एक साल में चार बार मातृत्व अवकाश देने में निगम के अस्पताल के कर्मचारियों और चिकित्सकों की मिलीभगत रही होगी। – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Thu, 30 May 2019 09:56:55 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 एक साल में चार बार मातृत्व अवकाश देने में निगम के अस्पताल के कर्मचारियों और चिकित्सकों की मिलीभगत रही होगी। https://www.shauryatimes.com/news/43574 Thu, 30 May 2019 09:56:55 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=43574 निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं अमूमन साल में एक बार ही मातृत्व अवकाश लेती हैं, लेकिन यहां तो गजब मामला ही सामने आया है। कई महिलाओं ने एक साल में चार-चार बार मातृत्व अवकाश (maternity leave) लिया। उन्हें गर्भपात कराने के नाम पर भी कई बार मातृत्व अवकाश की सुविधा दी गई। हैरत की बात यह है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआइसी)के अस्पतालों में ऐसा हुआ। निगम की ऑडिट में यह पकड़ में आया है।

माना जा रहा है कि एक साल में चार बार मातृत्व अवकाश देने में निगम के अस्पताल के कर्मचारियों और चिकित्सकों की मिलीभगत रही होगी। ऑडिट टीम इसमें करीब 10 करोड़ रुपये के वारे-न्यारे का अनुमान लगा रही है। सीबीआइ के साथ निगम की विजिलेंस टीम ने घोटाले की जांच शुरू कर दी है। बुधवार तक इस मामले में निगम के तीन शाखा प्रबंधकों और छह कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। हालांकि अधिकारी इनका नाम नहीं बता रहे हैं। कहा जा रहा है कि निगम के चिकित्सकों ने मातृत्व अवकाश देने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र पेश किए।

इस इलाके में कई औद्योगिक इकाइयों में सैकड़ों महिलाएं कार्यरत हैं। इनके वेतन से ईएसआइसी के मद में पैसे कटते हैं और इसके एवज में महिलाओं को ईएसआइसी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। कर्मचारियों के वेतन से काटे गए पैसे ईएसआइसी के खाते में जमा होता है। निगम की ओर से ईएसआइसी कार्डधारक महिलाओं को डिलीवरी के दौरान 84 दिन का मातृत्व अवकाश (सवेतन) दिया जाता है।

गर्भपात (कम से कम तीन माह की गर्भवती) कराने पर महिला को 42 दिन का (सवेतन) अवकाश भी दिया जाता है। इस अवकाश का पैसा निगम की ओर से महिला के बैंक खाते में डाल दिया जाता है।

निगम की ऑडिट टीम ने जांच में पाया कि कुछ महिलाओं ने सुविधा का लाभ उठाने के लिए ठेकेदारों, अधिकारियों, चिकित्सकों से मिलीभगत की और स्वयं को वर्ष में कई बार गर्भवती दिखाया। निगम के अधिकारियों के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों से मातृत्व अवकाश के नाम पर 10 करोड़ से ज्यादा की गड़बड़ी होने का अनुमान है।

सुनील कुमार (उप निदेशक, (वित्त) ईएसआइसी) के मुताबिक, मातृत्व अवकाश के नाम पर गड़बड़ी की जांच चल रही है। हम इस मामले की भी जांच कर रहे हैं कि ऑडिट में गड़बड़ी के मामले देरी से क्यों सामने आए? ब्रांच मैनेजर की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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