इमरान खान – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Thu, 08 Aug 2019 11:20:40 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 इमरान खान ने पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी https://www.shauryatimes.com/news/51868 Thu, 08 Aug 2019 11:20:40 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=51868 आर्ट‍िकल 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर रोक, राजनयिक संबंधों में कमी, समझौता एक्सप्रेस पर रोक और भारतीय विमानों के लिए तीन एयरस्पेस पर बैन लेकिन रोक यही थम नहीं रही है. अब इमरान खान की सरकार ने पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग पर भी रोक लगा दी है.

पाकिस्तान प्रधानमंत्री की विशेष सूचना सलाहकार फिरदौस आशिक अवान ने कहा, किसी भारतीय फिल्म की स्क्रीन‍िंग पाकिस्तान में नहीं होगी. उन्होंने कहा कि एक पॉलिसी के तहत भारतीय परम्परा को दिखाने वाले किसी भी तरह के कंटेंट पर पाकिस्तान में रोक होगी. उन्होंने कहा कि ये फैसला पाकिस्तान की ओर से कश्मीरियों के सपोर्ट में लिया गया है.

वैसे इसी साल जम्मू कश्मीर की घटना के बाद भारत के फिल्म निर्माताओं ने अपनी ओर से खुद फैसला लिया था कि वो पाकिस्तान में फिल्मों की स्क्रीनिंग नहीं करेंगे. कई निर्माताओं ने पाकिस्तान में फ़िल्में रिलीज नहीं करने की घोषणा भी की थी. इतना ही नहीं, बालाकोट पर आतंकी हमले से नाराज फिल्म इंडस्ट्री ने अपनी फिल्मों में पाकिस्तान के कलाकारों को ना लेने की भी अपील की थी.

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ठीक कर देंगे: इमरान खान https://www.shauryatimes.com/news/49604 Mon, 22 Jul 2019 11:48:14 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=49604 पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड और वेल्स में खेले गए वर्ल्ड कप 2019 के सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच पाए थी। 9 लीग मैचों में 5 मैच जीतकर 11 अंकों के साथ पाकिस्तान की टीम वर्ल्ड कप के 12वें सीजन की प्वाइंट्स टेबल में पांचवें स्थान पर रही थी। पाक टीम के इसी प्रदर्शन को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान ने रविवार को वाशिंगटन में जलसा कार्यक्रम के दौरान कहा है कि आइसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप में टीम के प्रदर्शन के बाद वो पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ठीक कर देंगे। वाशिंगटन में पाकिस्तानियों से भरे एरेना में पीएम इमरान खान ने कहा, “मैं जब इंग्लैंड गया तो मैंने वहां क्रिकेट खेलना सीखा। जब हम वापस आए तो हमने अन्य खिलाड़ियों के स्टैंडर्ड को भी बढ़ा दिया। वर्ल्ड कप के बाद मैंने निर्णय लिया है कि मैं पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ठीक कर दूंगा।” उन्होंने आगे कहा, “अगले वर्ल्ड कप में देखना और मेरे इन शब्दों को याद रखना। टीम अगला वर्ल्ड कप प्रोफेशनल तरीके से खेलेगी। हम सिस्टम ठीक करेंगे और नए टैलेंट के साथ आएंगें।” बता दें कि पाकिस्तान ने सिर्फ एक वर्ल्ड कप इमरान खान की ही कप्तानी में जीता है।

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इमरान खान का कहना नवाज शरीफ एक अपराधी: अमेरिका https://www.shauryatimes.com/news/49577 Mon, 22 Jul 2019 08:29:21 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=49577 पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इस वक्त अमेरिका के दौरे पर हैं. अमेरिकी दौरे पर इमरान खान ने दावा किया है कि पूर्व पीएम नवाज शरीफ को जेल में किसी भी प्रकार की वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दी जा रही. इमरान खान का कहना है कि नवाज शरीफ एक अपराधी हैं और इसलिए जेल में बंद हैं उन्हें किसी भी तरह का स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दिया जा सकता. इमरान खान ने कहा, ”नवाज जेल में घर का खाना चाहते थे और उन्होंने जेल में एसी की भी मांग की थी. लेकिन जिस देश की ज्यादातर आबादी के पास एसी और टीवी जैसे सुविधाएं ना हों, वो कैसे एक कैदी को उपलब्ध करवाई जा सकती हैं. फिर सजा का क्या मतलब रह जाएगा.”

