अफगानिस्तान की चाहत जीत के साथ हो विदाई – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Tue, 25 Sep 2018 08:56:51 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 अफगानिस्तान की चाहत जीत के साथ हो विदाई, भारतीय टीम कि नजरे होंगी अपनी 5 जीत पर…  https://www.shauryatimes.com/news/12102 Tue, 25 Sep 2018 08:56:51 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=12102 एशिया कप-2018 के अंतिम सुपर-4 मैच में मंगलवार को टीम इंडिया अफगानिस्तान से मुकाबला करेगी.  अभी तक अपने बेहतरीन हरफनमौला खेल के दम पर हर मैच में जीत हासिल करने वाली टीम इंडिया के सामने अफगानिस्तान जैसी उलटफेर करने में माहिर करने वाले टीम होगी. भारत ने सुपर-4 के अपने अभी तक के दोनों मैच जीतकर फाइनल की दावेदारी लगभग पक्की कर ली है.

इस मैच में हालांकि वो अफगानिस्तान को बिल्कुल भी हल्के में नहीं ले सकती क्योंकि भारत हर तरह से अपने विजयी क्रम को जारी रखने की कोशिश करेगी ताकि फाइनल में वह सकारात्मक मानिसकता के साथ जाए. 

एशिया कप-2018 के अंतिम सुपर-4 मैच में मंगलवार को टीम इंडिया अफगानिस्तान से मुकाबला करेगी.  अभी तक अपने बेहतरीन हरफनमौला खेल के दम पर हर मैच में जीत हासिल करने वाली टीम इंडिया के सामने अफगानिस्तान जैसी उलटफेर करने में माहिर करने वाले टीम होगी. भारत ने सुपर-4 के अपने अभी तक के दोनों मैच जीतकर फाइनल की दावेदारी लगभग पक्की कर ली है.  इस मैच में हालांकि वो अफगानिस्तान को बिल्कुल भी हल्के में नहीं ले सकती क्योंकि भारत हर तरह से अपने विजयी क्रम को जारी रखने की कोशिश करेगी ताकि फाइनल में वह सकारात्मक मानिसकता के साथ जाए.     अफगानिस्तान के लिए साख की लड़ाई वहीं अफगानिस्तान के लिए यह मैच एक तरह से साख की लड़ाई है. वह इस मैच को जीतकर टूर्नामेंट का विजयी अंत करना चाहेगी. इसी दिन पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमें अबु धाबी में भिड़ेंगी. अफगानिस्तान की टीम अंकतालिका में अपने दोनों मैच हार कर बिना किसी अंक के सबसे नीचे है. पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों के दो-दो अंक हैं. ऐसे में अगर अफगास्तिान जीत भी जाती है तो उसकी फाइनल में जाने की एक संभावना नहीं है. क्योंकि उधर पाकिस्तान और बांग्लादेश में जो टीम जीतेगी वो फाइनल में होगी और अगर मैच रद्द भी हो जाता है तो दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलेगा और फिर नेट रन रेट के आधार पर जो टीम आगे होगी वो फाइनल खेलेगी. इस पिक्चर में अफगानिस्तान मैच जीतने के बाद भी फाइनल की रेस में नहीं है  टीम इंडिया है बेहतरीन फॉर्म में है लेकिन भारत के लिए अभी तक उसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों अच्छी चल रही हैं, लेकिन इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों को सावधान रहना होगा क्योंकि अफगानिस्तान के पास इस समय का सबसे अच्छा स्पिन गेंदबाजी आक्रमण मौजूद है. उसके पास मुजीब उर रहमान, राशिद खान और मोहम्मद नबी की तिगड़ी है जो किसी भी बल्लेबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर सकती है. यह तीनों मिलकर न सिर्फ विकेट निकालते हैं बल्कि रनों पर भी अंकुश लगाते हैं. इसी तिगड़ी के दम पर अफगास्तिान ने श्रीलंका और बांग्लादेश को मात दी थी.   पिछले दो मुकाबलों में नजदीकी हार हुई थी अफगानिस्तान की पिछले दो मैचों में भी पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ इन तीनों ने अपनी टीम को मौच जीता ही दिया था हालांकि अंत में अनुभव की कमी के कारण अफगानिस्तान दोनों मैच हार गई. ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को इन तीनों के खिलाफ सावधान रहना होगा और विशेष रणनीति के साथ उतरना होगा.   रोहित- धवन हैं फॉर्म में भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसके कप्तान रोहित शर्मा और उप-कप्तान शिखर धवन दोनों के बल्ले जमकर बोल रहा हैं. दोनों ने पिछले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ शतक जमाए हैं. यह दोनों लगातार अच्छी पारियां खेल रहे हैं. इन दोनों के अलावा हालांकि किसी और बल्लेबाज को क्रिज पर समय बिताने का ज्यादा मौका नहीं मिला है.   अंबाती रायडू जरूर तीसरे नंबर पर आकर अच्छा योगदान दे रहे हैं. वहीं चौथे नंबर के साथ रोहित लगातार प्रयोग कर रहे हैं. इस नंबर पर रोहित ने दिनेश कार्तिक और महेंद्र सिंह धोनी को भी उतारा है. बाकी बल्लेबाजों का ज्यादा बल्लेबाजी न करना अफगानिस्तान के खिलाफ एक भारत का एक नकारात्मक पहलू हो सकता है. अगर रोहित और धवन जल्दी आउट हो जाते हैं तो पूरा दारोमदार मध्यक्रम और निचले क्रम पर आ जाएगा. हालांकि रायडू, धोनी, कार्तिक और केदार जाधव सभी टीम को संकट में से उबारने का माद्दा रखते हैं.   भारतीय गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती नहीं वहीं भारतीय गेंदबाजों की बात की जाए तो उसके लिए अफगास्तिान के कुछ ही बल्लेबाज चिंता का सबब बन सकते हैं. हसमतुल्लाह शाहिदी, कप्तान असगर अफगान, इहसानउल्लाह और मोहम्मद शाहजाद अफगनिस्तान के मुख्य बल्लेबाज हैं. इन चारों को अगर भारतीय गेंदबाज जल्दी आउट कर लेते हैं तो अफगानिस्तान को एक अच्छे स्कोर तक पहुंचने से रोका जा सकता है. बीते कुछ मैचों में राशिद खान ने बल्ले से भी अच्छी पारियां खेलीं हैं और वह भी भारतीय गेंदबाजों की नाक में दम कर सकते हैं.   भारत के लिए पास हालांकि भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाज हैं जो टीम को अधिकतर मौकों पर शुरुआती सफलता दिलाते आए हैं. वहीं मध्य के ओवरों में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की तिगड़ी अफगानिस्तान को एक अच्छा स्कोर बनाने से रोक सकती है.   अफगानिस्तान की यह है ताकत भारत को एक बात ध्यान रखनी होगी कि अगर अफगानिस्तान पहले बल्लेबाजी करता है तो उसे 250 तक नहीं पहुंचने दे क्योंकि अफगानिस्तान ने कई मौकों पर इस लक्ष्य का मजबूती से बचाव किया है. बेशक भारतीय टीम प्रबंधन ने इस बात पर ध्यान दिया होगा और यह सलाह दी होगी कि अफगास्तिान को 200 के तकरीबन रोका जाए.

अफगानिस्तान के लिए साख की लड़ाई
वहीं अफगानिस्तान के लिए यह मैच एक तरह से साख की लड़ाई है. वह इस मैच को जीतकर टूर्नामेंट का विजयी अंत करना चाहेगी. इसी दिन पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमें अबु धाबी में भिड़ेंगी. अफगानिस्तान की टीम अंकतालिका में अपने दोनों मैच हार कर बिना किसी अंक के सबसे नीचे है. पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों के दो-दो अंक हैं. ऐसे में अगर अफगास्तिान जीत भी जाती है तो उसकी फाइनल में जाने की एक संभावना नहीं है. क्योंकि उधर पाकिस्तान और बांग्लादेश में जो टीम जीतेगी वो फाइनल में होगी और अगर मैच रद्द भी हो जाता है तो दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलेगा और फिर नेट रन रेट के आधार पर जो टीम आगे होगी वो फाइनल खेलेगी. इस पिक्चर में अफगानिस्तान मैच जीतने के बाद भी फाइनल की रेस में नहीं है

