रोजगार – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Mon, 13 Oct 2025 04:32:34 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 खुशखबरी: फौजियों के लिए सुनहरा अवसर https://www.shauryatimes.com/news/210409 Mon, 13 Oct 2025 04:32:34 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=210409 शाश्वत तिवारी: लखनऊ/ देश के जवानों और उनके परिवारों के लिए एक नया स्वर्णिम अवसर सामने आया है। TourTripX (TTX) ने अपने Defence Travel Division की शुरुआत की है — एक विशेष अभियान जो फौजियों द्वारा, फौजियों के लिए शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य है सैनिक समुदाय को ट्रैवल सेक्टर में सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रेरित करना।
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TourTripX Defence Travel Division से जुड़ें, घर बैठे कमाएं सम्मान और आय
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इस पहल का नेतृत्व मेजर जनरल मनोज “टाइगर” तिवारी (वेटरन) कर रहे हैं। यह पूरी टीम रिटायर्ड अफसरों से बनी है जो अपने अनुभव और समर्पण से सैनिक परिवारों को रोजगार और सम्मान दोनों दिलाने की दिशा में कार्यरत है।
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TTX का मिशन — सैनिक परिवारों की सुरक्षित यात्रा।
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इच्छुक JCOs, जवान या उनके परिवारजन केवल यात्राओं से जुड़े संपर्क (लीड्स) साझा करेंगे — जैसे तीर्थयात्रा, हॉलिडे पैकेज, फ्लाइट टिकट या ऑफिसियल टूर आदि।
बाकी सभी प्रक्रिया TourTripX मुख्यालय की टीम संभालेगी।
हर एक लीड से होने वाले मुनाफे का 35% हिस्सा सीधे पार्टनर को मिलेगा।
कोई बॉस नहीं,
कोई निश्चित समय नहीं,
घर बैठे काम करने की सुविधा,
भुगतान हर महीने के पहले सप्ताह में (टीडीएस नियमों के अनुसार)

TTX की ओर से ले. कर्नल राजेश त्रिवेदी (वेटरन) की अगुवाई में फ्री ट्रेनिंग दी जाएगी।
पहला बैच: 15 अक्टूबर 2025
स्थान: TourTripX मुख्यालय, गोमती नगर एक्सटेंशन, लखनऊ
अवधि: मात्र 2 दिन
इसके बाद हर महीने दो नियमित बैच आयोजित होंगे, ताकि सभी इच्छुक अपनी सुविधा अनुसार जुड़ सकें।
TTX सभी पार्टनर्स को फ्लायर्स, ब्रोशर और प्रचार सामग्री निशुल्क उपलब्ध कराएगा।
ग्राहक सेवा और ट्रिप प्रबंधन की जिम्मेदारी कर्नल सतीश कुमार (वेटरन) की अनुभवी टीम संभालेगी।
TTX का उद्देश्य है फौजी परिवारों को ऑनलाइन ट्रैवल एजेंटों की ठगी और भ्रम से बचाना तथा उन्हें सुरक्षित, भरोसेमंद और सम्मानजनक यात्रा सेवाएं प्रदान करना।
जो भी फौजी या उनका परिवार इस मिशन से जुड़ना चाहता है, वे 9639421301 पर कॉल या संदेश भेजकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
TourTripX Defence Travel Division – “साथ चलें, साथ बढ़ें”
जहाँ कमाई हो गौरव, उद्देश्य और स्वतंत्रता के साथ।
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आरटीआई अधिनियम के 20 साल पूरे होने पर मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर लगाया इसे कमजोर करने का आरोप https://www.shauryatimes.com/news/210276 Sun, 12 Oct 2025 12:24:21 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=210276 नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘सूचना का अधिकार अधिनियम 2005’ के 20 साल पूरे होने पर कहा कि आरटीआई ने शुरुआत में पारदर्शिता और जवाबदेही के नए युग की नींव रखी थी, लेकिन पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने इस कानून को व्यवस्थित रूप से कमजोर कर लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों को खोखला कर दिया है।

 