 

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इमरान खान ने माफी मांगी: अवंतिका से https://www.shauryatimes.com/news/49246 Fri, 19 Jul 2019 10:27:02 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=49246 एक्टर इमरान खान और उनकी पत्नी अवंतिका पिछले कुछ महीनों से अलग रह रहे हैं. दोनों के तलाक को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है. इस बीच स्पॉटबॉय की एक रिपोर्ट के मुताबिक 19 जुलाई को पत्नी अवंतिका के बर्थडे पर इमरान ने पुराने गिले शिकवे भुलाकर एक नई शुरूआत की कोशिश की है. दरअसल, बर्थडे पर इमरान ने अवंतिका को फूलों का एक गुलदस्ता और साथ में एक इमोशनल नोट भेजा है. स्पॉटबॉय से बातचीत के दौरान सूत्र ने बताया कि इमरान खान ने अवंतिका को एक नोट भेजा है, जिसमें उन्होंने भावुक होकर माफी मांगी है. वह बर्थडे नोट से ज्यादा एक सॉरी नोट है. हालांकि यह बात अभी क्लीयर नहीं हैं कि इमरान ने किस बात के लिए माफी मांगी है.

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भारत पाकिस्तान के बीच बातचीत से अमेरिका हुआ खुश, कहा उम्मीद है रिश्ते होंगे पहले से बेहतर… https://www.shauryatimes.com/news/11721 Fri, 21 Sep 2018 06:33:13 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=11721

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोनों देशों के बीच संवाद की बहाली के लिए पत्र लिखा है। सबसे महत्वपूर्ण वह चाहते हैं कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और शाह महमूद कुरैशी के बीच वार्ता हो। खासतौर से यह वार्ता इसी महीने न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा (यूएनजीए) के दौरान हो। दोनों देशों के बीच वार्ता आगे बढ़ने का अमेरिका ने स्वागत किया है।

यूएस स्टेट डिपार्टमेंट की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने कहा कि यह अच्छी खबर है कि भारत और पाकिस्तान एक साथ बैठकर बातचीत करने के लिए तैयार हैं। हमें रिपोर्ट्स मिली हैं कि पाकिस्तानी पीएम और भारतीय पीएम के बीच सकारात्मक संदेश भेजे गए हैं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोनों देशों के बीच संवाद की बहाली के लिए पत्र लिखा है। सबसे महत्वपूर्ण वह चाहते हैं कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और शाह महमूद कुरैशी के बीच वार्ता हो। खासतौर से यह वार्ता इसी महीने न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा (यूएनजीए) के दौरान हो। दोनों देशों के बीच वार्ता आगे बढ़ने का अमेरिका ने स्वागत किया है।  यूएस स्टेट डिपार्टमेंट की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने कहा कि यह अच्छी खबर है कि भारत और पाकिस्तान एक साथ बैठकर बातचीत करने के लिए तैयार हैं। हमें रिपोर्ट्स मिली हैं कि पाकिस्तानी पीएम और भारतीय पीएम के बीच सकारात्मक संदेश भेजे गए हैं।   नेताजी के अवशेषों को भारत लाने में सहयोग करेंगे ब्रिटिश सांसद यह भी पढ़ें  नोर्ट ने कहा कि हमें उम्मीद है कि भविष्य में स्थितियां सुधरेंगे, संबंध मजबूत होंगे और दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध बनेंगे। बताते चलें कि इमरान खान का यह पत्र पीएम मोदी के उस पत्र के जवाब में था, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच सार्थक और रचनात्मक बातचीत की बात कही थी।  पाकिस्तान चुनाव में जीत मिलने के बाद इमरान खान ने कहा था कि यदि भारत रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाएगा, तो वह दो कदम आगे बढ़ाएंगे। पिछले कुछ हफ्तों से इस बात को लेकर अटकलें जताई जा रही थी कि यूएनजीए में स्वराज और कुरैशी मुलाकात करेंगे या नहीं। खान का यह पत्र दोनों देशों के बीच मौलिक बातचीत का आधिकारिक प्रस्ताव है।   पाकिस्तान : नवाज शरीफ की रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी NAB यह भी पढ़ें  राजनयिक सूत्रों के अनुसार, अपने पत्र में खान ने दोनों देशों के बीच द्वीपक्षीय वार्ता बहाली की बात कही है। द्वीपक्षीय वार्ता 2015 में होने वाली थी, लेकिन पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले की वजह से यह रद्द हो गई थी। इस संदर्भ में खान का कहना है कि भारत और पाकिस्तान मिलकर बातचीत से सभी मुद्दों को हल कर लेंगे, जिसमें आतंकवाद और कश्मीर का मसला शामिल है।  भारत सरकार चाहती है कि पाकिस्तान बातचीत के लिए एक अर्थपूर्ण माहौल बनाए और उन आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, जो उसकी धरती से भारत को अपना निशाना बनाते हैं। खान का पत्र ऐसे समय में आया है जब कुछ मंत्रियों का कहना है कि खान के नेतृत्व में पड़ोसी देश में कुछ भी बदलने वाला नहीं है क्योंकि उन्हें पाकिस्तानी सेना का समर्थन प्राप्त है।

