धर्म परिवर्तन से जुड़ा है पूरा मामला – Shaurya Times | शौर्य टाइम्स https://www.shauryatimes.com Latest Hindi News Portal Sun, 14 Oct 2018 07:03:35 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 CID सूत्रों के अनुसार पिछले 1 महीने से लगातार महिपाल का जज के परिवार से झगड़ा भी हो रहा था। वह हमेशा माफी मांग लेता https://www.shauryatimes.com/news/14202 Sun, 14 Oct 2018 07:03:35 +0000 http://www.shauryatimes.com/?p=14202 अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरुग्राम की पत्नी या बेटे को गोली मारने के मामले में पुलिस को अब आरोपी सिपाही के गुरु और गुरु मां की तलाश है। गोली चलाने वाला हेड कांस्टेबल महिपाल के गुरु इंद्रराज सिंह व गुरु मां की तलाश सीआईडी कर रही है। पुलिस को जानकारी मिली है कि दक्षिण हरियाणा ही नहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश व दिल्ली में धर्म परिवर्तन के लिए एक बड़ा गैंग काम कर रहा है।

इसी मामले में 21 अगस्त 2018 को नारनौल के निजामपुर रोड स्थित सांवरिया होटल में छापा मारकर पुलिस ने सीआरपीएफ के जवान समेत 8 लोगों को हिरासत में लिया था। इन 8 लोगों में महिपाल की महिला गुरु भी शामिल है। बाद में महिपाल के हस्तक्षेप पर पुलिस ने मामूली पूछताछ करके इन आरोपियों को छोड़ दिया था।

सीआईडी के सूत्रों की मानें तो 11 अगस्त 2015 को महेंद्रगढ़ जिला के नारनौल उपमंडल के गांव भूवारका में पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत पर छापा मारा था। पुलिस को सूचना मिली थी की गांव में इलाज का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। ग्रामीणों के हंगामे पर पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी इंद्रराज सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उसे कोर्ट में पेश किया था।

पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत पर मौके पर ईसाई धर्म संबंधित पंपलेट भी बरामद किए थे। सीआईडी सूत्रों के अनुसार इंद्रराज सिंह के द्वारा ही महिपाल इस चक्रव्यूह में फंसा। 21 अगस्त 2018 को पुलिस ने होटल में छापा मारकर सीआरपीएफ के जवान समेत जिन 8 लोगों को हिरासत में लिया था उनकी पैरवी भी महिपाल ने गुरूग्राम से आकर की थी।

11 अगस्त 2015 की घटना के दौरान जब अपने गुरु को बचाने के लिए महिपाल खुलकर सामने आ गया था तो उसकी मां सरिता ने उसका विरोध किया था। महिपाल के न मानने पर, उसकी मां अपने सगे भाई के गांव कोसली में रहने के लिए चली गईं थीं। वहीं, ग्रामीणों के विरोध के बाद महिपाल अपनी पत्नी मीनू व दो लड़कियों के साथ गुरुग्राम पुलिस लाइन में रहने चला गया।

इसके बाद भी महिपाल ने अपना नेटवर्क जारी रखा। सीआईडी सूत्रों के अनुसार महिपाल सिंह ने न केवल सोशल मीडिया पर अपने आपको अपडेट किया, बल्कि वह लगातार महेंद्रगढ़ जिले में आकर यहां के युवाओं को गुमराह करता रहता था। सीआईडी सूत्रों की मानें तो महिपाल अभी तक 2 दर्जन से अधिक युवाओं का धर्म परिवर्तन करा चुका है। इनमें कई ऐसे हैं, जो सीआरपीएफ में है। वहीं, कुछ दिल्ली में प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं। सीआईडी की टीम इस पूरे मामले को खंगालने में लगी लगी है।

जज की पत्नी व बेटे पर धर्म परिवर्तन के लिए बना रहा था दबाव
महिपाल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरुग्राम की पत्नी रेणु व उनके बेटे ध्रुव पर भी पिछले काफी समय से धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। दोनों ने उसकी बात नहीं मानी, तो आरोपी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और उन पर गुस्सा करना शुरू कर दिया था। इसी वजह से आरोपी ने रेणु और उनके बेटे ध्रुव को शनिवार को गुरुग्राम के सेक्टर 49 स्थित आर्केडिया मार्केट में गोली मार दी।

