उमर अब्दुल्ला ने कहा- यह अपमानजनक है कि हाथ पर मुहर… – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Wed, 10 Apr 2019 09:11:24 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 उमर अब्दुल्ला ने कहा- यह अपमानजनक है कि हाथ पर मुहर… https://www.shauryatimes.com/news/39069 Wed, 10 Apr 2019 09:11:24 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=39069 जब से सुरक्षाबलों के काफिले को सुरक्षित मार्ग प्रदान करने के लिए जम्मू-कश्मीर-बालामूला राष्ट्रीय राजमार्ग पर आम नागरिकों की आवाजाही पर सप्ताह में दो दिन बैन करने का फैसला लागू हुआ है, उस वक्त से वहां के आम लोगों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जम्मू-कश्मीर में राजमार्ग पर चलने की अनुमति का एक ऐसा मामला सामने आया है, जो सरकार की न्यू इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसे दावों पर सवाल उठाते हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने एक तस्वीर साझा किया है, जिसमें एक व्यक्ति के हाथ पर मुहर लगातर राजमार्ग का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है.

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने एक तस्वीर साझा कर लिखा- ‘जम्मू और कश्मीर में लोगों को अपने राजमार्ग का उपयोग करने की अनुमति इस तरह से दी जाती है. उनके हाथों पर मुहर लगाई जा रही है और लिखा जा रहा रहा है. मैं नहीं जानता कि मैं क्या कहूं! क्या हमें कागज बचाने के प्रयास का मजाक उड़ाना चाहिए? मैं सिर्फ लोगों के साथ किए जा रहे अपमानजनक, अमानवीय व्यवहार से नाराज हूं.’

जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग सभी मौसम में कश्मीर को पूरे देश से जोड़ने वाला एकमात्र राजमार्ग है. सरकारी प्रशासन ने सुरक्षा बलों के काफिले को सुरक्षित मार्ग प्रदान करने के लिए 270 किलोमीटर लंबे राजमार्ग पर आम नागरिकों के लिए यातायात 31 मई तक हर सप्ताह रविवार और बुधवार को बंद रखने की घोषणा पिछले सप्ताह की थी. हालांकि सभी राजनीतिक दलों, व्यापारिक समुदाय सहित समाज के हर तबके ने इसे “जनविरोधी” और “अलोकतांत्रिक” बताते हुए इसकी आलोचना की.

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दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले और 30 मार्च को रामबन जिले के बनिहाल में राजमार्ग के पास सीआरफपीएफ के एक काफिले पर कार बम हमले के असफल प्रयास के बाद यह निर्णय निया गया है. पुतवाल हमले में बल के 40 जवान शहीद हो गए थे. अधिकारियों ने बताया कि सेना, पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों को राजमार्ग की ओर जाने वाले चौराहों पर तैनात किया गया है ताकि सामान्य यातायात सुरक्षा बलों के काफिले की आवाजाही में किसी भी तरह दखल ना दें. आम नागरिकों के लिए यातायात 31 मई तक हर सप्ताह रविवार और बुधवार को बंद रहेगा. एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में चुनाव के दौरान सुरक्षा कर्मियों की आवाजाही बढ़ने के मद्देनजर यह प्रतिबंध लगाया गया है.

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