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	<title>शिक्षा &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>छात्र-छात्राएं भी देख रहे बदलते उत्तर प्रदेश की झलक</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/208423</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Sep 2025 08:07:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[करियर]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्रेटर नोएडा; उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। इन्हीं प्रयासों का जीवंत उदाहरण है उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025), जो न सिर्फ कारोबारियों और विदेशी बॉयर्स तक सीमित है बल्कि बच्चों और युवाओं के लिए भी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ग्रेटर नोएडा;</strong> उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। इन्हीं प्रयासों का जीवंत उदाहरण है उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025), जो न सिर्फ कारोबारियों और विदेशी बॉयर्स तक सीमित है बल्कि बच्चों और युवाओं के लिए भी उत्सुकता और प्रेरणा का बड़ा स्रोत बन गया है। हर दिन प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हजारों की संख्या में स्कूली बच्चे और कॉलेज छात्र यहां पहुंच रहे हैं। वे स्टॉल दर स्टॉल जाकर बदलते उत्तर प्रदेश की झलक देख रहे हैं, जहां आधुनिक मशीनरी, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और पारंपरिक हैंडीक्राफ्ट्स एक साथ सजे हुए हैं।</p>
<p><strong>बच्चों के लिए बना खास अनुभव</strong><br />
शनिवार को ग्रेटर नोएडा के शेरॉन इंटरनेशनल स्कूल के बच्चे अपने शिक्षकों के साथ पहुंचे। कोऑर्डिनेटर अनुज ने बताया कि बच्चों ने मशीनरी और हैंडीक्राफ्ट्स को बहुत ध्यान से देखा। उन्हें यह जानकर हैरानी हुई कि यूपी में एक ही छत के नीचे आधुनिक उद्योग और परंपरागत कला दोनों कितनी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। छात्र कभी किसी टेक्सटाइल मशीन को देखते तो कभी सजावटी सामान को हाथ में लेकर उसका डिज़ाइन समझते। वे उद्यमियों से सवाल करते,“सर, ये प्रोडक्ट किन देशों में एक्सपोर्ट होते हैं?”, “ये मशीन कैसे काम करती है?” बच्चों का यह उत्साह खुद उद्यमियों को भी ऊर्जा दे रहा था।</p>
<p><strong>योगी सरकार का विज़न, यूपीआईटीएस का मंच</strong><br />
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार कहते रहे हैं कि “उत्तर प्रदेश को भारत का ग्रोथ इंजन बनाना है।” यूपीआईटीएस उसी विज़न का साकार रूप है। यह न सिर्फ व्यापारियों को विदेशी खरीदारों से जोड़ रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी यह संदेश दे रहा है कि उत्तर प्रदेश अब उद्योग और नवाचार में नई पहचान बना रहा है। यहां वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) से लेकर MSME और स्टार्टअप्स तक के उत्पाद बच्चों के सामने रखे गए हैं। इससे उन्हें यह समझने का मौका मिल रहा है कि उनका अपना राज्य कैसे वैश्विक बाजार में अपनी जगह बना रहा है।</p>
<p><strong>सुरक्षा और सुविधा पर पूरा ध्यान</strong><br />
डीआईओएस राजेश सिंह ने बताया कि छात्रों की सुविधा के लिए खास रूट मैप तैयार किया गया है, ताकि वे आसानी से सभी स्टॉल्स तक पहुंच सकें। एंट्री से एग्जिट तक वॉलंटियर्स की तैनाती की गई है। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से बच्चों को स्कूल से लाने और वापस छोड़ने की मुफ्त व्यवस्था की गई है। उनके खाने-पीने का भी निशुल्क इंतजाम किया गया है। उन्होंने बताया कि यूपीआईटीएस में छात्रों के लिए रोज क्विज कॉन्टेस्ट भी कराया जा रहा है। इसमें बच्चे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, हस्तशिल्प और नवाचार से जुड़े सवालों के जवाब देते हैं। बच्चों में उत्साह इतना है कि कई बार स्टॉल्स से ही ग्रुप बनाकर तैयारी करते दिख जाते हैं। विजेताओं को अंतिम दिन सम्मानित किया जाएगा।</p>
<p><strong>भविष्य की पीढ़ी के लिए प्रेरणा</strong><br />
जिलाधिकारी ने बताया कि यूपीआईटीएस 2025 बच्चों के लिए केवल सैर-सपाटा नहीं, बल्कि सीखने और सपने देखने का अवसर है। यहां वे देख रहे हैं कि कैसे योगी सरकार की नीतियों ने प्रदेश को कृषि प्रधान राज्य से उद्योग और निवेश का हब बना दिया है। यह अनुभव बच्चों को न केवल गर्व का एहसास करा रहा है, बल्कि उन्हें भविष्य में वैज्ञानिक, उद्यमी और नवप्रवर्तक बनने की प्रेरणा भी दे रहा है। वास्तव में यूपीआईटीएस 2025 बदलते उत्तर प्रदेश का वह चेहरा है, जो आने वाली पीढ़ियों के सपनों को आकार दे रहा है।</p>
<p><strong>3 दिन में आए 30 हजार से ज्यादा बच्चे</strong><br />
जिलाधिकारी ने बताया कि तीन दिन में अब तक 30 हजार से ज्यादा छात्र छात्राएं ट्रेड शो में आ चुके हैं। पहले दिन 10 हजार, दूसरे दिन 12 हजार और तीसरे दिन अब तक 8 हजार ने ट्रेड शो का भ्रमण किया है।</p>
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		<title>छात्रवृत्ति से वंचित पांच लाख से अधिक छात्रों को दीपावली से पहले दी जाएगी छात्रवृत्ति: सीएम योगी</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/208348</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Sep 2025 09:36:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ: अनुसूचित जाति-जनजाति के करीब पांच लाख छात्रों को संस्थान की ओर से डाटा अपलोड न करने की वजह से छात्रवृत्ति नहीं मिल पायी क्योंकि डाटा लॉक हो गया था। ऐसे छात्रों को दीपावली से पहले छात्रवृत्ति देने के लिए पैसा तैयार कर लिया गया है। छात्रवृत्ति से वंचित सभी छात्रों को दीपावली से पहले &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ:</strong> अनुसूचित जाति-जनजाति के करीब पांच लाख छात्रों को संस्थान की ओर से डाटा अपलोड न करने की वजह से छात्रवृत्ति नहीं मिल पायी क्योंकि डाटा लॉक हो गया था। ऐसे छात्रों को दीपावली से पहले छात्रवृत्ति देने के लिए पैसा तैयार कर लिया गया है। छात्रवृत्ति से वंचित सभी छात्रों को दीपावली से पहले उनके खाते में छात्रवृत्ति भेज दी जाएगी। वहीं जिनकी वजह से छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिल पायी है, उनकी भी जवाबदेही तय की जाएगी ताकि आने वाले समय में ऐसी त्रुटि न हो। किसी भी देश और प्रदेश की आर्थिक प्रगति का पैमाना शिक्षा से शुरू होता है। ऐसे में छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आईजीपी में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में कही। इस दौरान सीएम योगी ने कई छात्रों को छात्रवृत्ति वितरित की।</p>
<p>हमने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति एक-एक बच्चे को दी<br />
