उत्तर भारत में बर्फबारी का असर मप्र में दिखाई दे रहा है। कड़ाके की सर्दी और ठंडी हवाओं के पूरा प्रदेश ठिठुर रहा है – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sat, 29 Dec 2018 12:10:45 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 उत्तर भारत में बर्फबारी का असर मप्र में दिखाई दे रहा है। कड़ाके की सर्दी और ठंडी हवाओं के पूरा प्रदेश ठिठुर रहा है https://www.shauryatimes.com/news/25025 Sat, 29 Dec 2018 12:10:45 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=25025  मध्यप्रदेश के कई हिस्से शीतलहर की चपेट में है। लगभग पूरे प्रदेश में ही कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। वहीं पचमढ़ी में सुबह पारा माइनस 1 डिग्री तक गिर गया जिससे मैदानी और खुले इलाकों में बर्फ की सफेद चादर नजर आई। उधर बैतूल में भी ठंड ने 13 साल का रिकॉर्ड तोड़ा और यहां न्यूनतम तापमान 1 डिग्री दर्ज किया गया। खेतों में फसलों पर गिरीं ओस बर्फ की परतों में बदल गई।

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत में जारी बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश में दिखाई दे रहा है। कड़ाके की सर्दी के साथ ही ठंडी हवाओं के पूरा प्रदेश ठिठुर रहा है। पिपरिया, होशंगाबाद में तो ठंड का जबर्दस्त असर दिखाई दे ही रहा है लेकिन पचमढ़ी में पारा माइनस 1 डिग्री तक लुढ़क गया। इसके चलते यहां कई इलाकोंं में बर्फ जम गई। पचमढ़ी में धूपगढ़ गोल्फ मैदान में बर्फ की चादर जम गई। सुबह गाड़ियों के ऊपर एवं कांच के ऊपर भी बर्फ जम गई। पेड़-पौधों और फसलों पर गिरी ओंस की बूंदें भी जम गईं। आलम ये है कि कड़ाके की सर्दी के चलते पूरे क्षेत्र में सड़कों पर आवाजाही कम ही दिखी। वहीं कुछ इलाकों में सुबह कोहरा छाया हुआ था। दिन में भी सूरज के दर्शन नहीं हुए।

इधर बैतूल में शनिवार को पारा गिरकर एक डिग्री पर पहुंच गया। इससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। खेतों में फसलों पर बर्फ की परत जम गई। उत्तर भारत की तरफ से चल रही शीत लहर के चलते यहां बीते 13 साल में सबसे न्यूनतम तापमान एक डिग्री दर्ज किया गया है। यही वजह है कि यह इस सीजन की सबसे सर्द रात रही। कंपकंपा देने वाली ठंड के चलते लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा।

मौसम विभाग आगामी दिनों में इससे भी कम तापमान गिरने की संभावना जता रहा है। बीते 2011 की 5 जनवरी को यह सबसे कम 2.2 न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था। जबकि मौसम केंद्र के कर्मचारी बताते है कि बीते 13 सालों में इतनी सर्द रात कभी नही रही। न्यूनतम तापमान के गिरने के साथ ही यहां अधिकतम तापमान भी लगातार गिर रहा है। शुक्रवार को दिन में 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा जिससे दिन में भी लोग ठंड महसूस कर रहे है।

मौसम केंद्र बैतूल में पदस्थ प्रयागराव ने बताया कि 13 सालों में पहली बार न्यूनतम तापमान एक डिग्री दर्ज किया है। गुरुवार की रात पारा जहां 2 डिग्री रिकार्ड किया गया था वहीं शुक्रवार को और लुढ़ककर 1 डिग्री पर आ गया।

नरसिंहपुर, डिंडोरी में भी बर्फ

इधर सर्दी का असर नरसिंहपुर में भी दिखाई दे रहा है। यहां पाला गिरने से निचले स्थानों पर दलहन, सब्जी और अन्य फसलें प्रभावित हुई है। इससे किसान काफी चिंतित है। लगातार पड़ रही सर्दी से फसलों पर विपरित असर हो रहा है। सब्जी और कच्ची फसलें खराब होने की कगार पर हैं।

इधर डिंडोरी में भी शीतलहर के चलते कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। यहां भी कई इलाकों में बर्फ जमीं दिखाई दी। खासतौर से खुले मैदानों, खेतों और फसलों पर बर्फ की चादर साफ नजर आ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक ऐसी ही ठंड अगले कुछ दिनों और पड़ेगी। 

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