तो इस वजह से ऋषि-मुनि क्यों पहनते थे खड़ाऊ – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Wed, 29 May 2019 04:41:34 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 तो इस वजह से ऋषि-मुनि क्यों पहनते थे खड़ाऊ https://www.shauryatimes.com/news/43399 Wed, 29 May 2019 04:41:34 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=43399 बहुत कम लोग जानते हैं कि खड़ाऊ का मतलब क्या होता है. तो हम आपको बता दें कि खड़ाऊ यानि लकड़ी की चप्पल. जिसका चलन हमारे वैदिक काल से चला आ रहा है। कहा जाता है और आप सभी ने देखा भी होगा कि साधु- संत आज भी खड़ाऊ पहनते हैं और धार्मिक ग्रंथों में लकड़ी की चप्पलों का उल्लेख किया गया है. इसी के साथ खड़ाऊ पहनने के पीछे की मान्यता धार्मिक होने के साथ-साथ वैज्ञानिक भी है और यजुर्वेद में बताया गया है कि खड़ाऊ पहनने से कई बीमारियों से हमारी रक्षा होती है. तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि ऋषि-मुनि क्यों पहनते थे खड़ाऊ.

ऋषि-मुनि क्यों पहनते थे खड़ाऊ उसका कारण- जी दरअसल गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी हर एक चीज को अपनी ओर खींचती है और ऐसे में हमारे शरीर से निकलने वाली विद्युत तरंगें जमीन में चली जाती हैं। वहीं इन तरंगों को बचाने के लिए खड़ाऊ पहनने की व्यवस्था की गई और खड़ाऊ पहनने से तलवे की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। इसी के साथ कहा जाता है खड़ाऊ पहनने से शरीर का संतुलन सही रहता है जिसकी वजह से रीढ़ की हड्डी पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

वहीं पैरों में लकड़ी की पदुका पहनने से शरीर में रक्त का प्रवाह सही रहता है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा विकसित होती रहती है। इस कारण से आज के समय भी खड़ाऊ पहनने की सलाह सभी को दी जाती है लेकिन लोग फैशन से आगे किसी को नहीं रखते.

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