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले छात्रवृत्ति वितरित की जाती थी, लेकिन छात्र के खाते में पहुंचती नहीं थी। इसमें मनमानी होती थी। वहीं जो छात्रवृत्ति छात्रों को सितंबर-अक्टूबर में प्राप्त होनी चाहिए थी, वह छात्रवृत्ति मार्च-अप्रैल तक पहुंचती थी। इसमें भी भेदभाव होता था। वर्ष 2016 में अनुसूचित-जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति ही नहीं दी गई। जब वर्ष 2017 में हमारी सरकार आई, तो हमने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति प्रदेश के एक-एक बच्चे को दी गयी। उन्हाेंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा 9 से 12 वीं के अनुसूचित जाति-जनजाति और सामान्य जाति के 4 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध करायी जा रही है। इसमें पहले चरण में 1 लाख 12 हजार छात्र छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के ढाई लाख से अधिक छात्र-छात्राएं और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 25,000 छात्र-छात्राएं सुविधा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि वर्ष 2017-18 से वित्तीय वर्ष 2024-25 तक अनुसूचित जाति-जनजाति के 1 करोड़ 23 लाख छात्रों को 9,150 करोड़ रुपए की धनराशि वितरित की गई है। यह पैसा डीबीटी के माध्यम से उनके अकाउंट में भेजा गया। वर्ष 2017-18 से 2024-25 में सामान्य वर्ग के 58 लाख 90 हजार छात्र-छात्राओं को 5,945 करोड़ रुपए उनके अकाउंट में भेजे गये।</p>
<p>कुछ लोग आत्मनिर्भर भारत के लिए फिर से बाधक बन करके समाज को बांटने का काम कर रहे<br />
सीएम योगी ने छात्रों से कहा कि आपके हाथों में आने वाली पीढ़ी का नेतृत्व आने वाला है, उसके लिए अभी से मानसिक रूप से तैयार रहिये। हम कैसा भारत चाहते हैं, इस पर अभी से सोचना होगा। याद रखिएगा विभाजनकारी ताकतों ने देश को गुलाम बनाया था। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत के लिए अभियान चलाया जा रहा है। वहीं कुछ लोग आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए फिर से बाधक बन करके समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हमें बंटना नहीं है, हमें एकजुट होकर के बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल तक पहुंचाना है। हर छात्र और वंचित को स्कूली शिक्षा के साथ जोड़ना है। उसकी शिक्षा के उन्नयन के लिए प्रयास करना है।</p>
<p>आज 2025-26 में स्कॉलरशिप दोगुनी हो चुकी है, डीबीटी के जरिये सीधे खाते में भेजी जा रही धनराशि<br />
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017-18 में 1,648 करोड़ 91 लाख, 2018-19 में 1,883 करोड़ 96 लाख, 2019-20 में 1,887.29 करोड़, 2020-21 में 1,505 करोड़ 53 लाख, 2021-22 में 1,581 करोड़ 42 लाख, 2022-23 में 1,813 करोड़ 97 लाख, 2023-24 में 2,608 करोड़ 13 लाख, 2024-25 में 2,861 करोड़ 38 लाख और 2025-26 में 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति दी गयी। सीएम ने कहा कि वर्ष 2017-18 में 1,648 करोड़ छात्रवृत्ति दी जाती थी और आज 2025-26 में स्कॉलरशिप दोगुनी हो चुकी है। आज 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति पिछड़े वर्ग के छात्रों को उपलब्ध करायी जा रही है। सरकार द्वारा लगातार राशि में वृद्धि करते हुए छात्रों को योजना से जोड़ा जा रहा है। सरकार द्वारा छात्रवृत्ति को तकनीक से बेहतर करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से वेरिफिकेशन की कार्रवाई को आगे बढ़ाना, डीबीटी के माध्यम से छात्रों के अकाउंट में पैसा भेजने की कार्रवाई की जा रही है ताकि बीच में किसी का भी हस्तक्षेप न हो। सीएम ने कहा कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स, सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा की बड़ी भूमिका है। दुनिया में जहां भी वंचित और उपेक्षित तबका है, अगर उन्हें विकास के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो सबसे पहले उनकी प्रायोरिटी शिक्षा होती है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में वंचित छात्रों को स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था के साथ जोड़ा जा रहा है।</p>
<p>हर छात्र को स्कॉलरशिप देने के लिए वन नेशन वन स्कॉलरशिप की व्यवस्था लागू की गई<br />
सीएम ने कहा कि हमारे देश ने ही शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया। आरटीई के तहत हर छात्र स्कूली शिक्षा प्राप्त कर सके, इसे अनिवार्य किया गया है। वहीं हर छात्र स्नातक तक शिक्षा फ्री में प्राप्त हो सके, इसके लिए अनेक स्कीम तैयार की गई और राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनायी गयी है। इसके अलावा हर छात्र को छात्रवृत्ति प्राप्त हो सके, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने &#8216;वन नेशन वन स्कॉलरशिप&#8217; की व्यवस्था लागू की है। इसी को ध्यान में रखते हुए अकेले केवल वर्ष 2025-26 में वंचित वर्ग को 2,825 करोड़ की छात्रवृत्ति वितरित की गयी है। वर्ष 2017 से 2025 तक 2 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। छात्रों को देखेंगे तो 2 करोड़ 7 लाख 53,457 छात्र-छात्राओं को पिछड़े वर्ग के 13,535 करोड़ से अधिक की राशि 2017-18 से 2024-25 के बीच में वितरित हुई है। यानी सरकार इस मामले में लगातार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और उस कार्यक्रम के साथ हर छात्र-छात्रा को जोड़ने का कार्य कर रही है। सरकार ने 2016-17 में पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्था के संचालन के लिए 11 करोड़ से बढ़ाकर 35 करोड़ किया। इसी के साथ छात्रावासों के अनुदान के लिए भी धनराशि की व्यवस्था की गई है। सीएम ने कहा कि पहले कस्तूरबा गांधी विद्यालय आठवीं तक चलते थे, अब 12वीं तक संचालित हो रहे हैं। एक ही कैंपस में गरीब घर के अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़े वर्ग की बेटियों की पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। छात्रावास में रहने-खाने की व्यवस्था दी जा रही है, स्कॉलरशिप दी जा रही है, यूनिफॉर्म दिए जा रही है। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में 1 करोड़ 60 लाख बच्चों के लिए दो यूनिफॉर्म, जूता, मोजा, फ्री स्वेटर की भी व्यवस्था की जा रही है जिससे वे बच्चे पढ़-लिख जाएं।</p>
<p>सरकार ने चार लाख नहीं बल्कि कई गुना बच्चों को छात्रवृत्ति देने के लिए बजट तैयार किया<br />
सीएम योगी ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ किया जा रहा है। इन केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को पोषण मिशन से जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में आश्रम पद्धति के विद्यालय बनाए जा रहे हैं, जहां पर अनुसूचित जाति-जनजाति के बच्चों को उत्तम पढ़ाई करवाई जा रही है। अटल आवासीय विद्यालय बन रहे हैं, जहां रजिस्टर्ड श्रमिकों के बच्चों और ओबीसी (BOC)बोर्ड में रजिस्टर्ड परिवार के बच्चों को छठी से लेकर के 12वीं तक की क्लास की उत्तम शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध करायी जा रही है। इन्हे सैनिक स्कूल के तर्ज़ पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय और पीएम श्री विद्यालय के माध्यम से शिक्षा के उन्नयन के लिए अनेक कार्यक्रम आगे बढ़ाए जा रहे हैं। सरकार यह सारे कदम इसलिए उठा रही है ताकि हर बच्चों अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सके। उन्हाेंने कहा कि छात्रवृत्ति वितरण का आज का कार्यक्रम एक शुरुआत है। सीएम ने कहा कि सिर्फ चार लाख बच्चे नहीं बल्कि कई गुना बच्चों को छात्रवृत्ति देने के लिए सरकार ने बजट तैयार किया है। सीएम ने सभी संस्थानाें से आग्रह किया कि वह छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों का डाटा अपलोड करें ताकि दीपावली से उन्हे छात्रवृत्ति का लाभ दिया जा सके।<br />