टीम इंडिया है बेहतरीन फॉर्म में है लेकिन
भारत के लिए अभी तक उसकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों अच्छी चल रही हैं, लेकिन इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों को सावधान रहना होगा क्योंकि अफगानिस्तान के पास इस समय का सबसे अच्छा स्पिन गेंदबाजी आक्रमण मौजूद है. उसके पास मुजीब उर रहमान, राशिद खान और मोहम्मद नबी की तिगड़ी है जो किसी भी बल्लेबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर सकती है. यह तीनों मिलकर न सिर्फ विकेट निकालते हैं बल्कि रनों पर भी अंकुश लगाते हैं. इसी तिगड़ी के दम पर अफगास्तिान ने श्रीलंका और बांग्लादेश को मात दी थी. 

पिछले दो मुकाबलों में नजदीकी हार हुई थी अफगानिस्तान की
पिछले दो मैचों में भी पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ इन तीनों ने अपनी टीम को मौच जीता ही दिया था हालांकि अंत में अनुभव की कमी के कारण अफगानिस्तान दोनों मैच हार गई. ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को इन तीनों के खिलाफ सावधान रहना होगा और विशेष रणनीति के साथ उतरना होगा. 

रोहित- धवन हैं फॉर्म में
भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसके कप्तान रोहित शर्मा और उप-कप्तान शिखर धवन दोनों के बल्ले जमकर बोल रहा हैं. दोनों ने पिछले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ शतक जमाए हैं. यह दोनों लगातार अच्छी पारियां खेल रहे हैं. इन दोनों के अलावा हालांकि किसी और बल्लेबाज को क्रिज पर समय बिताने का ज्यादा मौका नहीं मिला है. 

अंबाती रायडू जरूर तीसरे नंबर पर आकर अच्छा योगदान दे रहे हैं. वहीं चौथे नंबर के साथ रोहित लगातार प्रयोग कर रहे हैं. इस नंबर पर रोहित ने दिनेश कार्तिक और महेंद्र सिंह धोनी को भी उतारा है. बाकी बल्लेबाजों का ज्यादा बल्लेबाजी न करना अफगानिस्तान के खिलाफ एक भारत का एक नकारात्मक पहलू हो सकता है. अगर रोहित और धवन जल्दी आउट हो जाते हैं तो पूरा दारोमदार मध्यक्रम और निचले क्रम पर आ जाएगा. हालांकि रायडू, धोनी, कार्तिक और केदार जाधव सभी टीम को संकट में से उबारने का माद्दा रखते हैं. 

भारतीय गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती नहीं
वहीं भारतीय गेंदबाजों की बात की जाए तो उसके लिए अफगास्तिान के कुछ ही बल्लेबाज चिंता का सबब बन सकते हैं. हसमतुल्लाह शाहिदी, कप्तान असगर अफगान, इहसानउल्लाह और मोहम्मद शाहजाद अफगनिस्तान के मुख्य बल्लेबाज हैं. इन चारों को अगर भारतीय गेंदबाज जल्दी आउट कर लेते हैं तो अफगानिस्तान को एक अच्छे स्कोर तक पहुंचने से रोका जा सकता है. बीते कुछ मैचों में राशिद खान ने बल्ले से भी अच्छी पारियां खेलीं हैं और वह भी भारतीय गेंदबाजों की नाक में दम कर सकते हैं. 

भारत के लिए पास हालांकि भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाज हैं जो टीम को अधिकतर मौकों पर शुरुआती सफलता दिलाते आए हैं. वहीं मध्य के ओवरों में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की तिगड़ी अफगानिस्तान को एक अच्छा स्कोर बनाने से रोक सकती है. 

अफगानिस्तान की यह है ताकत
भारत को एक बात ध्यान रखनी होगी कि अगर अफगानिस्तान पहले बल्लेबाजी करता है तो उसे 250 तक नहीं पहुंचने दे क्योंकि अफगानिस्तान ने कई मौकों पर इस लक्ष्य का मजबूती से बचाव किया है. बेशक भारतीय टीम प्रबंधन ने इस बात पर ध्यान दिया होगा और यह सलाह दी होगी कि अफगास्तिान को 200 के तकरीबन रोका जाए.

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