उत्तराखंड के मदरसों में भी अब योग की मिलेगी तालीम – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sat, 23 Jun 2018 05:47:41 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 उत्तराखंड के मदरसों में भी अब योग की मिलेगी तालीम https://www.shauryatimes.com/news/4095 Sat, 23 Jun 2018 05:47:41 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=4095 उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद में पंजीकृत राज्य के 297 मदरसों में नए सत्र से न सिर्फ योग की कक्षाएं चलेंगी, बल्कि संस्कृत के श्लोकों का वाचन भी होगा। यही नहीं, मदरसों के बच्चों की उंगलियां कंप्यूटर पर भी खूब चलेंगी।उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद में पंजीकृत राज्य के 297 मदरसों में नए सत्र से न सिर्फ योग की कक्षाएं चलेंगी, बल्कि संस्कृत के श्लोकों का वाचन भी होगा। यही नहीं, मदरसों के बच्चों की उंगलियां कंप्यूटर पर भी खूब चलेंगी।  मदरसा शिक्षा परिषद ने नए सत्र से मदरसों में योग, कंप्यूटर साइंस व संस्कृत विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने शुक्रवार को परिषद द्वारा संचालित विभिन्न परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब में यह बात कही।  यशपाल आर्य ने कहा कि तालीम से ही व्यक्ति अच्छा इंसान बनता है और हुनरमंद भी। इसे देखते हुए मदरसों में क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस किया गया है। इसके बेहतर नतीजे भी सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि नए सत्र से मदरसों में योग, कंप्यूटर साइंस व संस्कृत नए विषय शामिल किए जा रहे हैं। मकसद यही है कि अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा मिले।  एक अन्य सवाल पर काबीना मंत्री ने कहा कि राज्य में मदरसा परिषद का एक्ट तैयार हो चुका है। जल्द ही परिषद द्वारा संचालित मुंशी व मौलवी और आलिम (अरबी-फारसी) को शिक्षा विभाग से क्रमशः हाईस्कूल और इंटर के समकक्ष मान्यता देने के संबंध में निर्णय ले लिया जाएगा। इस दिशा में गहनता से प्रयास चल रहे हैं।

मदरसा शिक्षा परिषद ने नए सत्र से मदरसों में योग, कंप्यूटर साइंस व संस्कृत विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने शुक्रवार को परिषद द्वारा संचालित विभिन्न परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब में यह बात कही।

यशपाल आर्य ने कहा कि तालीम से ही व्यक्ति अच्छा इंसान बनता है और हुनरमंद भी। इसे देखते हुए मदरसों में क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस किया गया है। इसके बेहतर नतीजे भी सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि नए सत्र से मदरसों में योग, कंप्यूटर साइंस व संस्कृत नए विषय शामिल किए जा रहे हैं। मकसद यही है कि अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा मिले।

एक अन्य सवाल पर काबीना मंत्री ने कहा कि राज्य में मदरसा परिषद का एक्ट तैयार हो चुका है। जल्द ही परिषद द्वारा संचालित मुंशी व मौलवी और आलिम (अरबी-फारसी) को शिक्षा विभाग से क्रमशः हाईस्कूल और इंटर के समकक्ष मान्यता देने के संबंध में निर्णय ले लिया जाएगा। इस दिशा में गहनता से प्रयास चल रहे हैं।

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