खरगे ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि 20 साल पहले कांग्रेस नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के मार्गदर्शन में आरटीआई अधिनियम लागू किया था। यह अधिनियम भ्रष्टाचार, सरकारी जवाबदेही और सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए एक मजबूत उपकरण था, लेकिन 2014 के बाद इसके मूल उद्देश्य पर लगातार हमला हुआ।

 

उन्होंने कहा की साल 2019 में मोदी सरकार ने अधिनियम को बदल दिया और सूचना आयुक्तों के कार्यकाल और वेतन पर नियंत्रण कर स्वतंत्र अधिकारी को नौकरशाहों जैसा बना दिया। 2023 में लागू हुए डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून ने आरटीआई के सार्वजनिक हित वाले हिस्से को प्रभावित किया और भ्रष्टाचार की जांच में बाधा डाली।

 

केंद्रीय सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर कोई नियुक्त नहीं है और वर्तमान में आठ पद 15 महीनों से खाली हैं, जिससे अपील प्रक्रिया धीमी हो गई है और हजारों लोग न्याय पाने से वंचित हैं।

 

उन्होंने दावा किया कि सरकार ने कोविड महामारी, राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2017-18, कृषि सर्वेक्षण 2016-2020 और पीएम केयर फंड के दौरान मौतों और आंकड़ों की जानकारी छुपाई, जिससे जवाबदेही से बचा जा सके।

 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आरटीआई अधिनियम के मूल उद्देश्य को बचाना और नागरिकों को उनकी जानकारी तक पहुंच सुनिश्चित करना अब और जरूरी हो गया है।

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फार्म मशीनरी की स्थापना के साथ ही कृषि ड्रोन, कृषि यंत्रों आदि पर दिया जा रहा अनुदान https://www.shauryatimes.com/news/195267 Sat, 28 Jun 2025 09:34:59 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=195267 लखनऊ: किसानों का कल्याण ही उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन गई है। किसानों की खेती को बढ़ाने के साथ ही उत्पादन अधिक और लागत कम की अवधारणा पर योगी सरकार काम कर रही है। इसी के तहत किसानों को कृषि ड्रोन व कृषि यंत्र की खरीद पर निरंतर अनुदान दिया जा रहा है। अनुदान प्राप्त करने के लिए वर्तमान में आवेदन प्रारंभ हो गया है। किसान इसके लिए 12 जुलाई तक www.agridarshan.up.gov.in पर बुकिंग कर सकेंगे। इसी पोर्टल के जरिए ही संपूर्ण विवरण प्राप्त कर सकते हैं।

www.agridarshan.up.gov.in पर करना होगा आवेदन

किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त करने के लिए www.agridarshan.up.gov.in पर आवेदन करना होगा। बुकिंग 27 जून से प्रारंभ हुआ है, जो 12 जुलाई तक चलेगा। पोर्टल पर किसान कॉर्नर के अंतर्गत यंत्र बुकिंग प्रारंभ पर क्लिक करके ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यंत्रों के विवरण, यंत्र बुकिंग व अनुदान प्रक्रिया से संबंधित जानकारी भी इसी पोर्टल पर उपलब्ध होगी।

कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं पर मिलेगा लाभ

कृषि विभाग द्वारा संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन, मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू व अन्य योजना के हाईटेक हब फॉर कस्टम हायरिंग, कस्टम हायरिंग सेंटर, फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना, कृषि ड्रोन, फसल अवशेष प्रबंधन के प्रमुख कृषि यंत्र व कृषि रक्षा उपकरण इत्यादि पर अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

इन कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ प्राप्त कर सकेंगे कृषक

कृषि विभाग के मुताबिक हाईटेक हब फॉर कस्टम हायरिंग, कस्टम हायरिंग सेंटर, फॉर्म मशीनरी बैंक, किसान ड्रोन, कंबाइन हार्वेस्टर विद सुपर एसएमएस, न्यूमेटिक प्लांटर, मेज सेलर, पॉपिंग मशीन, बैच ड्रायर, थ्रेसिंग फ्लोर, स्मॉल गोदाम, ऑयल एक्सट्रैक्शन यूनिट/ मिनी एक्सट्रैक्शन यूनिट, शुगर केन सेटलिंग प्लांटर, शुगर केन पॉवर वीडर/इंटर रो कम इंट्रा रो वीडर (पीटीओ ऑपरेटेड) एवं अन्य कृषि यंत्रों पर अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

