देश को सुरक्षित रेल की जरूरत:ई श्रीधरन – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Mon, 02 Jul 2018 05:41:53 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 बुलेट ट्रेन एलीट क्लास के लिए, देश को सुरक्षित रेल की जरूरत:ई श्रीधरन https://www.shauryatimes.com/news/4848 Mon, 02 Jul 2018 05:41:53 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=4848 मेट्रोमैन के नाम से ख्यात ई श्रीधरन ने कहा है कि बुलेट ट्रेन देश के एलीट क्लास के लिए है. श्रीधरन का कहना है कि बुलेट ट्रेन का किराया बहुत महंगा होगा जो आम आदमी की पहुंच से बहुत दूर होगा. लिहाजा देश को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल व्यवस्था की ज्यादा जरूरत है जिससे देश की बड़ी आबादी पर असर पड़ेगा.मेट्रोमैन के नाम से ख्यात ई श्रीधरन ने कहा है कि बुलेट ट्रेन देश के एलीट क्लास के लिए है. श्रीधरन का कहना है कि बुलेट ट्रेन का किराया बहुत महंगा होगा जो आम आदमी की पहुंच से बहुत दूर होगा. लिहाजा देश को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल व्यवस्था की ज्यादा जरूरत है जिससे देश की बड़ी आबादी पर असर पड़ेगा.  मेट्रोमैन ई श्रीधरन ने हिन्दुस्तान टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि वे ऐसा नहीं मानते कि भारतीय रेल व्यवस्था में बायो-ट्वायलेट के अलावा कोई बड़ा बदलाव आया है. वहीं बायो-ट्वायलेट्स को तकनीकि रूप से अभी और विकसित किया जाना बाकी है. ई श्रीधरन का ये भी कहना है ट्रेनो की रफ्तार बढ़ी नहीं है, बशर्ते अहम ट्रेनों की औसत रफ्तार मे और भी कमी आई है. ट्रेनों को समय पर चलाना अभी भी चुनौती बनी हुई है, वहीं रेल हादसों की संख्या और असुरक्षित क्रांसिंग भी  पर हादसों की संख्या बढ़ी है. श्रीधरन का ये भी कहना है कि उनकी समझ से भारतीय रेल किसी भी विकसित देश की रेल व्यस्था से आभी 20 साल पीछे है.  इसे पढ़ें: दिल्‍ली मेट्रो लिखेगी इतिहास, बनेगी दुनिया की 5वीं बड़ी मेट्रो  श्रीधरन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उनके दिल के बेहद करीब दिल्ली मेट्रो ने किस तरह से सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में उच्च मापदंड कायम किये हैं.  भविष्य में मेट्रो को और अधिक उन्नत करने से कार्यक्षमता में वृद्धी होगी और खर्च में कमी आएगी. मेट्रोमैन की कहना है कि मेट्रो के डिब्बों और अन्य पुर्जों को देश में विकसित करना मोदी सरकार की महत्वकांक्षी मेक इन इण्डिया को और भी बल देगा.

मेट्रोमैन ई श्रीधरन ने हिन्दुस्तान टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि वे ऐसा नहीं मानते कि भारतीय रेल व्यवस्था में बायो-ट्वायलेट के अलावा कोई बड़ा बदलाव आया है. वहीं बायो-ट्वायलेट्स को तकनीकि रूप से अभी और विकसित किया जाना बाकी है. ई श्रीधरन का ये भी कहना है ट्रेनो की रफ्तार बढ़ी नहीं है, बशर्ते अहम ट्रेनों की औसत रफ्तार मे और भी कमी आई है. ट्रेनों को समय पर चलाना अभी भी चुनौती बनी हुई है, वहीं रेल हादसों की संख्या और असुरक्षित क्रांसिंग भी  पर हादसों की संख्या बढ़ी है. श्रीधरन का ये भी कहना है कि उनकी समझ से भारतीय रेल किसी भी विकसित देश की रेल व्यस्था से आभी 20 साल पीछे है.

श्रीधरन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उनके दिल के बेहद करीब दिल्ली मेट्रो ने किस तरह से सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में उच्च मापदंड कायम किये हैं.  भविष्य में मेट्रो को और अधिक उन्नत करने से कार्यक्षमता में वृद्धी होगी और खर्च में कमी आएगी. मेट्रोमैन की कहना है कि मेट्रो के डिब्बों और अन्य पुर्जों को देश में विकसित करना मोदी सरकार की महत्वकांक्षी मेक इन इण्डिया को और भी बल देगा.

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