जीवन की जगी उम्मीद – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Thu, 26 Jul 2018 06:20:48 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 मंगल पर मिली पानी की झील, जीवन की जगी उम्मीद https://www.shauryatimes.com/news/6845 Thu, 26 Jul 2018 06:20:48 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=6845 अब वो दिन दूर नहीं जब इंसान मंगल ग्रह में अपना आशियाना बना लेगा. मंगल पर पहली बार विशाल भूमिगत झील का पता चला है. इससे वहां अधिक पानी होने और जीवन की मौजूदगी की संभावना दिखने लगी है.अब वो दिन दूर नहीं जब इंसान मंगल ग्रह में अपना आशियाना बना लेगा. मंगल पर पहली बार विशाल भूमिगत झील का पता चला है. इससे वहां अधिक पानी होने और जीवन की मौजूदगी की संभावना दिखने लगी है.  अमेरिकी जर्नल ‘साइंस’ में प्रकाशित रिसर्च में खोजकर्ताओं ने दावा किया कि मार्सियन हिम खण्ड के नीचे अवस्थित झील 20 किलोमीटर चौड़ी है. यह मंगल ग्रह पर पाया गया अब तक का सबसे बड़ा जल निकाय है.  पहले के शोध में मंगल के धरातल पर तरल जल के संभावित चिन्ह मिले थे, लेकिन ये जल के पाए जाने का पहला ऐसा प्रमाण है, जो वर्तमान में मौजूद है.  ऑस्ट्रेलिया के स्विनबर्न विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर एलन डफी ने इसे शानदार उपलब्धि करार देते हुए कहा कि इससे जीवन के अनुकूल परिस्थितियों की संभावनाएं खुलती हैं.    इससे पहले अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने घोषणा की कि मंगल पर 2012 में उतरे खोजी रोबोट क्यूरियोसिटी को चट्टानों में तीन अरब साल पुराने कार्बनिक अणु मिले हैं. यह इस बात की ओर संकेत करती है कि उस जमाने में इस ग्रह पर जीवन रहा होगा. नासा के सौर प्रणाली अन्वेषण विभाग के निदेशक पॉल महाफी ने कहा कि यह एक रोमांचक खोज है.

अमेरिकी जर्नल ‘साइंस’ में प्रकाशित रिसर्च में खोजकर्ताओं ने दावा किया कि मार्सियन हिम खण्ड के नीचे अवस्थित झील 20 किलोमीटर चौड़ी है. यह मंगल ग्रह पर पाया गया अब तक का सबसे बड़ा जल निकाय है.

पहले के शोध में मंगल के धरातल पर तरल जल के संभावित चिन्ह मिले थे, लेकिन ये जल के पाए जाने का पहला ऐसा प्रमाण है, जो वर्तमान में मौजूद है.

ऑस्ट्रेलिया के स्विनबर्न विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर एलन डफी ने इसे शानदार उपलब्धि करार देते हुए कहा कि इससे जीवन के अनुकूल परिस्थितियों की संभावनाएं खुलती हैं.  

इससे पहले अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने घोषणा की कि मंगल पर 2012 में उतरे खोजी रोबोट क्यूरियोसिटी को चट्टानों में तीन अरब साल पुराने कार्बनिक अणु मिले हैं. यह इस बात की ओर संकेत करती है कि उस जमाने में इस ग्रह पर जीवन रहा होगा. नासा के सौर प्रणाली अन्वेषण विभाग के निदेशक पॉल महाफी ने कहा कि यह एक रोमांचक खोज है.

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