगामे के बीच राहुल गांधी ने कहा कि जब भी वह बोलते हैं सत्ता पक्ष शोर मचाने लगता है। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं को छात्रों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए क्योंकि यही युवा देश का भविष्य हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो हुआ है उसमें कुछ भी गलत नहीं है और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बिना आधार के गृह मंत्री पर आरोप नहीं लगा सकते। स्पीकर ने भी राहुल गांधी को नसीहत दी कि बिना तथ्यों के किसी पर आरोप न लगाएं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस दौरान समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का समर्थन किया, लेकिन सत्ता पक्ष ने कहा कि विपक्ष केवल आरोप लगा रहा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>संसद का मानसून सत्र लगातार हंगामे के कारण बाधित हो रहा है। बुधवार को भी प्रश्नकाल नहीं चल पाया और विपक्ष की नारेबाजी के कारण सदन को स्थगित करना पड़ा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हरिद्वार में उल्लास पूर्वक मना गुरु पूर्णिमा पर्व, संतों ने कहा- गुरु ही जीवन का आधार, श्रद्धा से ही मिलती है मुक्ति</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/243032</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 12:47:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[हरिद्वार : आषाढ़ पूर्णिमा के पावन अवसर पर देवभूमि हरिद्वार में गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। गंगा तट से लेकर प्रमुख अखाड़ों और आश्रमों तक दिनभर धार्मिक आयोजन हुए। हजारों श्रद्धालुओं ने संतों का पूजन कर आशीर्वाद लिया और गुरु दीक्षा ग्रहण की। &#160; जूना अखाड़े के आचार्य &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हरिद्वार : आषाढ़ पूर्णिमा के पावन अवसर पर देवभूमि हरिद्वार में गुरु पूर्णिमा पर्व श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। गंगा तट से लेकर प्रमुख अखाड़ों और आश्रमों तक दिनभर धार्मिक आयोजन हुए। हजारों श्रद्धालुओं ने संतों का पूजन कर आशीर्वाद लिया और गुरु दीक्षा ग्रहण की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज के कनखल स्थित हरिहर आश्रम में विशेष सत्संग का आयोजन हुआ। देश विदेश से पधारे अपने अनुयायियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा आत्मविश्लेषण और आत्मशुद्धि का दिन है। गुरु अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला सेतु है। आज का युवा यदि गुरु के बताए मार्ग पर चले तो समाज में संस्कार, अनुशासन और सेवा की भावना स्वतः विकसित होगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पतंजलि योगपीठ में योग गुरु स्वामी रामदेव ने हजारों साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा हमें भारतीय संस्कृति और ऋषि परंपरा से जोड़ने का पर्व है। उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी ही भारत को विश्वगुरु बनाएंगे। बाबा रामदेव ने सभी को रोजाना योग-प्राणायाम करने, स्वदेशी अपनाने और नशा मुक्त जीवन जीने का संकल्प दिलाया। इस अवसर आयुर्वेद शिरोमणि आचार्य बालकृष्ण के सानिध्य में सामूहिक वैदिक हवन भी हुआ।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी के दक्षिण काली मंदिर स्थित आश्रम मैं भी बड़ी संख्या में भक्तों का समागम हुआ स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति गुरु-शिष्य परंपरा के बल पर ही जीवित है। गुरु ही शिष्य के जीवन को दिशा देता है। मंदिर में सैकड़ों शिष्यों ने पाद्य पूजन कर गुरु दक्षिणा अर्पित की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज के नेतृत्व में ध्यान शिविर लगा। स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने कहा कि तन की शुद्धि के बिना मन की शुद्धि संभव नहीं। साधना और ध्यान से ही साधक गुरु तत्व को आत्मसात कर सकता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>कनखल स्थित रामेश्वरम आश्रम में भी गुरु पूर्णिमा पर्व पर वैदिक मंत्र गुंजायमान हुए। रामेश्वरम आश्रम के स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला है। श्रद्धा और समर्पण के बिना गुरु कृपा नहीं मिलती।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>गरीबदासिय संप्रदायाचार्य स्वामी रवि देव शास्त्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। आश्रम में 108 दीपों का महायज्ञ हुआ और गरीबों को वस्त्र-भोजन वितरित किया गया। गुरु पूर्णिमा पर्व पर हरिद्वार के विभिन्न आश्रमों तथा सभी 13 अखाड़े के प्रांगण में भी हर्ष, उत्साह और भक्ति के साथ गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>गुरु पूर्णिमा पर्व पर दूरस्थ स्थानों से हरिद्वार पधारे श्रद्धालुओं ने हर की पैड़ी सहित अन्य घाटों पर पवित्र गंगा में स्नान किया और सायंकाल हरकी पैड़ी पर ब्रह्मकुंड में दीपदान किया। तीर्थ पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सामूहिक गंगा आरती हुई। श्रद्धालुओं ने मां गंगा से विश्व शांति और गुरु कृपा की कामना