इस अवसर पर मंत्री नरेंद्र कश्यप, असीम अरूण, राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी, संजीव गौड़, अनुसुचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, मेयर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, लालजी प्रसाद निर्मल, इं. अवनीश कुमार सिंह और विधान सभा सदस्य जया देवी आदि मौजूद रहे।</p>
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		<item>
		<title>छात्राओं के खिले चेहरेः छात्रवृत्ति का मिला लाभ, सुरक्षा का सीखा जरूरी पाठ</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/208340</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Sep 2025 09:15:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ; शारदीय नवरात्रि के अवसर पर शुक्रवार को प्रदेश की ‘भावी नारी शक्ति’ के स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए सीएम योगी द्वारा की गई अनुकरणीय पहल से छात्राओं के चेहरे खिल उठे। एक ओर योगी सरकार ने उन्हें छात्रवृत्ति देकर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का कार्य किया, वहीं दूसरी ओर मिशन शक्ति के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ;</strong> शारदीय नवरात्रि के अवसर पर शुक्रवार को प्रदेश की ‘भावी नारी शक्ति’ के स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए सीएम योगी द्वारा की गई अनुकरणीय पहल से छात्राओं के चेहरे खिल उठे। एक ओर योगी सरकार ने उन्हें छात्रवृत्ति देकर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का कार्य किया, वहीं दूसरी ओर मिशन शक्ति के अंतर्गत छात्राओं को सुरक्षा के विभिन्न आयामों से अवगत कराकर उन्हें जागरूक व सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास किया गया। छात्राओं को जहां समय से पूर्व छात्रवृत्ति मिलने की खुशी थी, वहीं उन्हें यह भी बताया गया कि सुरक्षा की दृष्टि से कौन-कौन से कदम अपनाने चाहिए, किस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर किस प्रकार की समस्या में सहायता प्राप्त की जा सकती है तथा पुलिस की मदद कैसे ली जानी है।<br />
इससे छात्राओं में सुरक्षा की भावना प्रबल हुई और ‘सशक्त भारत–सशक्त उत्तर प्रदेश’ के निर्माण में उनके संकल्प को और सुदृढ़ करने में मदद मिली। इसके साथ ही शिक्षा क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलाव, स्वावलंबन तथा प्रदेश के विकास हेतु सतत विकास लक्ष्यों समेत विभिन्न पहलुओं पर भी छात्राओं को जानकारी दी गई, जिससे उनमें जागरूकता का विस्तार हुआ।</p>
<p>छात्रवृत्ति है एक बीज, जो भविष्य में उत्पन्न करेगा सकारात्मक परिणाम<br />
राजीव गांधी मेमोरियल इंटर कॉलेज की छात्रा साक्षी मिश्रा ने छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि कार्यक्रम में मुझे महिला सशक्तिकरण के विभिन्न आयामों के बारे में जानकारी मिली। हेल्पलाइन नंबर और आपात स्थितियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता का संचार हुआ। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति एक बीज है, जो आगे चलकर हमारे देश और राज्य के लिए सकारात्मक परिणाम उत्पन्न करेगा। वहीं, बख्शी का तालाब स्थित बेहटा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा 12 की छात्रा सफिया बानो ने कहा कि सीएम योगी के प्रयास से 6 महीने पूर्व ही छात्रवृत्ति का लाभ मिला, जिससे आगे की पढ़ाई में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में पुलिस विभाग की सहभागिता से नारी सशक्तिकरण के बारे में जागरूकता का प्रसार हुआ। उन्होंने कहा कि स्वयं की सुरक्षा के लिए 1090 समेत किन हेल्पलाइन नंबरों और उपायों का उपयोग किया जा सकता है, इसके बारे में हमें जानकारी दी गई। इसी प्रकार, कक्षा 9 की छात्रा प्रिया शर्मा ने कहा कि सीएम योगी द्वारा छात्रवृत्ति प्राप्त कर मैं बेहद खुश हूं और समय से पहले छात्रवृत्ति मिलने पर उन्हें धन्यवाद देना चाहती हूं।</p>
<p>किसी से डरने की जरूरत नहीं<br />
बख्शी का तालाब स्थित बेहटा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा अफशा बानो के अनुसार नारी सशक्तिकरण को लेकर सीएम योगी की पहल अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि आज कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी बेहद उपयोगी रही। अब किसी से डरने की जरूरत नहीं है। अगर कोई लड़की को कोई लड़का परेशान करे तो 1090 या 112 पर तुरंत कॉल करके पुलिस की सहायता ली जा सकती है। पुलिस और सीएम योगी के प्रयास न केवल अनुकरणीय हैं बल्कि सुरक्षा, आत्मरक्षा और उन्नयन के लिहाज से छात्राओं के लिए बेहद सहायक सिद्ध हो रहे हैं। वहीं, भाखामऊ की रहने वाली कक्षा 12 की छात्रा कुसुम भारती ने सीएम योगी से मुलाकात पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि आज हम सब खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं क्योंकि राज्य की नीतियां इस विषय पर केंद्रित हैं। मिशन शक्ति के जरिए हमें यह सीखने को मिला कि अगर कोई हमें छेड़े तो 112 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करानी चाहिए। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा काशी चौरसिया ने भी छात्रवृत्ति का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, धन्यवाद योगी जी, आपके प्रयास प्रदेश के सभी छात्र-छात्राओं का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित कर रहे हैं और छात्राओं में आत्मबोध, नारी सशक्तिकरण तथा सुरक्षा जैसे विषयों के प्रति जागरूकता प्रसार के साथ उन्हें सुरक्षित महसूस कराने की दिशा में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>छात्रवृत्ति से वंचित पांच लाख से अधिक छात्रों को दीपावली से पहले दी जाएगी छात्रवृत्ति: सीएम योगी</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/208317</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Sep 2025 08:29:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ, 26 सितंबर: अनुसूचित जाति-जनजाति के करीब पांच लाख छात्रों को संस्थान की ओर से डाटा अपलोड न करने की वजह से छात्रवृत्ति नहीं मिल पायी क्योंकि डाटा लॉक हो गया था। ऐसे छात्रों को दीपावली से पहले छात्रवृत्ति देने के लिए पैसा तैयार कर लिया गया है। छात्रवृत्ति से वंचित सभी छात्रों को दीपावली &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ, 26 सितंबर: अनुसूचित जाति-जनजाति के करीब पांच लाख छात्रों को संस्थान की ओर से डाटा अपलोड न करने की वजह से छात्रवृत्ति नहीं मिल पायी क्योंकि डाटा लॉक हो गया था। ऐसे छात्रों को दीपावली से पहले छात्रवृत्ति देने के लिए पैसा तैयार कर लिया गया है। छात्रवृत्ति से वंचित सभी छात्रों को दीपावली से पहले उनके खाते में छात्रवृत्ति भेज दी जाएगी। वहीं जिनकी वजह से छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिल पायी है, उनकी भी जवाबदेही तय की जाएगी ताकि आने वाले समय में ऐसी त्रुटि न हो। किसी भी देश और प्रदेश की आर्थिक प्रगति का पैमाना शिक्षा से शुरू होता है। ऐसे में छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आईजीपी में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में कही। इस दौरान सीएम योगी ने कई छात्रों को छात्रवृत्ति वितरित की।</p>
