राजनीति – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Mon, 03 Aug 2026 07:59:03 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 हंगामे के बीच लोकसभा में दो विधेयक पेश, कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित https://www.shauryatimes.com/news/243315 Mon, 03 Aug 2026 07:59:03 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243315 नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के 11वें दिन सोमवार को राम मंदिर चढ़ावा विवाद और नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक-2026 और बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक-2026 पेश किए गए। हालांकि विपक्ष की लगातार नारेबाजी और वेल में आकर प्रदर्शन के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

 

दोपहर 12 बजे पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कार्यवाही दोबारा शुरू कराई, लेकिन विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और वेल में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन के कारण कार्यवाही नहीं चल सकी। अंततः सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कार्यवाही शुरू होते ही पीठासीन अधिकारी ने सदन को बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों द्वारा दिए गए किसी भी स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। इसके बाद उन्होंने प्रश्नकाल से जुड़े प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखने के लिए संबंधित मंत्रालयों के मंत्रियों को आमंत्रित किया।

 

प्रश्नकाल के दौरान संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे, युवा मामले एवं खेल राज्यमंत्री रक्षा निखिल खडसे तथा कॉरपोरेट कार्य राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अपने-अपने मंत्रालयों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखे।

 

इसके बाद मंदसौर से भाजपा सदस्य सुधीर गुप्ता ने कॉरपोरेट विधि (संशोधन) विधेयक-2026 पर गठित संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट का हिंदी और अंग्रेजी संस्करण और दलीलें सदन के पटल पर प्रस्तुत किया। इसके बाद सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक-2026 लोकसभा में पेश किया। इस दौरान विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी करते रहे और कई सदस्य वेल में पहुंच गए। इस दौरान पीठासीन अधिकारी विपक्षी सदस्यों से लगातार शांत रहने और सदन चलने देने की अपील करते रहे।

 

इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने सदन को बताया कि बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक-2026 के विरोध में लोकसभा नियम 72 के तहत महाराष्ट्र के नंदुरबार से सांसद एडवोकेट गोवाल कागड़ा पाडवी, तमिलनाडु के वेल्लोर से सांसद डीएम कथिर आनंद, पश्चिम बंगाल के जयनगर से सांसद प्रतिमा मंडल, दमदम से सांसद प्रो. सौगत राय, महाराष्ट्र के सांगली से सांसद विशालदादा प्रकाशबापू पाटील, चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी तथा चेन्नई दक्षिण से सांसद डॉ. टी. सुमति उर्फ तामिझाची थंगापंडियन ने ‘नोटिस टू अपोज’ दिया है। पीठासीन अधिकारी ने सदन से इन नोटिसों पर सहमति मांगी, लेकिन सदन ने उन्हें अस्वीकार कर दिया। इसके बाद विधेयक को आगे की प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया गया।

 

इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक-2026 सदन में पेश किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक बैंकर्स के अभिलेखों से संबंधित साक्ष्य कानून को आधुनिक डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था के अनुरूप बनाने तथा उससे जुड़े प्रावधानों को अद्यतन करने के उद्देश्य से लाया गया है। विधेयक पर चर्चा शुरू होने से पहले डीएम कथिर आनंद और मनीष तिवारी ने फिर से इसका विरोध दर्ज कराया, लेकिन उनके ‘नोटिस टू अपोज’ को सदन ने खारिज कर दिया।

 

पूरे समय विपक्षी सदस्य राम मंदिर चढ़ावा विवाद और नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर नारेबाजी करते रहे। इस दौरान पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी लगातार सदस्यों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपील करते रहे। इसके बाद लगातार हंगामे और व्यवस्था बहाल नहीं होने के कारण पीठासीन अधिकारी तेन्नेटी ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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पप्पू यादव की प्रेस वार्ता में हंगामा, एक अज्ञात व्यक्ति के चप्पल फेंकने का आरोप, समर्थकों ने की पिटाई https://www.shauryatimes.com/news/243250 Sun, 02 Aug 2026 15:19:17 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243250 नई दिल्ली : निर्दलीय सांसद राजेश रंजन ‘पप्पू’ यादव के दिल्ली स्थित आवास पर शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उस समय हंगामा मच गया, जब एक अज्ञात व्यक्ति ने उन पर कथित तौर पर चप्पल फेंक दी। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद समर्थकों ने आरोपित को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। बाद में मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ने हस्तक्षेप कर उसे भीड़ से बाहर निकाला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 

वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि प्रेस वार्ता के दौरान एक व्यक्ति पप्पू यादव से कहता है कि भगवा कपड़ा पहन कर उन्होंने भगवान राम की मूर्ति को अयोध्या से सांसद अवघेश प्रताप के पैरों में रख दी, ये बात ठीक नहीं है। इसके बाद उस शख्स ने अपनी चप्पल पप्पू यादव पर फेंक कर मारी। वीडियो में इसके बाद वहां मौजूद कार्यकर्ता चारों ओर से थप्पड़ व घूंसों से उसकी पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान उसकी शर्ट भी फट जाती है। वीडियो में इस दौरान पुलिसकर्मी बीच-बचाव कर उसे भीड़ से सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश करता दिखाई देता है। हालांकि जब तक उसे बाहर निकाला जाता तब तक पप्पू यादव के समर्थकों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी।

 

वीडियो में पप्पू यादव भी अफरातफरी के बीच एक अन्य व्यक्ति को पकड़कर ले जाते हुए नजर आते हैं। चप्पल फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान अब तक सामने नहीं आई है।

 

यह घटना ऐसे समय हुई है, जब राममंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर संसद परिसर में पप्पू यादव के विरोध प्रदर्शन को लेकर विवाद पहले से जारी है। शुक्रवार को संसद भवन के बाहर विपक्षी सांसदों ने इस मुद्दे को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया था। पप्पू यादव पुजारी के वेश में दानपात्र लेकर पहुंचे थे, जबकि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रतीकात्मक रूप से उसमें चंदा डाला था। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने सांकेतिक रूप से ‘चोरी पकड़े जाने’ का नाटक करते हुए पप्पू यादव की प्रतीकात्मक पिटाई भी की थी।

 

इस प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। वाराणसी में पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक दास की शिकायत पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। वहीं, लखनऊ में सनातन रक्षा संगठन ने पप्पू यादव की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली और उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। मथुरा में साधु-संतों ने राहुल गांधी और पप्पू यादव की संसद सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई थी।

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अनुशासनहीनता पर बसपा ने अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निकाला https://www.shauryatimes.com/news/243204 Sun, 02 Aug 2026 09:42:40 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243204 लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अनुशासनहीनता और पार्टी के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ और पार्टी के को-ऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। अशोक सिद्धार्थ बसपा प्रमुख मायावती के समधी तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता आकाश आनंद के ससुर हैं।

 

रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी सिलसिलेवार पोस्ट में मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ को पहले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण के मुद्दे पर प्रदेश नेतृत्व के साथ तालमेल नहीं बैठा पाने और अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निकाला गया था। बाद में इस शर्त पर उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल किया गया कि वे भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेंगे।

 

मायावती के अनुसार, दोबारा जिम्मेदारी मिलने के बाद भी अशोक सिद्धार्थ अपने दायित्वों का निर्वहन अपेक्षित ढंग से नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के अलावा ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी उनके खिलाफ पार्टी के दिशा-निर्देशों की अनदेखी और अनुशासनहीनता की शिकायतें लगातार मिलती रहीं। कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद सुधार नहीं होने पर पार्टी और आंदोलन के हित में उन्हें स्थायी रूप से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उन्हें भविष्य में दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा।

 

बसपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में बताया कि सहारनपुर निवासी एवं पार्टी के को-ऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में निष्कासित किया गया है। बेनीवाल के पास पंजाब के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों की संगठनात्मक जिम्मेदारी थी। उनके खिलाफ भी लगातार शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

 

