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	<title>चीन &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>चीन ने शुरू की 600 किमी प्रति घंटे की स्पीड वाली ट्रेन, दुनिया की सबसे तेज रेल</title>
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		<pubDate>Tue, 20 Jul 2021 09:48:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली। चीन में मंगलवार को 600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली मैग्लेव ट्रेन शुरू हुई। यह ट्रेन दुनिया में सबसे तेज चलने वाला जमीनी वाहन है जिसे चीन में डेवलब किया गया है और इसकी मैन्यूफैक्चरिंग क़िंगदाओ में हुई है। इलेक्ट्रो-मेगनिक फोर्स का इस्तेमाल करती हुई यह ट्रेन बल का उपयोग &#8230;]]></description>
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<div class="wp-block-image"><figure class="aligncenter size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="700" height="404" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2021/07/train.jpg" alt="चीन ने शुरू की 600 किमी प्रति घंटे की स्पीड वाली ट्रेन, दुनिया की सबसे तेज रेल" class="wp-image-111605" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2021/07/train.jpg 700w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2021/07/train-300x173.jpg 300w" sizes="(max-width: 700px) 100vw, 700px" /></figure></div>



<p><strong>नई दिल्ली।</strong> चीन में मंगलवार को 600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली मैग्लेव ट्रेन शुरू हुई। यह ट्रेन दुनिया में सबसे तेज चलने वाला जमीनी वाहन है जिसे चीन में डेवलब किया गया है और इसकी मैन्यूफैक्चरिंग क़िंगदाओ में हुई है।</p>



<p>इलेक्ट्रो-मेगनिक फोर्स का इस्तेमाल करती हुई यह ट्रेन बल का उपयोग करते हुए चलती है। मैग्लेव ट्रेन बिना पहियों के साथ बहुते तेजी से चलती है। Maglev Rail चुंबकीय उत्तोलन के कारण पटरियों के बजाय हवा में चलती है। इस वजह से इसमें ऊर्जा की बहुत कम खपत होती है और यह आसानी से 500 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है।</p>



<p>चीन लगभग दो दशकों से बहुत सीमित पैमाने पर प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहा है। शंघाई में एक छोटी मैग्लेव लाइन है जो एक हवाई अड्डे से शहर तक चलती है। चीन में अभी तक कोई इंटर-सिटी मैग्लेव लाइनें नहीं हैं जो उच्च गति का अच्छा इस्तेमाल कर सकें, शंघाई और चेंगदू सहित कुछ शहरों ने रिसर्च करनी शुरू कर दी है।</p>



<p>600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली यह रेल बीजिंग से शंघाई तक पहुंचने में केवल 2.5 घंटे लेगी। दोनों शहरों के बीच की दूरी 1,000 किमी (620 मील) से ज्यादा है। हवाई जहाज से यात्रा करने पर यहां पहुंचने में 3 घंटे और हाई-स्पीड रेल से सफर करने में 5.5 घंटे लगेंगे।</p>



