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	<title>एयरपोर्ट से गृहमंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्‍यनाथ हेलीकाप्‍टर से सीधे बीएचयू ग्राउंड पर पहुंचे &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>एयरपोर्ट से गृहमंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्‍यनाथ हेलीकाप्‍टर से सीधे बीएचयू ग्राउंड पर पहुंचे</title>
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		<pubDate>Thu, 17 Oct 2019 07:15:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[एयरपोर्ट से गृहमंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्‍यनाथ हेलीकाप्‍टर से सीधे बीएचयू ग्राउंड पर पहुंचे]]></category>
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					<description><![CDATA[बीएचयू स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित संगोष्ठी का उद्घाटन करने के साथ ही गृहमंत्री अमित शाह बतौर मुख्य वक्ता &#8216;गुप्तवंशैक-वीर : स्कंदगुप्त विक्रमादित्य का ऐतिहासिक पुन:स्मरण एवं भारत राष्ट्र का राजनीतिक भविष्य&#8217; विषय पर विचार भी व्‍य‍क्‍त किया। बीएचयू में स्‍कंदगुप्‍त विक्रमादित्‍य पर संगोष्ठी का आयोजन भारत अध्ययन केंद्र की ओर से किया गया है। बोले &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बीएचयू स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित संगोष्ठी का उद्घाटन करने के साथ ही गृहमंत्री अमित शाह बतौर मुख्य वक्ता &#8216;गुप्तवंशैक-वीर : स्कंदगुप्त विक्रमादित्य का ऐतिहासिक पुन:स्मरण एवं भारत राष्ट्र का राजनीतिक भविष्य&#8217; विषय पर विचार भी व्&#x200d;य&#x200d;क्&#x200d;त किया। बीएचयू में स्&#x200d;कंदगुप्&#x200d;त विक्रमादित्&#x200d;य पर संगोष्ठी का आयोजन भारत अध्ययन केंद्र की ओर से किया गया है। <img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-61065" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/17_10_2019-amit_19675199_114945971.jpg" alt="" width="586" height="441" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/17_10_2019-amit_19675199_114945971.jpg 586w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/10/17_10_2019-amit_19675199_114945971-300x226.jpg 300w" sizes="(max-width: 586px) 100vw, 586px" /></p>
<p><strong>बोले अमित शाह</strong></p>
<p>गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि स्&#x200d;कंदगुप्&#x200d;त के समय भारत में अफगानिस्&#x200d;तान से लेकर संपूर्ण भारत में स्&#x200d;वर्णकाल रहा। सैन्&#x200d;य, साहित्&#x200d;य, कला आदि के क्षेत्र में विश्&#x200d;वस्&#x200d;तरीय सुविधाएं मयस्&#x200d;सर हुईं। सेना को समृद्ध करने के साथ ही अखंड भारत का निर्माण किया और एकता के सूत्र में पराक्रम से पिरोया था। चीन की दीवार का निर्माण हूणों के आक्रमण को रोकने के लिए बनी थी, ताकि सभ्&#x200d;यता और संस्&#x200d;कृति बनी रहे। मगर देश में उस काल में सैन्&#x200d;य ताकत के बल पर भारतीय संस्&#x200d;कृति सुरक्षित रही। उस काल में कई ज्&#x200d;योतिषाचार्य मिले और साहित्&#x200d;य का सृजन हुआ और हूणों का सामना भी उस काल में भारत ने किया। कश्&#x200d;मीर से कंधार तक हूणों के आतंक से देश को मुक्&#x200d;त कराया। विश्&#x200d;व में पहली बार स्&#x200d;कंदगुप्&#x200d;त से हूणों को पराजय मिली और बर्बर आक्रमण को खत्&#x200d;म करने के साथ सुखी और समृद्ध भारत का निर्माण किया। उस समय दुनिया के कई विद्वानाें ने यशगान किया। उस वजह से चीन के सम्राट द्वारा भारत के राजदूत को हूणों को स्&#x200d;कंदगुप्&#x200d;त द्वारा खत्&#x200d;म करने के लिए प्रशस्तिपत्र दिया था। <img decoding="async" class="lazy" src="https://www.jagranimages.com/images/amit2(4).jpg" alt="" width="650" height="549" /></p>