नोर्ट ने कहा कि हमें उम्मीद है कि भविष्य में स्थितियां सुधरेंगे, संबंध मजबूत होंगे और दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध बनेंगे। बताते चलें कि इमरान खान का यह पत्र पीएम मोदी के उस पत्र के जवाब में था, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच सार्थक और रचनात्मक बातचीत की बात कही थी।

पाकिस्तान चुनाव में जीत मिलने के बाद इमरान खान ने कहा था कि यदि भारत रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाएगा, तो वह दो कदम आगे बढ़ाएंगे। पिछले कुछ हफ्तों से इस बात को लेकर अटकलें जताई जा रही थी कि यूएनजीए में स्वराज और कुरैशी मुलाकात करेंगे या नहीं। खान का यह पत्र दोनों देशों के बीच मौलिक बातचीत का आधिकारिक प्रस्ताव है।

राजनयिक सूत्रों के अनुसार, अपने पत्र में खान ने दोनों देशों के बीच द्वीपक्षीय वार्ता बहाली की बात कही है। द्वीपक्षीय वार्ता 2015 में होने वाली थी, लेकिन पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले की वजह से यह रद्द हो गई थी। इस संदर्भ में खान का कहना है कि भारत और पाकिस्तान मिलकर बातचीत से सभी मुद्दों को हल कर लेंगे, जिसमें आतंकवाद और कश्मीर का मसला शामिल है।

भारत सरकार चाहती है कि पाकिस्तान बातचीत के लिए एक अर्थपूर्ण माहौल बनाए और उन आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, जो उसकी धरती से भारत को अपना निशाना बनाते हैं। खान का पत्र ऐसे समय में आया है जब कुछ मंत्रियों का कहना है कि खान के नेतृत्व में पड़ोसी देश में कुछ भी बदलने वाला नहीं है क्योंकि उन्हें पाकिस्तानी सेना का समर्थन प्राप्त है।

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बातचीत के लिए इमरान खान ने लिखा मोदी को पत्र, जानें भारत-पाक के अब तक के संबंध https://www.shauryatimes.com/news/11707 Fri, 21 Sep 2018 05:35:30 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=11707 पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर आंतकवाद पर फिर से बातचीत शुरू करने की बात कही है। बताया जा रहा है कि 15 सितंबर को इमरान खान ने लिखी थी चिट्ठी। पत्र में इमरान खान ने दोनों देशों के बीच विदेश मंत्री स्तर की वार्ता का भी सुझाव दिया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद पर भी बातचीत करने को हमेशा तैयार है।