की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और सीसीटीवी-ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की गई थी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पेपर लीक रोकथाम के लिए कानून को सख्त बनाने वाला विधेयक लोकसभा से पारित</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/243026</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 12:40:32 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली : लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े मामलों में मौजूदा कानून को अधिक कठोर किए जाने वाला संशोधन विधेयक शोर-शराबे के बीच बुधवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा कि उन्हें आशा थी कि सकारात्मक सुझाव &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली : लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े मामलों में मौजूदा कानून को अधिक कठोर किए जाने वाला संशोधन विधेयक शोर-शराबे के बीच बुधवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा कि उन्हें आशा थी कि सकारात्मक सुझाव प्राप्त होंगे लेकिन इस विषय पर राजनीति करने का प्रयास किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ. सिंह ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 पर कल से शुरु हुई चर्चा पर आज जवाब दिया। विधेयक के पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ सिंह ने बताया कि सदन में इस विधेयक पर अनेक सदस्यों ने अपने सुझाव दिए। लगभग 40 से 45 वक्ताओं ने चर्चा में भाग लिया और विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। हालांकि उन्हें नेता प्रतिपक्ष के व्यवहार पर हैरानी हुई। उन्होंने कहा, “हमें नेता प्रतिपक्ष के व्यवहार पर हैरानी है। उन्होंने जिन अपशब्दों का इस्तेमाल किया, वे न केवल संसदीय मर्यादा के विरुद्ध हैं, बल्कि सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं के भी प्रतिकूल हैं।”</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया गया था। हालांकि हाल की घटनाओं के बाद सरकार ने विशेषज्ञों की सलाह और अनुभव के आधार पर इसे और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया। पहले भी यह अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौतायोग्य था, लेकिन अब इसके प्रावधान और सख्त किए गए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने बताया कि कदाचार में शामिल व्यक्तियों के लिए सजा तीन से पांच वर्ष के स्थान पर पांच से दस वर्ष कर दी गई है तथा जुर्माना बढ़ाकर 50 लाख रुपये तक किया गया है। सेवा प्रदाताओं पर अधिकतम जुर्माना एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दिया गया है और उन्हें आठ वर्षों तक परीक्षा संचालन से वंचित किया जा सकेगा। निदेशकों और प्रबंधन से जुड़े दोषियों के लिए भी सजा और जुर्माने में वृद्धि की गई है। संगठित अपराध के मामलों में न्यूनतम सजा बढ़ाकर सात वर्ष कर दी गई है तथा जुर्माना बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये तक करने का प्रावधान किया गया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि 2024 में कानून बनने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले दो वर्षों में इस कानून के तहत 52 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें 29 मामले अनुचित साधनों की रोकथाम से जुड़े हैं, जबकि 23 मामले भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत दर्ज किए गए हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि हाल ही में सामने आए पेपर लीक मामले की सूचना 7 और 8 जुलाई की रात को मिली। 12 जुलाई को जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई। अगले ही दिन 13 लोगों को हिरासत में लिया गया और लगभग 92 स्थानों पर छापेमारी की गई। सरकार के अनुसार, सीबीआई ने शीघ्रता से जांच पूरी कर आरोपपत्र दाखिल किया और नए कानून के तहत मुकदमे की सुनवाई भी शुरू हो गई, जिससे लगभग पांच महीने के भीतर निर्णय आने की व्यवस्था है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अपनी सरकार में शिक्षा के क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विश्वविद्यालयों की संख्या 760 से बढ़कर 1,293 हो गई है। उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या 51,534 से बढ़कर 64,896 तक पहुंची है। इसी अवधि में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का विस्तार किया गया तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। एम्स की संख्या 7 से बढ़ाकर 22 कर दी गई है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 844 हो गई है। एमबीबीएस सीटें लगभग 51,300 से बढ़कर 1.39 लाख तक पहुंच गई हैं, जबकि स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से देश में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आत्महत्या संवेदनशील विषय है और इनके आंकड़ों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। हाल के वर्षों में पेपर लीक से जुड़े कारणों से होने वाली आत्महत्या की घटनाओं में कमी आई है। सरकार ने विश्वास व्यक्त किया कि नए और अधिक कठोर कानून से सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी तथा विद्यार्थियों का विश्वास मजबूत होगा।