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	<title>जब फफक कर रो पड़े अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>जब फफक कर रो पड़े अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन, सत्‍ता के शिखर पर पहुंचने के बीच याद आई ये बात&#8230;</title>
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		<pubDate>Fri, 22 Jan 2021 08:12:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अमेरिकी राष्‍ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह की आपाथापी में यह बात दब गई कि शपथ ग्रहण समारोह के ठीक पहले एक समारोह में उनके आशुंओं का प्रवाह निकल पड़ा। बाइडन अपनी भवनाओं पर काबू नहीं पा सके और रो दिए। दरअसल, बाइडन अमेरिका के सबसे अधिक उम्र के राष्‍ट्रपति बनने वाले पहले व्‍यक्ति हैं। अमेरिकी सत्‍ता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिकी राष्&#x200d;ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह की आपाथापी में यह बात दब गई कि शपथ ग्रहण समारोह के ठीक पहले एक समारोह में उनके आशुंओं का प्रवाह निकल पड़ा। बाइडन अपनी भवनाओं पर काबू नहीं पा सके और रो दिए। दरअसल, बाइडन अमेरिका के सबसे अधिक उम्र के राष्&#x200d;ट्रपति बनने वाले पहले व्&#x200d;यक्ति हैं। अमेरिकी सत्&#x200d;ता के शिखर पर पहुंचने की उनकी ललक ने उनके संघर्ष को काफी सघन किया। सत्&#x200d;ता के लिए उनका संघर्ष काफी लंबा चला। उन्&#x200d;होंने हार नहीं मानी और वह विजयी हुए। विजय भी ऐसी जो ऐतिहासिक रही। <img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-99414" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2021/01/erfed.jpg" alt="" width="650" height="540" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2021/01/erfed.jpg 650w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2021/01/erfed-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><strong>दो बार मिली विफलता ने पस्&#x200d;त नहीं हुए बाइडन, हौसले का लोहा</strong></p>
<p>जो बाइडन ने बुधवार को अमेरिकी के 46वें राष्&#x200d;ट्रपति पद के रूप में शपथ ली। देश के मुख्&#x200d;य न्&#x200d;यायाधीश जॉन राबर्ट्स ने उनको शपथ दिलाई। अमेरिकी राष्&#x200d;ट्रप&#x200d;ति चुनाव में वह सर्वाधिक रिकॉर्ड मतों से विजयी हुए। इसके पूर्व वह अपने लंबे राजनीतिक करियर में दो बार राष्&#x200d;ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन वह विजयी नहीं हुए। पहली बार वर्ष 1988 में वह राष्&#x200d;ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़े, लेकिन वह पराजित हुए। इसके बाद वर्ष 2008 में दूसरी बार उन्&#x200d;होंने राष्&#x200d;ट्रपति चुनाव में हिस्&#x200d;सा लिया, लेकिन वह इस बार भी जीत हासिल करने में विफल रहे। बाइडन ने हार नहीं मानी। वर्ष 2020 में तीसरी बार राष्&#x200d;ट्रपति चुनाव वह विजयी हुए। एक कड़े मुकाबले में उन्&#x200d;होंने अपने प्रतिद्वंद्वी डोनाल्&#x200d;ड ट्रंप को पराजित किया।</p>
<p><strong>बोले बाइडन, उनके दिल पर हरदम डेलावेयर का ही नाम लिखा होगा</strong></p>
<p>बाइडन शपथ ग्रहण समारोह के लिए वाशिंगठन डीसी जाने से ठीक पहले अपनी कर्मभूमि डेलावेयर पहुंचे। उन्&#x200d;होंने वहां आमलोगों के बीच एक भावुक भाषण दिया। भाषण के दौरान वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं पा सके और कई बार उनके आंखों से आंसू बहने लगे। दरअसल, 34 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद जब कोई व्&#x200d;यक्ति अपने सपनों को साकार होता देखता है तो शायद उसका भावुक होना लाजमी है। बाइडन के साथ भी यही हुआ। एक बड़ी जीत के बाद जब वह अपने गृहजनपद पहुंचे तो अत्&#x200d;यधिक भावुक हो गए। उन्&#x200d;होंने कहा कि उनके जीवन में डेलावेयर का स्&#x200d;थान सदैव सर्वोपरि होगा। सबसे अलग होगा। उन्&#x200d;होंने भावुक होकर कहा कि जब उनका निधन होगा तब भी उनके दिल पर डेलावेयर का ही नाम लिखा होगा। उन्&#x200d;होंने डेलावेयर के लोगों के समक्ष अपनी सच्&#x200d;ची भावना का इजहार किया।</p>
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