दीपिका के साथ मस्ती करती आई नजर – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Thu, 16 Jan 2020 09:25:54 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 लक्ष्मी अग्रवाल की बेटी पीहू छपाक देखने पहुंची, दीपिका के साथ मस्ती करती आई नजर https://www.shauryatimes.com/news/74342 Thu, 16 Jan 2020 09:25:54 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=74342 हिंदी सिनेमा की नंबर वन हीरोइन दीपिका पादुकोण ने फिल्म छपाक से तेजाब हमले की पीड़ित लक्ष्मी अग्रवाल के संघर्ष की कहानी दिखाई गई है. बता दे की लक्ष्मी अग्रवाल की बेटी पिहु दीपिका से भी सुंदर है. पिहु और दीपिका ने फिल्म छपाक के एक खास शो के दौरान खूब मस्ती की और पूरी दुनिया को अपनी सुंदरता से मोहित करने वाली दीपिका खुद जूनियर लक्ष्मी की सुंदरता पर फ़िदा हो गई हैं. दीपिका न सिर्फ पिहु को देर तक गोद में खिलाती रहीं, बल्कि उसे ढेर सारा दुलार और उपहार भी दिए.

पिछले हफ्ते  रिलीज हुई फिल्म “छपाक” अपनी लागत और उपलब्ध सिनेमाघरों के हिसाब से अच्छा कारोबार कर रही है. दीपिका ने ये फिल्म अपनी सामाजिक प्रतिबद्धताओं के लिए की है और फिल्म के लिए उन्होंने कोई तय रकम लेने की बजाय फिल्म के सफल होने पर इसके मुनाफे में हिस्सेदारी के नाम पर इसमें काम किया है. दीपिका कहती हैं, ‘मैं फिल्में दिल से करती हूं. अभिनय के लिए करती हूं. पैसे कमाने के मौके जिंदगी में तमाम आते हैं पर ऐसी फिल्में करने के मौके बार बार नहीं आते. मेघना से कहानी सुनने के 15 मिनट बाद मैंने इस फिल्म के लिए हां कर दी. और, न तो मेघना ने और न ही मैंने कभी इस फिल्म के लिए फीस को लेकर कोई खास बातचीत ही की.’

फिल्म छपाक महिलाओं को खासतौर से आकर्षित कर रही है. मुंबई के जुहू और अंधेरी इलाकों में महिलाएं समूहों में ये फिल्म देख रही हैं. फिल्म देखने के लिए ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को प्रेरित करने के लिए मुंबई के कुछ इलाकों में खास अभियान भी देखने को मिल रहे हैं. इस सबके बीच लक्ष्मी अग्रवाल ने अपनी बेटी पिहु को भी ये फिल्म दिखाई. पिहु ने शांति से फिल्म को अंत तक देखा और अपनी मां से तमाम सवाल भी पूछे. लक्ष्मी कहती हैं, ‘फिल्म के बाद, उसने मुझे बहुत सारा प्यार किया और दीपिका को भी गले लगाया.’ फिल्म छपाक के सामाजिक मुद्दे को देखते हुए इसे राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में टैक्स फ्री कर दिया गया है. उत्तराखंड सरकार ने तेजाब हमले से पीड़ित महिलाओं के लिए छह हजार रुपये मासिक पेंशन की भी शुरुआत कर दी हैं.

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