इसमें उन्‍होंने संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा की इस महीने के आखिर में होने वाली बैठक के दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की मुलाकात के लिए अपील की है। बताते चलें कि न्‍यूयार्क में संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा की बैठक इसी महीने होने वाली है, जिसमें भारत की ओर से विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज और पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी शामिल होंगे।

शांति वार्ता शुरू होनी चाहिए।  भारत-पाकिस्तान संबंधों की टाइमलाइन  ब्रिटिश राज के अंत की परिणिति 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के रूप में सामने आया था, जिसे इतिहास में भारत के विभाजन के नाम से भी जाना जाता है। इसके बाद भीषण दंगे भड़क उठे थे, जिसमें करीब 10 लाख से अधिक लोगों की हत्या हुई थी और 1.5 करोड़ से अधिक लोगों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा था। यह दुनिया का सबसे बड़े पलायन में से एक था।  इसके साथ ही अक्टूबर 1947 में हिंदू महाराजा के द्वारा शासित मुस्लिम बहुसंख्यक कश्मीर पर कब्जे के लिए पाकिस्तान ने युद्ध छेड़ दिया था। संयुक्त राष्ट्र के दखल से एक साल बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम हुआ। जनवरी 1949 में भारत और पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कहने पर कश्मीर के भविष्य के लिए वहां जनमत संग्रह के लिए राजी हुए, लेकिन यह कभी हुआ ही नहीं।  सितंबर 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच में विश्व बैंक की मध्यस्थता से सिंधु नदी समझौता हुआ। यही एक मात्र समझौता है, जो अभी तक बना हुआ है। अगस्त 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच दूसरा युद्ध शुरू हो गया, जो एक महीने के बाद यूएन के दवाब में खत्म हुआ। दिसंबर 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरा युद्ध शरू हुआ, जिसमें भारत ने पूर्वी पाकिस्तान का पक्ष लिया और इस तरह एक नए देश बांग्लादेश का जन्म हुआ।  जुलाई 1972 में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच एक एकॉर्ड हुआ, जिसमें हजारों पाकिस्तानी युद्धबंदियों को पाकिस्तान को सौंप दिया गया। मई 1974 में भारत ने पहला परमाणु परीक्षण किया। ऐसा करने वाला वह पहला देश था, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य नहीं था।  दिसंबर 1989 में भारत के कब्जे वाले कश्मीर में सशस्त्र गतिरोध बढ़ने लगा। भारत ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर में लड़ाकों को हथियार और प्रशिक्षण दे रहा है। इस पर पाकिस्तान ने कहा कि वह सिर्फ नैतिक और राजनायिक समर्थन दे रहा है। मई 1998 में भारत ने पांच परमाणु परीक्षण किए। पाकिस्तान ने छह परीक्षण किए। दोनों ही देशों पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगा दिए गए। फरवरी 1999 में भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस से पाकिस्तान की यात्रा कर पाक समकक्ष नवाज शरीफ के साथ अहम शांति समझौता किया।  मई 1999 में करगिल युद्ध की शुरुआत हुई, जिसमें पाकिस्तानी सेना और कश्मीरी लड़ाकों ने हिमालय की रणनीतिक रूप से अहम चोटियों पर कब्जा कर लिया। भारत ने हवाई और जमीनी हमले किए। अमेरिका ने दोनों देशों के बीच शांति स्थापित कराई।  मई 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बीच आगरा में मुलाकात हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ। दिसंबर 2001 में भारतीय संसद में आतंकी हमला हुआ, जिसमें 14 लोगों की मौत हुई। लश्कर ए तोइबा और जैश ए मोहम्मद नाम के आतंकी संगठन की शह पर हमले को अंजाम दिया गया था। अक्टूबर 2002 में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के बाद दोनों देशों के बीच गतिरोध खत्म हुआ।  फरवरी 2007 में भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में बम धमाका हुआ, जिसमें 68 लोगों की मौत हुई। वहीं अक्टूबर 2008 में भारत और पाकिस्तान ने छह दशकों में पहली बार कश्मीर में ट्रेड रूट को खोला। नवंबर 2008 में मुंबई में पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया, जिसमें 166 लोगों की मौत हुई। इस हमले में लश्कर ए तोइबा का हाथ सामने आया।  साल 2014 में भारत के पीएम बने नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ को शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली आमंत्रित किया। दिसंबर 2015 में पीएम मोदी ने पाकिस्तान के शहर लाहौर में अचानक दौरा किया। तब वह शरीफ के जन्मदिन और उनकी पोती की शादी में शरीक हुए थे। जनवरी 2016 में छह बंदूकधारियों ने पठानकोट में भारतीय वायुसेना के बेस में हमला किया। इसमें सात जवानों की मौत हो गई थी।  18 सितम्बर 2016 को जम्मू और कश्मीर के उरी सेक्टर में एलओसी के पास स्थित भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। इसमें भारत के 18 जवान शहीद हो गए। सैन्य बलों की कार्रवाई में सभी चार आतंकी मारे गए। यह भारतीय सेना पर किया गया, लगभग 20 सालों में सबसे बड़ा हमला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते' हैं।  इसके साथ ही भारत ने सिंधु जल संधि की समीक्षा शुरु कर दी। संधि रद्द होने के डर से पाकिस्तान ने विश्व बैंक का दरवाजा खटखटाया। भारत ने नवंबर 2016 में इस्लामाबाद में होने वाले दक्षेस शिखर सम्मेलन का बहिष्कार करने की घोषणा की। बांग्लादेश, अफगानिस्तान व भूटान ने भी भारत का समर्थन करते हुए बहिष्कार की घोषणा की। 29 सितंबर 2016 को भारत के डीजीएमओ ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि भारतीय सेना ने आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की।