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छात्रवृत्ति : अब आवेदन में नहीं होगी समयसीमा की बाधा https://www.shauryatimes.com/news/189888 Thu, 29 May 2025 09:21:25 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=189888 लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छात्रवृत्ति योजनाओं को और पारदर्शी, सरल और सुलभ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। अब छात्रवृत्ति वार्षिक नहीं, बल्कि सेमेस्टर आधारित होगी, जिससे छात्रों को समय पर सहायता मिल सकेगी। तकनीकी बाधाओं के कारण यदि किसी पात्र छात्र की छात्रवृत्ति रुकती है, तो उसे इसका समाधान करने का अवसर भी मिलेगा। सीएम योगी का स्पष्ट निर्देश है कि तकनीकी कारणों से कोई भी छात्र वंचित नहीं रहेगा।

इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए समाज कल्याण विभाग को छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं का नोडल विभाग बनाया गया है। इसके अंतर्गत अल्पसंख्यक कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से समन्वय स्थापित कर साझा पोर्टल तैयार किया जाएगा, जो वर्षभर खुला रहेगा। इससे अब छात्रों को सीमित समयावधि की चिंता नहीं होगी और वे किसी भी समय आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जाएगा छात्रवृत्ति प्रणाली

छात्रवृत्ति प्रणाली को तकनीकी रूप से उन्नत करने के लिए एक आधुनिक पोर्टल विकसित किया जाएगा, जिसमें मोबाइल ऐप, रियल टाइम नोटिफिकेशन, और दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच जैसी सुविधाएं रहेंगी। छात्रों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए फेस रिकॉग्निशन आधारित प्रणाली भी लागू की जाएगी, जिससे फर्जीवाड़े पर पूर्ण रोक लगेगी।

तीनों विभाग मिलकर करेंगे चुनौतियों का समाझान

सरकार ने इस सुधार की दिशा में तेजी से कार्य करना शुरू कर दिया है। समाज कल्याण विभाग ने इस कार्य के लिए पहले ही 6 सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया था, जिसने हाल ही में तीनों विभाग (समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण) की साझा बैठक में अपने सुझाव दिए, जिस पर अमल करने के लिए साझा सहमति बन गई है। अब विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर बदलावों को धरातल पर उतारी जाएगी। साथ ही, टीम दवारा तीनों विभागों के निदेशकों की एक संयुक्त टीम बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया, जिसके माध्यम से रुकावटों की पहचान कर समाधान तैयार किया जाएगा।

छात्रवृत्ति के माध्यम से सामाजिक न्याय व्यवस्था को भी नई दिशा देने में जुटी योगी सरकार

योगी सरकार के इस पहल का उद्देश्य स्पष्ट है। हर वर्ग के छात्र तक बिना भेदभाव छात्रवृत्ति पहुंचाना और उन्हें शिक्षा की राह में आर्थिक चिंता से मुक्त करना है। सरकार की यह नीति “सबका साथ, सबका विकास” के मूल मंत्र को साकार करती है। छात्रों और अभिभावकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि छात्रवृत्ति अब न केवल तकनीकी रूप से अधिक सरल और सुरक्षित होगी, बल्कि समयबद्ध भी होगी। यूपी सरकार के इस कदम से लाखों विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है और इससे राज्य की शिक्षा और सामाजिक न्याय व्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह स्पष्ट संदेश है कि पात्र छात्रों को किसी भी स्थिति में वंचित नहीं होने दिया जाएगा और सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।

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भारत के आईटी सेक्टर में अप्रैल में 16 प्रतिशत बढ़ी भर्तियां https://www.shauryatimes.com/news/188308 Fri, 09 May 2025 08:54:22 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=188308 बेंगलुरु। भारत के आईटी सेक्टर में अप्रैल 2025 में भर्तियों में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी हुई एक नई रिपोर्ट में दी गई।

