खतरनाक ट्रेनिंग: ‘सुरंग में 300 किमी/घंटे की स्‍पीड वाली बुलेट ट्रेन की लाइन के ठीक बगल में बैठना पड़ता है’ – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Tue, 28 Aug 2018 06:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 खतरनाक ट्रेनिंग: ‘सुरंग में 300 किमी/घंटे की स्‍पीड वाली बुलेट ट्रेन की लाइन के ठीक बगल में बैठना पड़ता है’ https://www.shauryatimes.com/news/9613 Tue, 28 Aug 2018 06:36:00 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=9613 जापान में बुलेट ट्रेन का रख-रखाव करने वाले कर्मचारियों को एक खास तरह के प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है. इस दौरान उन्हें सुरंग में प्रति घंटे 300 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही बुलेट ट्रेन की लाइन के ठीक बगल में बैठना पड़ता है. रेल कंपनी ने बुलेट ट्रेन की सुरक्षा के लिए अपनायी जाने वाली उस कवायद का बचाव किया है, जिसके तहत कर्मचारियों को सुरंग के भीतर लाइन के बिल्कुल बगल में बैठना पड़ता है. बताया जाता है कि इस प्रशिक्षण का मकसद कर्मचारियों को यह जताना होता है कि ट्रेन बहुत तेज रफ्तार से भागती है और उन्हें भी अपना काम गंभीरता से करने की जरूरत है. कंपनी जेआर वेस्ट ने बताया कि कुछ कर्मचारियों से शिकायतें मिली है लेकिन इसमें बदलाव नहीं किया जाएगा.खतरनाक ट्रेनिंग: 'सुरंग में 300 किमी/घंटे की स्‍पीड वाली बुलेट ट्रेन की लाइन के ठीक बगल में बैठना पड़ता है'

कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि जापान की चर्चित शिंकेनसेन बुलेट ट्रेन के रख-रखाव के लिए करीब 190 कर्मचारियों को प्रशिक्षण मिला है. उन्होंने कहा, ‘‘प्रशिक्षण के दौरान रखरखाव कर्मचारियों को उनकी नौकरी के प्रत्येक महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में बताया जाएगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रशिक्षण के दौरान हम सुरक्षा पर बहुत करीब से नजर रखते हैं.’’ हालांकि, कुछ कर्मचारियों ने इसकी शिकायतें भी की है. कंपनी ने कहा कि खास उद्देश्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह प्रशिक्षण जारी रहेगा. अगस्त 2015 में हादसे के बाद जे आर वेस्ट ने इस प्रशिक्षण की शुरुआत की थी.

सुरक्षा के लिए भले इस प्रशिक्षण से गुजरना जरूरी हो लेकिन कुछ कर्मचारियों के लिए यह दिल दहलाने वाला अनुभव साबित होता है. टोक्‍यो शिंबुन अखबार ने एक कर्मचारी के हवाले से कहा, ‘‘यह खौफनाक अनुभव था.’’ एक अन्य कर्मचारी ने इस तजुर्बे को सजा की तरह बताया.

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