<p>हमने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति एक-एक बच्चे को दी<br />
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले छात्रवृत्ति वितरित की जाती थी, लेकिन छात्र के खाते में पहुंचती नहीं थी। इसमें मनमानी होती थी। वहीं जो छात्रवृत्ति छात्रों को सितंबर-अक्टूबर में प्राप्त होनी चाहिए थी, वह छात्रवृत्ति मार्च-अप्रैल तक पहुंचती थी। इसमें भी भेदभाव होता था। वर्ष 2016 में अनुसूचित-जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति ही नहीं दी गई। जब वर्ष 2017 में हमारी सरकार आई, तो हमने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति प्रदेश के एक-एक बच्चे को दी गयी। उन्हाेंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा 9 से 12 वीं के अनुसूचित जाति-जनजाति और सामान्य जाति के 4 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध करायी जा रही है। इसमें पहले चरण में 1 लाख 12 हजार छात्र छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के ढाई लाख से अधिक छात्र-छात्राएं और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 25,000 छात्र-छात्राएं सुविधा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि वर्ष 2017-18 से वित्तीय वर्ष 2024-25 तक अनुसूचित जाति-जनजाति के 1 करोड़ 23 लाख छात्रों को 9,150 करोड़ रुपए की धनराशि वितरित की गई है। यह पैसा डीबीटी के माध्यम से उनके अकाउंट में भेजा गया। वर्ष 2017-18 से 2024-25 में सामान्य वर्ग के 58 लाख 90 हजार छात्र-छात्राओं को 5,945 करोड़ रुपए उनके अकाउंट में भेजे गये।</p>
<p>कुछ लोग आत्मनिर्भर भारत के लिए फिर से बाधक बन करके समाज को बांटने का काम कर रहे<br />
सीएम योगी ने छात्रों से कहा कि आपके हाथों में आने वाली पीढ़ी का नेतृत्व आने वाला है, उसके लिए अभी से मानसिक रूप से तैयार रहिये। हम कैसा भारत चाहते हैं, इस पर अभी से सोचना होगा। याद रखिएगा विभाजनकारी ताकतों ने देश को गुलाम बनाया था। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत के लिए अभियान चलाया जा रहा है। वहीं कुछ लोग आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए फिर से बाधक बन करके समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हमें बंटना नहीं है, हमें एकजुट होकर के बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल तक पहुंचाना है। हर छात्र और वंचित को स्कूली शिक्षा के साथ जोड़ना है। उसकी शिक्षा के उन्नयन के लिए प्रयास करना है।</p>
<p>आज 2025-26 में स्कॉलरशिप दोगुनी हो चुकी है, डीबीटी के जरिये सीधे खाते में भेजी जा रही धनराशि<br />
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017-18 में 1,648 करोड़ 91 लाख, 2018-19 में 1,883 करोड़ 96 लाख, 2019-20 में 1,887.29 करोड़, 2020-21 में 1,505 करोड़ 53 लाख, 2021-22 में 1,581 करोड़ 42 लाख, 2022-23 में 1,813 करोड़ 97 लाख, 2023-24 में 2,608 करोड़ 13 लाख, 2024-25 में 2,861 करोड़ 38 लाख और 2025-26 में 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति दी गयी। सीएम ने कहा कि वर्ष 2017-18 में 1,648 करोड़ छात्रवृत्ति दी जाती थी और आज 2025-26 में स्कॉलरशिप दोगुनी हो चुकी है। आज 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति पिछड़े वर्ग के छात्रों को उपलब्ध करायी जा रही है। सरकार द्वारा लगातार राशि में वृद्धि करते हुए छात्रों को योजना से जोड़ा जा रहा है। सरकार द्वारा छात्रवृत्ति को तकनीक से बेहतर करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से वेरिफिकेशन की कार्रवाई को आगे बढ़ाना, डीबीटी के माध्यम से छात्रों के अकाउंट में पैसा भेजने की कार्रवाई की जा रही है ताकि बीच में किसी का भी हस्तक्षेप न हो। सीएम ने कहा कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स, सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा की बड़ी भूमिका है। दुनिया में जहां भी वंचित और उपेक्षित तबका है, अगर उन्हें विकास के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो सबसे पहले उनकी प्रायोरिटी शिक्षा होती है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में वंचित छात्रों को स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था के साथ जोड़ा जा रहा है।</p>
<p>हर छात्र को स्कॉलरशिप देने के लिए वन नेशन वन स्कॉलरशिप की व्यवस्था लागू की गई<br />
सीएम ने कहा कि हमारे देश ने ही शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया। आरटीई के तहत हर छात्र स्कूली शिक्षा प्राप्त कर सके, इसे अनिवार्य किया गया है। वहीं हर छात्र स्नातक तक शिक्षा फ्री में प्राप्त हो सके, इसके लिए अनेक स्कीम तैयार की गई और राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनायी गयी है। इसके अलावा हर छात्र को छात्रवृत्ति प्राप्त हो सके, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने &#8216;वन नेशन वन स्कॉलरशिप&#8217; की व्यवस्था लागू की है। इसी को ध्यान में रखते हुए अकेले केवल वर्ष 2025-26 में वंचित वर्ग को 2,825 करोड़ की छात्रवृत्ति वितरित की गयी है। वर्ष 2017 से 2025 तक 2 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। छात्रों को देखेंगे तो 2 करोड़ 7 लाख 53,457 छात्र-छात्राओं को पिछड़े वर्ग के 13,535 करोड़ से अधिक की राशि 2017-18 से 2024-25 के बीच में वितरित हुई है। यानी सरकार इस मामले में लगातार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और उस कार्यक्रम के साथ हर छात्र-छात्रा को जोड़ने का कार्य कर रही है। सरकार ने 2016-17 में पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्था के संचालन के लिए 11 करोड़ से बढ़ाकर 35 करोड़ किया। इसी के साथ छात्रावासों के अनुदान के लिए भी धनराशि की व्यवस्था की गई है। सीएम ने कहा कि पहले कस्तूरबा गांधी विद्यालय आठवीं तक चलते थे, अब 12वीं तक संचालित हो रहे हैं। एक ही कैंपस में गरीब घर के अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़े वर्ग की बेटियों की पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। छात्रावास में रहने-खाने की व्यवस्था दी जा रही है, स्कॉलरशिप दी जा रही है, यूनिफॉर्म दिए जा रही है। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में 1 करोड़ 60 लाख बच्चों के लिए दो यूनिफॉर्म, जूता, मोजा, फ्री स्वेटर की भी व्यवस्था की जा रही है जिससे वे बच्चे पढ़-लिख जाएं।</p>