जॉब्स प्लेटफॉर्म फाउंडइट (पूर्व मॉन्स्टर) की रिपोर्ट में बताया गया कि इस वृद्धि की वजह ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) का मजबूत विस्तार होना है। भारत में जीसीसी से 2024-25 में 1,10,000 से ज्यादा नई टेक नौकरियां पैदा हुई हैं।

हालांकि, मासिक आधार पर अप्रैल में भर्तियों में 11 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है। रिपोर्ट में इस गिरावट को आंशिक ट्रेंड बताया गया है और लंबी अवधि में भर्तियों का पारिदृश्य अभी भी सकारात्मक बना हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अनुभवी और विशेष एवं फ्यूचर-रेडी स्किल की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है। साथ ही कंपनियां अब स्किल को अधिक प्राथमिकता दे रही है।

फाउंडिट के सीईओ वी सुरेश के अनुसार, यह क्षेत्र रणनीतिक विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। देश क्वांटिटी-आधारित भर्तियों से स्किल-आधारित, इनोवेशन-आधारित रोजगार की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, यह परिवर्तन साइंस और इनोवेशन में वैश्विक नेतृत्व के लिए अपने युवाओं को सशक्त बनाने के भारत के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

सुरेश ने कहा कि टियर-2 शहर डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बन रहे हैं। जीसीसी विशेष रूप से डेटा इंजीनियरिंग, डेवऑप्स और एंटरप्राइज आर्किटेक्चर जैसे क्षेत्रों में इस बदलाव के लिए केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।

रिपोर्ट में बताया गया कि डिग्री की तुलना में 62 प्रतिशत कंपनियां स्किल को प्राथमिकता दे रही हैं। विशेष स्किल रखने वाले कर्मचारियों को अच्छा सैलरी पैकेज भी मिल रहा है। एंट्री-लेवल के एआई जॉब के लिए औसत पैकेज 7.2 लाख रुपए प्रतिवर्ष का है। वहीं, अनुभवी एआई पेशेवर के लिए सैलरी पैकेज 76.4 लाख रुपए का है।

साइबरसिक्योरिटी सबसे अच्छी स्किल है। इसका उच्चतम सैलरी पैकेज 87 लाख रुपए तक है।

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स्टार्टअप जॉब मार्केट में एक नया आत्मविश्वास, भर्ती को लेकर सालाना आधार पर 32 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल https://www.shauryatimes.com/news/187461 Mon, 05 May 2025 07:33:14 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=187461 बेंगलुरु। भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में भर्ती को लेकर सालाना आधार पर 32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह सस्टेनेबल और इनोवेशन आधारित स्केलिंग की ओर एक रणनीतिक मोड़ का संकेत है। सोमवार को आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

जॉब्स प्लेटफॉर्म फाउंड-इट की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट मजबूत बना हुआ है, जिसमें सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

स्टार्टअप जॉब पोस्टिंग में इस साल अप्रैल में सालाना आधार पर 32 प्रतिशत और पिछले तीन महीनों में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

पिछले एक साल में नए स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन में 22 प्रतिशत की वृद्धि से भर्ती की यह गति और अधिक मजबूत हुई है।

फाउंड-इट के सीईओ वी. सुरेश ने कहा, भारत में स्टार्टअप के विस्तार के तरीके में एक बड़ा बदलाव आया है। विकास अब केवल प्रमुख महानगरीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। इसके बजाय, हम टियर-2 शहरों में भी मजबूत विस्तार देख रहे हैं, जो विकास के अधिक संतुलित और समावेशी मॉडल का संकेत देता है। साथ ही, अनुभवी पेशेवरों की भर्ती पर जोर बढ़ रहा है, जो दीर्घकालिक स्थिरता पर रणनीतिक ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है।

स्टार्टअप हायरिंग में आईटी सर्विस सबसे आगे है, जो सभी स्टार्टअप जॉब पोस्टिंग का 32 प्रतिशत है, जो कि पिछले साल 2024 में 23 प्रतिशत था। हेल्थकेयर में स्टार्टअप हायरिंग 6 प्रतिशत से बढ़कर 9 प्रतिशत हो गया है, जो डीप टेक और स्वास्थ्य-केंद्रित समाधानों पर बढ़ते फोकस का संकेत देता है।