<p>सम्राट स्&#x200d;कंदगुप्&#x200d;त के पराक्रम और उनके शासन चलाने की कला पर चर्चा की जरूरत है। स्&#x200d;कंदगुप्&#x200d;त के इतिहास को पन्&#x200d;नों पर स्&#x200d;थापित कराने की जरूरत है। इतनी ऊंचाई पर रहने के दौरान शासन व्&#x200d;यवस्&#x200d;था के लिए उन्&#x200d;होंने शिलालेख बनाए। स्&#x200d;कंदगुप्&#x200d;त ने रेवेन्&#x200d;यू निय&#x200d;म भी बनाए जो आज की जरूरत है। लंबे गुलामी के दौर के बाद भी उनके बारे में कम ही जानकारी उपलब्&#x200d;ध है। सभागार में इतिहासकार बैठे हुए हैं, सबसे आग्रह है कि भारतीय इतिहास का नए दृष्टिकोण से लेखन की जरूरत है।</p>
<p>वीर सावरकर न होते तो 57 की क्रांति को पहला स्&#x200d;वातंत्रय आंदोलन का नाम दिया नहीं तो वह बगावत में ही रह जाता। देश में दो सौ व्&#x200d;यक्तित्&#x200d;व रहे हैं, 25 साम्राज्&#x200d;य रहे हैं जिन्&#x200d;होंने विश्&#x200d;व को विद्या दी। अंग्रेजों के जाने के बाद इतिहासकारों के साथ नए दृष्टिकोण से लिखने की जरूरत है। नया जो लिखा जाएगा और लंबा चलेगा, चिरंजीव होगा। मोदी जी के नेतृत्&#x200d;व में देश फ&#x200d;िर से गरिमा की ओर अग्रसर है, देश का सम्&#x200d;मान बढा है। पूरी दुनिया में भारत सबसे बडा लोकतंत्र है। भारत के विचार को दुनिया महत्&#x200d;व देती है। पीएम क्&#x200d;या बोलते हैं यह दुनिया देखती है। आप सभी को बधाई क&#x200d;ि दो दिन के आयोजन के जरिए स्&#x200d;कंदगुप्&#x200d;त के बारे में जानकारी दी है। हमारे देश के साम्राज्&#x200d;यों का इतिहास हम बनाएं। आशान्वित हूं कि बीएचयू ही वह जगह है जहां भारत और भारतीयता का विकास हुआ, हमारे पास विश्&#x200d;व की समस्&#x200d;या का समाधान करने के लिए महामना ने इसकी स्&#x200d;थापना की है। जिन्&#x200d;होंने हूणाें के बर्बर हमले से बचाने का काम किया उनको महत्&#x200d;व दिया और उन पर बात करने का मौका मिला। हमारी संस्&#x200d;कृति दुनिया का मार्गदर्शन करने को तैयार है क्&#x200d;याेंकि हमारे पूर्वजों ने प्रचंड पराक्रम किया था। उनकी व्&#x200d;यवस्&#x200d;था के प्रमाण आज भी पूर्वांचल के गाजीपुर में मिलते हैं। आज इस संगोष्&#x200d;ठी के आयोजन के लिए आपका साधुवाद कि उनके जीवन को पुस्&#x200d;तक के रूप में संजोने का काम किया है।  <img decoding="async" class="lazy" src="https://www.jagranimages.com/images/sword.jpg" alt="" width="650" height="359" /></p>
<p>दो दिवसीय अंतरराष्&#x200d;ट्रीय आयोजन के क्रम में महात्&#x200d;मा गांधी अंतरराष्&#x200d;ट्रीय हिंदी विश्&#x200d;वविद्यालय वर्धा के कुलाधिपति प्रो. कमलेश दत्&#x200d;त्&#x200d; त्रिपाठी ने बीज वक्&#x200d;तव्&#x200d;य दिया। आयोजन के दौरान अलग अलग सत्रों में गुप्&#x200d;तवंशैक वीर के उदय, हूण आक्रमण, तत्&#x200d;कालीन राजनीतिक चुनौतियां, स्&#x200d;कंदगुप्&#x200d;त का पराक्रम, गुप्&#x200d;ताकालीन भारत के वैश्चिक आयाम आदि विषयों पर परिचर्चा की जाएगी।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="lazy" src="https://www.jagranimages.com/images/23(26).jpg" alt="" width="650" height="469" /><strong>कार्यक्रम में विशेषज्ञों की मौजूदगी</strong></p>