<p>सरकार ने चार लाख नहीं बल्कि कई गुना बच्चों को छात्रवृत्ति देने के लिए बजट तैयार किया<br />
सीएम योगी ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ किया जा रहा है। इन केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को पोषण मिशन से जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में आश्रम पद्धति के विद्यालय बनाए जा रहे हैं, जहां पर अनुसूचित जाति-जनजाति के बच्चों को उत्तम पढ़ाई करवाई जा रही है। अटल आवासीय विद्यालय बन रहे हैं, जहां रजिस्टर्ड श्रमिकों के बच्चों और ओबीसी (BOC)बोर्ड में रजिस्टर्ड परिवार के बच्चों को छठी से लेकर के 12वीं तक की क्लास की उत्तम शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध करायी जा रही है। इन्हे सैनिक स्कूल के तर्ज़ पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय और पीएम श्री विद्यालय के माध्यम से शिक्षा के उन्नयन के लिए अनेक कार्यक्रम आगे बढ़ाए जा रहे हैं। सरकार यह सारे कदम इसलिए उठा रही है ताकि हर बच्चों अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सके। उन्हाेंने कहा कि छात्रवृत्ति वितरण का आज का कार्यक्रम एक शुरुआत है। सीएम ने कहा कि सिर्फ चार लाख बच्चे नहीं बल्कि कई गुना बच्चों को छात्रवृत्ति देने के लिए सरकार ने बजट तैयार किया है। सीएम ने सभी संस्थानाें से आग्रह किया कि वह छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों का डाटा अपलोड करें ताकि दीपावली से उन्हे छात्रवृत्ति का लाभ दिया जा सके।<br />
इस अवसर पर मंत्री नरेंद्र कश्यप, असीम अरूण, राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी, संजीव गौड़, अनुसुचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, मेयर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, लालजी प्रसाद निर्मल, इं. अवनीश कुमार सिंह और विधान सभा सदस्य जया देवी आदि मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>छात्राओं के खिले चेहरेः छात्रवृत्ति का मिला लाभ, सुरक्षा का सीखा जरूरी पाठ</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/208295</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Sep 2025 08:06:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ; शारदीय नवरात्रि के अवसर पर शुक्रवार को प्रदेश की ‘भावी नारी शक्ति’ के स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए सीएम योगी द्वारा की गई अनुकरणीय पहल से छात्राओं के चेहरे खिल उठे। एक ओर योगी सरकार ने उन्हें छात्रवृत्ति देकर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का कार्य किया, वहीं दूसरी ओर मिशन शक्ति के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[

<strong>लखनऊ; </strong>शारदीय नवरात्रि के अवसर पर शुक्रवार को प्रदेश की ‘भावी नारी शक्ति’ के स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए सीएम योगी द्वारा की गई अनुकरणीय पहल से छात्राओं के चेहरे खिल उठे। एक ओर योगी सरकार ने उन्हें छात्रवृत्ति देकर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का कार्य किया, वहीं दूसरी ओर मिशन शक्ति के अंतर्गत छात्राओं को सुरक्षा के विभिन्न आयामों से अवगत कराकर उन्हें जागरूक व सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास किया गया। छात्राओं को जहां समय से पूर्व छात्रवृत्ति मिलने की खुशी थी, वहीं उन्हें यह भी बताया गया कि सुरक्षा की दृष्टि से कौन-कौन से कदम अपनाने चाहिए, किस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर किस प्रकार की समस्या में सहायता प्राप्त की जा सकती है तथा पुलिस की मदद कैसे ली जानी है।
इससे छात्राओं में सुरक्षा की भावना प्रबल हुई और ‘सशक्त भारत–सशक्त उत्तर प्रदेश’ के निर्माण में उनके संकल्प को और सुदृढ़ करने में मदद मिली। इसके साथ ही शिक्षा क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलाव, स्वावलंबन तथा प्रदेश के विकास हेतु सतत विकास लक्ष्यों समेत विभिन्न पहलुओं पर भी छात्राओं को जानकारी दी गई, जिससे उनमें जागरूकता का विस्तार हुआ।

 

छात्रवृत्ति है एक बीज, जो भविष्य में उत्पन्न करेगा सकारात्मक परिणाम
राजीव गांधी मेमोरियल इंटर कॉलेज की छात्रा साक्षी मिश्रा ने छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि कार्यक्रम में मुझे महिला सशक्तिकरण के विभिन्न आयामों के बारे में जानकारी मिली। हेल्पलाइन नंबर और आपात स्थितियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता का संचार हुआ। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति एक बीज है, जो आगे चलकर हमारे देश और राज्य के लिए सकारात्मक परिणाम उत्पन्न करेगा। वहीं, बख्शी का तालाब स्थित बेहटा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा 12 की छात्रा सफिया बानो ने कहा कि सीएम योगी के प्रयास से 6 महीने पूर्व ही छात्रवृत्ति का लाभ मिला, जिससे आगे की पढ़ाई में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में पुलिस विभाग की सहभागिता से नारी सशक्तिकरण के बारे में जागरूकता का प्रसार हुआ। उन्होंने कहा कि स्वयं की सुरक्षा के लिए 1090 समेत किन हेल्पलाइन नंबरों और उपायों का उपयोग किया जा सकता है, इसके बारे में हमें जानकारी दी गई। इसी प्रकार, कक्षा 9 की छात्रा प्रिया शर्मा ने कहा कि सीएम योगी द्वारा छात्रवृत्ति प्राप्त कर मैं बेहद खुश हूं और समय से पहले छात्रवृत्ति मिलने पर उन्हें धन्यवाद देना चाहती हूं।

 

किसी से डरने की जरूरत नहीं
बख्शी का तालाब स्थित बेहटा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा अफशा बानो के अनुसार नारी सशक्तिकरण को लेकर सीएम योगी की पहल अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि आज कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी बेहद उपयोगी रही। अब किसी से डरने की जरूरत नहीं है। अगर कोई लड़की को कोई लड़का परेशान करे तो 1090 या 112 पर तुरंत कॉल करके पुलिस की सहायता ली जा सकती है। पुलिस और सीएम योगी के प्रयास न केवल अनुकरणीय हैं बल्कि सुरक्षा, आत्मरक्षा और उन्नयन के लिहाज से छात्राओं के लिए बेहद सहायक सिद्ध हो रहे हैं। वहीं, भाखामऊ की रहने वाली कक्षा 12 की छात्रा कुसुम भारती ने सीएम योगी से मुलाकात पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि आज हम सब खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं क्योंकि राज्य की नीतियां इस विषय पर केंद्रित हैं। मिशन शक्ति के जरिए हमें यह सीखने को मिला कि अगर कोई हमें छेड़े तो 112 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करानी चाहिए। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा काशी चौरसिया ने भी छात्रवृत्ति का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, धन्यवाद योगी जी, आपके प्रयास प्रदेश के सभी छात्र-छात्राओं का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित कर रहे हैं और छात्राओं में आत्मबोध, नारी सशक्तिकरण तथा सुरक्षा जैसे विषयों के प्रति जागरूकता प्रसार के साथ उन्हें सुरक्षित महसूस कराने की दिशा में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>सरकार, एनईपी का बहाना बनाकर छात्रसंघ चुनाव नहीं करा रही, लेकिन पहले फिर भी चुनाव कराए गए हैं</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/207265</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Sep 2025 06:49:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[जयपुर, 20 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट के छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाने से जुड़े मामले में न्यायमित्र अभिनव शर्मा ने हाईकोर्ट में कहा कि जिस नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) को लागू करने का बहाना बनाकर राज्य सरकार छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने की बात कर रही हैं। यह एजुकेशन पॉलिसी 2020 में ही लागू हो गई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>जयपुर, 20 सितंबर (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट के छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाने से जुड़े मामले में न्यायमित्र अभिनव शर्मा ने हाईकोर्ट में कहा कि जिस नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) को लागू करने का बहाना बनाकर राज्य सरकार छात्रसंघ चुनाव नहीं कराने की बात कर रही हैं। यह एजुकेशन पॉलिसी 2020 में ही लागू हो गई थी। उसके बाद भी सरकार ने 2022-23 का छात्रसंघ चुनाव करवाया था। ऐसे में सरकार अब पॉलिसी को लागू करने का केवल बहाना बना रही हैं। उन्होने कहा कि हाईकोर्ट की लार्जर बैंच के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि छात्रसंघ चुनाव छात्रों का मौलिक अधिकार हैं। यूनिवर्सिटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एके शर्मा ने कहा कि यह याचिका मेंटिनेबल नहीं है। जिस छात्र ने याचिका दायर की है, वह चुनाव लड़ने के मामले में ओवरएज हो चुका हैं। यूनिवर्सिटी का प्रमुख काम गुणवत्ता युक्त शिक्षा देना हैं और चुनाव कराना यूनिवर्सिटी की प्राथमिक ड्यूटी नही हो सकती हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर सुनवाई 9 अक्टूबर तक टाल दी। गौरतलब है कि छात्र जय राव व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर छात्रसंघ चुनाव करवाए जाने का आग्रह किया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हाईकोर्ट ने कहा, सरकारी स्कूल-अस्पताल में इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी, लेकिन निजी में भीड़ पड़ रही</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/207103</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Sep 2025 04:42:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[हेल्थ]]></category>
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					<description><![CDATA[जयपुर,  हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रदेश में स्कूलों के जर्जर भवनों पर लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकारी स्कूल व अस्पताल में इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी है। लेकिन निजी स्कूलों में भीड़ पड़ रही है जबकि सरकारी स्कूलों में बच्चों की कमी है। ऐसे में आमजन पढ़ाई-दवाई और कमाई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर,</strong>  हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रदेश में स्कूलों के जर्जर भवनों पर लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकारी स्कूल व अस्पताल में इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी है। लेकिन निजी स्कूलों में भीड़ पड़ रही है जबकि सरकारी स्कूलों में बच्चों की कमी है। ऐसे में आमजन पढ़ाई-दवाई और कमाई के लिए बाहर जाता है क्योंकि सरकारी स्कूल व अस्पताल में आधारभूत सुविधाएं ही नहीं हैं। झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने का काम कर रही है, लेकिन हादसे से पहले इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काम क्यों नहीं किया गया। जस्टिस महेन्द्र गोयल व जस्टिस अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने यह टिप्पणी स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले की।</p>
<p>सुनवाई के दौरान आदेश के पालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों की ओर से जर्जर स्कूलों में राज्य सरकार की ओर से की गई व्यवस्था पर रिपोर्ट पेश की। अदालत ने रिपोर्ट को रिकार्ड पर लेते हुए इसकी कॉपी राज्य सरकार व न्याय मित्र को मुहैया कराने के लिए कहा। राज्य सरकार की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 5 हजार 667 स्कूल जर्जर हालत में मिलें। इनमें 86 हजार 934 भवन जर्जर मिले थे। गौरतलब है कि झालावाड़ के पिपलोदी में हुए स्कूल हादसे के बाद हाईकोर्ट ने जर्जर स्कूल भवनों और बच्चों की सुरक्षा के लिए स्व: प्रसंज्ञान लिया था। मामले में पूर्व में अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि स्कूल के किसी भी जर्जर भवन में कक्षाएं नहीं लगाई जाएं और राज्य सरकार बच्चों की पढ़ाई के लिए अन्य जगह पर वैकल्पिक व्यवस्था करें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मप्र शिक्षक भर्ती वर्ग-2 के रिजल्ट में देरी से नाराज अभ्यर्थी आज भोपाल में जुटेंगे, विरोध प्रदर्शन करेंगे</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/206240</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Sep 2025 06:41:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[भाेपाल,  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों का गुस्सा फूटने वाला है। आज (साेमवार काे) शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी सड़कों पर उतरेंगे। लगभग डेढ़ लाख अभ्यर्थी परीक्षा के परिणाम को जारी करने की मांग को लेकर विराेध प्रदर्शन करेंगे। राजधानी भोपाल के चिनार पार्क में बड़ी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भाेपाल,</strong>  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों का गुस्सा फूटने वाला है। आज (साेमवार काे) शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी सड़कों पर उतरेंगे। लगभग डेढ़ लाख अभ्यर्थी परीक्षा के परिणाम को जारी करने की मांग को लेकर विराेध प्रदर्शन करेंगे।</p>