इसके विपरीत, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट और एजुकेशन/ई-लर्निंग जैसे सेक्टर में स्टार्टअप हायरिंग को लेकर गिरावट दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, टियर-2 शहर तेजी से प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहे हैं, जहां अप्रैल 2024 में उनकी नौकरी की हिस्सेदारी 9 प्रतिशत से बढ़कर अप्रैल 2025 में 31 प्रतिशत हो गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह तीन गुना वृद्धि भारत के स्टार्टअप सेक्टर में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है, जिसे कोयंबटूर, जयपुर, इंदौर, लखनऊ और भुवनेश्वर लीड कर रहे हैं।

इस बीच, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में स्टार्टअप जॉब शेयर में भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि चेन्नई और हैदराबाद में स्थिति स्थिर रही।

स्टार्टअप भी तेजी से एक्सपीरियंस को प्राथमिकता दे रहे हैं। 0 से 3 वर्ष के अनुभव वाली फ्रेशर हायरिंग अप्रैल 2025 में 53 प्रतिशत से घटकर 41 प्रतिशत रह गई है।

यह बदलाव सभी स्तरों पर विशेष कौशल की बढ़ती मांग को दर्शाता है, जिसमें मिड-करियर प्रोफेशनल, 4-6 साल और 7-10 साल के अनुभव वाली की भूमिकाएं क्रमशः 28 प्रतिशत और 15 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं।

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भारत ने सभी प्रकार की डाक और पार्सल सेवाओं पर लगाई रोक https://www.shauryatimes.com/news/187093 Sat, 03 May 2025 11:10:04 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=187093 नई दिल्ली: भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पाकिस्तान से आने वाली सभी प्रकार की डाक और पार्सल सेवाओं के आदान-प्रदान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निर्णय हवाई और जमीनी दोनों मार्गों के लिए लागू होगा। भारत ने आज पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए हैं जिनमें सभी प्रकार के आयात पर पूर्ण रोक और पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों का भारतीय बंदरगाहों पर प्रवेश बैन कर दिया गया है। अब डाक विभाग द्वारा जारी एक सार्वजनिक नोटिस में कहा गया है, “भारत सरकार ने हवाई और जमीनी मार्गों के माध्यम से पाकिस्तान से आने वाले सभी श्रेणियों के मेल और पार्सल के आदान-प्रदान को निलंबित करने का फैसला लिया है।”

पाकिस्तान के साथ डाक सेवाओं का इतिहास

भारत और पाकिस्तान के बीच डाक सेवाओं का आदान-प्रदान लंबे समय से सीमित स्तर पर जारी था। हालांकि, अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने कुछ समय के लिए डाक सेवाओं को निलंबित कर दिया था, जो बाद में तीन महीने बाद बहाल हो गई थीं। लेकिन अब, भारत सरकार ने मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सभी डाक और पार्सल सेवाओं को पूरी तरह से बंद करने का फैसला किया है।

क्या होगा इसका असर?

इस निलंबन से दोनों देशों के बीच पत्राचार, व्यापारिक डाक, और व्यक्तिगत पार्सलों का आदान-प्रदान पूरी तरह से ठप हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सबसे अधिक प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा जो दोनों देशों के बीच पारिवारिक या व्यापारिक पत्राचार पर निर्भर हैं। इसके अलावा, यह कदम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि भारत से आयात होने वाले कुछ सामानों का परिवहन डाक सेवाओं के माध्यम से होता था।

पाकिस्तान से आयात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध

इससे पहले आज ही भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। एक सरकारी आदेश में यह जानकारी दी गई। इस निर्णय से पाकिस्तान से भारत में माल की सभी आवक पूरी तरह से रुक जाएगी। भारत का पाकिस्तान को पिछले साल अप्रैल से इस साल जनवरी तक निर्यात 44.76 करोड़ डॉलर था, जबकि आयात मात्र 4.2 लाख डॉलर था।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने दो मई को एक अधिसूचना में कहा कि “इस संबंध में विदेश व्यापार नीति (एफटीपी) 2023 में एक प्रावधान जोड़ा गया है, जिसके तहत अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से पाकिस्तान में बने या वहां से निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन पर रोक लगाई जाएगी।”

