दो दिन बारिश के बाद खिली धूप – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Wed, 19 Jun 2019 07:26:25 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 दो दिन बारिश के बाद खिली धूप, जानें-आगे कैसा रहेगा मौसम का हाल https://www.shauryatimes.com/news/45863 Wed, 19 Jun 2019 07:26:25 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=45863 लगातार बढ़ती गर्मी से परेशान लोगों को मंगलवार को हुई बारिश ने थोड़ी राहत पहुंचाई है। सोमवार शाम से शुरु हुई बारिश के बाद आज (बुधवार) धूप खिल गई है। इस बार मानसून ने आने में थोड़ी देर कर दी है। हालांकि, पिछले 12 वर्षों में मानसून इतना लेट कभी नहीं हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून अभी केरल, कर्नाटक के दक्षिण हिस्से, तमिलनाडु के लगभग दो तिहाई हिस्से और पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय है। गोवा में भी बुधवार की सुबह काफी ठंड़ी रही, यहां पणजी में हल्की बारिश हुई। मंगलवार को भी यहां के कई हिस्सों में बारिश हुई थी।

देश की अन्य राज्यों में भी जल्द ही मानसून दस्तक देने वाला है। स्काइमेट की जानकारी के मुताबिक, 18 से 24 जून के बीच पंजाब के कई हिस्सों में आंधी और मध्य बारिश होगी। अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, मोगा, होशियारपुर में धुल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। इसके लिए किसानों को चेतावनी जारी की गई है कि वह अपनी फसलों को लेकर सतर्कता बरतें। स्काइमेट के अनुसार, तेलंगाना में 23 से 25 जून के बीच हल्की बारिश हो सकती है।
गौरतलब है कि मानसून के एक सप्ताह की देरी के आने से कपास, सोयाबीन, मूंगफली, और दलहनों की बुवाई में भी देरी हुई है। उद्योग संगठनों के मुताबिक, इससे आगे फसल की आवक भी धीमी रह सकती है।

दिल्ली में भी मौसम सुहावना
राजधानी दिल्ली में पिछले चार दिनों से मौसम का मिजाज सुहावना है। दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में सोमवार शाम शुरू हुई बारिश मंगलवार तक जारी रही। मंगलवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दो-तीन दिनों में भी हल्की बारिश होने व तेज हवाएं चलने की संभावना है।

मानसून के अनुकूल परिस्थितियां 
भारतीय मौसम विभाग ने बुधवार (19 जून 2019) सुबह जानकारी देते हुए कहा कि अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां मध्य अरब सागर, कर्नाटक के कुछ और हिस्सों, दक्षिण कोंकण और गोवा, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु के शेष हिस्सों, बंगाल की खाड़ी और उत्तर भारत के बाकी हिस्सों के लिए अनुकूल होती जा रही है। 

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