अमेरिका: क्रूर कानून के तहत बच्चों को परिवार से अलग किए जाने पर छल्का मेलानिया का दर्द – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Tue, 19 Jun 2018 06:50:19 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 अमेरिका: क्रूर कानून के तहत बच्चों को परिवार से अलग किए जाने पर छल्का मेलानिया का दर्द https://www.shauryatimes.com/news/3808 Tue, 19 Jun 2018 06:50:19 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=3808 अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने मेक्सिको सीमा से अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले माता-पिता को उनके बच्चों से अलग करने वाली सरकार की नीति के खिलाफ आवाज उठाई है. मेलानिया की प्रवक्ता स्टेफनी ने कहा, “मेलानिया ट्रंप ने कहा कि वो बच्चों को अपने परिवारों से अलग होते देखना पसंद नहीं करती और उन्हें उम्मीद है कि सदन में दोनों पक्ष (डेमोक्रेट और रिपब्लिकन) एकजुट होकर इमिग्रेशन कानून में सुधार करेंगे.”अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने मेक्सिको सीमा से अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले माता-पिता को उनके बच्चों से अलग करने वाली सरकार की नीति के खिलाफ आवाज उठाई है. मेलानिया की प्रवक्ता स्टेफनी ने कहा, "मेलानिया ट्रंप ने कहा कि वो बच्चों को अपने परिवारों से अलग होते देखना पसंद नहीं करती और उन्हें उम्मीद है कि सदन में दोनों पक्ष (डेमोक्रेट और रिपब्लिकन) एकजुट होकर इमिग्रेशन कानून में सुधार करेंगे."   स्टेफनी ने कहा, "मेलानिया मानती हैं कि हमें ऐसा देश बनने की जरूरत है जो सभी कानूनों का पालन करे लेकिन साथ में एक ऐसा देश भी बनना होगा, जो दिल से काम करे." अमेरिकी मीडिया 'सीएनएन' के मुतबिक, अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिश करने के दौरान पकड़े जाने वाले हर वयस्क को फेडरल क्रिमिनल मामलों का सामना करना पड़ता है और इस नीति के तहत उन्हें बच्चों से अलग कर दिया जाता है. चूंकि सरकार आपराधिक न्याय प्रणाली के तहत माता-पिता पर मुकदमा चलाती है इसलिए बच्चों को उनसे अलग रखा जाता है.   डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के अनुसार, 19 अप्रैल से 31 मई 2018 के बीच लगभग 2,000 बच्चों को उनके माता-पिता और अभिभावकों से दूर किया गया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति के लिए बार-बार डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया है. इस नीति की बड़े स्तर पर निंदा की जा रही है. इससे पहले पूर्व प्रथम महिला लॉरा बुश ने भी इसे अनैतिक बताया था. उन्होंने 'वॉशिंगटन पोस्ट' को लिखा, "जीरो टॉलरेंस नीति क्रूर और अनैतिक है और इसने मेरा दिल तोड़ दिया है.

स्टेफनी ने कहा, “मेलानिया मानती हैं कि हमें ऐसा देश बनने की जरूरत है जो सभी कानूनों का पालन करे लेकिन साथ में एक ऐसा देश भी बनना होगा, जो दिल से काम करे.” अमेरिकी मीडिया ‘सीएनएन’ के मुतबिक, अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिश करने के दौरान पकड़े जाने वाले हर वयस्क को फेडरल क्रिमिनल मामलों का सामना करना पड़ता है और इस नीति के तहत उन्हें बच्चों से अलग कर दिया जाता है. चूंकि सरकार आपराधिक न्याय प्रणाली के तहत माता-पिता पर मुकदमा चलाती है इसलिए बच्चों को उनसे अलग रखा जाता है.

डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के अनुसार, 19 अप्रैल से 31 मई 2018 के बीच लगभग 2,000 बच्चों को उनके माता-पिता और अभिभावकों से दूर किया गया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति के लिए बार-बार डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया है. इस नीति की बड़े स्तर पर निंदा की जा रही है. इससे पहले पूर्व प्रथम महिला लॉरा बुश ने भी इसे अनैतिक बताया था. उन्होंने ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ को लिखा, “जीरो टॉलरेंस नीति क्रूर और अनैतिक है और इसने मेरा दिल तोड़ दिया है.

]]>