<p>राजधानी भोपाल के चिनार पार्क में बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी एकत्रित हाेंगे। कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) कार्यालय के बाहर होने वाले इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 का परिणाम है। इस दौरान एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा, जिसमें जल्द रिजल्ट जारी करने की मांग की जाएगी। साथ ही अपनी मांगों के लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। यह परीक्षा अप्रैल 2025 में हुई थी, लेकिन आज तक, यानी चार महीने बाद भी परिणाम घोषित नहीं किया गया है। अभ्यर्थी बेहद नाराज हैं और सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन दिसंबर 2022 में जारी हुआ था। इसके बाद पात्रता परीक्षा अप्रैल 2023 में और चयन परीक्षा अप्रैल 2025 में आयोजित की गई। हालांकि, अब तक इस परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं किया गया है, जिससे लगभग दो लाख उम्मीदवार परेशान हैं। अभ्यर्थी लगातार से मप्र कर्मचारी चयन मंडल रिजल्ट के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकाला गया। हाई कोर्ट की रोक हटने के बाद भी रिजल्ट में देरी से अभ्यर्थी मानसिक तनाव में हैं। इस देरी से नाराज हजारों अभ्यर्थी अब विरोध प्रदर्शन की राह पर हैं।</p>
<p>अभ्यर्थियों की मुख्य मांगे?</p>
<p>वर्ग-2 शिक्षक भर्ती परिणाम तीन दिनों के भीतर घोषित किया जाए।</p>
<p>यदि देरी का कारण तकनीकी या प्रशासनिक है, तो प्रेस नोट जारी किया जाए।</p>
<p>देरी से हुए मानसिक तनाव की जिम्मेदारी ESB को लेनी चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>प्रदेश के पांच राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के नाम महापुरुषों के नाम पर रखे गए</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/195350</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Jun 2025 12:43:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। योगी सरकार ने तकनीकी शिक्षा को एक नई दिशा देने की पहल करते हुए प्रदेश के पांच राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के नाम देश के महान महापुरुषों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नाम पर रखे हैं। यह निर्णय केवल एक औपचारिक नामकरण नहीं, बल्कि एक सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक उद्देश्य से प्रेरित बड़ा कदम है। इसका &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> योगी सरकार ने तकनीकी शिक्षा को एक नई दिशा देने की पहल करते हुए प्रदेश के पांच राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के नाम देश के महान महापुरुषों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नाम पर रखे हैं। यह निर्णय केवल एक औपचारिक नामकरण नहीं, बल्कि एक सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक उद्देश्य से प्रेरित बड़ा कदम है। इसका उद्देश्य इंजीनियरिंग शिक्षा को सिर्फ तकनीकी दक्षता तक सीमित न रखते हुए छात्रों को सामाजिक चेतना, न्याय, समरसता और प्रेरणा से भी जोड़ना है।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में लिया गया यह निर्णय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की स्वीकृति के बाद अब औपचारिक रूप से लागू हो गया है। प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने इस पहल को ‘नई पीढ़ी को मूल्यों से जोड़ने वाली ऐतिहासिक पहल’ बताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को तकनीकी विशेषज्ञता के साथ सामाजिक नेतृत्व की भी प्रेरणा मिलेगी।</p>
<h1>पांच इंजीनियरिंग कॉलेजों को मिला प्रेरणादायक नाम</h1>
<ul>
<li>• राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, प्रतापगढ़- भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, प्रतापगढ़</li>
<li>• राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मीरजापुर- सम्राट अशोक राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मीरजापुर</li>
<li>• राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बस्ती- भारत रत्न सरदार बल्लभभाई पटेल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बस्ती</li>
<li>• राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोण्डा- माँ पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोण्डा</li>
<li>• राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मैनपुरी- लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मैनपुरी</li>
</ul>
<p>प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह नामकरण केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि इन नामों से छात्रों को प्रेरणा प्राप्त होगी और वे इन महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतार सकेंगे। इन नामों से कॉलेजों की पहचान न केवल तकनीकी शिक्षा से जुड़ी रहेगी, बल्कि छात्रों में सामाजिक चेतना, आत्मबल और राष्ट्र निर्माण की भावना भी विकसित होगी। आने वाले समय में ये संस्थान उत्तर प्रदेश के युवाओं को तकनीकी विशेषज्ञता के साथ सामाजिक नेतृत्व के लिए भी तैयार करेंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>31,600 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरू</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/194462</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Jun 2025 08:20:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Main Slider]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। जब प्राथमिक विद्यालयों की दीवारें उम्मीदों से सजने लगें, शिक्षक डायरी और टैबलेट के साथ कक्षा में प्रवेश करें, और स्मार्ट क्लास, गणित किट व लाइब्रेरी बुक्स बच्चों की आंखों में नई रोशनी भरने लगें, तब स्पष्ट हो जाता है कि उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था अब बदलाव के निर्णायक दौर से गुजरते हुए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> जब प्राथमिक विद्यालयों की दीवारें उम्मीदों से सजने लगें, शिक्षक डायरी और टैबलेट के साथ कक्षा में प्रवेश करें, और स्मार्ट क्लास, गणित किट व लाइब्रेरी बुक्स बच्चों की आंखों में नई रोशनी भरने लगें, तब स्पष्ट हो जाता है कि उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था अब बदलाव के निर्णायक दौर से गुजरते हुए विश्वास का आधार बन रही है।</p>
