इंडोनेशिया में भूकंप-सुनामी में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 1 – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Tue, 02 Oct 2018 10:51:49 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 इंडोनेशिया में भूकंप-सुनामी में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 1,234 हो गई है https://www.shauryatimes.com/news/12752 Tue, 02 Oct 2018 10:51:49 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=12752  इंडोनेशिया सरकार ने बताया कि सुलावेसी द्वीप पर आये भूकंप तथा उसके बाद उठी सुनामी में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 1,234 हो गई है. पहले यह संख्या 844 बताई गई थी. राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नगरोहो ने बताया, ‘‘मंगलवार दोपहर एक बजे तक 1,234 लोग मारे गये हैं.’’ इस बीच मंगलवार को इंडोनेशियाई पुलिस ने बताया कि उन्होंने भूकंप और सुनामी प्रभावित सुलावेसी द्वीप पर लूटपाट करने वाले दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है. यहां पर जीवित बचे लोगों ने पानी, खाना और अन्य वस्तुओं के लिए दुकानों में लूटपाट की है. उप राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख आरी डोनो सुकमांटो ने बताया, ‘‘पहले और दूसरे दिन कोई दुकान नहीं खुली. लोग भूखे थे. लोगों को सामान की सख्त जरूरत थी. यह एक समस्या नहीं है.’’इंडोनेशिया में भूकंप-सुनामी  में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 1,234 हो गई हैपालू खाड़ी के आकार के कारण इंडोनेशिया में सुनामी ने धरा था भयावह रूप
इंडोनेशियाई शहर पालू में तबाही लाने वाली सुनामी की एकमात्र वजह भूकंप नहीं था, बल्कि इस आपदा के पीछे और भी कई कारण थे. वैज्ञानिकों ने कहा कि भूकंप के अलावा लंबी, संकरी खाड़ी समेत कई अन्य कारकों के चलते यह भयावह लहरें उठी. शुक्रवार की शाम आए 7.5 तीव्रता के इस भूकंप में पूरे पालू एवं उसके आस-पास के इलाकों की सभी इमारतों को जमींदोज हो गईं.

इंडोनेशिया में फिर 5.9 तीव्रता का भूकंप

लेकिन पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की कर्टिन यूनिवर्सिटी की फैकल्टी ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग की शोधार्थी जेन क्यूनिन का कहना है कि सैकड़ों लोगों की जान लेने एवं ढांचों को बर्बाद करने वाली सुनामी आने के पीछे के कारणों में केवल भूभौतिकी परिस्थितियों का होना संभव नहीं है. उन्होंने कहा, “लहरें कम से कम दो से तीन मीटर ऊंची थी और संभवत: उससे दो गुणा ज्यादा थीं.”

हिंद महासागर की सुनामी चेतावनी प्रणाली को संयुक्त राष्ट्र के मार्गदर्शन में विकसित किया गया है. हालांकि भूकंप की तीव्रता के हिसाब से देखें तो इतनी भयावह सुनामी नहीं आनी चाहिए थी. ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के धरती विज्ञान विभाग में टेक्टोनिक्स के विशेषज्ञ बाप्टिस्ट गोम्बर्ट ने कहा कि अक्सर सुनामी तथाकथित ‘थ्रस्ट’ भूकंप की वजह से आती है. लेकिन पालू में आई सुनामी इसके उलट थी जो ‘स्ट्राइक स्लिप फॉल्ट’ की वजह से आई.

क्यूनिन के मुताबिक ‘स्ट्राइक स्लिप फॉल्ट’ की वजह से सुनामी की आशंका बहुत ही कम होती है क्योंकि उसके कारण समुद्र की सतह ऊपर की ओर ज्यादा नहीं उठती. विशेषज्ञों के मुताबिक तीन कारकों की वजह से यह घातक सुनामी आई थी. पहला महासागरीय जल के लंबे चैनल का निचला क्षेत्र पालू पर खत्म होना. दूसरा खाड़ी का आकार और तीसरा कारण भूकंप की जगह एवं पैमाना था.

 

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