इशरत जहां एनकाउंटर मामलाः CBI कोर्ट ने पूर्व IPS वंजारा और अमीन की याचिका ठुकराई – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Wed, 08 Aug 2018 05:23:42 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 इशरत जहां एनकाउंटर मामलाः CBI कोर्ट ने पूर्व IPS वंजारा और अमीन की याचिका ठुकराई https://www.shauryatimes.com/news/7935 Wed, 08 Aug 2018 05:23:42 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=7935 गुजरात की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने मंगलवार को इशरत जहां एनकाउंटर मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी डीजी वंजारा और एनके अमीन की ओर से दाखिल रिहाई याचिका को खारिज कर दिया.इशरत जहां एनकाउंटर मामलाः CBI कोर्ट ने पूर्व IPS वंजारा और अमीन की याचिका ठुकराई

साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वो इस मामले में आईपीएस अधिकारी के खिलाफ दायर किए गए मामले में कानूनी कार्रवाई की अनुमति पत्र सरकार से लेकर आए जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

इस मामले में वंजारा के वकील वीडी गज्जर का कहना है कि कोर्ट ने याचिका खारीज कर दी है, लेकिन कोर्ट ने सीबीआई को कहा है कि वो इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अनुमति पत्र को कोर्ट में पेश करे. दरअसल किसी भी सरकारी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले जांच एजेंसी को सरकार का अनुमति पत्र पेश करना जरूरी होता है.

वहीं, इस मामले में गुजरात पुलिस के पूर्व डीजीपी पीपी पांडे को साक्ष्य के अभाव में फरवरी में ही आरोप मुक्त कर दिया गया था. वंजारा ने मामले में सामान आधार पर खुद को आरोप मुक्त किए जाने का आग्रह किया था. वंजारा ने अपनी याचिका में यही भी दावा किया था कि एजेंसी की ओर से दायर किया गया आरोपपत्र मनगढ़ंत है और इस मामले में उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं हैं, साथ ही गवाहों के बयान भी काफी संदिग्ध हैं.

आरोप मुक्त करने की याचिका खारिज होने पर वंजारा ने कहा कि वो इस मामले में कुछ नही कहेंगे क्योंकि मामला कोर्ट में चल रहा है, वहीं एनके अमीन ने इस मामले में कहा कि पीपी पांडे को इसी ग्राउंड पर कोर्ट ने आरोप मुक्त किया हुआ है, पूरे मामले को समानता के आधार पर देखा जाना चाहिए.

अगली सुनवाई 7 सितंबर को है, जिसमें उसने सीबीआई से केस को आगे बढ़ाने की सरकारी अनुमति मांगी है, साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि 7 तारीख को ही इस मामले में आरोप तय किए जाएंगे. इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर मामले में मुख्य आरोपी डीजी वंजारा और एनके अमीन समेत 7 लोगों पर आरोप तय किए जाने हैं.

15 जून 2004 में मुंबई निवासी इशरत जहां (19), मित्र जावेद उर्फ प्राणेश और पाकिस्तानी मूल के जीशान जौहर और अमजद अली राणा को पूर्व पुलिस महीनिरीक्षक (आईजी) वंजारा की टीम ने अहमदाबाद के बाहरी इलाके में मार गिराया था. इशरत जहां और उसके मित्रों को तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने के मिशन पर आने वाले आतंकवादी करार दिया गया था. लेकिन बाद में सीबीआई ने अपनी जांच में निष्कर्ष निकाला था कि यह फर्जी मुठभेड़ थी.

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