चिट्ठी में ये बाते हैं अहम

पाक के पीएम इमरान खान ने पीएम मोदी को पाकिस्तान आने का न्योता दिया।

आतंकवाद पर भी बातचीत को पाक तैयार।

संबंध मजबूत करने के पाकिस्तान में सार्क सम्मेलन हो।

दोनों देशों के विदेश मंत्री की न्यूयार्क में मुलाकात हो।

वे बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

कश्मीर समेत तमाम विवाद बातचीत से सुलझाए जाएं।

शांति वार्ता शुरू होनी चाहिए।

भारत-पाकिस्तान संबंधों की टाइमलाइन

ब्रिटिश राज के अंत की परिणिति 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के रूप में सामने आया था, जिसे इतिहास में भारत के विभाजन के नाम से भी जाना जाता है। इसके बाद भीषण दंगे भड़क उठे थे, जिसमें करीब 10 लाख से अधिक लोगों की हत्या हुई थी और 1.5 करोड़ से अधिक लोगों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा था। यह दुनिया का सबसे बड़े पलायन में से एक था।

इसके साथ ही अक्टूबर 1947 में हिंदू महाराजा के द्वारा शासित मुस्लिम बहुसंख्यक कश्मीर पर कब्जे के लिए पाकिस्तान ने युद्ध छेड़ दिया था। संयुक्त राष्ट्र के दखल से एक साल बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम हुआ। जनवरी 1949 में भारत और पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कहने पर कश्मीर के भविष्य के लिए वहां जनमत संग्रह के लिए राजी हुए, लेकिन यह कभी हुआ ही नहीं।

सितंबर 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच में विश्व बैंक की मध्यस्थता से सिंधु नदी समझौता हुआ। यही एक मात्र समझौता है, जो अभी तक बना हुआ है। अगस्त 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच दूसरा युद्ध शुरू हो गया, जो एक महीने के बाद यूएन के दवाब में खत्म हुआ। दिसंबर 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरा युद्ध शरू हुआ, जिसमें भारत ने पूर्वी पाकिस्तान का पक्ष लिया और इस तरह एक नए देश बांग्लादेश का जन्म हुआ।