इसमें कहा गया कि यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है। आदेश में कहा गया कि इस प्रतिबंध के किसी भी अपवाद के लिए भारत सरकार की मंजूरी की आवश्यकता होगी। एफटीपी में ‘पाकिस्तान से आयात पर प्रतिबंध’ शीर्षक के तहत प्रावधान डालते हुए इसमें कहा गया है, “पाकिस्तान से आयात या निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन, चाहे स्वतंत्र रूप से आयात योग्य हो या अन्यथा अनुमति प्राप्त हो, तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा।”

अप्रैल-जनवरी 2024-25 के दौरान पड़ोसी देश से मुख्य आयात में फल और मेवे (80 हजार डॉलर), कुछ तिलहन और औषधीय पौधे (2.6 लाख डॉलर) और जैविक रसायन शामिल थे। यह निर्णय 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद लिया गया है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।

पाकिस्तान के ध्वज वाले जहाजों के बंदरगाह में प्रवेश पर रोक

भारत ने शनिवार को आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान के ध्वज वाले जहाजों को भारत में किसी भी बंदरगाह में प्रवेश पर रोक लगाने के निर्णय की घोषणा की। यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार की ओर से शनिवार को जारी एक आधिकारिक निर्देश के अनुसार, पाकिस्तान के झंडे वाले किसी भी जहाज को भारतीय बंदरगाहों पर जाने से रोक दिया गया है, जबकि भारतीय झंडे वाले जहाजों को भी पाकिस्तान के बंदरगाहों पर ठहरने से रोक दिया गया है।

सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि यह आदेश ‘सार्वजनिक हित में और भारतीय जहाजरानी के हित में भारतीय संपत्तियों, कार्गो और संबंधित बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए’ लागू किया गया है। यह निर्देश तुरंत प्रभावी हो गया है और अगली सूचना तक लागू रहेगा।

पाकिस्तान पर भारत का ताबड़तोड़ ऐक्शन

आतंकी हमले के बाद भारत ने कई कदम उठाए, जिसमें अटारी सीमा चौकी को तत्काल बंद करना शामिल है, जिसका इस्तेमाल कुछ खास तरह के सामानों की आवाजाही के लिए किया जाता है। इसके अलावा भारत ने पाकिस्तानी सैन्य अताशे को निष्कासित करने और 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित करने की घोषणा की है।

इसके कारण भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार पहले ही पूरी तरह से ठप्प हो चुका है। साल 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों पक्षों द्वारा उठाए गए कदमों के बाद दोनों देशों के बीच दोतरफा व्यापार नगण्य हो गया था। जवाबी कार्रवाई में, पाकिस्तान ने भी भारत के साथ सभी व्यापार को निलंबित करने की घोषणा की है, जिसमें पाकिस्तान के माध्यम से किसी भी तीसरे देश से व्यापार शामिल है। वित्त वर्ष 2023-24 में निर्यात 1.18 अरब डॉलर और आयात 28.8 लाख डॉलर था। इससे पहले 2022-23 और 2021-22 में, भारत ने क्रमशः 62.71 करोड़ डॉलर और 51.38 करोड़ डॉलर मूल्य के सामान का निर्यात किया और 2.01 करोड़ डॉलर और 25.4 लाख डॉलर मूल्य के उत्पादों का आयात किया।

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इंटरनेशनल लेबर डे : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बोलीं, आज की सरकार श्रमिकों के बारे में सोचती है https://www.shauryatimes.com/news/186662 Thu, 01 May 2025 06:47:03 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=186662 नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व की सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पिछली सरकारों पर श्रमिकों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले महज अपने हित साधने के प्रयास किए जाते थे और देश की नींव कहे जाने वाले श्रमिकों के हितों पर हमेशा से ही कुठाराघात किया जाता था।