<p>कार्यक्रम की अध्&#x200d;यक्षता बीएचयू के कुलपति प्रो. राकेश भटनागर, विशिष्&#x200d;ट वक्&#x200d;ता भारत अध्&#x200d;ययन केंद्र के शताब्&#x200d;दी पीठ आचार्य प्रो. कमलेश दत्&#x200d;त त्रिपाठी हैं। वहीं कार्यक्र में जापान से प्रो. ओइबा ताकाकी, प्रो. ईयामा मातो, मंगोलिया से डा. उल्जित लुबराजाव, थाइलैंड से डा. नरसिंह चरण पंडा, डा. सोम्&#x200d;बत, श्रीलंका से डा. वादिंगला पन्&#x200d;नलोका, वियतनाम से प्रो. दोथूहा, अमेरिका से डा. सर्वज्ञ के द्विवेदी, नेपाल से डा. काशीनाथ न्&#x200d;यौपने शामिल हैं। वहीं आयोजन में आइसीएसएसआर की ओर से प्रो. दीनबंधु पांडेय, राष्&#x200d;ट्रीय संग्राहालय महानिदेशक प्रो. बुद्ध रश्मि पांडेय, भारतीय इतिहास संकलन योजना के पूर्व अध्&#x200d;यक्ष डा. बाल मुकुंद पांडेय के अलावा अन्&#x200d;य विषय विशेषज्ञ भी आयोजन में शामिल हुए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="lazy" src="https://www.jagranimages.com/images/21(40).jpg" alt="" width="616" height="519" /><strong>स्कंदगुप्त विक्रमादित्य की स्&#x200d;मृतियां जीवंत</strong></p>
<p>बीएचयू स्थित स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित हो रहे संगोष्ठी का उद्घाटन करने के साथ ही गृहमंत्री अमितशाह बतौर मुख्य वक्ता &#8216;गुप्तवंशैक-वीर : स्कंदगुप्त विक्रमादित्य का ऐतिहासिक पुन:स्मरण एवं भारत राष्ट्र का राजनीतिक भविष्य&#8217; विषय पर विचार भी व्&#x200d;य&#x200d;क्&#x200d;त करेंगे। बीएचयू में स्&#x200d;कंदगुप्&#x200d;त विक्रमादित्&#x200d;य पर संगोष्ठी का आयोजन भारत अध्ययन केंद्र की ओर से किया गया है। जिसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से नामचीन विद्वान भी पहुंचे हैं।</p>
<p>गृहमंत्री अमित शाह सुबह 9.35 बजे लाल बहादुर शास्&#x200d;त्री अंतरराष्&#x200d;ट्रीय एयरपोर्ट बाबतपुर पहुंच गए। एयरपोर्ट पर उनका स्&#x200d;वागत करने मुख्&#x200d;यमंत्री योगी आदित्&#x200d;यनाथ सहित विभिन्&#x200d;न भाजपा नेता भी मौके पर पहुंचे। एयरपोर्ट पर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय, मछलीशहर सांसद बीपी सरोज व विद्यासागर राय भी मौजूद रहे। एयरपोर्ट पर अगवानी के बाद हेलीकॉप्टर से सीएम के साथ गृहमंत्री ने बीएचयू के लिए प्रस्थान किया।</p>
<p>बाबतपुर एयरपोर्ट से गृहमंत्री अमित शाह और सीएम योगी आदित्&#x200d;यनाथ हेलीकाप्&#x200d;टर से सीधे बीएचयू ग्राउंड पर पहुंचे जहां हेलिपैड पर ही बिगुल बजाकर सलामी दी गई और उनका स्&#x200d;वागत किया गया। इसके बाद हेलीपैड से फ्लीट आयोजन स्&#x200d;थल स्&#x200d;वतंत्रता भवन सभागार की ओर रवाना हो गई जहां पर &#8216;गुप्&#x200d;तवंशैक वीर&#8217; स्&#x200d;कंदगुप्&#x200d;त विक्रमादित्&#x200d;य पर मुख्&#x200d;य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। वहीं आयोजन स्&#x200d;थल पर गृहमंत्री और मुख्&#x200d;यमंत्री के पहुंचते ही पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम की शुरुआत में गृहमंत्री को तलवार भेंट की गई तो पूरा सभागार हर-हर महादेव के नारे से गूंजने लगा।</p>
<p><strong>सुरक्षा एजेंसियों ने डाला डेरा</strong></p>
<p>गृहमंत्री अमित शाह, सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन से पूर्व बीएचयू के फिर अशांत होने को लेकर खुफिया तंत्र सक्रिय रहा। एक दिन पूर्व बुधवार को गृहमंत्री की फोटोयुक्त बैनर पर कालिख लगाए जाने की सूचना मिलते ही सुरक्षा-खुफिया तंत्र सकते में आ गया। आनन-फानन बीएचयू में केंद्रीय व प्रदेश की खुफिया व सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी पहुंचे। बीएचयू प्रशासन से वार्ता के बाद इसका पता लगाया जा रहा कि जब भी बीएचयू में कोई वीवीआइपी मूवमेंट होने वाला होता है उसी दौरान बवाल क्यों होता है।</p>
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