जुलाई 1972 में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच एक एकॉर्ड हुआ, जिसमें हजारों पाकिस्तानी युद्धबंदियों को पाकिस्तान को सौंप दिया गया। मई 1974 में भारत ने पहला परमाणु परीक्षण किया। ऐसा करने वाला वह पहला देश था, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य नहीं था।

दिसंबर 1989 में भारत के कब्जे वाले कश्मीर में सशस्त्र गतिरोध बढ़ने लगा। भारत ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर में लड़ाकों को हथियार और प्रशिक्षण दे रहा है। इस पर पाकिस्तान ने कहा कि वह सिर्फ नैतिक और राजनायिक समर्थन दे रहा है। मई 1998 में भारत ने पांच परमाणु परीक्षण किए। पाकिस्तान ने छह परीक्षण किए। दोनों ही देशों पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगा दिए गए। फरवरी 1999 में भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस से पाकिस्तान की यात्रा कर पाक समकक्ष नवाज शरीफ के साथ अहम शांति समझौता किया।

मई 1999 में करगिल युद्ध की शुरुआत हुई, जिसमें पाकिस्तानी सेना और कश्मीरी लड़ाकों ने हिमालय की रणनीतिक रूप से अहम चोटियों पर कब्जा कर लिया। भारत ने हवाई और जमीनी हमले किए। अमेरिका ने दोनों देशों के बीच शांति स्थापित कराई।

मई 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बीच आगरा में मुलाकात हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ। दिसंबर 2001 में भारतीय संसद में आतंकी हमला हुआ, जिसमें 14 लोगों की मौत हुई। लश्कर ए तोइबा और जैश ए मोहम्मद नाम के आतंकी संगठन की शह पर हमले को अंजाम दिया गया था। अक्टूबर 2002 में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के बाद दोनों देशों के बीच गतिरोध खत्म हुआ।

फरवरी 2007 में भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में बम धमाका हुआ, जिसमें 68 लोगों की मौत हुई। वहीं अक्टूबर 2008 में भारत और पाकिस्तान ने छह दशकों में पहली बार कश्मीर में ट्रेड रूट को खोला। नवंबर 2008 में मुंबई में पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया, जिसमें 166 लोगों की मौत हुई। इस हमले में लश्कर ए तोइबा का हाथ सामने आया।

साल 2014 में भारत के पीएम बने नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ को शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली आमंत्रित किया। दिसंबर 2015 में पीएम मोदी ने पाकिस्तान के शहर लाहौर में अचानक दौरा किया। तब वह शरीफ के जन्मदिन और उनकी पोती की शादी में शरीक हुए थे। जनवरी 2016 में छह बंदूकधारियों ने पठानकोट में भारतीय वायुसेना के बेस में हमला किया। इसमें सात जवानों की मौत हो गई थी।

18 सितम्बर 2016 को जम्मू और कश्मीर के उरी सेक्टर में एलओसी के पास स्थित भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। इसमें भारत के 18 जवान शहीद हो गए। सैन्य बलों की कार्रवाई में सभी चार आतंकी मारे गए। यह भारतीय सेना पर किया गया, लगभग 20 सालों में सबसे बड़ा हमला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते’ हैं।

इसके साथ ही भारत ने सिंधु जल संधि की समीक्षा शुरु कर दी। संधि रद्द होने के डर से पाकिस्तान ने विश्व बैंक का दरवाजा खटखटाया। भारत ने नवंबर 2016 में इस्लामाबाद में होने वाले दक्षेस शिखर सम्मेलन का बहिष्कार करने की घोषणा की। बांग्लादेश, अफगानिस्तान व भूटान ने भी भारत का समर्थन करते हुए बहिष्कार की घोषणा की। 29 सितंबर 2016 को भारत के डीजीएमओ ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि भारतीय सेना ने आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की।

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