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>आंदोलनरत छात्रों पर कार्रवाई के मुद्दे पर सिंह ने कहा कि पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने अधिकतम संयम का परिचय दिया। यह सुनिश्चित किया गया कि किसी प्रकार की जनहानि न हो। प्रशासन का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना था, न कि किसी को नुकसान पहुंचाना। उन्होंने इस बात का खंडन किया कि गृहमंत्री ने छात्र आंदोलन में गोली चलाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम स्वयं विधायक और सांसद रहे हैं तथा प्रशासनिक प्रक्रिया से परिचित हैं। गोली चलाने का आदेश कोई मंत्री नहीं देता। ऐसा आदेश देने का अधिकार कार्यपालक मजिस्ट्रेट, जैसे एसडीएम या डीएम के पास होता है। केवल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अश्रु गैस का प्रयोग किया गया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सिंह ने असम आंदोलन का उदाहरण देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि असम में 1969 से 1984 के बीच कांग्रेस की सरकार के दौरान ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के आंदोलन के दौरान लगभग 860 निर्दोष लोगों की मृत्यु हुई थी और इनमें अधिकांश छात्र थे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान यह दावा किया गया कि 150 बार पेपर लीक हुए और उससे 750 करोड़ विद्यार्थी प्रभावित हुए। सरकार का कहना है कि ऐसे आंकड़ों को बिना प्रमाण के प्रस्तुत करना उचित नहीं है। तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर ही चर्चा होनी चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ. सिंह ने इस बात की आलोचना की कि नेता प्रतिपक्ष प्रधानमंत्री के आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कटाक्ष किया कि यह उनकी निराशा और हताशा है कि वे प्रधानमंत्री नहीं बन सके तो स्वयं प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>कांग्रेस शासनकाल में लगातार संकट में रहा छात्रों का भविष्यः अनुराग ठाकुर</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/243023</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 12:38:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में छात्रों का भविष्य लगातार संकट में रहा है। यहां तक कि कांग्रेस ने आपातकाल के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में छात्रों का भविष्य लगातार संकट में रहा है। यहां तक कि कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान छात्रों को जेल भेजा और उन पर लाठियां भी चलवाईं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अनुराग ठाकुर ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दे पर केवल राजनीति कर रही है। उन्होंने राजस्थान में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख कर कहा कि पांच वर्षों में 19 में से 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन इसके बावजूद तत्कालीन शिक्षा मंत्री को कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष बना दिया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों के हितों की बात करती है, जबकि उसके शासनकाल में युवाओं का भविष्य लगातार संकट में रहा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>झूठ बोलकर माहौल खराब करना चाहते हैं राहुल गांधीः भाजपा</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/243020</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 12:33:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर संसद के अंदर एवं बाहर झूठ बोलकर और भ्रम फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर फायरिंग किए जाने के राहुल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर संसद के अंदर एवं बाहर झूठ बोलकर और भ्रम फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर फायरिंग किए जाने के राहुल गांधी के आरोप बेबुनियाद हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं लोकसभा सदस्य डॉ. संबित पात्रा ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में राहुल गांधी के उस बयान को खारिज किया, जिसमें उन्होंने छात्रों पर गोली चलाने और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आदेश का जिक्र किया था। पात्रा ने कहा कि छात्रों पर कोई गोली नहीं चलाई गई और राहुल गांधी ने बिना किसी तथ्य के यह आरोप लगाया।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>सांसद पात्रा ने कहा, &#8220;अगर सदन के अंदर कोई आरोप लगाया जाता है तो उसके समर्थन में तथ्य भी देने पड़ते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर गोली चली और इसका आदेश गृहमंत्री अमित शाह ने दिया, यह पूरी तरह झूठ है। ऐसी परिस्थितियों में कानून के अनुसार निर्णय संबंधित मजिस्ट्रेट लेते हैं, गृहमंत्री नहीं। राहुल गांधी को यह जानकारी होनी चाहिए।