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	<title>डेटिंग और शादी को कर रही &#8216;No&#8217; &#8211; Shaurya Times | शौर्य टाइम्स</title>
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		<title>अब अपनी खुशी से जीना चाहती हैं यहां की महिलाएं, डेटिंग और शादी को कर रही &#8216;No&#8217;</title>
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		<pubDate>Sun, 08 Dec 2019 08:52:15 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[दुनिया]]></category>
		<category><![CDATA[अब अपनी खुशी से जीना चाहती हैं यहां की महिलाएं]]></category>
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					<description><![CDATA[कोरियाई प्रायद्वीपीय देश उत्‍‍‍‍तर कोरिया को लेकर कई तरह की खबरें सामने आती रहती हैं। वहीं दक्षिण कोरिया को हम हर तरह से संपन्‍न, विकसित और खुली सोच वाला देश मानते हैं। लेकिन, ऐसा नहीं है। महिलाओं को लेकर सामने आई एक खबर आपको भी अपनी सोच को बदलने को मजबूर कर सकती है। दरअसल, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कोरियाई प्रायद्वीपीय देश उत्&#x200d;&#x200d;&#x200d;&#x200d;तर कोरिया को लेकर कई तरह की खबरें सामने आती रहती हैं। वहीं दक्षिण कोरिया को हम हर तरह से संपन्&#x200d;न, विकसित और खुली सोच वाला देश मानते हैं। लेकिन, ऐसा नहीं है। महिलाओं को लेकर सामने आई एक खबर आपको भी अपनी सोच को बदलने को मजबूर कर सकती है। दरअसल, महिलाओं से जुड़ी जिन बातों को हम केवल विकासशील या पिछड़े मुल्&#x200d;कों की बता कर पल्&#x200d;ला झाड़ लेते थे उसका असर अब काफी दूर तक हो रहा है। आपको बता दें कि ज्&#x200d;यादातर विकासशील और गरीब देशों में पुरुष प्रधान समाज देखा जाता है।</strong></p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-68424" src="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/12/08_12_2019-south-korea-women_19825795.jpg" alt="" width="650" height="540" srcset="https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/12/08_12_2019-south-korea-women_19825795.jpg 650w, https://www.shauryatimes.com/wp-content/uploads/2019/12/08_12_2019-south-korea-women_19825795-300x249.jpg 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></p>
<p><strong>क्&#x200d;या है &#8216;4 बी&#8217; या &#8216;फोर नोस&#8217;</strong></p>
<p><strong>महिलाओं के हक की वहां पर बातें तो होती हैं लेकिन उनकी जमीनी हकीकत कुछ और ही होती है। ऐसा ही कुछ दक्षिण कोरिया में भी देखने को मिला है। यहां पर महिलाएं शादी इसलिए नहीं करना चाहती हैं क्&#x200d;योंकि शादी के बाद उन पर पुरुष अपनी सोच को थोप देते हैं। उनसे जो अपेक्षाएं की जाती हैं उनमें पुरुष समाज ये भूल जाता है कि महिला आखिर क्&#x200d;या चाहती है। दक्षिण कोरिया में इस तरह की सोच को लेकर शादी या पुरुषों से संबंध बनाने को लेकर न कहने वाली महिलाओं की संख्&#x200d;या लगातार बढ़ रही है। जापान टाइम्&#x200d;स की एक खबर के मुताबिक दक्षिण कोरिया की महिलाएं अब कट्टरपंथी नारीवादी आंदोलन &#8216;4 बी&#8217; या &#8216;फोर नोस&#8217; (4B/four nos) के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसका अर्थ चार चीजों पर उनका सीधा इनकार है। इनमें से पहला है डेटिंग से इनकार, दूसरा है यौन संबंध बनाने से इनकार, तीसरा शादी से इनकार और चौथा बच्&#x200d;चे पैदा करने से इनकार। </strong></p>
<div class="relativeNews">
<p><strong>एक सर्वे की रिपोर्ट पर नजर</strong></p>
<p><strong>दक्षिण कोरिया महिलाओं में शादी को लेकर पनप रही सोच पर बीते वर्ष एक सर्वे भी हुआ था। कोरिया इंस्टिट्यूट फॉर हैल्&#x200d;थ एंड सोशल अफेयर्स ने इसी वर्ष जनवरी में इस सर्वे की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया था। इसके मुताबिक 20-44 वर्ष की आयु के करीब 40 फीसद लोग डेटिंग में इन्&#x200d;वॉल्&#x200d;व पाए गए। लेकिन यह आंकड़ा शादी के मामले में काफी अलग था। इसके मुताबिक 25-29 वर्ष की आयु वाले पुरुष और महिलाएं करीब 90 फीसद गैर शादीशुदा पाए गए। वहीं 30-34 वर्ष की आयु वाले पुरुष और महिलाओं में ये करीब 56 फीसद और 40-45 की उम्र में ये 33 फीसद तक पाया गया। </strong></p>
<div class="relativeNews">
<p><strong>बढ़ रही है मुहिम से जुड़ने वाली महिलाओं की संख्&#x200d;या</strong></p>