उन्होंने कहा, “यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्र है कि उन्होंने सत्ता में आते ही सबसे पहले श्रमिकों के कल्याण के बारे में सोचा। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि इस देश के श्रमिकों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। श्रमिकों की बुनियादी जरूरतों की पूर्ति की जाए, यह सुनिश्चित करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है, क्योंकि वह खुद एक गरीब परिवार से आते हैं। वह गरीबों का दर्द जानते हैं। वह जानते हैं कि एक गरीब परिवार की पृष्ठभूमि के व्यक्ति को अपने जीवन में किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं सब चुनौतियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने श्रमिकों के लिए कल्याणकारी कदम उठाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले कभी श्रमिकों को इस देश में चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ता था। लेकिन, आज मैं सभी श्रमिक भाइयों को यह विश्वास दिलाती हूं कि आप लोगों को बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। आप सभी को इस देश में वही समान अधिकार मिलेंगे, जो अन्य नागरिकों को मिलते हैं। जितना अधिकार इस देश में किसी करोड़पति आदमी का है, उतना ही आप लोगों का भी है।”

उन्होंने आगे कहा, “अब आपके सम्मान, अधिकार और हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आपको हर वह सम्मान मिलेगा, जो इस देश के संविधान में दिए जाने का प्रावधान है, क्योंकि मौजूदा समय में इस देश और राज्य में भी एक ऐसी सरकार है, जो आपके हितों के बारे में दिन-रात सोचती है और हम आपके हितों पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात नहीं होने देंगे।”

वहीं, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने भी पूर्व की सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहली बार श्रमिकों के लिए इतना बड़ा कार्यक्रम का आयोजन हुआ है। ऐसा नहीं है कि पूर्व की सरकार श्रमिकों के लिए इतना बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं कर सकती थी, वह कर सकती थी, लेकिन उनके अंदर श्रमिकों के लिए कुछ करने की इच्छा नहीं थी, मगर मैं आज अपने सभी मजदूर भाइयों को आश्वस्त कर देना चाहता हूं कि आप लोग बिल्कुल बेफिक्र रहिए। यह सरकार आपके साथ है, आपके परिवार के साथ है। यह एक ऐसी सरकार है, जो आपके बारे में सोचती है। आप हमारे लिए हमारा परिवार हैं।

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह संकल्प लिया है कि श्रमिकों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश को श्रमिकों को मजबूत करने का प्रयास किया गया। कानून के तौर पर कई ऐसे प्रावधान किए गए, जिससे श्रमिकों को समृद्ध किया जा सके।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों के श्रम में शक्ति है। आपके श्रम से ही यह देश विकास की गति पकड़ेगा। आप लोग ही इस देश की नींव हैं।

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स्किल डेवलपमेंट के लिए भारत और मिस्र रणनीतिक सहयोग को करेंगे मजबूत https://www.shauryatimes.com/news/186297 Tue, 29 Apr 2025 10:56:06 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=186297 नई दिल्ली। भारत और मिस्र ने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और फ्यूचर-रेडी वर्कफोर्स तैयार करने के लिए स्किल डेवलपमेंट में रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की है।

मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह फैसला भारत के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के अधिकारियों और तकनीकी शिक्षा उप मंत्री प्रोफेसर अयमान बहा अल दीन के नेतृत्व में मिस्र के प्रतिनिधिमंडल के बीच आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया।

बयान में कहा गया है, दोनों देशों ने भविष्य के सहयोग के लिए कई अवसरों की पहचान की है। इनमें जॉइंट सर्टिफिकेशन प्रोग्राम, फैकल्टी एंड स्टूडेंट एक्सचेंज, डिजिटल स्किलिंग एंड आंत्रप्रेन्योरशिप पहल और महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे आईटी (इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी), एग्रीकल्चर, टूरिज्म और ग्रीन स्किल में एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना शामिल है।

दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, फ्यूचर-रेडी वर्कफोर्स बनाने और दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए एक टेम्पलेट के रूप में इस साझेदारी का इस्तेमाल करने के लिए साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की।

यह भागीदारी भारत-मिस्र के लगातार मजबूत होते संबंधों में एक और मील का पत्थर है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिस्र के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया था।