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भाजपा प्रवक्ता डॉ. पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी देश को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री की गतिविधियां सार्वजनिक होती हैं, वे चोरी-छिपे विदेश नहीं जाते।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>डॉ. पात्रा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक पर लोकसभा में हुई चर्चा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी के सवालों का जवाब देने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन विपक्ष ने सदन में अलग माहौल बनाने की कोशिश की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>राहुल गांधी के छात्रों से जुड़े बयान पर भी पात्रा ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने की कोशिश की, जबकि भाजपा मानती है कि देश का हर छात्र समान है। पात्रा ने कहा, &#8220;इस देश का कोई भी छात्र अंधभक्त या इडियट नहीं है। राहुल ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया, वह छात्रों का अपमान है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्र क्या अंधभक्त थे? वहां पहुंचने वाले अन्य लोग क्या अंधभक्त थे? इन सब बातों से पता चलता है कि राहुल को जेन-जी की चिंता नहीं है। इनको जेनरेशन गांधी की चिंता है।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>भाजपा प्रवक्ता पात्रा ने कहा कि राहुल को अपने बयानों के लिए जवाब देना चाहिए और संसद के साथ-साथ देश के सामने तथ्यों के आधार पर बात रखनी चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्यसभा में हंगामा, कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/243003</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 09:06:22 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली : जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा और जवाबदेही की मांग की, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक फिर प्रश्नकाल शुरू होते ही हंगामे के कारण &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली : जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा और जवाबदेही की मांग की, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक फिर प्रश्नकाल शुरू होते ही हंगामे के कारण कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हंगामे के बीच कहा कि देश में लोग सुरक्षित नहीं हैं और लोकतंत्र भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस बर्बरता पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>खरगे के बयान का जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल किसी भी छात्र कार्यकर्ता के खिलाफ पुलिस ने परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, &#8220;मैं भी छात्र जीवन में गिरफ्तार हुआ था। आपातकाल के दौरान जेल गया था। आंदोलन करने वाला हर छात्र कार्यकर्ता जानता है कि ऐसे आंदोलनों में क्या परिस्थितियां हो सकती हैं।&#8221;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस दौरान राज्यसभा के सभापति ने हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने का प्रयास किया लेकिन विपक्षी सदस्य जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग को लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>राज्यसभा में कुछ सदस्यों के बोलने के बाद लगातार जारी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक फिर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दानपेटी लेकर संसद पहुंचे सपा सांसद, केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/243000</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Poonam]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 09:00:40 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली : राम मंदिर में कथित चढ़ावे और दान चोरी के आरोपों को लेकर बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। सपा सांसद हाथों में दानपेटी और पोस्टर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करते नजर आए। &#160; प्रदर्शन में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, सांसद डिंपल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली : राम मंदिर में कथित चढ़ावे और दान चोरी के आरोपों को लेकर बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। सपा सांसद हाथों में दानपेटी और पोस्टर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करते नजर आए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>प्रदर्शन में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव और पार्टी के कई अन्य सांसद शामिल हुए। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार विफल रही है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>अखिलेश यादव ने कहा कि जो सरकार मंदिर की दानपेटी की सुरक्षा नहीं कर सकती, वह देश और युवाओं का भविष्य कैसे सुरक्षित रखेगी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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