<p><strong>वर्तमान की यदि बात करें तो अब इस मुहिम से जुड़ने वालों की संख्&#x200d;या लगातार बढ़ रही है। इससे जुड़ी महिलाएं यू-ट्यूब चैनल समेत दूसरे सोशल मीडिया प्&#x200d;लेटफॉर्म के माध्&#x200d;यम से अपनी बात दूसरों तक पहुंचाने में लगी हैं। जापान टाइम्&#x200d;स ने जो रिपोर्ट प्रकाशित की है उसमें इस मुहिम के साथ चलने वाली महिलाओं से बात कर इसकी वजह भी जानने की कोशिश की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक बोनी ली को न तो ब्&#x200d;वॉयफ्रेंड बनाने की कोई चिंता है और न ही शादी की। वह इस बारे में न तो सोचती है और न ही सोचना चाहती है। 40 वर्षीय ली सियोल में रहती हैं। उनका कहना है कि वह काफी स्&#x200d;ट्रेट महिला हैं जिसकी पुरुष, शादी और संबंध बनाने में कोई दिलचस्&#x200d;पी नहीं है। वह मानती हैं कि इसके बाद भी वह खुद को अकेला महसूस नहीं करती हैं। वह अपने फैसले से काफी खुश हैं। ली का कहना है कि शादी के फायदे से ज्&#x200d;यादा नुकसान हैं। </strong></p>
<div class="relativeNews">
<p><strong>पुरुष प्रधान समाज की सोच</strong></p>
<p><strong>इस मुहिम से जुड़कर शादी को न कहने वाली महिलाओं का कहना है कि यहां के पुरुष प्रधान समाज में शादी के बाद मान लिया जाता है कि महिला पूरी तरह से घर-गृहस्&#x200d;थी की तरफ ध्&#x200d;यान देगी। बुजुर्गों की सेवा और बच्&#x200d;चे पैदा करना केवल उनकी प्राथमिकता होगी और इसमें ही उन्&#x200d;हें अपना जीवन गुजारना होगा। शादी की इस दुनिया में महिलाओं की इच्&#x200d;छा की कोई कदर नहीं होती है। न ही कोई ये जानना चाहता है कि वो क्&#x200d;या करना चाहती है या वो शादी से पहले क्&#x200d;या सोचती थी। ली की ही बात करें तो उन्&#x200d;होंने दो अलग-अलग विषयों में मास्&#x200d;टर डिग्री हासिल की है। वह मानती हैं कि इतना पढ़ लिखने का अर्थ सिर्फ घर में कैद होकर रह जाना नहीं होता है। ली जैसी कई अन्&#x200d;य  महिलाएं यहां के कठोर पितृसत्तात्मक मानदंडों को खारिज कर रही हैं।</strong></p>
<div class="relativeNews">
<p><strong>एक फिल्&#x200d;म चर्चा में</strong></p>
<p><strong>यही वजह है कि दक्षिण कोरिया में विवाह की दर तेजी से कम हो रही है। ली का कहना है कि ज्&#x200d;यादा शिक्षित होना महिला के लिए नकारात्&#x200d;मक बिंदु हो जाता है। दक्षिण कोरिया में महिलाओ की मानसिकता और वहां के पुरुष प्रधान समाज को दर्शाती एक फिल्&#x200d;म ने हाल ही में बॉक्&#x200d;स ऑफिस पर जबरदस्&#x200d;त सफलता पाई है। इस फिल्म का नाम &#8216;किम जी योंग, बॉर्न 1982&#8217; है। यह फिल्&#x200d;म एक उपन्&#x200d;यास पर आधारित है। इसमें दिखाया गया है कि शादी करने के बाद कैसे एक दक्षिण कोरियाई महिला को अपनी नौकरी छोड़नी पड़ती है और कम संसाधनों में अपने बच्&#x200d;चों का लालन-पालन करना पड़ता है। यहां की महिलाओं की सोच में आए बदलाव को इस तरह से भी देखा जा सकता है कि इन्&#x200d;होंने इस फिल्&#x200d;म को 10 में से 9.5 रेटिंग दी जबकि पुरुषों ने इसको केवल 2.8 अंक दिए हैं। एक दशक पहले अकेली और कभी न शादी करने वाली कोरियन महिलाओं में से करीब 47 प्रतिशत सोचती थीं कि शादी जरूरी है। वहीं अब इस सोच को रखने वालों की संख्&#x200d;या महज 22.4 फीसद हो गई है। </strong></p>
<div class="relativeNews">
<p><strong>गिर रहा है शादी करने वालों का आंकड़ा</strong></p>
<p><strong>दक्षिण कोरिया में 1996 में शादी करने वालों का जो आंकड़ा 4,34,900 था वो 2018 तक 2,57,600 हो चुका है। फोर बी को हां कहने वालों के फिलहाल फॉलोवर्स हजारों में हैं। लेकिन यू-ट्यूब चैनल को सब्&#x200d;सक्राइब करने वाले एक लाख से ज्&#x200d;यादा तक हो चुके हैं। फोर बी को हां कहने वाली 24 साल की एक अन्&#x200d;य महिला योन जी अपने मां-बाप के साथ रहती हैं। वह मानती हैं कि यहां की महिलाओं से अक्सर चुलबुली और आकर्षक&#8217; होने की उम्मीद की जाती है। वो अब अपने ब्&#x200d;वॉयफ्रेंड को बॉय-बॉय कह चुकी हैं। उनका कहना है कि उनका फ्रेंड नारीवादी सोच का विरोध करता था और अपनी हर खुशी या सोच को उस पर थोपना चाहता था, जो उसको पसंद नहीं आया और वो उससे अलग हो गईं। उनके मुताबिक दक्षिण कोरिया में पॉर्न को लेकर तेजी आई है। उनके मुताबिक 20 से 30 साल के ज्यादातर पुरुष हिडन कैमरे से पहले साथी की वीडियो बनाते हैं और फिर उन्&#x200d;हें लीक करते हैं। इस वजह से भी अब वह इन सबसे दूर रहना ज्&#x200d;यादा बेहतर समझती हैं। उनके मुताबिक खुश रहने के कई तरीके हैं। सिर्फ शारीरिक खुशी ही इसके लिए पूरी नहीं हो सकती है।</strong></p>
<div class="relativeNews"></div>
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