<p>इसका ताज़ा प्रमाण हाल ही में आयोजित परख राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2024 में सामने आया, जहाँ उत्तर प्रदेश के कक्षा 3 के छात्रों ने राष्ट्रीय औसत से अधिक अंक अर्जित कर पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। परख राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2024 में उत्तर प्रदेश के कक्षा 3 के छात्र-छात्राओं ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। राज्य ने भाषा में 68% और गणित में 64% औसत प्राप्त किया, जो राष्ट्रीय औसत (भाषा में 64% और गणित में 60%) से चार प्रतिशत अधिक है। यह न केवल राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है, बल्कि राज्य में बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता में हुए सुधार का भी प्रमाण है। वर्ष 2017 में आयोजित राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) की तुलना में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। भाषा में 10 प्रतिशत (58% से 68%) और गणित में 5 प्रतिशत (59% से 64%) की वृद्धि दर्ज की गई है। बता दें कि परख में निजी, परिषदीय, एडेड, मदरसा सभी प्रकार के विद्यालय शामिल थे। यह सिर्फ एक सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं है, बल्कि ‘निपुण भारत मिशन’ के तहत योगी सरकार द्वारा किए गए सुनियोजित प्रयासों का परिणाम है।</p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधार को मिशन मोड में लेकर चलते हुए जो ठोस और बहुआयामी कदम उठाए हैं, वे अब ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट परिणाम दे रहे हैं। निपुण भारत मिशन और समग्र शिक्षा अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में किए गए कार्य राज्य को राष्ट्रीय शिक्षा मानचित्र पर एक नई पहचान दिला रहे हैं।</p>
<h1>बुनियादी दक्षताओं की नई दिशा है निपुण भारत मिशन</h1>
<p>शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 तक बालवाटिका से कक्षा 2 तक के बच्चों को पढ़ने-लिखने और गणना में ग्रेड स्तर की दक्षता दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में सुनियोजित शिक्षण के लिए संदर्शिका, प्रिंटरिच सामग्री, गणित किट, टीएलएम, लाइब्रेरी बुक्स, शिक्षक डायरी और &#8216;तालिका&#8217; जैसे संसाधनों को उपलब्ध कराया जा चुका है। इतना ही नहीं, राज्य के 4.53 लाख से अधिक शिक्षकों व शिक्षामित्रों को ब्लॉक स्तर पर 4 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमरेसी पर आधारित दक्षताओं से सशक्त किया गया। कक्षा शिक्षण को रुचिकर और प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण के उपरांत निरंतर शैक्षिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।</p>
<h1>सहयोगात्मक पर्यवेक्षण और शिक्षक संकुल की भूमिका</h1>
<p>हर विकासखण्ड में 5 ARP, प्रत्येक जनपद में 3 SRG और प्रत्येक डायट में चयनित मेंटर्स द्वारा सहयोगात्मक पर्यवेक्षण की व्यवस्था विकसित की गई है, जिसके अंतर्गत ARP द्वारा प्रति माह 30, SRG द्वारा 20 और डायट मेंटर द्वारा 10 विद्यालयों का अवलोकन किया जा रहा है। साथ ही शिक्षक संकुलों की मासिक बैठकें नवाचार, फीडबैक और उत्कृष्ट शिक्षण अनुभवों के साझा मंच बनकर उभरी हैं।</p>
<h1>नवीन मूल्यांकन प्रणाली और ‘निपुण विद्यालय’</h1>
<p>छात्रों के अधिगम स्तर की वास्तविक स्थिति को जानने के लिए ‘तालिका’, स्पॉट असेसमेंट, निपुण एसेसमेंट टेस्ट और निपुण विद्यालय आकलन जैसी प्रणाली अपनाई गई है। परिणामस्वरूप शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 48,061 विद्यालयों को &#8216;निपुण विद्यालय&#8217; के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। इसी क्रम में परख द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिगम मूल्यांकन सर्वेक्षण 2024 में उत्तर प्रदेश ने एक बड़ी सफलता प्राप्त की है। कक्षा 3, 6 और 9 के बच्चों पर आधारित इस मूल्यांकन में कक्षा 3 के छात्रों ने भाषा और गणित दोनों विषयों में राष्ट्रीय औसत से अधिक अंक अर्जित किए, जो राज्य के प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार का प्रमाण है। यह पहली बार हुआ है जब किसी अखिल भारतीय आकलन में उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों के छात्र राष्ट्रीय औसत से आगे रहे हैं। कक्षा 6 व 9 के प्रदर्शन ने भी सुधार की प्रवृत्ति को पुष्ट किया है।परख सर्वेक्षण के आयोजन हेतु NCERT, नई दिल्ली द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए तत्कालीन SCERT निदेशक डॉ. पवन सचान को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। उनके सक्षम नेतृत्व में संपन्न इस मूल्यांकन प्रक्रिया में प्रदेश के सभी 75 जनपदों से 8,865 विद्यालय, 2,53,720 छात्र एवं 30,817 अध्यापक सहभागी बने। मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी रही।</p>
<h1>डिजिटल शिक्षा में अग्रणी बनता उत्तर प्रदेश</h1>
<p>योगी सरकार की ‘डिजिटल यूपी’ परिकल्पना को साकार करते हुए राज्य के परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और टैबलेट्स के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया गया है। वर्तमान में 31,600 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना की जा चुकी है, जबकि 5,568 विद्यालयों में ICT लैब कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त 2.61 लाख टैबलेट्स शिक्षकों को वितरित किए जा चुके हैं, जिससे शिक्षण प्रक्रिया में तकनीक का समावेश सुनिश्चित हुआ है। डिजिटल शिक्षण को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान, लखनऊ में एक अत्याधुनिक डिजिटल स्टूडियो की स्थापना भी की गई है। इन सभी संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए शिक्षकों, मास्टर ट्रेनर्स और खंड शिक्षा अधिकारियों को डिजिटल शिक्षा आधारित विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।</p>
<h1>राष्ट्रीय आविष्कार अभियान और STEM शिक्षा का विस्तार</h1>
<p>राज्य सरकार ने विज्ञान, नवाचार और प्रयोग आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से &#8216;राष्ट्रीय आविष्कार अभियान&#8217; के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण गतिविधियों की शुरुआत की है। इसके तहत राज्य में 88,500 छात्रों का एक्सपोज़र विजिट कराया गया, जबकि 150 छात्र-छात्राओं को इस वर्ष आउट ऑफ स्टेट विजिट पर भेजा जायेगा। साथ ही, विकासखण्ड और जनपद स्तर पर विज्ञान क्विज एवं प्रदर्शनियों का आयोजन भी किया गया है। STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को प्रयोगात्मक स्वरूप देने के लिए राज्य के 18 मंडलों में साइंस पार्क की स्थापना का अनुमोदन प्राप्त हुआ है।</p>
<h1>पर्यावरण, खेल और जीवन कौशल की दिशा में प्रयास</h1>
<p>योगी सरकार ने विद्यालयों में &#8216;Eco Clubs for Mission LiFE&#8217; के गठन को स्वीकृति प्रदान की है, ताकि छात्र पर्यावरणीय चेतना से समृद्ध हों। वहीं ₹5,000 (प्राथमिक) एवं ₹10,000 (उच्च प्राथमिक) प्रति विद्यालय के अनुसार खेल सामग्री क्रय हेतु बजट अवमुक्त किया गया है। ये पहल बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास हैं।</p>
<p>उत्तर प्रदेश, निपुणता की दिशा में ठोस कदमों के साथ अग्रसर है। प्रदेश सरकार के नेतृत्व में हम बुनियादी साक्षरता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, तकनीक आधारित अधिगम, प्रयोगात्मक विज्ञान और जीवन कौशल जैसे क्षेत्रों में समन्वित प्रयास कर रहे हैं। ‘निपुण भारत मिशन’ और ‘समग्र शिक्षा अभियान’ के तहत प्रदेश शिक्षा की गुणवत्ता और जवाबदेही के नए मानक स्थापित कर रहा है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय उदाहरण बन रहा है।</p>
<p><strong>&#8211; दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश</strong></p>
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