मायावती ने बताया कि संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर किए गए फेरबदल के तहत राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ पुनः पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि रामजी गौतम आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव ही नहीं, बल्कि अगले लोकसभा चुनाव तक भी यह जिम्मेदारी निभाएंगे।

 

बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि पार्टी ने नीतिगत निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश के जो वरिष्ठ पदाधिकारी और को-ऑर्डिनेटर अन्य राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में कोई संगठनात्मक दायित्व नहीं दिया जाएगा।

 

मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे शरारती और षड्यंत्रकारी तत्वों से सतर्क रहें, जो किसी न किसी बहाने पार्टी के अभियान को नुकसान पहुंचाने या उसका ध्यान भटकाने का प्रयास करते हैं। साथ ही उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि वह बसपा के संबंध में तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित और प्रसारित करे तथा विरोधी दलों के कथित दुष्प्रचार का माध्यम बनने से बचे।————–

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असम में ‘भूमि अधिकार कार्यकर्ता’ प्रणब डोले पर एनएसए लगाने की कांग्रेस ने की निंदा https://www.shauryatimes.com/news/243178 Sun, 02 Aug 2026 07:59:10 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243178 नई दिल्ली : कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने असम सरकार द्वारा ‘भूमि अधिकार कार्यकर्ता’ प्रणब डोले पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह निवारक हिरासत कानूनों का खुला दुरुपयोग है और अदालत के आदेश को निष्प्रभावी करने की कोशिश है।

 

रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि 29 जुलाई को सेशंस कोर्ट ने डोले को जमानत दी थी और अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि ‘जहां पारिस्थितिक संरक्षण और आदिवासी अस्तित्व का सवाल जुड़ा हो, वहां वैध स्थानीय चिंताओं को दबाने के लिए आपराधिक कानून का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।’ इसके बावजूद 30 जुलाई को असम सरकार ने एनएसए लगाकर उन्हें हिरासत में ले लिया।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि डोले को इसलिए निशाना बनाया गया, क्योंकि उन्होंने ग्रामीणों का समर्थन किया था, जो काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पास प्रस्तावित पांच सितारा रिसॉर्ट का विरोध कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने 2022 से इस परियोजना के खिलाफ आंदोलन किया है और यहां तक कि गुवाहाटी हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की है।

 

रमेश ने कहा कि एनएसए आदेश में अस्पष्ट आरोप लगाए गए हैं, जैसे टसंदिग्ध विदेशी लेन-देन, जो उनके अनुसार केंद्र सरकार का परिचित तरीका है। भाजपा सरकारें मजदूरों, आदिवासियों और हाशिए पर खड़े समुदायों की वैध शिकायतों को गिरफ्तारियों और कठोर कानूनों के जरिए दबा नहीं सकतीं।

 

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संसद भवन परिसर में इंडी गठबंधन का विरोध प्रदर्शन, छात्रों पर कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल पर सरकार को घेरा https://www.shauryatimes.com/news/243104 Thu, 30 Jul 2026 09:15:14 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243104 नई दिल्ली : प्रश्नपत्र लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और कथित पैलेट गन चलाने को लेकर विपक्षी इंडी गठबंधन ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की और बड़े पोस्टर लेकर विरोध जताया।

 

प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, धर्मेंद्र यादव, संजय राउत और किशोरी लाल शर्मा समेत कई विपक्षी सांसद मौजूद रहे। विपक्षी नेताओं ने “चढ़ावा चोर गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए और एक बड़ा पोस्टर पकड़ा जिस पर ‘ऑर्डर किसने दिया’ लिखा था।

 

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर लिखा कि गृह मंत्री अमित शाह कब तक देश को जवाब नहीं देंगे। गृह मंत्री संसद से गायब हैं और विपक्षी सांसद संसद भवन के मकर द्वार पर विरोध कर रहे हैं। विपक्ष यह स्पष्ट जवाब चाहता है कि छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया और क्यों नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोका गया।

 

विपक्षी सांसदों ने कहा कि छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल की घटनाएं गंभीर हैं और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