खंगाला गया इतिहास
एसपी गुरुग्राम व डीजीपी हरियाणा के आदेश पर महेंद्रगढ़ जिला पुलिस सीआईडी की टीम ने गुरुग्राम में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की पत्नी रेणु व उसके बेटे पर गोली चलाने वाले अंगरक्षक महिपाल का इतिहास खंगाला तो यह बात सामने आई।

मामा ने लगवाई थी नौकरी
सीआईडी टीम सूत्रों की मानें तो महिपाल नांगल चौधरी क्षेत्र के गांव भुगारका रहने वाला है। उसके पिता होशियार सिंह का निधन हो चुका है। बेटे की हरकतों से परेशान होकर, उसकी मां सविता अपने सगे भाई के गांव कोसली में रह रही हैं। पिता के निधन से पहले महिपाल का उनसे झगड़ा हुआ था तभी से वह कोसली गांव स्थित भाई के मकान पर रह रही हैं। अपने मामा से महिपाल की खूब बनती थी। 11 साल पहले मामा ने ही पुलिस में उसकी नौकरी लगवाई और रेवाड़ी जिला के गांव रोजका में उसका विवाह कराया था।

3 साल पहले धर्म परिवर्तन कर लिया था
शादी के बाद ही पत्नी मीनू से उसकी अनबन शुरु हो गई थी। मामा ने हस्तक्षेप कर मामला शांत करा दिया था। उसकी दो बेटी हुईं तो ससुराल पक्ष को लगा कि महिपाल सुधर जाएगा, लेकिन उसने ऐसा न करके 3 साल पहले धर्म परिवर्तन कर लिया। धर्म परिवर्तन के बाद वह अपने गांव में रहा और उसने मकान भी बनवाया। कुछ ग्रामीणों ने उसके इसाई धर्म अपनाने का विरोध किया। पुलिस में होने के कारण ग्रामीण उसका अधिक विरोध नहीं कर पाए। बाद में महिपाल गुरुग्राम में तैनात होने के कारण अपने परिवार के साथ वहीं पर पुलिस लाइन में चला गया जबकि उसकी मां अपने भाई के पास रह रही है।

धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था
सीआईडी सूत्रों के अनुसार महिपाल पिछले कई महीनों से अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश गुरुग्राम के परिवार पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। उसकी पत्नी भी इस बात का विरोध कर रही थी इसीलिए वह पुलिस लाइन से अपने गांव रोजका आ गई। सीआईडी सूत्रों के अनुसार पिछले 1 महीने से लगातार महिपाल का जज के परिवार से झगड़ा भी हो रहा था। वह हमेशा माफी मांग लेता था। शनिवार को उसको मौका मिला और उसने जज की पत्नी व बेटे को गोली मार दी।

कई सवाल हैं अनसुलझे
सीआईडी की टीम अभी इस बिंदु पर भी छानबीन कर रही है कि क्या महिपाल ने जज से धर्म परिवर्तन की बात कही थी। क्या जज के परिवार का कोई सदस्य धर्म परिवर्तन के लिए तैयार हो गया था, जिस समय गनमैन महिपाल जज की पत्नी व बेटे को लेकर चला उस समय आवास पर कौन-कौन था, आखिर ऐसा कौन सा कारण था कि जज के बेटे को गोली मारने के बाद उसे गंभीर अवस्था में निर्मम तरीके से महिपाल ने गाड़ी में डालने की कोशिश की।

गांव में तरह-तरह की चर्चा
सीआईडी की टीम इन्हीं बिंदुओं पर महिपाल की मां, उसकी पत्नी मीनू व मामा से पूछताछ कर रही है। इस पूरे मामले को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, गांव में अधिकांश लोग महिपाल की गतिविधियों से खुश नहीं थे। महिपाल की पत्नी सामान्य ग्रहणी है।

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