<p>जापान से लेकर जर्मनी तक के देश भी मैग्लेव नेटवर्क बनाने की सोच रहे हैं, हालांकि उच्च लागत और मौजूदा ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ असंगति विकास के लिए बाधा बनी हुई है।</p>
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		<title>&#8216;हमारे अंदरूनी मामलों में दखल देने की कोशिश कर रहा है अमेरिका&#8217;: चीन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[PMC Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Dec 2019 07:33:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका]]></category>
		<category><![CDATA[चीन]]></category>
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					<description><![CDATA[कुछ देशों की हस्तियों ने कहा कि अमेरिका तथाकथित हांगकांग के मानवाधिकार और लोकतंत्र विधेयक लाकर मानवाधिकार और लोकतंत्र के बहाने से चीन के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप कर चीन के विकास को नियंत्रित करना चाहता है. यह चीनी जनता के प्रति गंभीर उकसावे वाली हरकत है, जिससे अमेरिका के प्रभुत्व का मूल स्वरूप जाहिर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कुछ देशों की हस्तियों ने कहा कि अमेरिका तथाकथित हांगकांग के मानवाधिकार और लोकतंत्र विधेयक लाकर मानवाधिकार और लोकतंत्र के बहाने से चीन के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप कर चीन के विकास को नियंत्रित करना चाहता है. यह चीनी जनता के प्रति गंभीर उकसावे वाली हरकत है, जिससे अमेरिका के प्रभुत्व का मूल स्वरूप जाहिर होता है.<img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-67702" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/12/अमेरिका.jpg" alt="" width="918" height="506" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/12/अमेरिका.jpg 918w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/12/अमेरिका-300x165.jpg 300w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/12/अमेरिका-768x423.jpg 768w" sizes="(max-width: 918px) 100vw, 918px" /></strong></p>
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<p><strong>फ्रांसीसी लेखक माक्सिम विवास ने कहा कि यह स्पष्ट है कि अमेरिका चीन के आंतरिक मामले में दखलंदाजी कर रहा है. इस पर फिर बल देने की जरूरत है कि हांगकांग चीन का है.</strong></p>
<p><strong>जर्मनी के हेसन राज्य के अंतरराष्ट्रीय मामले के पूर्व निदेशक डॉक्टर मिचेल बोर्चेमन ने बताया कि हांगकांग से संबंधित विधेयक उद्दंडतापूर्ण और पाखंडी है. अमेरिका को दूसरे देश के मामले में टांग अड़ाना पसंद है.</strong></p>
<p><strong>इटली के आधुनिक चीन अध्ययन केंद्र के वरिष्ठ अध्ययनकर्ता और लुयिस युनिवर्सिटी ऑफ रोम के प्रोफेसर सिलविया मेनेगाजी ने बताया कि हांगकांग मुद्दे के लिए वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती हिंसा रोकना है. दूसरे देश के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप नहीं करना अंतरराष्ट्रीय संबंधों का एक बुनियादी नियम है.</strong></p>
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		<title>चीन, अमेरिका को पीछे छोड़ भारत विश्व में सबसे तेजी से विकास करेगा : विश्व बैंक</title>
		<link>https://www.shauryatimes.com/news/26996</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[PMC Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Jan 2019 08:43:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका को पीछे छोड़ भारत विश्व में सबसे तेजी से विकास करेगा : विश्व बैंक]]></category>
		<category><![CDATA[चीन]]></category>
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					<description><![CDATA[ विश्व बैंक के ताजा अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की आर्थिक विकास दर 7.5 फीसदी रह सकती है और भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में अपने दर्जे को बरकरार रखेगी. विश्व बैंक द्वारा मंगलवार को जारी वैश्विक आर्थिक अनुमान (जीईपी) रिपोर्ट में भारत के लिए पिछले &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong> विश्व बैंक</strong> के ताजा अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2019-20 में <strong>भारत की आर्थिक विकास दर</strong> 7.5 फीसदी रह सकती है और भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में अपने दर्जे को बरकरार रखेगी. विश्व बैंक द्वारा मंगलवार को जारी वैश्विक आर्थिक अनुमान (जीईपी) रिपोर्ट में भारत के लिए पिछले साल जून में किए गए अनुमानों को बरकरार रखा गया है. रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था, जोकि पिछले साल 2017-18 के 6.3 फीसदी के अनुमान से अधिक है. <img decoding="async" class="aligncenter  wp-image-26997" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/01/download-35.jpg" alt="" width="680" height="381" /></p>
<p>वहीं, केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर 7.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर 7.4 फीसदी रह सकती है. विश्व बैंक ने हालांकि चेतावनी दी है कि दक्षिण एशिया में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक अस्थिरता बढ़ जाएगी. बैंक ने रिपोर्ट में कहा है, &#8220;चुनौतीपूर्ण राजनीतिक माहौल से कुछ देशों में वर्तमान सुधार के एजेंडे और आर्थिक गतिविधि पर असर पड़ सकता है.&#8221;</p>
<p>जीईपी में पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था का आउटलु़क धुंधला रहने की संभावना जताई गई है. वैश्विक आर्थिक विकास दर इस साल तीन फीसदी से घटकर 2.9 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है और अगले दो साल वैश्विक आर्थिक विकास दर 2.8 फीसदी रहने का अनुमान है. विश्व बैंक ने दुनिया की अर्थव्यवस्था के विकास की रफ्तार मंद पड़ने के लिए व्यापारिक तनाव और विनिर्माण क्षेत्र में मंदी को को प्रमुख कारण बताया है.</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आर्थिक विकास दर वित्त वर्ष 2019-20 में 7.5 फीसदी रह सकती है. बैंक ने कहा कि उपभोग की स्थिति मजबूत है और निवेश में लगातार वृद्धि हो रही है, क्योंकि हाल के नीतिगत सुधारों और क्रेडिट में बढ़ोतरी से आर्थिक गतिविधि को फायदा मिला है. जीईपी में 2020-21 में भारत की आर्थिक विकास दर 2020-21 और 2021-22 में 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जारी किया गया है.</p>
<p>विश्व बैंक द्वारा अगले वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर 7.5 रहने का अनुमान जारी किया गया है, जोकि पिछले साल अक्टूबर में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा जारी अनुमान 7.4 फीसदी से थोड़ा अधिक है. रिपोर्ट में चीन की आर्थिक विकास दर 2019 में 6.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि 2018 में 6.5 फीसदी का अनुमान लगाया गया था.</p>
<p>विश्व बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टलिना जॉर्जीवा ने एक बयान में कहा, &#8220;2018 के आरंभ में दुनिया की अर्थव्यवस्था की रफ्तार तीव्र थी, लेकिन बाद में मंद पड़ गई और आने वाले साल में स्थिति कुछ अधिक विषम रह सकती है.&#8221; उन्होंने कहा, &#8220;उभरते और विकासशील देशों के लिए आर्थिक और वित्तीय संकट बढ़ गए हैं, इसलिए अत्यंत गरीबी को कम करने की दिशा में वैश्विक प्रगति खतरे में पड़ सकती है.&#8221;</p>
<p>जीईपी के मुताबिक, विकसित अर्थव्यवस्थाओं का प्रदर्शन सबसे खराब रह सकता है और उनकी विकास दर, जो पिछले साल 2.2 फीसदी थी, वह घटकर इस साल दो फीसदी रह सकती है. वहीं, अगले दो वर्षो के दौरान विकसित अर्थव्यवस्थाओं की विकास दर क्रमश: 1.6 फीसदी और 1.5 फीसदी रह सकती है.</p>
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