एमएसडीई के सचिव अतुल कुमार तिवारी ने भारत के स्किल इंडिया मिशन के माध्यम से स्किल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड बनने के दृष्टिकोण पर जोर दिया, जिसके तहत पहले से ही करीब 4,00,000 व्यक्तियों को एआई, रोबोटिक्स और लार्ज डेटा जैसे एडवांस सेक्टर में ट्रेनिंग दी जा चुकी है, जबकि 1.3 मिलियन से अधिक उद्यमियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

भारत द्वारा अपने टेक्निकल एंड वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (टीवीईटी) इकोसिस्टम को वैश्विक मानकों के साथ जोड़ने और वर्ल्ड क्लास स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर को अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मॉडल के रूप में पेश किया गया।

मिस्र के प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र के टीवीईटी सुधारों के बारे में जानकारी साझा की, जिसमें यूरोपीय संघ से समर्थित टीवीईटी मिस्र सुधार कार्यक्रम और सेक्टर स्किल काउंसिल की स्थापना शामिल है।

बयान में कहा गया कि भारत के एनआईईएलआईटी और मिस्र के सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के बीच समझौता ज्ञापन 2024, ईएल-एसईडब्ल्यूईडीवाई ग्रुप की एमिटी यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनरशिप, काहिरा में भारत समर्थित वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर के रूप में दोनों पक्षों ने वर्तमान में चल रहे सहयोग की सफलता को स्वीकारा है।

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विज्ञान भवन में नियुक्ति पत्र पाने के बाद अभ्यर्थियों ने पीएम मोदी का जताया आभार https://www.shauryatimes.com/news/185702 Sat, 26 Apr 2025 12:35:56 +0000 https://www.shauryatimes.com/?p=185702 नई दिल्ली, 26 अप्रैल । दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में शनिवार को रोजगार मेला के तहत सरकारी नौकरियों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद अभ्यर्थियों ने पीएम मोदी का आभार जताया।

दिल्ली के रहने वाले जनक ने बताया कि उन्हें बहुत खुशी हो रही है कि उन्हें रोजगार मेला में सरकारी नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र मिला है। इस तरह के आयोजन से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। जो मेहनत कर रहे हैं उन्हें सरकारी नौकरियां भी मिल रही हैं। पीएम मोदी का आभार इसीलिए भी जताना चाहते हैं कि पहले नियुक्ति पत्र पाने में एक से दो साल लग जाते थे। लेकिन, जब से पीएम मोदी आए हैं और रोजगार मेला शुरू हुआ है, नियुक्ति पत्र के प्रोसेस में काफी तेजी आई है। अब नियुक्ति पत्र के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता।

हापुड़ से आए सुमित ने बताया कि मुझे सरकारी नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र मिला है। मैं दो साल से नौकरी की तैयारी कर रहा था। पहले की तुलना में अब व्यवस्था काफी अच्छी है। एग्जाम क्लियर करने के बाद नियुक्ति पत्र मिल रहा है। समय-समय पर सरकारी नौकरी की वैकेंसी निकल रही हैं। मैं समझता हूं कि सरकारी नौकरी उन्हें जरूर मिल रही है जो कड़ी मेहनत कर रहे हैं। यह कहना गलत होगा कि सरकारी नौकरी नहीं है।

ऋषभ कुमार ने कहा कि रोजगार मेला में नियुक्ति पत्र मिला है। काफी अच्छा लग रहा है। पीएम मोदी सभी का हौसला बढ़ाते हैं। पहले नियुक्ति पत्र पाने में काफी देरी होती थी। लेकिन, पीएम मोदी के आने के बाद प्रोसेस काफी आसान हो गया है। अच्छी बात है कि रोजगार मेला का आयोजन होता है, जहां हमें नियुक्ति पत्र दिया जाता है। कई लोगों से मिलना-जुलना हो जाता है। मंच पर हमें सम्मानित किया जाता है। सरकार की ओर से नियमित तौर पर वैकेंसी भी आ रही हैं।

एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा कि सरकारी नौकरी पीएम मोदी के आने के बाद नियुक्ति पत्र पाने की प्रोसेस में काफी तेजी आई है।

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