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	<title>आपदा के छह वर्ष बाद पूरी तरह बदल गई केदारपुरी &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>आपदा के छह वर्ष बाद पूरी तरह बदल गई केदारपुरी, उमड़ा रहा यात्रियों का सैलाब</title>
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		<pubDate>Sun, 16 Jun 2019 10:52:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[आपदा के छह वर्ष बाद पूरी तरह बदल गई केदारपुरी]]></category>
		<category><![CDATA[उमड़ा रहा यात्रियों का सैलाब]]></category>
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					<description><![CDATA[आपदा के छह वर्षों में न केवल केदारपुरी, बल्कि यात्रा की तस्वीर भी पूरी तरह बदली  हुई है। जिस तरह धाम में यात्रियों का सैलाब उमड़ रहा है, उससे लगता ही नहीं कि केदारघाटी ने छह वर्ष पूर्व भयंकर तबाही झेली है। शुरुआत के दो वर्षों में केदारनाथ आने वाले यात्रियों की संख्या जरूर कम &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आपदा के छह वर्षों में न केवल केदारपुरी, बल्कि यात्रा की तस्वीर भी पूरी तरह बदली  हुई है। जिस तरह धाम में यात्रियों का सैलाब उमड़ रहा है, उससे लगता ही नहीं कि केदारघाटी ने छह वर्ष पूर्व भयंकर तबाही झेली है। शुरुआत के दो वर्षों में केदारनाथ आने वाले यात्रियों की संख्या जरूर कम रही, लेकिन अब यात्रियों की संख्या हर दिन नए कीर्तिमान गढ़ रही है। इस वर्ष यात्रा को शुरू हुए अभी 36 दिन ही बीते हैं, लेकिन यात्रियों का संख्या 6.32 लाख से अधिक पहुंच चुकी है। इसने यात्रा से जुड़े हजारों व्यापारियों के भी चेहरे खिला दिए हैं। केदारपुरी में प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत होने वाले कार्य भी तेज गति से हो रहे हैं।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-45557" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/06/16_06_2019-15rdpp17_19316241_998358.jpg" alt="" width="650" height="540" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/06/16_06_2019-15rdpp17_19316241_998358.jpg 650w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/06/16_06_2019-15rdpp17_19316241_998358-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p>16 जून 2013 की तबाही के बाद शायद ही किसी को उम्मीद रही होगी कि निकट भविष्य में केदारनाथ यात्रा पुरानी रंगत में लौट पाएगी। लेकिन, बीते वर्ष से यात्रा की जो तस्वीर नजर आ रही है, उसने सारी आशंकाओं को धूमिल कर दिया है। आपदा के बाद केदारपुरी में जिस तेजी से बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई गई, वह स्वयं में एक अनूठा उदाहरण है। आपदा में गौरीकुंड हाइवे रुद्रप्रयाग से लेकर गौरीकुंड तक कई स्थानों पर पूरी तरह बह गया था। लेकिन, अब इस हाइवे को आलवेदर रोड के तहत बनाया जा रहा है। फिलहाल हाइवे की कटिंग का कार्य पूरा हो चुका है।</p>
<p>केदारनाथ समेत पैदल मार्ग के यात्रा पड़ावों पर यात्रियों के ठहरने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। धाम में यात्रियों के लिए शानदार कॉटेज बनाए गए हैं। इसके अलावा तीर्थ पुरोहितों के लिए भी 210 भवनों का निर्माण कराया गया है। जबकि नए यात्रा मार्ग के दस किमी हिस्से में भीमबली से लेकर केदारनाथ तक कई छोटे बाजार विकसित किए गए हैं। सरकार की ओर से जुटाई गई व्यवस्थाओं का ही नतीजा है कि इस बार धाम में रिकॉर्ड यात्री पहुंच रहे हैं। केदारनाथ यात्रा के इतिहास में यह पहला मौका है, जब पूरी रात मंदिर दर्शनों के लिए खुला हुआ है।</p>
<p><strong>धाम में वर्षवार यात्रियों की आमद</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वर्ष&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;कुल यात्री</p>
<p>2019&#8212;&#8212;&#8212;&#8211;632576 (14 जून तक)</p>
<p>2018&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;732390</p>
<p>2017&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;471235</p>
<p>2016&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;349123</p>
<p>2015&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;159340</p>
<p>2014&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;39500</p>
<p><strong>पीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत हुए कार्य</strong></p>
<p>मंदाकिनी नदी पर घाट व चबूतरे का निर्माण</p>
<p>केदारनाथ मंदिर परिसर का चौड़ीकरण और मंदिर के ठीक सामने 200 मीटर लंबे रास्ते का निर्माण</p>
<p>तीर्थ पुरोहितों के 210 भवनों का निर्माण</p>
<p>धाम में 400 मीटर लंबे अस्था पथ का निर्माण</p>
<p>केदारनाथ धाम से जुड़ी गरुड़चट्टी</p>
<p>यात्रियों के रहने के लिए कॉटेजों का निर्माण</p>
<p>केदारनाथ में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं</p>
<p><strong>अभी निर्माण होना बाकी</strong></p>
<p>आद्य शंकराचार्य की समाधि</p>
<p>छूटे तीर्थ पुरोहितों के लिए घर</p>
<p>गरुड़चट्टी से भीमबली तक पैदल मार्ग का निर्माण</p>
<p>केदारनाथ मंदिर के पीछे ब्रह्मवाटिका का निर्माण</p>
<p><strong>चारधाम यात्रा का मुख्य केंद्र बना केदारनाथ धाम</strong></p>
<p>केदारपुरी का भूगोल भले ही अन्य तीन धामों से जटिल हो, लेकिन इसके बाद भी तीनों धाम से अधिक यात्री केदारनाथ दर्शनों को पहुंच रहे हैं। बीते एक सप्ताह में दो लाख नौ हजार 55 यात्री केदारनाथ दर्शनों को पहुंच चुके हैं, जबकि इस अवधि में बदरीनाथ पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या एक लाख 49 हजार 88 रही। यह केदारनाथ से महज 59967 अधिक है। केदारनाथ में इस बार यात्रियों की भारी भीड़ जुट रही है। बीते वर्ष जहां पूरे सीजन में 7.32 लाख यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए थे, वहीं  इस बार महज 36 दिन में ही यह संख्या छह लाख 32 हजार 576 पहुंच गई है। इसके विपरीत बदरीनाथ में अब तक कुल छह लाख 42 हजार 170 यात्री दर्शनों को पहुंचे हैं। जो कि केदारनाथ से महज 9594 अधिक हंै। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि केदारनाथ दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी होना भविष्य के लिए शुभ संकेत है। प्रशासन यात्रियों की सुविधाओं को पूरा ख्याल रख रहा है। कोशिश है कि यात्रियों को किसी तरह की शिकायत न हो।</p>
<p><strong>एक सप्ताह में दर्शन करने वाले यात्री </strong></p>
<p>तिथि&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;केदारनाथ&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;बदरीनाथ</p>
<p>आठ जून&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;35122&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;20340</p>
<p>नौ जून&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;34300&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;20128</p>
<p>दस जून&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;36021&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;23280</p>
<p>11 जून&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;33296&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;24200</p>
<p>12 जून&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;27700&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;21779</p>
<p>13 जून&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;22388&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;20258</p>
<p>14 जून&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;20233&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;19103</p>
<p>कुल योग&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;209055&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;149055</p>
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