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अमित शाह ने मुख्यमंत्री को फोन कर बाढ़ से उत्पन्न हालात का लिया जायजा https://www.shauryatimes.com/news/243070 Wed, 29 Jul 2026 16:07:20 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243070 गुवाहाटी : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार काे मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा को फोन कर राज्य में बाढ़ से निपटने के लिए चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली, साथ ही केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

 

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कुछ समय पहले फ़ोन पर असम की वर्तमान बाढ़ की स्थिति और चल रही मदद और बचाव अभियान का जायज़ा लिया। उन्होंने सभी स्तरों की स्थिति की जानकारी लेने के साथ यह आश्वासन भी दिया कि मदद, पुनःस्थापना और पुनर्निर्माण के मामले में भारत सरकार की ओर से हर तरह का सहयोग आवश्यकतानुसार जारी रहेगा।

 

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि उन्होंने इस कठिन समय में दृढ़ता से उल्लेख किया कि असम की जनता के हित में पहले ही अंतर-मंत्रालयी टीम भेजने के अलावा केंद्रीय सरकार की संबंधित संस्थाएं पूरी तरह सहयोग करेंगी। इस आपदा के समय असम की जनता के प्रति दिखाई गई सच्ची सहानुभूति, लगातार सहयोग और मजबूत वचनबद्धता के लिए गृह मंत्री को मैं अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।

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नेता प्रतिपक्ष के रूप में विफल रहे राहुल गांधी: किरेन रिजिजू https://www.shauryatimes.com/news/243067 Wed, 29 Jul 2026 16:04:12 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243067 नई दिल्ली : संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर राहुल गांधी के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के रवैये से वह दो कारणों से बेहद नाराज हैं।

 

रिजिजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक पर एक भी ठोस बिंदु नहीं रख सके।

 

मकर द्वार पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय राहुल गांधी ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया और गृह मंत्री पर गलत आरोप लगाए।

 

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि गृह मंत्री या कोई अन्य मंत्री किसी पर गोली चलाने का आदेश नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई के आदेश संबंधित स्थान पर मौजूद मजिस्ट्रेट या एसडीएम के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

 

रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को इस बुनियादी प्रक्रिया की जानकारी होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपने ही बयान से खुद को मुश्किल स्थिति में डाल लिया है।

 

उन्होंने कहा, “संसदीय कार्य मंत्री के रूप में मैं हमेशा चाहता हूं कि नेता प्रतिपक्ष सदन में कोई सार्थक हस्तक्षेप करें, लेकिन राहुल गांधी इसमें असफल रहे। इसलिए मुझे निराशा हुई है।”

 

उन्होंने यह भी कहा कि संसद में बहस तथ्यों और मुद्दों पर आधारित होनी चाहिए तथा जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं से अधिक जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है।

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पेपर लीक रोकथाम के लिए कानून को सख्त बनाने वाला विधेयक लोकसभा से पारित https://www.shauryatimes.com/news/243026 Wed, 29 Jul 2026 12:40:32 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243026 नई दिल्ली : लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े मामलों में मौजूदा कानून को अधिक कठोर किए जाने वाला संशोधन विधेयक शोर-शराबे के बीच बुधवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा कि उन्हें आशा थी कि सकारात्मक सुझाव प्राप्त होंगे लेकिन इस विषय पर राजनीति करने का प्रयास किया गया।

 

डॉ. सिंह ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 पर कल से शुरु हुई चर्चा पर आज जवाब दिया। विधेयक के पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।

 

डॉ सिंह ने बताया कि सदन में इस विधेयक पर अनेक सदस्यों ने अपने सुझाव दिए। लगभग 40 से 45 वक्ताओं ने चर्चा में भाग लिया और विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। हालांकि उन्हें नेता प्रतिपक्ष के व्यवहार पर हैरानी हुई। उन्होंने कहा, “हमें नेता प्रतिपक्ष के व्यवहार पर हैरानी है। उन्होंने जिन अपशब्दों का इस्तेमाल किया, वे न केवल संसदीय मर्यादा के विरुद्ध हैं, बल्कि सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं के भी प्रतिकूल हैं।”

