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	<title>जब पंडित नेहरू ने वाजपेयी के लिए कहा- &#8221;ये हमेशा मेरी आलोचना करते हैं &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>जब पंडित नेहरू ने वाजपेयी के लिए कहा- &#8221;ये हमेशा मेरी आलोचना करते हैं, लेकिन&#8230;&#8221;</title>
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		<pubDate>Thu, 16 Aug 2018 06:47:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[1957 में जब अटल बिहारी वाजपेयी बलरामपुर से पहली बार लोकसभा सदस्‍य बनकर पहुंचे तो सदन में उनके भाषणों ने तत्‍कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को बेहद प्रभावित किया. विदेश मामलों में वाजपेयी की जबर्दस्‍त पकड़ के पंडित नेहरू कायल हो गए. उस जमाने में वाजपेयी लोकसभा में सबसे पिछली बेंचों पर बैठते थे लेकिन इसके बावजूद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>1957 में जब अटल बिहारी वाजपेयी बलरामपुर से पहली बार लोकसभा सदस्&#x200d;य बनकर पहुंचे तो सदन में उनके भाषणों ने तत्&#x200d;कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को बेहद प्रभावित किया. विदेश मामलों में वाजपेयी की जबर्दस्&#x200d;त पकड़ के पंडित नेहरू कायल हो गए. उस जमाने में वाजपेयी लोकसभा में सबसे पिछली बेंचों पर बैठते थे लेकिन इसके बावजूद पंडित नेहरू उनके भाषणों को खासा तवज्&#x200d;जो देते थे.<img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter  wp-image-8646" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2018/08/273614-atal.jpg" alt="जब पंडित नेहरू ने वाजपेयी के लिए कहा- ''ये हमेशा मेरी आलोचना करते हैं, लेकिन...&quot;" width="829" height="466" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2018/08/273614-atal.jpg 970w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2018/08/273614-atal-300x169.jpg 300w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2018/08/273614-atal-768x432.jpg 768w" sizes="(max-width: 829px) 100vw, 829px" /></strong></p>
<p><strong>इन स्&#x200d;टेट्समैन नेताओं के रिश्&#x200d;तों से जुड़े कुछ किस्&#x200d;सों का वरिष्&#x200d;ठ पत्रकार किंगशुक नाग ने अपनी किताब &#8216;अटल बिहारी वाजपेयी- ए मैन फॉर ऑल सीजन&#8217; में जिक्र किया है. उन्&#x200d;होंने लिखा है कि दरअसल एक बार जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री भारत की यात्रा पर आए तो पंडित नेहरू ने वाजपेयी से उनका विशिष्&#x200d;ट अंदाज में परिचय कराते हुए कहा, &#8220;इनसे मिलिए. ये विपक्ष के उभरते हुए युवा नेता हैं. मेरी हमेशा आलोचना करते हैं लेकिन इनमें मैं भविष्य की बहुत संभावनाएं देखता हूं.&#8221;</strong></p>
<p><strong>इसी तरह यह भी कहा जाता है कि एक बार पंडित नेहरू ने किसी विदेशी अतिथि से अटल बिहारी वाजपेयी का परिचय संभावित भावी प्रधानमंत्री के रूप में कराया.</strong></p>
<p><strong>नाग ने अपनी किताब में 1977 की एक घटना का जिक्र किया है जिससे पता चलता है कि पंडित नेहरू के प्रति वाजपेयी के मन में कितना आदर था. उनके मुताबिक 1977 में जब वाजपेयी विदेश मंत्री बने तो जब कार्यभार संभालने के लिए साउथ ब्&#x200d;लॉक के अपने दफ्तर पहुंचे तो उन्&#x200d;होंने गौर किया कि वह पर लगा पंडित नेहरू की तस्&#x200d;वीर गायब है. उन्&#x200d;होंने तुरंत अपने सेकेट्री से इस संबंध में पूछा. पता लगा कि कुछ अधिकारियों ने जानबूझकर वह तस्&#x200d;वीर वहां से हटा दी थी. वो शायद इसलिए क्&#x200d;योंकि पंडित नेहरू विरोधी दल के नेता थे. लेकिन वाजपेयी ने आदेश देते हुए कहा कि उस तस्&#x200d;वीर को फिर से वहीं लगा दिया जाए.</strong></p>
<p><strong>अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में 10 अनसुनी बातें जानिए: </strong><br />
<strong>1. अटल बिहारी वाजपेयी पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे, जिन्&#x200d;होंने अपना कार्यकाल पूरा किया था.</strong><br />
<strong> </strong><br />
<strong>2. अटल बिहारी वाजपेयी 1996 में पहली बार 13 दिनों के लिए प्रधानमंत्री बने थे</strong><br />
<strong> </strong><br />
<strong>3. पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी ने कानपुर के डीएवी कॉलेज में अपने पिता के साथ कानून की पढ़ाई की है. दोनों एक ही कमरे में रहते थे.</strong><br />
<strong> </strong><br />
<strong>4. प्रधानमंत्री रहते हुए नेशनल हाईवेज डेवलप प्रोजेक्&#x200d;ट (एनएचडीपी) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) जैसी बड़ी और प्रमुख योजनाएं उन्&#x200d;हीं के कार्यकाल में शरू की गईं. एनएचडीपी के तहत देश के चार प्रमुख महानगरों मुंबई, दिल्&#x200d;ली, चेन्&#x200d;नई ओर कोलकाता को आपस में सड़क से जोड़ा गया. वहीं पीएमजीएसवाई के तहत देश के गांवों को जोड़ने के लिए हर मौसम में कारगर सड़कों का जाल बिछाया जाना था.</strong><br />
<strong> </strong><br />
<strong>5. प्रधानमंत्री रहते हुए अटल बिहारी वाजपेयी ने देश की अर्थव्&#x200d;यवस्&#x200d;था को सुधारने और विश्&#x200d;व में देश की बेहतर छवि बनाने के लिए निजीकरण को लेकर अभियान भी चलाया.</strong><br />
<strong> </strong><br />
<strong>6. अटल बिहारी वाजपेयी 9 बार सांसद के रूप में लोकसभा पहुंचे. साथ ही दो बार राज्&#x200d;यसभा भी पहुंचे.</strong><br />
<strong> </strong><br />
<strong>7. 1977 में अटल बिहारी वाजपेयी विदेश मंत्री बने. वे मंत्री बनने वाले जन संघ के पहले सदस्&#x200d;य हैं.</strong><br />
<strong> </strong><br />
<strong>8. वाजपेयी को 1992 में पद्मविभूषण और 1994 में बेस्&#x200d;ट पार्लियामेंटेरियन अवॉर्ड मिला.</strong><br />
<strong> </strong><br />
<strong>9. 2014 में राष्&#x200d;ट्रपति कार्यालय ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय को देश का सर्वोच्&#x200d;च सम्&#x200d;मान देने की घोषणा की थी.</strong><br />
<strong> </strong><br />
<strong>10. उन्&#x200d;हें लोग प्&#x200d;यार से &#8216;बाप जी&#8217; भी कहते हैं. 2005 के बाद स्&#x200d;वास्&#x200d;थ्&#x200d;य कारणों के चलते सार्वजनिक जीवन से दूर होते चले गए.</strong></p>
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