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	<title>ट्रेड वार में अमेरिका के हर परिवार को हो रहा है सालाना 33 हजार रुपये का नुकसान &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>ट्रेड वार में अमेरिका के हर परिवार को हो रहा है सालाना 33 हजार रुपये का नुकसान</title>
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		<pubDate>Wed, 04 Sep 2019 08:39:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
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					<description><![CDATA[चीन के साथ महीनों से जारी ट्रेड वार में अमेरिका को लाखों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के उस बयान से बिल्‍कुल उलट है जिसमें उन्‍होंने कहा था कि यदि चीन ने अमेरिका की बात नहीं मानी तो वह तबाह हो जाएगा। बहरहाल, आंकड़े फिलहाल कुछ और ही बयां &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>चीन के साथ महीनों से जारी ट्रेड वार में अमेरिका को लाखों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह राष्&#x200d;ट्रपति डोनाल्&#x200d;ड ट्रंप के उस बयान से बिल्&#x200d;कुल उलट है जिसमें उन्&#x200d;होंने कहा था कि यदि चीन ने अमेरिका की बात नहीं मानी तो वह तबाह हो जाएगा। बहरहाल, आंकड़े फिलहाल कुछ और ही बयां कर रहे हैं। दोनों देशों द्वारा एक दूसरे के उत्&#x200d;पादों पर शुल्&#x200d;क बढ़ाए जाने के बाद जो हालात बने हैं उसमें अमेरिका में मैन्&#x200d;युफैक्&#x200d;चरिंग में 2-3 फीसद की गिरावट दर्ज की गई है। यह 51.2 फीसद से गिरकर 49.1 फीसद हो गई है। वर्ष 2016 के बाद ऐसा पहली बार देखने को मिला है। यह जानकारी इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट सर्वे में सामने आई है। इस ट्रेड वार की वजह से एक्&#x200d;सपोर्ट भी प्रभावित हुआ है। इतना ही नहीं सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि चीन के विकल्&#x200d;प के तौर पर दूसरे दशों से सप्&#x200d;लाई भी बड़ी चुनौती बनी है। दरअसल, ऐसा इसलिए है क्&#x200d;योंकि अमेरिका आयात के लिए काफी हद तक चीन पर निर्भर है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter  wp-image-54725" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/09/download-2019-09-04T140844.660.jpg" alt="" width="591" height="331" /></p>
<p><strong>चीन की आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट<br />
</strong></p>
<p>वहीं दूसरी तरफ यदि चीन की बात करें तो उसकी आर्थिक वृद्धि दर पिछले 27 सालों में सबसे कम देखने को मिली है। ट्रेड वार के बीच चीन की मुद्रा युआन भी लगातार नीचे आ रही है। आलम ये है कि बीते 11 सालों में युआन सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। इन दो देशों के बीच जारी ट्रेड वार के चलते मैन्&#x200d;युफैक्&#x200d;चरिंग सेक्&#x200d;टर हिचकोले खा रहा है। इस पर ही हाल ही में राष्&#x200d;ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर से कुछ अन्&#x200d;य वस्&#x200d;तुओं पर 15 फीसद शुल्&#x200d;क लगा दिया है। इसमें कंज्&#x200d;यूमर गुड्स, कपड़े, लॉनमूवर, स्विंग मशीन, फूड और ज्&#x200d;वैलरी शामिल हैं। इस पर चीन ने प्रतिक्रिया के तौर पर 75 बिलियन डॉलर के अमेरिकी उत्&#x200d;पादों पर शुल्&#x200d;क बढ़ाया है। चीन ने यहां तक कहा है कि वह अमेरिकी दादागिरी के खिलाफ वर्ल्&#x200d;ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन में अपील करेगा।</p>
<p><strong>क्&#x200d;या कहते हैं विश्&#x200d;लेषक<br />
</strong></p>
<p>यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के अर्थशास्त्रि किरिल बोरुसयाक और लंदन स्&#x200d;कूल ऑफ इकनॉमिक्&#x200d;स के साझा विश्&#x200d;लेषण में यह बात सामने निकलकर आई है कि इस ट्रेड वार से अमेरिकी परिवारों को सालाना 10 लाख करोड़ रुपये से ज्&#x200d;यादा की चपत लगेगी। इसका अर्थ ऐसे लगाया जा सकता है कि अमेरिका के हर परिवार को इस ट्रेड वार से औसतन करीब 460 डॉलर (33 हजार रुपये) का नुकसान होगा। हालांकि विश्&#x200d;लेषण में यह भी कहा गया है कि यह परिवार की आर्थिक क्षमता के हिसाब से कम या ज्&#x200d;यादा भी हो सकती है। अमेरिकी गरीब परिवारों को इससे 970 (75000 रुपये) डॉलर का नुकसान उठाना होगा।</p>
<p><strong>किसको कितना नुकसान<br />
</strong></p>
<p>अर्थशास्त्रियों ने इसका अनुमान चीनी उत्&#x200d;पादों पर लगने वाले शुल्&#x200d;क को ध्&#x200d;यान में रखते हुए लगाया गया है। आपको बता दें कि ट्रेड वार की शुरुआत अमेरिका ने 2018 में की थी। इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी उत्&#x200d;पादों पर शुल्&#x200d;क लगा दिया था। गौरतलब है कि अगस्&#x200d;त तक अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले 18 लाख करोड़ रुपये के सामान पर 25 फीसद तक शुल्&#x200d;क लगा चुका है। जानकारों की मानें तो यह ट्रेड वार फिलहाल नजदीकी भविष्&#x200d;य में तो खत्&#x200d;म होने वाला नहीं है। अलबत्&#x200d;ता इसकी वजह से चीन से आने वाले हर सामान की कीमत अमेरिका में जरूर बढ़ जाएगी।</p>
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