 

उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया गया था। हालांकि हाल की घटनाओं के बाद सरकार ने विशेषज्ञों की सलाह और अनुभव के आधार पर इसे और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया। पहले भी यह अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौतायोग्य था, लेकिन अब इसके प्रावधान और सख्त किए गए हैं।

 

उन्होंने बताया कि कदाचार में शामिल व्यक्तियों के लिए सजा तीन से पांच वर्ष के स्थान पर पांच से दस वर्ष कर दी गई है तथा जुर्माना बढ़ाकर 50 लाख रुपये तक किया गया है। सेवा प्रदाताओं पर अधिकतम जुर्माना एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दिया गया है और उन्हें आठ वर्षों तक परीक्षा संचालन से वंचित किया जा सकेगा। निदेशकों और प्रबंधन से जुड़े दोषियों के लिए भी सजा और जुर्माने में वृद्धि की गई है। संगठित अपराध के मामलों में न्यूनतम सजा बढ़ाकर सात वर्ष कर दी गई है तथा जुर्माना बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये तक करने का प्रावधान किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि 2024 में कानून बनने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले दो वर्षों में इस कानून के तहत 52 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें 29 मामले अनुचित साधनों की रोकथाम से जुड़े हैं, जबकि 23 मामले भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत दर्ज किए गए हैं।

 

उन्होंने कहा कि हाल ही में सामने आए पेपर लीक मामले की सूचना 7 और 8 जुलाई की रात को मिली। 12 जुलाई को जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई। अगले ही दिन 13 लोगों को हिरासत में लिया गया और लगभग 92 स्थानों पर छापेमारी की गई। सरकार के अनुसार, सीबीआई ने शीघ्रता से जांच पूरी कर आरोपपत्र दाखिल किया और नए कानून के तहत मुकदमे की सुनवाई भी शुरू हो गई, जिससे लगभग पांच महीने के भीतर निर्णय आने की व्यवस्था है।

 

अपनी सरकार में शिक्षा के क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विश्वविद्यालयों की संख्या 760 से बढ़कर 1,293 हो गई है। उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या 51,534 से बढ़कर 64,896 तक पहुंची है। इसी अवधि में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का विस्तार किया गया तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई।

 

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। एम्स की संख्या 7 से बढ़ाकर 22 कर दी गई है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 844 हो गई है। एमबीबीएस सीटें लगभग 51,300 से बढ़कर 1.39 लाख तक पहुंच गई हैं, जबकि स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि इन कदमों से देश में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी।

 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आत्महत्या संवेदनशील विषय है और इनके आंकड़ों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। हाल के वर्षों में पेपर लीक से जुड़े कारणों से होने वाली आत्महत्या की घटनाओं में कमी आई है। सरकार ने विश्वास व्यक्त किया कि नए और अधिक कठोर कानून से सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी तथा विद्यार्थियों का विश्वास मजबूत होगा।

 

आंदोलनरत छात्रों पर कार्रवाई के मुद्दे पर सिंह ने कहा कि पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने अधिकतम संयम का परिचय दिया। यह सुनिश्चित किया गया कि किसी प्रकार की जनहानि न हो। प्रशासन का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना था, न कि किसी को नुकसान पहुंचाना। उन्होंने इस बात का खंडन किया कि गृहमंत्री ने छात्र आंदोलन में गोली चलाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम स्वयं विधायक और सांसद रहे हैं तथा प्रशासनिक प्रक्रिया से परिचित हैं। गोली चलाने का आदेश कोई मंत्री नहीं देता। ऐसा आदेश देने का अधिकार कार्यपालक मजिस्ट्रेट, जैसे एसडीएम या डीएम के पास होता है। केवल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अश्रु गैस का प्रयोग किया गया।

 

सिंह ने असम आंदोलन का उदाहरण देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि असम में 1969 से 1984 के बीच कांग्रेस की सरकार के दौरान ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के आंदोलन के दौरान लगभग 860 निर्दोष लोगों की मृत्यु हुई थी और इनमें अधिकांश छात्र थे।

 

उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान यह दावा किया गया कि 150 बार पेपर लीक हुए और उससे 750 करोड़ विद्यार्थी प्रभावित हुए। सरकार का कहना है कि ऐसे आंकड़ों को बिना प्रमाण के प्रस्तुत करना उचित नहीं है। तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर ही चर्चा होनी चाहिए।

 

डॉ. सिंह ने इस बात की आलोचना की कि नेता प्रतिपक्ष प्रधानमंत्री के आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कटाक्ष किया कि यह उनकी निराशा और हताशा है कि वे प्रधानमंत्री नहीं बन सके तो स्वयं प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए।

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झूठ बोलकर माहौल खराब करना चाहते हैं राहुल गांधीः भाजपा https://www.shauryatimes.com/news/243020 Wed, 29 Jul 2026 12:33:29 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243020 नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर संसद के अंदर एवं बाहर झूठ बोलकर और भ्रम फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर फायरिंग किए जाने के राहुल गांधी के आरोप बेबुनियाद हैं।

 

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं लोकसभा सदस्य डॉ. संबित पात्रा ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में राहुल गांधी के उस बयान को खारिज किया, जिसमें उन्होंने छात्रों पर गोली चलाने और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आदेश का जिक्र किया था। पात्रा ने कहा कि छात्रों पर कोई गोली नहीं चलाई गई और राहुल गांधी ने बिना किसी तथ्य के यह आरोप लगाया।

 

सांसद पात्रा ने कहा, “अगर सदन के अंदर कोई आरोप लगाया जाता है तो उसके समर्थन में तथ्य भी देने पड़ते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर गोली चली और इसका आदेश गृहमंत्री अमित शाह ने दिया, यह पूरी तरह झूठ है। ऐसी परिस्थितियों में कानून के अनुसार निर्णय संबंधित मजिस्ट्रेट लेते हैं, गृहमंत्री नहीं। राहुल गांधी को यह जानकारी होनी चाहिए।”

 

भाजपा प्रवक्ता डॉ. पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी देश को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री की गतिविधियां सार्वजनिक होती हैं, वे चोरी-छिपे विदेश नहीं जाते।

 

डॉ. पात्रा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक पर लोकसभा में हुई चर्चा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी के सवालों का जवाब देने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन विपक्ष ने सदन में अलग माहौल बनाने की कोशिश की।

 

राहुल गांधी के छात्रों से जुड़े बयान पर भी पात्रा ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने की कोशिश की, जबकि भाजपा मानती है कि देश का हर छात्र समान है। पात्रा ने कहा, “इस देश का कोई भी छात्र अंधभक्त या इडियट नहीं है। राहुल ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया, वह छात्रों का अपमान है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्र क्या अंधभक्त थे? वहां पहुंचने वाले अन्य लोग क्या अंधभक्त थे? इन सब बातों से पता चलता है कि राहुल को जेन-जी की चिंता नहीं है। इनको जेनरेशन गांधी की चिंता है।”

 

भाजपा प्रवक्ता पात्रा ने कहा कि राहुल को अपने बयानों के लिए जवाब देना चाहिए और संसद के साथ-साथ देश के सामने तथ्यों के आधार पर बात रखनी चाहिए।

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दानपेटी लेकर संसद पहुंचे सपा सांसद, केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप https://www.shauryatimes.com/news/243000 Wed, 29 Jul 2026 09:00:40 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=243000 नई दिल्ली : राम मंदिर में कथित चढ़ावे और दान चोरी के आरोपों को लेकर बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। सपा सांसद हाथों में दानपेटी और पोस्टर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करते नजर आए।

 

प्रदर्शन में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, सांसद डिंपल यादव और पार्टी के कई अन्य सांसद शामिल हुए। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार विफल रही है।

 

अखिलेश यादव ने कहा कि जो सरकार मंदिर की दानपेटी की सुरक्षा नहीं कर सकती, वह देश और युवाओं का भविष्य कैसे सुरक्षित रखेगी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।

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